UPSC CSE Prelims
गैर-संवैधानिक निकाय Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: गैर-संवैधानिक निकाय
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भारत सरकार के अधीन संगठनों के संदर्भ में, निम्नलिखित विवरणों पर विचार करें:
| Sl. No. | Organisation | Function | Controlling Union Ministry |
|---|---|---|---|
| 1. | Central Economic Intelligence Bureau (CEIB) | विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करना | गृह मंत्रालय |
| 2. | Serious Fraud Investigation Office (SFIO) | जटिल कॉर्पोरेट धोखाधड़ी की जांच करना | वित्त मंत्रालय |
| 3. | Central Bureau of Investigation (CBI) | सार्वजनिक जीवन में मूल्यों को संरक्षित करना और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था का स्वास्थ्य सुनिश्चित करना | कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय |
उपरोक्त पंक्तियों में से कितनी पंक्तियों में दिए गए विवरण सही ढंग से मेल खाते हैं?
Detailed Explanation:
Row 1 — Incorrect. CEIB functions under Ministry of Finance (Department of Revenue) — NOT Ministry of Home Affairs. It is the nodal agency for economic intelligence coordination.
Row 2 — Incorrect. SFIO functions under Ministry of Corporate Affairs — NOT Ministry of Finance. It investigates serious and complex corporate frauds (white-collar crimes).
Row 3 — Correct. CBI — mandate to preserve values in public life and ensure health of national economy — correctly placed under Ministry of Personnel, Public Grievances पंक्ति 1 — गलत। CEIB — वित्त मंत्रालय (राजस्व विभाग) के अंतर्गत — गृह मंत्रालय नहीं।
पंक्ति 2 — गलत। SFIO — कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अंतर्गत — वित्त मंत्रालय नहीं।
पंक्ति 3 — सही। CBI — सार्वजनिक जीवन में मूल्यों की रक्षा और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था की स्वास्थ्यता सुनिश्चित करना — कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय (DoPT) ✅
लोकपाल के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. लोकपाल की शक्तियाँ भारत के लोक सेवकों पर लागू होती हैं, लेकिन भारत के बाहर तैनात भारतीय लोक सेवकों पर नहीं।
II. अध्यक्ष या सदस्य संसद का सदस्य या किसी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के विधानमंडल का सदस्य नहीं होगा, और केवल भारत के मुख्य न्यायाधीश, चाहे मौजूदा या सेवानिवृत्त हों, को इसका अध्यक्ष होना चाहिए।
III. जैसा भी मामला हो, अध्यक्ष या सदस्य के रूप में पदभार ग्रहण करने की तिथि पर अध्यक्ष या सदस्य पैंतालीस वर्ष से कम आयु का व्यक्ति नहीं होगा।
IV. लोकपाल भारत के मौजूदा प्रधान मंत्री के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच नहीं कर सकता।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के तहत लोकपाल एक राष्ट्रीय भ्रष्टाचार-निरोधक संस्था है। यह सार्वजनिक सेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के मामलों की जांच कर सकता है, और कुछ शर्तों के साथ प्रधानमंत्री भी इसके दायरे में आते हैं।
केवल कथन III सही है क्योंकि लोकपाल का अध्यक्ष या सदस्य बनने के लिए व्यक्ति की आयु कम से कम 45 वर्ष होनी चाहिए।
अन्य कथन गलत क्यों हैं:
| कथन | स्थिति | कारण |
|---|---|---|
| I | ❌ गलत | लोकपाल का अधिकार क्षेत्र विदेश में तैनात भारतीय लोक सेवकों पर भी लागू होता है। |
| II | ❌ गलत | केवल CJI ही अध्यक्ष नहीं बन सकते; पूर्व न्यायाधीश या प्रतिष्ठित व्यक्ति भी नियुक्त हो सकते हैं। |
