राजा राम मोहन राय के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. पूर्व की पारंपरिक दार्शनिक प्रणालियों के प्रति उनके मन में बहुत प्यार और सम्मान था।
II. वह चाहते थे कि उनके देशवासी तर्कसंगत और वैज्ञानिक दृष्टिकोण और सभी पुरुषों और महिलाओं की मानवीय गरिमा और सामाजिक समानता के सिद्धांत को स्वीकार करें।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
राजा राम मोहन राय को भारतीय पुनर्जागरण का जनक कहा जाता है। उन्होंने भारतीय परंपराओं का सम्मान किया और साथ ही आधुनिक एवं वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा दिया।
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कथन I सही है: उन्हें वेदांत, उपनिषद और पूर्वी दर्शन से गहरा लगाव था।
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कथन II सही है: उन्होंने तर्कसंगत सोच, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, मानव गरिमा और स्त्री-पुरुष समानता का समर्थन किया।
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उन्होंने सती प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ संघर्ष किया।
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अतः दोनों कथन सही हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (C) है।
कथन-वार विश्लेषण
| कथन | स्थिति | कारण |
|---|---|---|
| I. पूर्वी दार्शनिक परंपराओं के प्रति सम्मान | ✅ सही | वेदांत और उपनिषदों से प्रभावित थे, लेकिन सुधार के पक्षधर थे। |
| II. तर्क, विज्ञान और समानता का समर्थन | ✅ सही | आधुनिक शिक्षा, सामाजिक सुधार और महिला अधिकारों के समर्थक थे। |
राजा राम मोहन राय
राजा राम मोहन राय कौन थे?
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भारतीय पुनर्जागरण के जनक।
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ब्रह्म सभा (1828) के संस्थापक, जो आगे चलकर ब्रह्म समाज बना।
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आधुनिक भारत के प्रमुख समाज सुधारकों में से एक।
मुख्य योगदान
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सती प्रथा के खिलाफ आंदोलन।
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महिलाओं के अधिकारों का समर्थन।
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आधुनिक एवं वैज्ञानिक शिक्षा को बढ़ावा।
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प्रेस की स्वतंत्रता के समर्थक।
महत्वपूर्ण तथ्य
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उनके प्रयासों से 1829 में सती प्रथा पर प्रतिबंध लगाया गया, जिसे Lord William Bentinck ने लागू किया।
Question 1 of 1 राजा राममोहन राय
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