UPSC Prelims 2025 Question Paper
Explore the complete solved question paper for UPSC Prelims 2025 featuring 100 solved questions with bilingual (English & Hindi) explanations, official answer key, and subject weightage breakdown.
वर्ष 2022-23 के दौरान हल्दी के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. भारत दुनिया में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है।
II. भारत में हल्दी की 30 से अधिक किस्में उगाई जाती हैं।
III. महाराष्ट्र, तेलंगाना, कर्नाटक और तमिलनाडु भारत में प्रमुख हल्दी उत्पादक राज्य हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 4 (I, II और III)
भारत हल्दी का विश्व में सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक देश है। देश की विविध जलवायु और मिट्टी की परिस्थितियाँ हल्दी की अनेक किस्मों की खेती के लिए उपयुक्त हैं।
✅ कथन I सही है: भारत दुनिया में हल्दी का सबसे बड़ा उत्पादक और निर्यातक है।
✅ कथन II सही है: भारत में हल्दी की 30 से अधिक किस्में उगाई जाती हैं, जैसे Alleppey Finger, Salem, Rajapore और Nizamabad।
✅ कथन III सही है: तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु भारत के प्रमुख हल्दी उत्पादक राज्यों में शामिल हैं।
संक्षिप्त नोट्स: भारत में हल्दी उत्पादन
-
भारत दुनिया का सबसे बड़ा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है।
-
हल्दी को "Indian Saffron" भी कहा जाता है।
-
हल्दी का वैज्ञानिक नाम Curcuma longa है।
-
Curcumin हल्दी का प्रमुख सक्रिय तत्व है, जो औषधीय गुणों के लिए जाना जाता है।
-
प्रमुख उत्पादक राज्य: तेलंगाना, महाराष्ट्र, कर्नाटक, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश और ओडिशा।
-
भारत में हल्दी की 30 से अधिक किस्में पाई जाती हैं।
-
हल्दी का उपयोग खाद्य पदार्थों, औषधि, सौंदर्य प्रसाधन और आयुर्वेद में व्यापक रूप से किया जाता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: जहां तक किसी कंपनी में निवेश से मिलने वाले रिटर्न का संबंध है, आम तौर पर बांडधारकों को स्टॉकधारकों की तुलना में अपेक्षाकृत कम जोखिम वाला माना जाता है।
कथन II: बॉन्डधारक किसी कंपनी के ऋणदाता होते हैं जबकि स्टॉकधारक इसके मालिक होते हैं।
कथन III: पुनर्भुगतान उद्देश्य के लिए, किसी कंपनी द्वारा स्टॉकधारकों की तुलना में बांडधारकों को प्राथमिकता दी जाती है।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 1
किसी कंपनी में निवेश के संदर्भ में बॉण्डधारक (Bondholders) आमतौर पर शेयरधारकों (Stockholders) की तुलना में कम जोखिम का सामना करते हैं, क्योंकि बॉण्ड ऋण साधन होते हैं जबकि शेयर कंपनी में स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करते हैं।
✅ कथन I सही है: बॉण्डधारकों का जोखिम अपेक्षाकृत कम होता है क्योंकि उन्हें निश्चित ब्याज मिलता है और कंपनी की परिसंपत्तियों पर उनका दावा शेयरधारकों से पहले होता है।
✅ कथन II सही है: बॉण्डधारक कंपनी को ऋण देने वाले (Lenders/Creditors) होते हैं, जबकि शेयरधारक कंपनी के मालिक (Owners) होते हैं।
✅ कथन III सही है: कंपनी के परिसमापन (Liquidation) या दिवालियापन की स्थिति में बॉण्डधारकों को शेयरधारकों से पहले भुगतान किया जाता है।
क्यों II और III, I की व्याख्या करते हैं: क्योंकि बॉण्डधारक लेनदार होते हैं और भुगतान में उन्हें प्राथमिकता मिलती है, इसलिए उनका निवेश अपेक्षाकृत अधिक सुरक्षित माना जाता है।
संक्षिप्त नोट्स: Bonds और Stocks
-
Bonds ऋण साधन (Debt Instruments) होते हैं; निवेशक ऋणदाता होता है।
-
Stocks (Shares) कंपनी में स्वामित्व का प्रतिनिधित्व करते हैं।
-
बॉण्डधारकों को निश्चित ब्याज (Fixed Interest) प्राप्त होता है।
-
शेयरधारकों को लाभांश (Dividend) और पूंजी वृद्धि से लाभ मिलता है।
-
परिसमापन की स्थिति में लेनदारों और बॉण्डधारकों को पहले भुगतान किया जाता है।
-
बॉण्ड सामान्यतः कम जोखिम और कम प्रतिफल वाले होते हैं।
-
शेयर सामान्यतः अधिक जोखिम और अधिक प्रतिफल की संभावना रखते हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. वैश्विक स्तर पर कारोबार किए जाने वाले सभी इक्विटी विकल्प अनुबंधों में भारत का हिस्सा बहुत बड़ा है, जिससे बड़ी तेजी देखी जा रही है।