| III | ✅ सही | अध्यक्ष या सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 45 वर्ष है। |
| IV | ❌ गलत | लोकपाल कुछ शर्तों और सुरक्षा प्रावधानों के साथ वर्तमान प्रधानमंत्री की भी जांच कर सकता है। |
📝 संक्षिप्त नोट्स: लोकपाल
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| स्थापना | लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम, 2013 |
| उद्देश्य | भ्रष्टाचार की जांच |
| न्यूनतम आयु | 45 वर्ष |
| अधिकार क्षेत्र | सार्वजनिक सेवक एवं कुछ मामलों में प्रधानमंत्री |
| अध्यक्ष | पूर्व CJI, सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश या प्रतिष्ठित व्यक्ति |
| सदस्य | न्यायिक एवं गैर-न्यायिक सदस्य |
त्वरित तथ्य:
लोकपाल में एक अध्यक्ष और अधिकतम 8 सदस्य हो सकते हैं, जिनमें कम से कम 50% सदस्य SC, ST, OBC, अल्पसंख्यक या महिलाओं में से होते हैं।
भारत सरकार के संदर्भ में निम्नलिखित जानकारी पर विचार करें:
With reference to the Government of India, consider the following information:
| संगठन | इसके कुछ कार्य | अंतर्गत काम करता है |
|---|---|---|
| Directorate of Enforcement | Enforcement of the Fugitive Economic Offenders Act, 2018 | Internal Security Division-I, Ministry of Home Affairs |
| Directorate of Revenue Intelligence | Enforces the provisions of the Customs Act, 1962 | Department of Revenue, Ministry of Finance |
| Directorate General of Systems and Data Management | Carrying out big data analytics to assist tax officers for better policy and nabbing tax evaders | Department of Revenue, Ministry of Finance |
In how many of the above rows is the information correctly matched?
उपरोक्त पंक्तियों में से कितनी पंक्तियों में जानकारी सही ढंग से मेल खाती है?
Detailed Explanation:
❌ पंक्ति 1 गलत है: प्रवर्तन निदेशालय (ED) Fugitive Economic Offenders Act, 2018 को लागू करता है, लेकिन यह गृह मंत्रालय के नहीं बल्कि वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्य करता है।
✅ पंक्ति 2 सही है: राजस्व खुफिया निदेशालय (DRI) Customs Act, 1962 के प्रावधानों को लागू करता है और वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अंतर्गत कार्य करता है।
❌ पंक्ति 3 गलत है: DGSDM का मुख्य कार्य CBIC की IT प्रणालियों का संचालन और रखरखाव है। कर चोरी पकड़ने के लिए Big Data Analytics का कार्य DGARM करता है।
अतः केवल एक पंक्ति सही मिलान है।
अन्य पंक्तियाँ गलत क्यों हैं:
| पंक्ति | कारण |
|---|---|
| पंक्ति 1 | ED गृह मंत्रालय नहीं, बल्कि वित्त मंत्रालय के अधीन है |
| पंक्ति 3 | बिग डेटा एनालिटिक्स DGARM का कार्य है, DGSDM का नहीं |
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निम्नलिखित गतिविधियों पर विचार करें:
I. कच्चे तेल का उत्पादन
II. पेट्रोलियम उत्पादों का शोधन, भंडारण और वितरण
III. पेट्रोलियम उत्पादों का विपणन और बिक्री
IV. प्राकृतिक गैस का उत्पादन
उपरोक्त में से कितनी गतिविधियाँ हमारे देश में पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड द्वारा विनियमित हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 2 (केवल दो)
Petroleum and Natural Gas Regulatory Board (PNGRB) मुख्य रूप से पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस क्षेत्र की डाउनस्ट्रीम गतिविधियों को नियंत्रित करता है। यह कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस के उत्पादन जैसी अपस्ट्रीम गतिविधियों को नियंत्रित नहीं करता।
