UPSC Prelims 2025
आधुनिक इतिहास Previous Year Questions (PYQs)
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राजा राम मोहन राय के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. पूर्व की पारंपरिक दार्शनिक प्रणालियों के प्रति उनके मन में बहुत प्यार और सम्मान था।
II. वह चाहते थे कि उनके देशवासी तर्कसंगत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सभी पुरुषों और महिलाओं की मानवीय गरिमा और सामाजिक समानता के सिद्धांत को स्वीकार करें।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
राजा राम मोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का जनक कहा जाता है। उन्होंने भारतीय परंपराओं का सम्मान किया और साथ ही आधुनिक एवं वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया।
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कथन I सही है: उन्हें वेदांत, उपनिषद और पूर्वी दर्शन से गहरा लगाव था।
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कथन II सही है: उन्होंने तर्कसंगत सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानव गरिमा और स्त्री-पुरुष समानता का समर्थन किया।
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उन्होंने सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया।
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अतः दोनों कथन सही हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (C) है।
कथन-वार विश्लेषण
| कथन | स्थिति | कारण |
|---|---|---|
| I. पूर्वी दार्शनिक परंपराओं के प्रति सम्मान | ✅ सही | वेदांत और उपनिषदों से प्रभावित थे, लेकिन सुधार के पक्षधर थे। |
| II. तर्क, विज्ञान और समानता का समर्थन | ✅ सही | आधुनिक शिक्षा, सामाजिक सुधार और महिला अधिकारों के समर्थक थे। |
राजा राम मोहन राय
राजा राम मोहन राय कौन थे?
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भारतीय पुनर्जागरण के जनक।
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ब्रह्म सभा (1828) के संस्थापक, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज बना।
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आधुनिक भारत के प्रमुख समाज सुधारकों में से एक।
मुख्य योगदान
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सती प्रथा के खिलाफ आंदोलन।
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महिलाओं के अधिकारों का समर्थन।
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आधुनिक एवं वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा।
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प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थक।
महत्वपूर्ण तथ्य
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उनके प्रयासों से 1829 में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाया गया, जिसे Lord William Bentinck ने लागू किया।
असहयोग आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- कांग्रेस ने सभी वैध और शांतिपूर्ण तरीकों से 'स्वराज' की प्राप्ति को अपना उद्देश्य घोषित किया।
- इसे अगले चरण के लिए सविनय अवज्ञा और करों का भुगतान न करने के साथ चरणों में लागू किया जाना था, केवल अगर 'स्वराज' एक वर्ष के भीतर नहीं आया और सरकार ने दमन का सहारा लिया।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 सही है: कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन (1920) में शांतिपूर्ण और वैध तरीकों से स्वराज प्राप्त करना लक्ष्य घोषित किया गया।
कथन 2 सही है: असहयोग आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना थी। यदि स्वराज नहीं मिलता और सरकार दमन करती, तो अगले चरण में सविनय अवज्ञा और कर न देने का कार्यक्रम शुरू किया जा सकता था।
अतः दोनों कथन सही हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: असहयोग आंदोलन (1920–22)
असहयोग आंदोलन क्या था?
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Mahatma Gandhi द्वारा 1920 में शुरू किया गया।
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इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध शांतिपूर्ण असहयोग के माध्यम से स्वराज प्राप्त करना था।
मुख्य कार्यक्रम
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सरकारी स्कूल, कॉलेज, अदालत और चुनावों का बहिष्कार।
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उपाधियों और सम्मान का त्याग।
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विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी का प्रचार।
आंदोलन वापस क्यों लिया गया?
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1922 के Chauri Chaura Incident के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया।
असहयोग कार्यक्रम के संबंध में निम्नलिखित विषयों पर विचार करें:
I. क़ानून-अदालतों और विदेशी कपड़ों का बहिष्कार
II. कठोर अहिंसा का पालन
III. सार्वजनिक रूप से उपयोग किए बिना उपाधियों और सम्मानों को बनाए रखना
IV. विवादों के निपटारे के लिए पंचायतों की स्थापना
उपरोक्त में से कितने असहयोग कार्यक्रम के भाग थे?