II. भारत का शेयर बाजार हाल के दिनों में तेजी से बढ़ा है, यहां तक कि कुछ समय में यह हांगकांग से भी आगे निकल गया है।
III. छोटे निवेशकों को विकल्प ट्रेडिंग के जोखिमों के बारे में चेतावनी देने या इस संबंध में अपंजीकृत वित्तीय सलाहकारों पर कार्रवाई करने के लिए कोई नियामक संस्था नहीं है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 1 (केवल I और II)
हाल के वर्षों में भारत में शेयर बाजार और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में तेज़ वृद्धि हुई है। साथ ही, निवेशकों की सुरक्षा और बाजार विनियमन का कार्य Securities and Exchange Board of India द्वारा किया जाता है।
✅ कथन I सही है: भारत वैश्विक स्तर पर इक्विटी ऑप्शन ट्रेडिंग का बहुत बड़ा हिस्सा रखता है, जो डेरिवेटिव्स बाजार में भारी वृद्धि को दर्शाता है।
✅ कथन II सही है: भारत का शेयर बाजार पूंजीकरण तेजी से बढ़ा और 2024 में कुछ समय के लिए Hong Kong के बाजार पूंजीकरण से भी आगे निकल गया था।
❌ कथन III गलत है: भारत में SEBI नामक नियामक संस्था मौजूद है, जो:
-
निवेशकों को ऑप्शन ट्रेडिंग के जोखिमों के बारे में चेतावनी देती है।
-
निवेश सलाहकारों को विनियमित करती है।
-
अनधिकृत और पंजीकरण रहित वित्तीय सलाहकारों के विरुद्ध कार्रवाई करती है।
संक्षिप्त नोट्स: भारत का Equity Options Market
-
भारत दुनिया के सबसे बड़े इक्विटी डेरिवेटिव्स बाजारों में से एक है।
-
Equity Option खरीदार को किसी परिसंपत्ति को खरीदने या बेचने का अधिकार देता है, बाध्यता नहीं।
-
अधिक ट्रेडिंग वॉल्यूम का अर्थ हमेशा अधिक लाभ नहीं होता।
-
SEBI पूंजी बाजार का प्रमुख नियामक है।
-
National Stock Exchange और Bombay Stock Exchange भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं।
-
भारत हाल के वर्षों में बाजार पूंजीकरण के आधार पर विश्व के शीर्ष शेयर बाजारों में शामिल हुआ।
-
SEBI समय-समय पर ऑप्शन ट्रेडिंग के जोखिमों को लेकर निवेशक सलाह जारी करता है।
🧐 Not Sure What to Study Next?
Get a personalised study plan based on your goals, time and revision needs.
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. भारत खनिज सुरक्षा साझेदारी में सदस्य के रूप में शामिल हो गया है।
II. भारत उन सभी 30 महत्वपूर्ण खनिजों में एक संसाधन संपन्न देश है जिनकी उसने पहचान की है।
III. संसद ने 2023 में खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन किया है, जिससे केंद्र सरकार को कुछ महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विशेष रूप से खनन पट्टे और मिश्रित लाइसेंस की नीलामी करने का अधिकार मिल गया है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (केवल I और III)
क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और रक्षा उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत ने इनके सुरक्षित और विश्वसनीय स्रोत सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों स्तरों पर कदम उठाए हैं।
✅ कथन I सही है: भारत 2023 में Minerals Security Partnership का सदस्य बना ताकि महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जा सके।
❌ कथन II गलत है: भारत सरकार द्वारा पहचाने गए सभी 30 क्रिटिकल मिनरल्स में भारत संसाधन-संपन्न नहीं है। लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और ग्रेफाइट जैसे कई खनिजों के लिए भारत आयात पर निर्भर है।
✅ कथन III सही है: Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Act, 2023 के तहत केंद्र सरकार को कुछ महत्वपूर्ण खनिजों के लिए खनन पट्टों और कंपोजिट लाइसेंस की नीलामी का विशेष अधिकार दिया गया।
Short Notes: Critical Minerals in India
-
क्रिटिकल मिनरल्स नवीकरणीय ऊर्जा, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्र के लिए आवश्यक हैं।
-
भारत ने 30 क्रिटिकल मिनरल्स की पहचान की है।
-
भारत 2023 में Minerals Security Partnership (MSP) में शामिल हुआ।
-
MSP का उद्देश्य सुरक्षित और टिकाऊ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है।
-
प्रमुख खनिज: लिथियम, कोबाल्ट, निकेल, ग्रेफाइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स।
-
