निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. वैश्विक स्तर पर कारोबार किए जाने वाले सभी इक्विटी विकल्प अनुबंधों में भारत का हिस्सा बहुत बड़ा है, जिससे बड़ी तेजी देखी जा रही है।
II. भारत का शेयर बाजार हाल के दिनों में तेजी से बढ़ा है, यहां तक कि कुछ समय में यह हांगकांग से भी आगे निकल गया है।
III. छोटे निवेशकों को विकल्प ट्रेडिंग के जोखिमों के बारे में चेतावनी देने या इस संबंध में अपंजीकृत वित्तीय सलाहकारों पर कार्रवाई करने के लिए कोई नियामक संस्था नहीं है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 1 (केवल I और II)
हाल के वर्षों में भारत में शेयर बाजार और डेरिवेटिव्स ट्रेडिंग में तेज़ वृद्धि हुई है। साथ ही, निवेशकों की सुरक्षा और बाजार विनियमन का कार्य Securities and Exchange Board of India द्वारा किया जाता है।
✅ कथन I सही है: भारत वैश्विक स्तर पर इक्विटी ऑप्शन ट्रेडिंग का बहुत बड़ा हिस्सा रखता है, जो डेरिवेटिव्स बाजार में भारी वृद्धि को दर्शाता है।
✅ कथन II सही है: भारत का शेयर बाजार पूंजीकरण तेजी से बढ़ा और 2024 में कुछ समय के लिए Hong Kong के बाजार पूंजीकरण से भी आगे निकल गया था।
❌ कथन III गलत है: भारत में SEBI नामक नियामक संस्था मौजूद है, जो:
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निवेशकों को ऑप्शन ट्रेडिंग के जोखिमों के बारे में चेतावनी देती है।
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निवेश सलाहकारों को विनियमित करती है।
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अनधिकृत और पंजीकरण रहित वित्तीय सलाहकारों के विरुद्ध कार्रवाई करती है।
संक्षिप्त नोट्स: भारत का Equity Options Market
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भारत दुनिया के सबसे बड़े इक्विटी डेरिवेटिव्स बाजारों में से एक है।
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Equity Option खरीदार को किसी परिसंपत्ति को खरीदने या बेचने का अधिकार देता है, बाध्यता नहीं।
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अधिक ट्रेडिंग वॉल्यूम का अर्थ हमेशा अधिक लाभ नहीं होता।
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SEBI पूंजी बाजार का प्रमुख नियामक है।
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National Stock Exchange और Bombay Stock Exchange भारत के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज हैं।
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भारत हाल के वर्षों में बाजार पूंजीकरण के आधार पर विश्व के शीर्ष शेयर बाजारों में शामिल हुआ।
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SEBI समय-समय पर ऑप्शन ट्रेडिंग के जोखिमों को लेकर निवेशक सलाह जारी करता है।
Question 1 of 2 शेयर बाजार
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First question in this topic
वित्त के संदर्भ में, 'बीटा' शब्द किसे संदर्भित करता है?