Detailed Explanation:
असहयोग आंदोलन (1920) का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ बहिष्कार, अहिंसा और स्वावलंबन के माध्यम से संघर्ष करना था।
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कथन I सही है: अदालतों और विदेशी कपड़ों का बहिष्कार आंदोलन का प्रमुख हिस्सा था।
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कथन II सही है: गांधीजी ने कड़ी अहिंसा पर जोर दिया।
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कथन III गलत है: लोगों से ब्रिटिश उपाधियाँ और सम्मान त्यागने को कहा गया था, उन्हें रखने को नहीं।
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कथन IV सही है: विवादों के निपटारे के लिए पंचायतों की स्थापना को बढ़ावा दिया गया।
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अतः I, II और IV सही हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (C) है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: असहयोग कार्यक्रम
मुख्य उद्देश्य
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शांतिपूर्ण तरीके से स्वराज प्राप्त करना।
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ब्रिटिश संस्थाओं से सहयोग वापस लेना।
मुख्य कार्यक्रम
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स्कूल, कॉलेज, अदालत और चुनावों का बहिष्कार।
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विदेशी कपड़ों का बहिष्कार और खादी का प्रचार।
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उपाधियों और सम्मानों का त्याग।
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राष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों और पंचायतों की स्थापना।
महत्वपूर्ण तथ्य
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यह आंदोलन Mahatma Gandhi के नेतृत्व में शुरू हुआ और स्वतंत्रता आंदोलन का पहला बड़ा जनआंदोलन बना।
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निम्नलिखित में से किस घटना के बाद, गांधीजी, जिन्होंने लगातार अस्पृश्यता का विरोध किया और सभी क्षेत्रों से इसके उन्मूलन की अपील की, ने अपने राजनीतिक और सामाजिक कार्यक्रम में 'हरिजनों' के उत्थान को शामिल करने का निर्णय लिया?
Detailed Explanation:
सरल व्याख्या:
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महात्मा गांधी अस्पृश्यता के कट्टर विरोधी थे और उन्होंने कम्यूनल अवॉर्ड (1932) में दलितों के लिए अलग निर्वाचन क्षेत्र का विरोध किया।
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पूना पैक्ट (1932) के बाद गांधीजी ने हरिजनों के उत्थान को अपने सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रम का प्रमुख हिस्सा बना लिया।
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उन्होंने हरिजन सेवक संघ की स्थापना की और 'हरिजन' पत्रिका शुरू की।
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इसलिए सही उत्तर विकल्प A है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| विकल्प | कारण |
|---|---|
| गांधी-इरविन समझौता (1931) | यह सविनय अवज्ञा आंदोलन से संबंधित था, हरिजन उत्थान से नहीं। |
| भारत छोड़ो आंदोलन के समय गिरफ्तारी (1942) | यह घटना बहुत बाद की है और हरिजन अभियान से संबंधित नहीं है। |
| भारत सरकार अधिनियम, 1935 | यह संवैधानिक सुधारों से जुड़ा था, हरिजन उत्थान कार्यक्रम से नहीं। |
📝 संक्षिप्त नोट्स: पूना पैक्ट (1932)
पूना पैक्ट क्या था?
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24 सितंबर 1932 को Mahatma Gandhi और B. R. Ambedkar के बीच समझौता।
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इसमें अलग निर्वाचन क्षेत्र की जगह संयुक्त निर्वाचन क्षेत्र में आरक्षित सीटों की व्यवस्था की गई।
महत्त्व
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गांधीजी का आमरण अनशन समाप्त हुआ।
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दलितों के राजनीतिक प्रतिनिधित्व में वृद्धि हुई।
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अस्पृश्यता विरोधी अभियान को नई दिशा मिली।
महत्वपूर्ण तथ्य
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गांधीजी ने दलितों को "हरिजन" नाम दिया और उनके उत्थान के लिए देशव्यापी अभियान चलाया।
चौरी चौरा घटना के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों को किसने कानूनी सुरक्षा प्रदान की?
