आरटीजीएस और एनईएफटी के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. आरटीजीएस में, निपटान का समय तत्काल होता है जबकि एनईएफटी के मामले में, भुगतान का निपटान करने में कुछ समय लगता है।
II. आरटीजीएस में, ग्राहक से आवक लेनदेन के लिए शुल्क लिया जाता है जबकि एनईएफटी के मामले में ऐसा नहीं है।
III. आरटीजीएस के लिए परिचालन घंटे कुछ निश्चित दिनों में प्रतिबंधित हैं जबकि एनईएफटी के लिए यह सच नहीं है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 1 (केवल I)
RTGS (Real Time Gross Settlement) और NEFT (National Electronic Funds Transfer) भारत में इलेक्ट्रॉनिक धन हस्तांतरण की प्रमुख प्रणालियाँ हैं, जिन्हें Reserve Bank of India संचालित करता है। दोनों के बीच मुख्य अंतर भुगतान निपटान (Settlement) की गति और प्रक्रिया में है।
✅ कथन I सही है: RTGS में लेन-देन रियल टाइम और व्यक्तिगत रूप से निपटाए जाते हैं, इसलिए भुगतान लगभग तुरंत हो जाता है। NEFT में लेन-देन बैचों में निपटाए जाते हैं, इसलिए कुछ समय लग सकता है।
❌ कथन II गलत है: RBI के नियमों के अनुसार RTGS और NEFT दोनों में धन प्राप्त करने (Inward Transaction) पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
❌ कथन III गलत है: वर्तमान में RTGS और NEFT दोनों 24×7×365 उपलब्ध हैं, जिसमें छुट्टियाँ और सप्ताहांत भी शामिल हैं। इसलिए RTGS के लिए अलग से सीमित कार्य समय नहीं है।
संक्षिप्त नोट्स: RTGS और NEFT
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RTGS का पूरा नाम Real Time Gross Settlement है।
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NEFT का पूरा नाम National Electronic Funds Transfer है।
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RTGS में भुगतान तुरंत और व्यक्तिगत रूप से निपटाया जाता है।
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NEFT में भुगतान बैच आधारित प्रणाली से निपटाया जाता है।
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दोनों प्रणालियाँ RBI द्वारा संचालित हैं।
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RTGS और NEFT दोनों 24×7×365 उपलब्ध हैं।
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दोनों में Inward Transactions पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
Question 5 of 13 डिजिटल बैंकिंग एवं भुगतान प्रणाली
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