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असहयोग आंदोलन Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for असहयोग आंदोलन with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for UPSC CSE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
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चौरी चौरा घटना के बाद गिरफ्तार किए गए लोगों को किसने कानूनी सुरक्षा प्रदान की?
Detailed Explanation:
चौरी-चौरा घटना (1922) के बाद बड़ी संख्या में लोगों को गिरफ्तार किया गया और कई लोगों को मृत्युदंड दिया गया।
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मदन मोहन मालवीय और उनके पुत्र कृष्णकांत ने आरोपियों की कानूनी पैरवी की।
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उनकी दलीलों के कारण कई मृत्युदंड कम कर दिए गए और अनेक लोगों की जान बच गई।
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इसलिए सही उत्तर विकल्प B है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| विकल्प | कारण |
|---|---|
| सी. आर. दास | वे प्रसिद्ध वकील और नेता थे, लेकिन इस मामले की पैरवी उन्होंने नहीं की। |
| डॉ. सैफुद्दीन किचलू और ख्वाजा हसन निजामी | इनका संबंध इस मुकदमे से नहीं था। |
| एम. ए. जिन्ना | उन्होंने चौरी-चौरा आरोपियों की कानूनी सहायता नहीं की थी। |
📝 संक्षिप्त नोट्स: चौरी-चौरा घटना (1922)
क्या हुआ था?
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4 फरवरी 1922 को उत्तर प्रदेश के चौरी-चौरा में प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच हिंसक झड़प हुई।
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भीड़ ने पुलिस थाने में आग लगा दी, जिसमें 22 पुलिसकर्मियों की मृत्यु हो गई।
प्रभाव
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Mahatma Gandhi ने इसे अहिंसा के सिद्धांत के विरुद्ध माना।
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इसके बाद असहयोग आंदोलन वापस ले लिया गया।
महत्वपूर्ण तथ्य
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प्रारंभ में 172 लोगों को मृत्युदंड दिया गया था, लेकिन मदन मोहन मालवीय और कृष्णकांत की कानूनी पैरवी से अधिकांश सजाएँ कम कर दी गईं।
असहयोग कार्यक्रम के संबंध में निम्नलिखित विषयों पर विचार करें:
I. क़ानून-अदालतों और विदेशी कपड़ों का बहिष्कार
II. कठोर अहिंसा का पालन
III. सार्वजनिक रूप से उपयोग किए बिना उपाधियों और सम्मानों को बनाए रखना
IV. विवादों के निपटारे के लिए पंचायतों की स्थापना
उपरोक्त में से कितने असहयोग कार्यक्रम के भाग थे?
Detailed Explanation:
असहयोग आंदोलन (1920) का उद्देश्य ब्रिटिश शासन के खिलाफ बहिष्कार, अहिंसा और स्वावलंबन के माध्यम से संघर्ष करना था।
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कथन I सही है: अदालतों और विदेशी कपड़ों का बहिष्कार आंदोलन का प्रमुख हिस्सा था।
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कथन II सही है: गांधीजी ने कड़ी अहिंसा पर जोर दिया।
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कथन III गलत है: लोगों से ब्रिटिश उपाधियाँ और सम्मान त्यागने को कहा गया था, उन्हें रखने को नहीं।
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कथन IV सही है: विवादों के निपटारे के लिए पंचायतों की स्थापना को बढ़ावा दिया गया।
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अतः I, II और IV सही हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (C) है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: असहयोग कार्यक्रम
मुख्य उद्देश्य
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शांतिपूर्ण तरीके से स्वराज प्राप्त करना।
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ब्रिटिश संस्थाओं से सहयोग वापस लेना।
मुख्य कार्यक्रम
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स्कूल, कॉलेज, अदालत और चुनावों का बहिष्कार।
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विदेशी कपड़ों का बहिष्कार और खादी का प्रचार।
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उपाधियों और सम्मानों का त्याग।
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राष्ट्रीय शिक्षा संस्थानों और पंचायतों की स्थापना।
महत्वपूर्ण तथ्य
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यह आंदोलन Mahatma Gandhi के नेतृत्व में शुरू हुआ और स्वतंत्रता आंदोलन का पहला बड़ा जनआंदोलन बना।
असहयोग आंदोलन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- कांग्रेस ने सभी वैध और शांतिपूर्ण तरीकों से 'स्वराज' की प्राप्ति को अपना उद्देश्य घोषित किया।
- इसे अगले चरण के लिए सविनय अवज्ञा और करों का भुगतान न करने के साथ चरणों में लागू किया जाना था, केवल अगर 'स्वराज' एक वर्ष के भीतर नहीं आया और सरकार ने दमन का सहारा लिया।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 सही है: कांग्रेस के नागपुर अधिवेशन (1920) में शांतिपूर्ण और वैध तरीकों से स्वराज प्राप्त करना लक्ष्य घोषित किया गया।
कथन 2 सही है: असहयोग आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से चलाने की योजना थी। यदि स्वराज नहीं मिलता और सरकार दमन करती, तो अगले चरण में सविनय अवज्ञा और कर न देने का कार्यक्रम शुरू किया जा सकता था।
अतः दोनों कथन सही हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: असहयोग आंदोलन (1920–22)
असहयोग आंदोलन क्या था?
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Mahatma Gandhi द्वारा 1920 में शुरू किया गया।
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इसका उद्देश्य ब्रिटिश शासन के विरुद्ध शांतिपूर्ण असहयोग के माध्यम से स्वराज प्राप्त करना था।
मुख्य कार्यक्रम
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सरकारी स्कूल, कॉलेज, अदालत और चुनावों का बहिष्कार।
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उपाधियों और सम्मान का त्याग।
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विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार और स्वदेशी का प्रचार।
आंदोलन वापस क्यों लिया गया?
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1922 के Chauri Chaura Incident के बाद आंदोलन वापस ले लिया गया।
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