भारत इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) के संस्थापक सदस्यों में से एक है, जो एक मल्टीमॉडल ट्रांसपोर्टेशन कॉरिडोर है, जो जुड़ेगा
Detailed Explanation:
INSTC भारत → ईरान → मध्य एशिया/रूस → यूरोप को जोड़ता है, समुद्र, रेल और सड़क के मिश्रण से।
मार्ग इस प्रकार है: मुंबई (भारत) → बंदर अब्बास (ईरान) → अज़रबैजान/रूस → यूरोप, साथ ही मध्य एशिया तक भी शाखाएँ।
अन्य विकल्प गलत क्यों:
| विकल्प | समस्या |
|---|---|
| विकल्प 2 | गलत मार्ग — INSTC ईरान से होकर जाता है, चीन से नहीं |
| विकल्प 3 | पूरी तरह अलग गलियारा — यह एक्ट ईस्ट पॉलिसी से संबंधित है |
| विकल्प 4 | अधूरा — अज़रबैजान केवल एक पड़ाव है, पूरा मार्ग ईरान से पहले शुरू होता है |
📝 संक्षिप्त नोट्स: INSTC
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| पूरा नाम | अंतर्राष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा |
| स्थापना | 2000, भारत, ईरान और रूस द्वारा |
| प्रकार | बहुविधि (समुद्र + रेल + सड़क) |
| मार्ग | मुंबई → बंदर अब्बास (ईरान) → कैस्पियन सागर/अज़रबैजान/रूस → यूरोप |
| लंबाई | ~7,200 किमी |
| उद्देश्य | भारत-यूरोप/मध्य एशिया/रूस के बीच समय/लागत कम करना |
| भारत के लिए महत्व | पाकिस्तान को बायपास करता है; स्वेज नहर मार्ग पर निर्भरता कम |
| चाबहार बंदरगाह संबंध | ईरान का चाबहार बंदरगाह एक प्रमुख नोड, भारत की सहायता से विकसित |
Question 2 of 14 क्षेत्रीय संगठन और समूह
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