MMDR Amendment Act, 2023 ने महत्वपूर्ण खनिजों के खनन को बढ़ावा देने हेतु सुधार किए।
-
कई रणनीतिक खनिजों के लिए भारत अभी भी आयात पर निर्भर है।
आरटीजीएस और एनईएफटी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. आरटीजीएस में, निपटान का समय तत्काल होता है जबकि एनईएफटी के मामले में, भुगतान का निपटान करने में कुछ समय लगता है।
II. आरटीजीएस में, ग्राहक से आवक लेनदेन के लिए शुल्क लिया जाता है जबकि एनईएफटी के मामले में ऐसा नहीं है।
III. आरटीजीएस के लिए परिचालन घंटे कुछ निश्चित दिनों में प्रतिबंधित हैं जबकि एनईएफटी के लिए यह सच नहीं है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 1 (केवल I)
RTGS (Real Time Gross Settlement) और NEFT (National Electronic Funds Transfer) भारत में इलेक्ट्रॉनिक धन हस्तांतरण की प्रमुख प्रणालियाँ हैं, जिन्हें Reserve Bank of India संचालित करता है। दोनों के बीच मुख्य अंतर भुगतान निपटान (Settlement) की गति और प्रक्रिया में है।
✅ कथन I सही है: RTGS में लेन-देन रियल टाइम और व्यक्तिगत रूप से निपटाए जाते हैं, इसलिए भुगतान लगभग तुरंत हो जाता है। NEFT में लेन-देन बैचों में निपटाए जाते हैं, इसलिए कुछ समय लग सकता है।
❌ कथन II गलत है: RBI के नियमों के अनुसार RTGS और NEFT दोनों में धन प्राप्त करने (Inward Transaction) पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
❌ कथन III गलत है: वर्तमान में RTGS और NEFT दोनों 24×7×365 उपलब्ध हैं, जिसमें छुट्टियाँ और सप्ताहांत भी शामिल हैं। इसलिए RTGS के लिए अलग से सीमित कार्य समय नहीं है।
संक्षिप्त नोट्स: RTGS और NEFT
-
RTGS का पूरा नाम Real Time Gross Settlement है।
-
NEFT का पूरा नाम National Electronic Funds Transfer है।
-
RTGS में भुगतान तुरंत और व्यक्तिगत रूप से निपटाया जाता है।
-
NEFT में भुगतान बैच आधारित प्रणाली से निपटाया जाता है।
-
दोनों प्रणालियाँ RBI द्वारा संचालित हैं।
-
RTGS और NEFT दोनों 24×7×365 उपलब्ध हैं।
-
दोनों में Inward Transactions पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित जोड़ियों पर विचार करें:
| Organization | Union Ministry |
|---|---|
| I. The National Automotive Board | Ministry of Commerce and Industry |
| II. The Coir Board | Ministry of Heavy Industries |
| III. The National Centre for Trade Information | Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises |
उपरोक्त जोड़े में से कितने जोड़े सही ढंग से सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
यह प्रश्न विभिन्न संगठनों और उनके संबंधित मंत्रालयों के बारे में है। तीनों जोड़े गलत मिलान किए गए हैं।
❌ युग्म I गलत है: National Automotive Board भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) के अंतर्गत कार्य करता है, न कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत।
❌ युग्म II गलत है: Coir Board सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME Ministry) के अंतर्गत कार्य करता है, न कि भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत।
❌ युग्म III गलत है: National Centre for Trade Information वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से संबद्ध है, न कि MSME मंत्रालय से।
संक्षिप्त नोट्स: महत्वपूर्ण बोर्ड एवं संगठन
-
National Automotive Board (NAB), भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
-
NAB भारत की ऑटोमोबाइल नीतियों के क्रियान्वयन में सहायता करता है।
-
Coir Board की स्थापना 1953 के Coir Industry Act के तहत हुई थी।
-
Coir Board, MSME मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
-
National Centre for Trade Information (NCTI), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से संबद्ध है।
-
NCTI व्यापार एवं निर्यात संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में सहायता करता है।
मान लीजिए कि राजस्व व्यय ₹80,000 करोड़ है और सरकार की राजस्व प्राप्तियाँ ₹60,000 करोड़ है। सरकार के बजट में ₹10,000 करोड़ की उधारी और ₹6,000 करोड़ का ब्याज भुगतान भी दिखाया गया है।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
