निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. भारत खनिज सुरक्षा साझेदारी में सदस्य के रूप में शामिल हो गया है।
II. भारत उन सभी 30 महत्वपूर्ण खनिजों में एक संसाधन संपन्न देश है जिनकी उसने पहचान की है।
III. संसद ने 2023 में खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन किया है, जिससे केंद्र सरकार को कुछ महत्वपूर्ण खनिजों के लिए विशेष रूप से खनन पट्टे और मिश्रित लाइसेंस की नीलामी करने का अधिकार मिल गया है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (केवल I और III)
क्रिटिकल मिनरल्स (Critical Minerals) स्वच्छ ऊर्जा, इलेक्ट्रिक वाहन, इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर और रक्षा उद्योगों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। भारत ने इनके सुरक्षित और विश्वसनीय स्रोत सुनिश्चित करने के लिए अंतरराष्ट्रीय और घरेलू दोनों स्तरों पर कदम उठाए हैं।
✅ कथन I सही है: भारत 2023 में Minerals Security Partnership का सदस्य बना ताकि महत्वपूर्ण खनिजों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत किया जा सके।
❌ कथन II गलत है: भारत सरकार द्वारा पहचाने गए सभी 30 क्रिटिकल मिनरल्स में भारत संसाधन-संपन्न नहीं है। लिथियम, कोबाल्ट, निकेल और ग्रेफाइट जैसे कई खनिजों के लिए भारत आयात पर निर्भर है।
✅ कथन III सही है: Mines and Minerals (Development and Regulation) Amendment Act, 2023 के तहत केंद्र सरकार को कुछ महत्वपूर्ण खनिजों के लिए खनन पट्टों और कंपोजिट लाइसेंस की नीलामी का विशेष अधिकार दिया गया।
Short Notes: Critical Minerals in India
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क्रिटिकल मिनरल्स नवीकरणीय ऊर्जा, EV, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा क्षेत्र के लिए आवश्यक हैं।
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भारत ने 30 क्रिटिकल मिनरल्स की पहचान की है।
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भारत 2023 में Minerals Security Partnership (MSP) में शामिल हुआ।
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MSP का उद्देश्य सुरक्षित और टिकाऊ वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला विकसित करना है।
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प्रमुख खनिज: लिथियम, कोबाल्ट, निकेल, ग्रेफाइट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स।
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MMDR Amendment Act, 2023 ने महत्वपूर्ण खनिजों के खनन को बढ़ावा देने हेतु सुधार किए।
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कई रणनीतिक खनिजों के लिए भारत अभी भी आयात पर निर्भर है।
Question 1 of 14 क्षेत्रीय संगठन और समूह
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