असहयोग आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- कांग्रेस ने सभी वैध और शांतिपूर्ण तरीकों से 'स्वराज' की प्राप्ति को अपना उद्देश्य घोषित किया।
- इसे अगले चरण के लिए सविनय अवज्ञा और करों का भुगतान न करने के साथ चरणों में लागू किया जाना था, केवल अगर 'स्वराज' एक वर्ष के भीतर नहीं आया और सरकार ने दमन का सहारा लिया।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 सही है: कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन (1920) में शांतिपूर्ण और वैध तरीकों से स्वराज प्राप्त करना लक्ष्य घोषित किया गया।
कथन 2 सही है: असहयोग आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना थी। यदि स्वराज नहीं मिलता और सरकार दमन करती, तो अगले चरण में सविनय अवज्ञा और कर न देने का कार्यक्रम शुरू किया जा सकता था।
अतः दोनों कथन सही हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: असहयोग आंदोलन (1920–22)
असहयोग आंदोलन क्या था?
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Mahatma Gandhi द्वारा 1920 में शुरू किया गया।
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इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध शांतिपूर्ण असहयोग के माध्यम से स्वराज प्राप्त करना था।
मुख्य कार्यक्रम
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सरकारी स्कूल, कॉलेज, अदालत और चुनावों का बहिष्कार।
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उपाधियों और सम्मान का त्याग।
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विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी का प्रचार।
आंदोलन वापस क्यों लिया गया?
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1922 के Chauri Chaura Incident के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया।
Question 3 of 3 असहयोग आंदोलन
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