Detailed Explanation:
चौरी-चौरा घटना (1922) के बाद बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया और कई लोगों को मृत्युदंड दिया गया।
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मदन मोहन मालवीय और उनके पुत्र कृष्णकांत ने आरोपियों की कानूनी पैरवी की।
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उनकी दलीलों के कारण कई मृत्युदंड कम कर दिए गए और अनेक लोगों की जान बच गई।
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इसलिए सही उत्तर विकल्प B है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| विकल्प | कारण |
|---|---|
| सी. आर. दास | वे प्रसिद्ध वकील और नेता थे, लेकिन इस मामले की पैरवी उन्होंने नहीं की। |
| डॉ. सैफुद्दीन किचलू और ख्वाजा हसन निजामी | इनका संबंध इस मुकदमे से नहीं था। |
| एम. ए. जिन्ना | उन्होंने चौरी-चौरा आरोपियों की कानूनी सहायता नहीं की थी। |
📝 संक्षिप्त नोट्स: चौरी-चौरा घटना (1922)
क्या हुआ था?
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4 फरवरी 1922 को उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई।
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भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई।
प्रभाव
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Mahatma Gandhi ने इसे अहिंसा के सिद्धांत के विरुद्ध माना।
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इसके बाद असहयोग आंदोलन वापस ले लिया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य
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प्रारंभ में 172 लोगों को मृत्युदंड दिया गया था, लेकिन मदन मोहन मालवीय और कृष्णकांत की कानूनी पैरवी से अधिकांश सजाएँ कम कर दी गईं।
निम्नलिखित में से कौन 'आत्म-सम्मान आंदोलन' का संस्थापक था?
Detailed Explanation:
सेल्फ-रिस्पेक्ट मूवमेंट (आत्म-सम्मान आंदोलन) की शुरुआत पेरियार ई. वी. रामास्वामी नायकर ने 1925 में की थी।
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इस आंदोलन का उद्देश्य जाति-भेद, सामाजिक असमानता और ब्राह्मणवादी वर्चस्व का विरोध करना था।
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पेरियार ने तर्कवाद, महिला अधिकारों और सामाजिक समानता को बढ़ावा दिया।
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अतः सही उत्तर विकल्प A है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| विकल्प | कारण |
|---|---|
| डॉ. बी. आर. आंबेडकर | दलित अधिकारों के महान नेता थे, लेकिन सेल्फ-रिस्पेक्ट मूवमेंट के संस्थापक नहीं थे। |
| भास्करराव जाधव | महाराष्ट्र के गैर-ब्राह्मण आंदोलन से जुड़े थे। |
| दिनकरराव जावळकर | समाज सुधारक थे, लेकिन इस आंदोलन के संस्थापक नहीं थे। |
📝 संक्षिप्त नोट्स: सेल्फ-रिस्पेक्ट मूवमेंट
क्या था यह आंदोलन?
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1925 में E. V. Ramasamy द्वारा शुरू किया गया।
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इसका उद्देश्य समानता और आत्म-सम्मान पर आधारित समाज बनाना था।
मुख्य उद्देश्य
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जातिगत भेदभाव समाप्त करना।
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अस्पृश्यता का विरोध।
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महिलाओं के अधिकारों को बढ़ावा देना।
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तर्कवाद और वैज्ञानिक सोच का प्रचार।
महत्वपूर्ण तथ्य
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यह आंदोलन आगे चलकर द्रविड़ आंदोलन का आधार बना और तमिलनाडु की राजनीति पर गहरा प्रभाव पड़ा।
निम्नलिखित फलों पर विचार करें:
I. पपीता
II. अनानास
III. अमरूद
उपरोक्त में से कितने को सोलहवीं और सत्रहवीं शताब्दी में पुर्तगालियों द्वारा भारत में पेश किया गया था?