❌ गतिविधि I: कच्चे तेल का उत्पादन – PNGRB द्वारा विनियमित नहीं
यह एक अपस्ट्रीम गतिविधि है, जिसका नियमन मंत्रालय और Directorate General of Hydrocarbons द्वारा किया जाता है।
✅ गतिविधि II: पेट्रोलियम उत्पादों का परिशोधन, भंडारण और वितरण – विनियमित
PNGRB भंडारण, परिवहन और वितरण से संबंधित गतिविधियों का नियमन करता है।
✅ गतिविधि III: पेट्रोलियम उत्पादों का विपणन और बिक्री – विनियमित
PNGRB विपणन के लिए संस्थाओं को अनुमति देता है और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देता है।
❌ गतिविधि IV: प्राकृतिक गैस का उत्पादन – PNGRB द्वारा विनियमित नहीं
यह भी एक अपस्ट्रीम गतिविधि है और PNGRB के अधिकार क्षेत्र से बाहर है।
अतः केवल II और III गतिविधियां PNGRB द्वारा विनियमित होती हैं।
संक्षिप्त नोट्स: पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB)
-
PNGRB की स्थापना PNGRB Act, 2006 के तहत हुई।
-
यह पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस के डाउनस्ट्रीम क्षेत्र का नियमन करता है।
-
इसका उद्देश्य निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करना है।
-
यह पाइपलाइन, सिटी गैस वितरण, भंडारण और परिवहन को नियंत्रित करता है।
-
यह अन्वेषण (Exploration) और उत्पादन (Production) को नियंत्रित नहीं करता।
-
अपस्ट्रीम गतिविधियों की देखरेख DGH और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय करते हैं।
-
यह उपभोक्ता हितों की रक्षा और ऊर्जा अवसंरचना में निवेश को बढ़ावा देता है।
भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित जोड़ियों पर विचार करें:
| Organization | Union Ministry |
|---|---|
| I. The National Automotive Board | Ministry of Commerce and Industry |
| II. The Coir Board | Ministry of Heavy Industries |
| III. The National Centre for Trade Information | Ministry of Micro, Small and Medium Enterprises |
उपरोक्त जोड़े में से कितने जोड़े सही ढंग से सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
यह प्रश्न विभिन्न संगठनों और उनके संबंधित मंत्रालयों के बारे में है। तीनों जोड़े गलत मिलान किए गए हैं।
❌ युग्म I गलत है: National Automotive Board भारी उद्योग मंत्रालय (Ministry of Heavy Industries) के अंतर्गत कार्य करता है, न कि वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत।
❌ युग्म II गलत है: Coir Board सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME Ministry) के अंतर्गत कार्य करता है, न कि भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत।
❌ युग्म III गलत है: National Centre for Trade Information वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से संबद्ध है, न कि MSME मंत्रालय से।
संक्षिप्त नोट्स: महत्वपूर्ण बोर्ड एवं संगठन
-
National Automotive Board (NAB), भारी उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
-
NAB भारत की ऑटोमोबाइल नीतियों के क्रियान्वयन में सहायता करता है।
-
Coir Board की स्थापना 1953 के Coir Industry Act के तहत हुई थी।
-
Coir Board, MSME मंत्रालय के अधीन कार्य करता है।
-
National Centre for Trade Information (NCTI), वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय से संबद्ध है।
-
NCTI व्यापार एवं निर्यात संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में सहायता करता है।
उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) की स्थापना उत्तर पूर्वी परिषद अधिनियम, 1971 द्वारा की गई थी। 2002 में एनईसी अधिनियम में संशोधन के बाद, परिषद में निम्नलिखित में से कौन से सदस्य शामिल हैं?