I. राजस्व घाटा ₹20,000 करोड़ है।
II. राजकोषीय घाटा ₹10,000 करोड़ है.
III. प्राथमिक घाटा ₹4,000 करोड़ है।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 4 (I, II और III)
यह प्रश्न सरकारी बजट में प्रयुक्त Revenue Deficit, Fiscal Deficit और Primary Deficit की गणना पर आधारित है।
✅ कथन I सही है: Revenue Deficit = Revenue Expenditure − Revenue Receipts
= ₹80,000 करोड़ − ₹60,000 करोड़
= ₹20,000 करोड़
✅ कथन II सही है: Fiscal Deficit सरकार की कुल उधारी आवश्यकता को दर्शाता है।
दिया गया है: Borrowings = ₹10,000 करोड़
अतः Fiscal Deficit = ₹10,000 करोड़
✅ कथन III सही है: Primary Deficit = Fiscal Deficit − Interest Payments
= ₹10,000 करोड़ − ₹6,000 करोड़
= ₹4,000 करोड़
संक्षिप्त नोट्स: बजट घाटे (Budget Deficits)
-
Revenue Deficit = Revenue Expenditure − Revenue Receipts
-
Revenue Deficit दर्शाता है कि सरकार अपनी नियमित आय से दैनिक खर्च पूरे नहीं कर पा रही है।
-
Fiscal Deficit = सरकार की कुल उधारी आवश्यकता
-
Fiscal Deficit कुल व्यय और कुल प्राप्तियों (उधारी को छोड़कर) के बीच का अंतर दर्शाता है।
-
Primary Deficit = Fiscal Deficit − Interest Payments
-
Primary Deficit वर्तमान वर्ष की वास्तविक वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
-
शून्य Primary Deficit का अर्थ है कि नई उधारी केवल पुराने ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए ली जा रही है।
इंटरनेशनल बैंक फॉर रिकंस्ट्रक्शन एंड डेवलपमेंट (आईबीआरडी) के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. यह मध्यम आय वाले देशों को ऋण और गारंटी प्रदान करता है।
II. यह विकासशील देशों को गरीबी कम करने में मदद करने के लिए अकेले काम करता है।
III. इसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप के पुनर्निर्माण में मदद करने के लिए की गई थी।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (केवल I और III)
International Bank for Reconstruction and Development विश्व बैंक समूह की प्रमुख संस्था है। इसकी स्थापना द्वितीय विश्व युद्ध के बाद पुनर्निर्माण के लिए की गई थी और आज यह विकास परियोजनाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।
✅ कथन I सही है: IBRD मुख्य रूप से मध्यम आय वाले देशों तथा ऋण-योग्य निम्न आय वाले देशों को ऋण और गारंटी प्रदान करता है।
❌ कथन II गलत है: गरीबी उन्मूलन के लिए IBRD अकेले कार्य नहीं करता। यह विश्व बैंक समूह की अन्य संस्थाओं के साथ मिलकर काम करता है, जैसे:
-
IDA
-
IFC
-
MIGA
✅ कथन III सही है: IBRD की स्थापना 1944 में Bretton Woods Conference के दौरान हुई थी ताकि World War II के बाद यूरोप के पुनर्निर्माण में सहायता दी जा सके।
संक्षिप्त नोट्स: International Bank for Reconstruction and Development (IBRD)
-
IBRD की स्थापना 1944 में हुई थी।
-
यह World Bank Group की प्रमुख संस्था है।
-
मुख्यालय: Washington, D.C.।
-
यह मध्यम आय वाले देशों को ऋण और गारंटी प्रदान करता है।
-
शिक्षा, स्वास्थ्य, आधारभूत संरचना और प्रशासनिक सुधारों को वित्तपोषित करता है।
-
धन जुटाने के लिए अंतरराष्ट्रीय पूंजी बाजारों का उपयोग करता है।
-
इसका प्रारंभिक उद्देश्य द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यूरोप का पुनर्निर्माण था।
निम्नलिखित देशों पर विचार करें:
मैं. संयुक्त अरब अमीरात
द्वितीय. फ़्रांस
III. जर्मनी
IV. सिंगापुर
वी. बांग्लादेश
उपरोक्त देशों में भारत के अलावा ऐसे कितने देश हैं जहां यूपीआई के तहत अंतरराष्ट्रीय व्यापारी भुगतान स्वीकार किए जाते हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 2 (केवल तीन)
भारत का UPI (Unified Payments Interface) विभिन्न देशों के भुगतान नेटवर्क के साथ साझेदारी के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तारित हुआ है। हालांकि, अभी केवल कुछ देशों में ही UPI आधारित मर्चेंट भुगतान स्वीकार किए जाते हैं।
✅ I. संयुक्त अरब अमीरात (UAE) – सही: UAE में चुनिंदा व्यापारियों के यहां UPI भुगतान स्वीकार किए जाते हैं।
✅ II. फ्रांस – सही: फ्रांस में UPI भुगतान की सुविधा उपलब्ध है, जिसमें Eiffel Tower जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल भी शामिल हैं।
❌ III. जर्मनी – गलत: जर्मनी में अभी UPI मर्चेंट भुगतान की आधिकारिक व्यवस्था लागू नहीं हुई है।
✅ IV. सिंगापुर – सही: सिंगापुर में UPI आधारित सीमा-पार भुगतान और मर्चेंट भुगतान उपलब्ध हैं।
❌ V. बांग्लादेश – गलत: बांग्लादेश में अभी UPI मर्चेंट भुगतान की सुविधा उपलब्ध नहीं है।
अतः दिए गए देशों में UAE, फ्रांस और सिंगापुर — कुल तीन देशों में UPI के तहत अंतरराष्ट्रीय मर्चेंट भुगतान स्वीकार किए जाते हैं।
संक्षिप्त नोट्स: UPI का अंतरराष्ट्रीय विस्तार
-
UPI का विकास National Payments Corporation of India द्वारा किया गया है।
-
