UPSC Prelims 2025
प्राचीन इतिहास Previous Year Questions (PYQs)
Explore 6 solved UPSC Prelims 2025 प्राचीन इतिहास questions with detailed step-by-step bilingual solutions, option analysis, and answer keys.
मोहनजो-दारो में पाई गई 'डांसिंग गर्ल' के नाम से मशहूर महिला मूर्ति किससे बनी है
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (कांस्य/Bronze)
'नृत्य करती हुई लड़की (Dancing Girl)' सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्रसिद्ध कलाकृतियों में से एक है। यह Mohenjo-daro से प्राप्त हुई थी और हड़प्पावासियों की उन्नत धातुकला को दर्शाती है।
✅ कथन I सही है: यह मूर्ति कांस्य (Bronze) से बनी है।
✅ कथन II सही है: इसे लॉस्ट-वैक्स कास्टिंग पद्धति (Lost-Wax Casting Method) से बनाया गया था।
❌ कार्नेलियन, मिट्टी और सोना गलत हैं: यह मूर्ति इनमें से किसी पदार्थ की नहीं बल्कि कांस्य की बनी है।
संक्षिप्त नोट्स: मोहनजोदड़ो की नृत्य करती हुई लड़की
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यह मूर्ति मोहनजोदड़ो से प्राप्त हुई थी।
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वर्तमान में मोहनजोदड़ो Pakistan में स्थित है।
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यह सिंधु घाटी सभ्यता (लगभग 2500 ईसा पूर्व) की है।
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मूर्ति कांस्य से बनी है।
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इसे Lost-Wax Casting Method द्वारा बनाया गया था।
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इसकी ऊँचाई लगभग 10.5 सेमी है।
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यह हड़प्पा काल की कला और धातुकला का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जाती है।
प्राचीन भारत (600–322 ईसा पूर्व) के संदर्भ में, निम्नलिखित युग्मों पर विचार करें:
क्षेत्रीय क्षेत्र – उस क्षेत्र में बहने वाली नदी
I. अस्मक : गोदावरी
II. कम्बोज : विपासा (व्यास)
III. अवन्ति : महानदी
IV. कोसल : सरयू
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
युग्म I — सही। अस्मक (Assaka) — सबसे दक्षिणी महाजनपद, दक्कन क्षेत्र में, गोदावरी नदी के किनारे।
युग्म II — गलत। कम्बोज उत्तर-पश्चिम (अफगानिस्तान/कश्मीर क्षेत्र) में था। विपासा (व्यास) नदी पंजाब से होकर बहती है — अलग क्षेत्र।
युग्म III — गलत। अवन्ति पश्चिमी मध्य प्रदेश (मालवा क्षेत्र) में था। मुख्य नदियाँ क्षिप्रा और वेत्रवती थीं, महानदी नहीं।
युग्म IV — सही। कोसल — पूर्वी उत्तर प्रदेश में महाजनपद। राजधानी अयोध्या सरयू नदी के किनारे है।
तो केवल 2 युग्म (I और IV) सही हैं।
महाजनपद और उनकी नदियाँ
| महाजनपद | क्षेत्र | मुख्य नदी |
|---|---|---|
| अस्मक | दक्कन (दक्षिण) | गोदावरी |
| कम्बोज | उत्तर-पश्चिम सीमांत | विपासा नहीं — अलग क्षेत्र |
| अवन्ति | पश्चिमी मध्य प्रदेश | क्षिप्रा, वेत्रवती |
| कोसल | पूर्वी उत्तर प्रदेश | सरयू (राजधानी: अयोध्या) |
| मगध | बिहार | गंगा, सोन |
| वत्स | इलाहाबाद क्षेत्र | यमुना |
| काशी | वाराणसी क्षेत्र | गंगा |
| वज्जि | उत्तरी बिहार | गंडक |
Who among the following led a successful military campaign against the kingdom of Srivijaya?
Detailed Explanation:
The correct answer is C. Rajendra I (Chola).
Rajendra Chola I, son of Rajaraja Chola I, led a famous naval expedition against the Srivijaya kingdom around 1025 CE. Srivijaya was a powerful maritime empire controlling the Malay Peninsula, Sumatra, Java, and nearby islands. Rajendra I’s campaign asserted Chola naval dominance in the region and secured control over important sea trade routes.
The other rulers listed did not conduct campaigns against Srivijaya:
- Amoghavarsha (Rashtrakuta) focused mainly on the Deccan region.
- Prataparudra (Kakatiya) ruled much later and was centered in the Deccan.
- Vishnuvardhana (Hoysala) focused on South Indian affairs.