Detailed Explanation:
16वीं–17वीं शताब्दी में पुर्तगालियों ने अमेरिका से कई फसलें और फल भारत में लाकर परिचित कराए।
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I. पपीता ✅ – मूल रूप से मध्य अमेरिका का फल है; पुर्तगालियों द्वारा भारत लाया गया।
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II. अनानास ✅ – दक्षिण अमेरिका का मूल फल; पुर्तगालियों ने भारत में परिचित कराया।
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III. अमरूद ✅ – मध्य अमेरिका का मूल फल; भारत में पुर्तगालियों द्वारा लाया गया।
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अतः तीनों फल पुर्तगालियों द्वारा भारत में लाए गए थे, इसलिए सही उत्तर विकल्प C है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारतीय कृषि में पुर्तगालियों का योगदान
पुर्तगालियों द्वारा लाई गई प्रमुख फसलें/फल
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पपीता
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अनानास
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अमरूद
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काजू
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तंबाकू
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मक्का
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टमाटर
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आलू
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मिर्च
महत्त्व
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ये फसलें मूल रूप से अमेरिका की थीं।
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बाद में भारतीय कृषि और भोजन का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गईं।
महत्वपूर्ण तथ्य
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भारतीय भोजन पर सबसे बड़ा प्रभाव मिर्च (Chilli) के आगमन का माना जाता है।
'राजद्रोह मेरा धर्म बन गया है' यह प्रसिद्ध कथन गांधीजी ने किस समय दिया था?
Detailed Explanation:
"Sedition has become my religion" कथन महात्मा गांधी द्वारा नमक सत्याग्रह (1930) और सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान कहा गया माना जाता है।
गांधीजी का मानना था कि जब सरकार अन्यायपूर्ण हो जाए, तो उसके विरुद्ध अहिंसक विरोध करना नैतिक कर्तव्य बन जाता है। दांडी में नमक कानून तोड़ना इसी विचार का प्रतीक था।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
| विकल्प | कारण |
|---|---|
| चंपारण सत्याग्रह | यह नील किसानों की समस्या से जुड़ा आंदोलन था। |
| द्वितीय गोलमेज सम्मेलन | यह लंदन में संवैधानिक चर्चा थी। |
| भारत छोड़ो आंदोलन | यह 1942 में शुरू हुआ, जो काफी बाद की घटना है। |
📝 संक्षिप्त नोट्स: नमक सत्याग्रह
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| वर्ष | 1930 |
| नेतृत्व | महात्मा गांधी |
| यात्रा | साबरमती आश्रम से दांडी |
| उद्देश्य | ब्रिटिश नमक कर का विरोध |
| परिणाम | सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत |
त्वरित तथ्य:
दांडी मार्च ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-आंदोलन का रूप दिया और पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा।
UPSC Prelims 2025 - आधुनिक इतिहास Chapter-wise Distribution
जन-आधारित राष्ट्रीय आंदोलन
3 Qs (37.5%)महत्वपूर्ण व्यक्तित्व
3 Qs (37.5%)सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन
1 Qs (12.5%)भारत में यूरोपियों का आगमन
1 Qs (12.5%)UPSC Prelims 2025 - आधुनिक इतिहास Questions FAQs
Q1 How many आधुनिक इतिहास questions were asked in UPSC Prelims 2025?
Q2 What is the chapter-wise question distribution for आधुनिक इतिहास in UPSC Prelims 2025?
- जन-आधारित राष्ट्रीय आंदोलन: 3 questions (37.5%)
- महत्वपूर्ण व्यक्तित्व: 3 questions (37.5%)
- सामाजिक एवं धार्मिक सुधार आंदोलन: 1 questions (12.5%)
- भारत में यूरोपियों का आगमन: 1 questions (12.5%)