- संविधान राज्य के राज्यपाल
- घटक राज्य के मुख्यमंत्री
- तीन सदस्यों को भारत के राष्ट्रपति द्वारा नामांकित किया जाएगा
- भारत के गृह मंत्री
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ A. 1, 2 और 3 केवल
North Eastern Council (NEC) की स्थापना North Eastern Council Act, 1971 के तहत हुई थी। 2002 के संशोधन के बाद परिषद में सभी सदस्य राज्यों के राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा नामित तीन सदस्य शामिल किए गए। गृह मंत्री को इस संशोधन के तहत वैधानिक सदस्य नहीं बनाया गया था।
✅ कथन 1 सही है: सभी उत्तर-पूर्वी राज्यों के राज्यपाल NEC के सदस्य होते हैं।
✅ कथन 2 सही है: सभी सदस्य राज्यों के मुख्यमंत्री NEC के सदस्य होते हैं।
✅ कथन 3 सही है: 2002 संशोधन के बाद राष्ट्रपति द्वारा नामित तीन सदस्य परिषद में शामिल किए गए।
❌ कथन 4 गलत है: गृह मंत्री 2002 संशोधन के अनुसार परिषद के वैधानिक सदस्य नहीं हैं।
संक्षिप्त नोट्स: उत्तर पूर्वी परिषद (NEC)
-
NEC की स्थापना 1971 में हुई थी।
-
यह उत्तर-पूर्व क्षेत्र की योजना और सलाहकारी संस्था है।
-
NEC में 8 उत्तर-पूर्वी राज्य शामिल हैं।
-
2002 संशोधन ने परिषद की भूमिका को और मजबूत किया।
-
परिषद में राज्यपाल, मुख्यमंत्री और राष्ट्रपति द्वारा नामित 3 सदस्य होते हैं।
-
NEC, विकास मंत्रालय (DoNER Ministry) के अंतर्गत कार्य करती है।
-
इसका मुख्य उद्देश्य संपर्क, आधारभूत संरचना, शिक्षा, स्वास्थ्य और क्षेत्रीय विकास को बढ़ावा देना है।
भारत में निम्नलिखित संगठनों/निकायों पर विचार कीजिए:
- पिछड़ा वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग
- राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग
- राष्ट्रीय विधि आयोग
- राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग
उपर्युक्त में से कितने संवैधानिक निकाय हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल एक
उल्लिखित चार निकायों में से केवल पिछड़ा वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग (NCBC) एक संवैधानिक निकाय है, जिसे 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 के माध्यम से संवैधानिक दर्जा प्रदान किया गया था, जिसने संविधान में अनुच्छेद 338B को सम्मिलित किया। शेष तीन निकाय—NHRC, राष्ट्रीय विधि आयोग और NCDRC—या तो सांविधिक या कार्यकारी निकाय हैं।
✅ पिछड़ा वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग (NCBC) – संवैधानिक निकाय: 102वें संविधान संशोधन अधिनियम, 2018 द्वारा अनुच्छेद 338B के तहत स्थापित।
❌ राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) – संवैधानिक नहीं: यह मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 के तहत निर्मित एक सांविधिक निकाय है।
❌ राष्ट्रीय विधि आयोग – संवैधानिक नहीं: यह भारत सरकार के कार्यकारी आदेश द्वारा गठित एक कार्यकारी निकाय है, न कि विधि या संवैधानिक प्रावधान द्वारा।
❌ राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (NCDRC) – संवैधानिक नहीं: यह उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 के तहत स्थापित एक सांविधिक निकाय है (अब उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 द्वारा शासित)।
📝 संक्षिप्त नोट्स: संवैधानिक बनाम सांविधिक बनाम कार्यकारी निकाय
| निकाय/आयोग | स्थिति | कानूनी आधार | प्रमुख प्रावधान |
|---|---|---|---|
| अनुसूचित जातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग | संवैधानिक | अनुच्छेद 338 | अनुसूचित जातियों के लिए सुरक्षा उपाय |
| अनुसूचित जनजातियों के लिए राष्ट्रीय आयोग | संवैधानिक | अनुच्छेद 338A | अनुसूचित जनजातियों के लिए सुरक्षा उपाय |