यह रियल-टाइम डिजिटल भुगतान प्रणाली है।
-
UPI मर्चेंट भुगतान UAE, सिंगापुर, फ्रांस, भूटान, नेपाल, मॉरीशस और श्रीलंका में उपलब्ध हैं।
-
UPI अंतरराष्ट्रीय कार्ड नेटवर्क पर निर्भरता कम करने में मदद करता है।
-
यह पर्यटन, प्रेषण (Remittance) और व्यापारिक भुगतानों को आसान बनाता है।
-
UPI दुनिया की सबसे बड़ी डिजिटल भुगतान प्रणालियों में से एक है।
-
इसका विनियमन Reserve Bank of India द्वारा किया जाता है।
A country’s fiscal deficit stands at ₹50,000 crores. It is receiving ₹10,000 crores through non-debt creating capital receipts. The country’s interest liabilities are ₹1,500 crores. What is the gross primary deficit?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 1 (₹48,500 करोड़)
यह प्रश्न Primary Deficit (प्राथमिक घाटा) की गणना पर आधारित है, जो Fiscal Deficit से ब्याज भुगतान को घटाकर निकाला जाता है।
✅ Fiscal Deficit = ₹50,000 करोड़ (दिया गया है)
✅ Interest Liabilities = ₹1,500 करोड़ (दिया गया है)
✅ सूत्र:
Primary Deficit = Fiscal Deficit − Interest Payments
गणना:
= ₹50,000 करोड़ − ₹1,500 करोड़
= ₹48,500 करोड़
ध्यान दें: ₹10,000 करोड़ के Non-Debt Capital Receipts पहले से ही Fiscal Deficit की गणना में शामिल होते हैं। इसलिए इन्हें दोबारा घटाने की आवश्यकता नहीं होती।
संक्षिप्त नोट्स: Fiscal Deficit और Primary Deficit
-
Fiscal Deficit सरकार की कुल उधारी आवश्यकता को दर्शाता है।
-
Fiscal Deficit = कुल व्यय − कुल प्राप्तियां (उधारी को छोड़कर)।
-
Primary Deficit = Fiscal Deficit − Interest Payments।
-
Primary Deficit वर्तमान वर्ष की वास्तविक वित्तीय स्थिति को दर्शाता है।
-
कम Primary Deficit बेहतर वित्तीय अनुशासन का संकेत है।
-
यदि Primary Deficit शून्य हो, तो नई उधारी केवल पुराने ऋणों के ब्याज भुगतान के लिए ली जा रही है।
-
Non-Debt Capital Receipts में विनिवेश (Disinvestment) और ऋण वसूली (Loan Recovery) शामिल होते हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: दुनिया के दो प्रमुख इथेनॉल उत्पादकों, यानी ब्राजील और संयुक्त राज्य अमेरिका में से, ब्राजील बाद वाले की तुलना में अधिक इथेनॉल का उत्पादन करता है।
कथन II: संयुक्त राज्य अमेरिका के विपरीत जहां मक्का इथेनॉल उत्पादन के लिए प्रमुख फीडस्टॉक है, ब्राजील में गन्ना इथेनॉल उत्पादन के लिए प्रमुख फीडस्टॉक है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 4
संयुक्त राज्य अमेरिका (USA) और ब्राज़ील दुनिया के दो सबसे बड़े एथेनॉल उत्पादक देश हैं। लेकिन एथेनॉल उत्पादन में USA, ब्राज़ील से आगे है। दोनों देशों में एथेनॉल उत्पादन के लिए अलग-अलग प्रमुख फीडस्टॉक का उपयोग किया जाता है।
❌ कथन I गलत है: दुनिया में सबसे अधिक एथेनॉल उत्पादन संयुक्त राज्य अमेरिका करता है, न कि ब्राज़ील।
✅ कथन II सही है: USA में एथेनॉल उत्पादन के लिए मुख्य रूप से मक्का (Corn/Maize) का उपयोग होता है, जबकि ब्राज़ील में गन्ना (Sugarcane) प्रमुख फीडस्टॉक है।
संक्षिप्त नोट्स: एथेनॉल उत्पादन
-
एथेनॉल एक नवीकरणीय (Renewable) जैव-ईंधन है।
-
USA दुनिया का सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक है।
-
ब्राज़ील दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा एथेनॉल उत्पादक है।
-
USA में मुख्य फीडस्टॉक मक्का (Corn) है।
-
ब्राज़ील में मुख्य फीडस्टॉक गन्ना (Sugarcane) है।
-
भारत में एथेनॉल मुख्यतः गन्ने की शीरा (Molasses), गन्ने के रस और खाद्यान्नों से बनाया जाता है।
-
एथेनॉल मिश्रण (Blending) से कच्चे तेल के आयात में कमी आती है।
भारत के 15वें वित्त आयोग की सिफारिशों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
I. इसने शैक्षिक परिणामों को बढ़ाने के लिए राज्यों को प्रोत्साहित करने के लिए वर्ष 2022-23 से वर्ष 2025-26 तक ₹4,800 करोड़ के अनुदान की सिफारिश की है।
II. केंद्रीय करों की शुद्ध आय का 45% राज्यों के साथ साझा किया जाना है।
III. कृषि सुधारों को आगे बढ़ाने के लिए सभी राज्यों के लिए प्रदर्शन-आधारित प्रोत्साहन के रूप में ₹45,000 करोड़ रखे जाने हैं।
IV. इसने राजकोषीय प्रदर्शन को पुरस्कृत करने के लिए कर प्रयास मानदंड को फिर से प्रस्तुत किया।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
Correct Answer: ✅ Option 3 (I, III and IV)
The Fifteenth Finance Commission recommended several performance-based grants and incentives to improve governance, education, agriculture, and fiscal discipline among States.
✅ Statement I is Correct: The Commission recommended ₹4,800 crore during 2022–23 to 2025–26 to incentivize States for improving educational outcomes.
❌ Statement II is Incorrect: The Commission recommended that 41% of the net proceeds of Union taxes be devolved to States, not 45%.