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चीनी तीर्थयात्री फाह्यान (फैक्सियन) ने किसके शासनकाल के दौरान भारत की यात्रा की थी
Detailed Explanation:
फा-हिएन (फाशियान), चीनी बौद्ध यात्री, चंद्रगुप्त द्वितीय (जिसे चंद्रगुप्त विक्रमादित्य भी कहा जाता है) के शासनकाल में, 5वीं सदी की शुरुआत में भारत आया। वह बौद्ध ग्रंथों को इकट्ठा करने और बौद्ध धर्म का अध्ययन करने आया था।
उसका यात्रा वृत्तांत बताता है:
- गुप्त समाज
- प्रशासन
- भारत में बौद्ध धर्म की स्थिति
भारत आए चीनी यात्री (रिवीजन के लिए)
| यात्री | किसके शासनकाल में आया | मुख्य उद्देश्य/कार्य |
|---|---|---|
| फा-हिएन | चंद्रगुप्त द्वितीय (5वीं सदी प्रारंभ) | बौद्ध ग्रंथ संग्रह; गुप्त समाज का वर्णन |
| ह्वेनसांग | हर्षवर्धन (7वीं सदी) | नालंदा यात्रा; "सी-यू-की" लिखी |
| इत्सिंग | 7वीं सदी अंत | नालंदा यात्रा; बौद्ध प्रथाओं का रिकॉर्ड |
चंद्रगुप्त द्वितीय के बारे में:
- समुद्रगुप्त का पुत्र
- विक्रमादित्य भी कहा जाता है
- उसका शासनकाल गुप्त वंश का "स्वर्ण युग" कहा जाता है
- दरबार में नवरत्न थे, जिनमें कालिदास शामिल थे
अशोक के शिलालेखों से पता चलता है कि 'प्रदेशिका', 'राजुका' और 'युक्ता' महत्वपूर्ण अधिकारी थे
Detailed Explanation:
ये तीन अधिकारी अशोक के शासनकाल में जिला (प्रदेश) स्तर पर साथ काम करते थे:
| अधिकारी | भूमिका |
|---|---|
| प्रादेशिक | जिला प्रशासन का प्रमुख |
| राजुक | राजस्व संग्रह और न्यायिक मामले संभालता था |
| युक्त | अधीनस्थ अधिकारी — लेखा-जोखा और सहायता |
मौर्य प्रशासन अधिकारी
| अधिकारी | स्तर | कार्य |
|---|---|---|
| प्रादेशिक | जिला | जिला प्रशासन प्रमुख |
| राजुक | जिला | राजस्व + न्यायिक कार्य |
| युक्त | जिला | अधीनस्थ; लेखा-जोखा |
| अमात्य | केंद्र/प्रांत | उच्च अधिकारी/मंत्री |
| महामात्त | केंद्र | विशेष अधिकारी (धम्म महामात्त) |
मौर्य प्रशासनिक संरचना (ऊपर से नीचे):
- राजा (केंद्र)
- प्रांत — राजकुमार/राज्यपाल प्रमुख
- जिला (प्रदेश/आहार) — प्रादेशिक, राजुक, युक्त
- गाँव — ग्रामणी
'अरघट्टा' नामक सिंचाई उपकरण था
Detailed Explanation:
अरघट्ट = एक प्राचीन जल उठाने वाला पहिया उपकरण। इसमें एक बड़ा पहिया होता है जिसकी तीलियों पर मिट्टी के बर्तन बंधे होते हैं। जब पहिया घूमता है (जानवरों या मानव शक्ति से), बर्तन पानी में डूबते हैं, भरते हैं, ऊपर आते हैं और पानी डालते हैं।
अन्य विकल्प गलत क्यों:
| विकल्प | वर्णन | अरघट्ट क्यों नहीं |
|---|---|---|
| 1 | चमड़े का थैला + पुली | अलग उपकरण (साधारण उठाने की प्रणाली) |
| 3 | बड़ा बर्तन + बैल | केवल एक कंटेनर, पहिया तंत्र नहीं |
| 4 | हाथ से खींची बाल्टी | मैनुअल, पहिया तंत्र नहीं |
प्राचीन सिंचाई उपकरण
| उपकरण | विवरण |
|---|---|
| अरघट्ट | तीलियों पर मिट्टी के बर्तन वाला बड़ा पहिया; यांत्रिक रूप से पानी उठाता है |
| पिकोट्टा/शैडूफ | लीवर आधारित उपकरण |
| चरस/मोट | बैलों द्वारा पुली से खींचा चमड़े का थैला |
संदर्भ:
- प्राचीन और मध्यकालीन भारतीय ग्रंथों में उल्लेखित
- बाद में मध्यकाल में "फारसी चक्र" भी कहा गया
- भारत में यांत्रिक सिंचाई तकनीक का प्रारंभिक रूप
UPSC Prelims 2025 - प्राचीन इतिहास Chapter-wise Distribution
प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत
2 Qs (33.3%)महाजनपद काल
1 Qs (16.7%)सिंधु घाटी सभ्यता
1 Qs (16.7%)प्राचीन भारतीय अर्थव्यवस्था
1 Qs (16.7%)मौर्य साम्राज्य
1 Qs (16.7%)UPSC Prelims 2025 - प्राचीन इतिहास Questions FAQs
Q1 How many प्राचीन इतिहास questions were asked in UPSC Prelims 2025?
Q2 What is the chapter-wise question distribution for प्राचीन इतिहास in UPSC Prelims 2025?
- प्राचीन भारतीय इतिहास के स्रोत: 2 questions (33.3%)
- महाजनपद काल: 1 questions (16.7%)
- सिंधु घाटी सभ्यता: 1 questions (16.7%)
- प्राचीन भारतीय अर्थव्यवस्था: 1 questions (16.7%)
- मौर्य साम्राज्य: 1 questions (16.7%)