| पिछड़ा वर्ग के लिए राष्ट्रीय आयोग | संवैधानिक | अनुच्छेद 338B | 102वां संशोधन अधिनियम, 2018 |
| राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग | सांविधिक | मानवाधिकार संरक्षण अधिनियम, 1993 | मानवाधिकार संरक्षण |
| राष्ट्रीय विधि आयोग | कार्यकारी | सरकारी कार्यकारी आदेश | विधि सुधार और सिफारिशें |
| राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग | सांविधिक | उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 | उपभोक्ता शिकायत निवारण |
| वित्त आयोग | संवैधानिक | अनुच्छेद 280 | केंद्र और राज्यों के बीच राजस्व वितरण |
| चुनाव आयोग | संवैधानिक | अनुच्छेद 324 | स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव का संचालन |
भारत में "चाय बोर्ड" के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- चाय बोर्ड एक सांविधिक निकाय है।
- यह कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय से संबद्ध एक नियामक निकाय है।
- चाय बोर्ड का मुख्यालय बेंगलुरु में स्थित है।
- बोर्ड के दुबई और मॉस्को में विदेशी कार्यालय हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 1 और 4
यह प्रश्न भारतीय चाय बोर्ड की संवैधानिक स्थिति, प्रशासनिक नियंत्रण और संगठनात्मक संरचना के ज्ञान का परीक्षण करता है। कथन 1 और 4 सही हैं, जबकि कथन 2 और 3 में इसके मंत्रालय संबद्धता और मुख्यालय स्थान के संबंध में तथ्यात्मक त्रुटियाँ हैं।
✅ कथन 1 – सही: भारतीय चाय बोर्ड चाय अधिनियम, 1953 के तहत स्थापित एक सांविधिक निकाय है जो चाय उद्योग को नियंत्रित करता है और चाय निर्यात को बढ़ावा देता है।
❌ कथन 2 – गलत: चाय बोर्ड वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन कार्य करता है, न कि कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय के अधीन।
❌ कथन 3 – गलत: चाय बोर्ड का मुख्यालय पश्चिम बंगाल के कोलकाता में स्थित है, न कि बेंगलुरु में।
✅ कथन 4 – सही: चाय बोर्ड भारतीय चाय को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देने के लिए दुबई, मॉस्को, हैम्बर्ग, लंदन और न्यूयॉर्क में विदेशी कार्यालय बनाए रखता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारतीय चाय बोर्ड
- स्थापना: चाय अधिनियम, 1953 के तहत गठित सांविधिक निकाय
- प्रशासनिक नियंत्रण: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार
- मुख्यालय: कोलकाता, पश्चिम बंगाल
- क्षेत्रीय कार्यालय: भारत के प्रमुख चाय उत्पादक क्षेत्रों में सात क्षेत्रीय कार्यालय
- विदेशी कार्यालय: दुबई, मॉस्को, हैम्बर्ग, लंदन और न्यूयॉर्क
- मुख्य कार्य: चाय की खेती, प्रसंस्करण, व्यापार का नियमन; चाय निर्यात को बढ़ावा; गुणवत्ता नियंत्रण; अनुसंधान और विकास; चाय श्रमिकों का कल्याण
- संरचना: अध्यक्ष और सदस्य जो चाय उत्पादकों, निर्माताओं, व्यापारियों, उपभोक्ताओं और सरकार का प्रतिनिधित्व करते हैं
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए
- खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 ने खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 को प्रतिस्थापित किया।
- भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय में महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभार में है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1
खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 ने खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 सहित कई खाद्य-संबंधित कानूनों को समेकित किया और भारत में खाद्य सुरक्षा के लिए एक एकीकृत नियामक ढांचा तैयार किया। हालांकि, FSSAI स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त सांविधिक निकाय के रूप में अपने स्वयं के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ कार्य करता है, न कि महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवाओं के अधीन।