✅ Statement III is Correct: A ₹45,000 crore performance-based incentive fund was proposed to encourage States to undertake agricultural reforms.
✅ Statement IV is Correct: The Commission reintroduced the Tax Effort Criterion to reward States that mobilize their own tax revenues more effectively relative to their economic capacity.
Short Notes: Fifteenth Finance Commission
-
The 15th Finance Commission was chaired by N. K. Singh.
-
Its recommendations covered the period 2021–26.
-
It recommended 41% tax devolution to States.
-
Introduced performance-based incentives in sectors like education, agriculture, and power reforms.
-
Recommended ₹45,000 crore for agricultural reform-linked incentives.
-
Reintroduced the Tax Effort criterion in the devolution formula.
-
Finance Commissions are constituted under Article 280 of the Indian Constitution.
निम्नलिखित गतिविधियों पर विचार करें:
I. कच्चे तेल का उत्पादन
II. पेट्रोलियम उत्पादों का शोधन, भंडारण और वितरण
III. पेट्रोलियम उत्पादों का विपणन और बिक्री
IV. प्राकृतिक गैस का उत्पादन
उपरोक्त में से कितनी गतिविधियाँ हमारे देश में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड द्वारा विनियमित हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 2 (केवल दो)
Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB) मुख्य रूप से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र की डाउनस्ट्रीम गतिविधियों को नियंत्रित करता है। यह कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन जैसी अपस्ट्रीम गतिविधियों को नियंत्रित नहीं करता।
❌ गतिविधि I: कच्चे तेल का उत्पादन – PNGRB द्वारा विनियमित नहीं
यह एक अपस्ट्रीम गतिविधि है, जिसका नियमन मंत्रालय और Directorate General of Hydrocarbons द्वारा किया जाता है।
✅ गतिविधि II: पेट्रोलियम उत्पादों का परिशोधन, भंडारण और वितरण – विनियमित
PNGRB भंडारण, परिवहन और वितरण से संबंधित गतिविधियों का नियमन करता है।
✅ गतिविधि III: पेट्रोलियम उत्पादों का विपणन और बिक्री – विनियमित
PNGRB विपणन के लिए संस्थाओं को अनुमति देता है और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है।
❌ गतिविधि IV: प्राकृतिक गैस का उत्पादन – PNGRB द्वारा विनियमित नहीं
यह भी एक अपस्ट्रीम गतिविधि है और PNGRB के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
अतः केवल II और III गतिविधियां PNGRB द्वारा विनियमित होती हैं।
संक्षिप्त नोट्स: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB)
-
PNGRB की स्थापना PNGRB Act, 2006 के तहत हुई।
-
यह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र का नियमन करता है।
-
इसका उद्देश्य निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है।
-
यह पाइपलाइन, सिटी गैस वितरण, भंडारण और परिवहन को नियंत्रित करता है।
-
यह अन्वेषण (Exploration) और उत्पादन (Production) को नियंत्रित नहीं करता।
-
अपस्ट्रीम गतिविधियों की देखरेख DGH और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय करते हैं।
-
यह उपभोक्ता हितों की रक्षा और ऊर्जा अवसंरचना में निवेश को बढ़ावा देता है।
पहला गंधर्व महाविद्यालय, एक संगीत प्रशिक्षण विद्यालय, 1901 में विष्णु दिगंबर पलुस्कर द्वारा स्थापित किया गया था
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 4 (लाहौर)
Vishnu Digambar Paluskar ने 1901 में Lahore में पहला गंधर्व महाविद्यालय स्थापित किया था। उनका उद्देश्य शास्त्रीय संगीत की शिक्षा को आम लोगों तक पहुँचाना था।
✅ कथन I सही है: पहला गंधर्व महाविद्यालय 1901 में लाहौर में स्थापित किया गया था।
✅ कथन II सही है: पलुस्कर ने घराना-आधारित सीमित परंपरा से बाहर निकलकर संगीत शिक्षा को सभी के लिए उपलब्ध कराया।
❌ दिल्ली, ग्वालियर और उज्जैन गलत हैं: इन शहरों में बाद में शाखाएँ स्थापित हुईं, लेकिन पहला संस्थान लाहौर में था।
संक्षिप्त नोट्स: विष्णु दिगंबर पलुस्कर और गंधर्व महाविद्यालय
-
