'राजद्रोह मेरा धर्म बन गया है' यह प्रसिद्ध कथन गांधीजी ने किस समय दिया था?
Detailed Explanation:
"Sedition has become my religion" कथन महात्मा गांधी द्वारा नमक सत्याग्रह (1930) और सविनय अवज्ञा आंदोलन के दौरान कहा गया माना जाता है।
गांधीजी का मानना था कि जब सरकार अन्यायपूर्ण हो जाए, तो उसके विरुद्ध अहिंसक विरोध करना नैतिक कर्तव्य बन जाता है। दांडी में नमक कानून तोड़ना इसी विचार का प्रतीक था।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
| विकल्प | कारण |
|---|---|
| चंपारण सत्याग्रह | यह नील किसानों की समस्या से जुड़ा आंदोलन था। |
| द्वितीय गोलमेज सम्मेलन | यह लंदन में संवैधानिक चर्चा थी। |
| भारत छोड़ो आंदोलन | यह 1942 में शुरू हुआ, जो काफी बाद की घटना है। |
📝 संक्षिप्त नोट्स: नमक सत्याग्रह
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| वर्ष | 1930 |
| नेतृत्व | महात्मा गांधी |
| यात्रा | साबरमती आश्रम से दांडी |
| उद्देश्य | ब्रिटिश नमक कर का विरोध |
| परिणाम | सविनय अवज्ञा आंदोलन की शुरुआत |
त्वरित तथ्य:
दांडी मार्च ने स्वतंत्रता आंदोलन को जन-आंदोलन का रूप दिया और पूरी दुनिया का ध्यान भारत की ओर खींचा।
Question 1 of 3 महात्मा गांधी
Practice PYQ questions from this topic across all years
First question in this topic
निम्नलिखित में से किस घटना के बाद, गांधीजी, जिन्होंने लगातार अस्पृश्यता का विरोध किया...