✅ कथन 1 – सही: खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 ने खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम, 1954 को प्रतिस्थापित किया और FSSAI को खाद्य सुरक्षा के लिए नोडल नियामक निकाय के रूप में स्थापित किया।
❌ कथन 2 – गलत: FSSAI अपने स्वयं के अध्यक्ष और मुख्य कार्यकारी अधिकारी के साथ एक स्वायत्त सांविधिक प्राधिकरण है, महानिदेशक, स्वास्थ्य सेवाओं के प्रभार में नहीं है, हालांकि यह स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के प्रशासनिक अधिकार क्षेत्र के तहत कार्य करता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत में खाद्य सुरक्षा नियामक ढांचा
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम | 2006 में अधिनियमित; 2011 से परिचालित |
| प्रतिस्थापित अधिनियम | खाद्य अपमिश्रण निवारण अधिनियम (1954), फल उत्पाद आदेश (1955), मांस खाद्य उत्पाद आदेश (1973), वनस्पति तेल उत्पाद आदेश (1947), खाद्य तेल पैकेजिंग आदेश (1988), सॉल्वेंट एक्सट्रैक्टेड ऑयल आदेश (1967), दूध और दुग्ध उत्पाद आदेश (1992) |
| FSSAI की स्थिति | स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन स्वायत्त सांविधिक निकाय |
| नेतृत्व | अध्यक्ष (अंशकालिक) और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (पूर्णकालिक) |
| मुख्य कार्य | खाद्य व्यवसायों का लाइसेंसिंग और पंजीकरण, निगरानी और सर्विलांस, खाद्य सुरक्षा मानक निर्धारित करना, उपभोक्ता जागरूकता |
भारत सरकार ने NITI आयोग की स्थापना किसके स्थान पर की है?
Detailed Explanation:
NITI आयोग की स्थापना 1 जनवरी 2015 को योजना आयोग (1950 में स्थापित) के स्थान पर की गई।
यह बदलाव केंद्रीकृत योजना मॉडल से सहकारी संघवाद की ओर बढ़ने के लिए किया गया, जिससे नीति-निर्माण अधिक चुस्त, उत्तरदायी और भारत के आर्थिक सुधारों के अनुकूल बन सके।
निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन करते हैं?
- प्रधानमंत्री
- अध्यक्ष, वित्त आयोग
- केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री
- राज्यों के मुख्यमंत्री
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: प्रधानमंत्री, राष्ट्रीय विकास परिषद के अध्यक्ष और मुख्य सदस्य हैं।
❌ कथन 2 – गलत: अध्यक्ष, वित्त आयोग राष्ट्रीय विकास परिषद के सदस्य नहीं हैं; वित्त आयोग एक अलग संवैधानिक निकाय है।
✅ कथन 3 – सही: केंद्रीय मंत्रिमंडल के मंत्री राष्ट्रीय विकास परिषद के सदस्य हैं।
✅ कथन 4 – सही: सभी राज्यों के मुख्यमंत्री (और पूर्व में विधानमंडल वाले केंद्र शासित प्रदेश) राष्ट्रीय विकास परिषद के सदस्य हैं।
इसलिए, केवल 1, 3 और 4 राष्ट्रीय विकास परिषद का गठन करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन सी संस्था/संस्थाएं संविधान में उल्लिखित नहीं है/हैं?
- राष्ट्रीय विकास परिषद
- योजना आयोग
- क्षेत्रीय परिषदें
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) की स्थापना अगस्त 1952 में एक कार्यकारी संकल्प द्वारा की गई थी और यह संविधान में उल्लिखित नहीं है।
✅ कथन 2 – सही: योजना आयोग की स्थापना मार्च 1950 में कार्यकारी संकल्प द्वारा की गई थी; यह एक गैर-संवैधानिक, गैर-सांविधिक निकाय था (2015 में नीति आयोग द्वारा प्रतिस्थापित)।
✅ कथन 3 – सही: क्षेत्रीय परिषदें राज्य पुनर्गठन अधिनियम, 1956 के तहत बनाई गई सांविधिक संस्थाएं हैं और संविधान में उल्लिखित नहीं हैं।