विष्णु दिगंबर पलुस्कर (1872–1931) हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत के महान आचार्य थे।
-
उन्होंने 1901 में लाहौर में पहला गंधर्व महाविद्यालय स्थापित किया।
-
इस संस्थान ने घराना परंपरा से बाहर संगठित संगीत शिक्षा को बढ़ावा दिया।
-
उन्होंने शास्त्रीय संगीत को आम जनता तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
-
संगीत शिक्षण के लिए व्यवस्थित पाठ्यक्रम और नोटेशन प्रणाली विकसित की।
-
बाद में गंधर्व महाविद्यालय की शाखाएँ अनेक शहरों में खुलीं।
-
उन्हें आधुनिक हिंदुस्तानी संगीत शिक्षा का प्रमुख निर्माता माना जाता है।
मोहनजो-दारो में पाई गई 'डांसिंग गर्ल' के नाम से मशहूर महिला मूर्ति किससे बनी है
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (कांस्य/Bronze)
'नृत्य करती हुई लड़की (Dancing Girl)' सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्रसिद्ध कलाकृतियों में से एक है। यह Mohenjo-daro से प्राप्त हुई थी और हड़प्पावासियों की उन्नत धातुकला को दर्शाती है।
✅ कथन I सही है: यह मूर्ति कांस्य (Bronze) से बनी है।
✅ कथन II सही है: इसे लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग पद्धति (Lost-Wax Casting Method) से बनाया गया था।
❌ कार्नेलियन, मिट्टी और सोना गलत हैं: यह मूर्ति इनमें से किसी पदार्थ की नहीं बल्कि कांस्य की बनी है।
संक्षिप्त नोट्स: मोहनजोदड़ो की नृत्य करती हुई लड़की
-
यह मूर्ति मोहनजोदड़ो से प्राप्त हुई थी।
-
वर्तमान में मोहनजोदड़ो Pakistan में स्थित है।
-
यह सिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500 ईसा पूर्व) की है।
-
मूर्ति कांस्य से बनी है।
-
इसे Lost-Wax Casting Method द्वारा बनाया गया था।
-
इसकी ऊँचाई लगभग 10.5 सेमी है।
-
यह हड़प्पा काल की कला और धातुकला का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है।
प्राचीन भारत (600–322 ईसा पूर्व) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें:
क्षेत्रीय क्षेत्र – उस क्षेत्र में बहने वाली नदी
I. अस्मक : गोदावरी
II. कम्बोज : विपासा (व्यास)
III. अवन्ति : महानदी
IV. कोसल : सरयू
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
युग्म I — सही। अस्मक (Assaka) — सबसे दक्षिणी महाजनपद, दक्कन क्षेत्र में, गोदावरी नदी के किनारे।
युग्म II — गलत। कम्बोज उत्तर-पश्चिम (अफगानिस्तान/कश्मीर क्षेत्र) में था। विपासा (व्यास) नदी पंजाब से होकर बहती है — अलग क्षेत्र।
युग्म III — गलत। अवन्ति पश्चिमी मध्य प्रदेश (मालवा क्षेत्र) में था। मुख्य नदियाँ क्षिप्रा और वेत्रवती थीं, महानदी नहीं।
युग्म IV — सही। कोसल — पूर्वी उत्तर प्रदेश में महाजनपद। राजधानी अयोध्या सरयू नदी के किनारे है।
तो केवल 2 युग्म (I और IV) सही हैं।
महाजनपद और उनकी नदियाँ
| महाजनपद | क्षेत्र | मुख्य नदी |
|---|---|---|
| अस्मक | दक्कन (दक्षिण) | गोदावरी |
| कम्बोज | उत्तर-पश्चिम सीमांत | विपासा नहीं — अलग क्षेत्र |
| अवन्ति | पश्चिमी मध्य प्रदेश | क्षिप्रा, वेत्रवती |
| कोसल | पूर्वी उत्तर प्रदेश | सरयू (राजधानी: अयोध्या) |
| मगध | बिहार | गंगा, सोन |
| वत्स | इलाहाबाद क्षेत्र | यमुना |
| काशी | वाराणसी क्षेत्र | गंगा |
| वज्जि | उत्तरी बिहार | गंडक |
Who among the following led a successful military campaign against the kingdom of Srivijaya?
Detailed Explanation:
The correct answer is C. Rajendra I (Chola).
Rajendra Chola I, son of Rajaraja Chola I, led a famous naval expedition against the Srivijaya kingdom around 1025 CE. Srivijaya was a powerful maritime empire controlling the Malay Peninsula, Sumatra, Java, and nearby islands. Rajendra I’s campaign asserted Chola naval dominance in the region and secured control over important sea trade routes.
The other rulers listed did not conduct campaigns against Srivijaya:
- Amoghavarsha (Rashtrakuta) focused mainly on the Deccan region.
- Prataparudra (Kakatiya) ruled much later and was centered in the Deccan.
- Vishnuvardhana (Hoysala) focused on South Indian affairs.
चीनी तीर्थयात्री फाह्यान (फैक्सियन) ने किसके शासनकाल के दौरान भारत की यात्रा की थी
Detailed Explanation:
फा-हिएन (फाशियान), चीनी बौद्ध यात्री, चंद्रगुप्त द्वितीय (जिसे चंद्रगुप्त विक्रमादित्य भी कहा जाता है) के शासनकाल में, 5वीं सदी की शुरुआत में भारत आया। वह बौद्ध ग्रंथों को इकट्ठा करने और बौद्ध धर्म का अध्ययन करने आया था।
उसका यात्रा वृत्तांत बताता है:
- गुप्त समाज
- प्रशासन
- भारत में बौद्ध धर्म की स्थिति
भारत आए चीनी यात्री (रिवीजन के लिए)
| यात्री | किसके शासनकाल में आया | मुख्य उद्देश्य/कार्य |
|---|---|---|
| फा-हिएन | चंद्रगुप्त द्वितीय (5वीं सदी प्रारंभ) | बौद्ध ग्रंथ संग्रह; गुप्त समाज का वर्णन |
| ह्वेनसांग | हर्षवर्धन (7वीं सदी) | नालंदा यात्रा; "सी-यू-की" लिखी |
| इत्सिंग | 7वीं सदी अंत | नालंदा यात्रा; बौद्ध प्रथाओं का रिकॉर्ड |
चंद्रगुप्त द्वितीय के बारे में:
- समुद्रगुप्त का पुत्र
- विक्रमादित्य भी कहा जाता है
- उसका शासनकाल गुप्त वंश का "स्वर्ण युग" कहा जाता है
- दरबार में नवरत्न थे, जिनमें कालिदास शामिल थे
अशोक के शिलालेखों से पता चलता है कि 'प्रदेशिका', 'राजुका' और 'युक्ता' महत्वपूर्ण अधिकारी थे
Detailed Explanation:
ये तीन अधिकारी अशोक के शासनकाल में जिला (प्रदेश) स्तर पर साथ काम करते थे:
| अधिकारी | भूमिका |
|---|---|
| प्रादेशिक | जिला प्रशासन का प्रमुख |
| राजुक | राजस्व संग्रह और न्यायिक मामले संभालता था |
| युक्त | अधीनस्थ अधिकारी — लेखा-जोखा और सहायता |
मौर्य प्रशासन अधिकारी
| अधिकारी | स्तर | कार्य |
|---|---|---|
| प्रादेशिक | जिला | जिला प्रशासन प्रमुख |
| राजुक | जिला | राजस्व + न्यायिक कार्य |
| युक्त | जिला | अधीनस्थ; लेखा-जोखा |
| अमात्य | केंद्र/प्रांत | उच्च अधिकारी/मंत्री |
| महामात्त | केंद्र | विशेष अधिकारी (धम्म महामात्त) |
मौर्य प्रशासनिक संरचना (ऊपर से नीचे):
- राजा (केंद्र)
- प्रांत — राजकुमार/राज्यपाल प्रमुख
- जिला (प्रदेश/आहार) — प्रादेशिक, राजुक, युक्त
- गाँव — ग्रामणी
'अरघट्टा' नामक सिंचाई उपकरण था
Detailed Explanation:
अरघट्ट = एक प्राचीन जल उठाने वाला पहिया उपकरण। इसमें एक बड़ा पहिया होता है जिसकी तीलियों पर मिट्टी के बर्तन बंधे होते हैं। जब पहिया घूमता है (जानवरों या मानव शक्ति से), बर्तन पानी में डूबते हैं, भरते हैं, ऊपर आते हैं और पानी डालते हैं।
अन्य विकल्प गलत क्यों:
| विकल्प | वर्णन | अरघट्ट क्यों नहीं |
|---|---|---|
| 1 | चमड़े का थैला + पुली | अलग उपकरण (साधारण उठाने की प्रणाली) |
| 3 | बड़ा बर्तन + बैल | केवल एक कंटेनर, पहिया तंत्र नहीं |
| 4 | हाथ से खींची बाल्टी | मैनुअल, पहिया तंत्र नहीं |
प्राचीन सिंचाई उपकरण
| उपकरण | विवरण |
|---|---|
| अरघट्ट | तीलियों पर मिट्टी के बर्तन वाला बड़ा पहिया; यांत्रिक रूप से पानी उठाता है |
| पिकोट्टा/शैडूफ | लीवर आधारित उपकरण |
| चरस/मोट | बैलों द्वारा पुली से खींचा चमड़े का थैला |
संदर्भ:
- प्राचीन और मध्यकालीन भारतीय ग्रंथों में उल्लेखित
- बाद में मध्यकाल में "फारसी चक्र" भी कहा गया
- भारत में यांत्रिक सिंचाई तकनीक का प्रारंभिक रूप
UPSC Prelims 2025 Questions Paper - Subject-wise Question Distribution
भारतीय राजव्यवस्था
18 Qs (18%)भारतीय अर्थव्यवस्था
16 Qs (16%)विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
14 Qs (14%)पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
13 Qs (13%)विश्व भूगोल
12 Qs (12%)आधुनिक इतिहास
8 Qs (8%)अंतरराष्ट्रीय संबंध
7 Qs (7%)प्राचीन इतिहास
6 Qs (6%)समसामयिकी
4 Qs (4%)मध्यकालीन इतिहास
1 Qs (1%)भारतीय कला और संस्कृति
1 Qs (1%)UPSC Prelims 2025 Question Paper - FAQs & Analysis
Q1 How many total questions were asked in UPSC Prelims 2025?
Q2 What is the subject-wise question breakdown for UPSC Prelims 2025?
- भारतीय राजव्यवस्था: 18 questions (18%)
- भारतीय अर्थव्यवस्था: 16 questions (16%)
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: 14 questions (14%)
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी: 13 questions (13%)
- विश्व भूगोल: 12 questions (12%)
- आधुनिक इतिहास: 8 questions (8%)
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: 7 questions (7%)
- प्राचीन इतिहास: 6 questions (6%)
- समसामयिकी: 4 questions (4%)
- मध्यकालीन इतिहास: 1 questions (1%)
- भारतीय कला और संस्कृति: 1 questions (1%)