UPSC Prelims 2025 Question Paper
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निम्नलिखित जोड़ियों पर विचार करें:
भारत के संविधान में प्रावधान - के अंतर्गत बताया गया है
I. राज्य की सार्वजनिक सेवाओं में न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करना: राज्य के नीति निर्देशक सिद्धांत
II. हमारी समग्र संस्कृति की समृद्ध विरासत को महत्व देना और उसका संरक्षण करना: मौलिक कर्तव्य
III. कारखानों में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के रोजगार पर प्रतिबंध: मौलिक अधिकार
उपरोक्त जोड़े में से कितने जोड़े सही ढंग से सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
तीनों जोड़े सही मिलाए गए हैं।
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अनुच्छेद 50 (DPSP) न्यायपालिका को कार्यपालिका से अलग करने की बात करता है।
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अनुच्छेद 51A(f) (मौलिक कर्तव्य) नागरिकों को भारत की मिश्रित सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखने का दायित्व देता है।
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अनुच्छेद 24 (मौलिक अधिकार) 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कारखानों, खानों और खतरनाक कार्यों में रोजगार देने पर रोक लगाता है।
भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित पर विचार करें:
I. अंतरराज्यीय परिषद
II. राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद
III. आंचलिक परिषदें
उपरोक्त में से कितने भारत के संविधान के प्रावधानों के अनुसार स्थापित किए गए थे?
Detailed Explanation:
दिए गए तीन निकायों में से केवल अंतर-राज्य परिषद (Inter-State Council) का उल्लेख संविधान में किया गया है।
✅ कथन I: अंतर-राज्य परिषद — सही
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इसका प्रावधान अनुच्छेद 263 में है।
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यह केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय बढ़ाने का कार्य करती है।
❌ कथन II: राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद — गलत
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इसकी स्थापना 1998 में कार्यपालिका के आदेश (Executive Order) से हुई थी।
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इसका उल्लेख संविधान में नहीं है।
❌ कथन III: क्षेत्रीय परिषदें (Zonal Councils) — गलत
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इनकी स्थापना States Reorganisation Act, 1956 के तहत हुई।
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ये वैधानिक (Statutory) निकाय हैं, संवैधानिक नहीं।
अतः केवल एक निकाय संविधान के प्रावधानों के अनुसार स्थापित किया गया है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. भारत के संविधान में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि कुछ क्षेत्रों में राज्य का राज्यपाल अपने विवेक से कार्य करता है।
II. भारत के राष्ट्रपति किसी राज्य विधानमंडल द्वारा पारित किसी विधेयक को संबंधित राज्य के राज्यपाल द्वारा अग्रेषित किए बिना अपने विचार के लिए आरक्षित कर सकते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन I सही है
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संविधान में कुछ ऐसे मामले बताए गए हैं जहाँ राज्यपाल अपने विवेक (Discretion) से कार्य कर सकता है।
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अनुच्छेद 163(2) के अनुसार विवेकाधीन मामलों में राज्यपाल का निर्णय अंतिम माना जाता है।
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उदाहरण: कुछ विधेयकों को राष्ट्रपति के विचार हेतु सुरक्षित रखना, त्रिशंकु विधानसभा की स्थिति आदि।
❌ कथन II गलत है
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राष्ट्रपति किसी राज्य विधेयक को स्वयं (suo motu) अपने विचार के लिए सुरक्षित नहीं रख सकते।
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अनुच्छेद 200 के तहत केवल राज्यपाल ही किसी विधेयक को राष्ट्रपति के लिए आरक्षित कर सकता है।
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इसलिए राष्ट्रपति की भूमिका तभी शुरू होती है जब राज्यपाल विधेयक भेजे।
अतः केवल कथन I सही है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: राज्यपाल की विवेकाधीन शक्तियाँ
| प्रावधान | विवरण |
|---|---|
| अनुच्छेद 163 | विवेकाधीन शक्तियाँ |
| अनुच्छेद 200 | राष्ट्रपति के लिए विधेयक आरक्षित करना |
| त्रिशंकु विधानसभा | मुख्यमंत्री नियुक्ति में विवेक |
| राष्ट्रपति की भूमिका | राज्यपाल द्वारा भेजे गए विधेयक पर विचार |
त्वरित तथ्य:
राज्यपाल की कुछ शक्तियाँ विवेकाधीन (Discretionary) होती हैं, जबकि अधिकांश मामलों में वह मंत्रिपरिषद की सलाह पर कार्य करता है।
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भारतीय राजनीति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
मैं. एक अध्यादेश किसी भी केंद्रीय अधिनियम में संशोधन कर सकता है।
द्वितीय. एक अध्यादेश मौलिक अधिकार को कम कर सकता है।
III. कोई अध्यादेश पिछली तारीख से लागू हो सकता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
✅ कथन I सही है: अध्यादेश (Ordinance) को संसद के कानून के समान शक्ति प्राप्त होती है। इसलिए यह किसी भी केंद्रीय अधिनियम में संशोधन कर सकता है।
❌ कथन II गलत है: अध्यादेश मौलिक अधिकारों को कम या समाप्त नहीं कर सकता। अनुच्छेद 13(2) इसके विरुद्ध है।
✅ कथन III सही है: अध्यादेश को पूर्व प्रभाव (Retrospective Effect) दिया जा सकता है, अर्थात यह पिछली तिथि से लागू किया जा सकता है।
इसलिए केवल कथन I और III सही हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: अध्यादेश (Ordinance)
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| संवैधानिक प्रावधान | अनुच्छेद 123 (राष्ट्रपति), अनुच्छेद 213 (राज्यपाल) |
| कब जारी होता है | जब विधायिका सत्र में न हो |
| शक्ति | संसद/विधानमंडल के कानून के समान |
| स्वीकृति | सदन के पुनः मिलने के 6 सप्ताह के भीतर |
| सीमा | मौलिक अधिकारों का उल्लंघन नहीं कर सकता |
| पूर्व प्रभाव | संभव है |
त्वरित तथ्य:
अध्यादेश बनाने की शक्ति विधायी शक्ति है, लेकिन यह न्यायिक समीक्षा के अधीन रहती है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
भारत के संविधान के संदर्भ में, यदि किसी राज्य में किसी क्षेत्र को पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्र घोषित किया गया है,
I. राज्य सरकार ऐसे क्षेत्रों में अपनी कार्यकारी शक्ति खो देती है और एक स्थानीय निकाय संपूर्ण प्रशासन अपने हाथ में ले लेता है।
II. केंद्र सरकार राज्यपाल की सिफ़ारिशों पर कुछ परिस्थितियों में ऐसे क्षेत्रों का संपूर्ण प्रशासन अपने हाथ में ले सकती है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
❌ कथन I गलत है: किसी क्षेत्र को पाँचवीं अनुसूची (Fifth Schedule) के अंतर्गत अनुसूचित क्षेत्र घोषित करने से राज्य सरकार की कार्यपालिका शक्ति समाप्त नहीं होती। प्रशासन राज्य सरकार के पास ही रहता है।
❌ कथन II गलत है: पाँचवीं अनुसूची में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है कि केंद्र सरकार राज्यपाल की सिफारिश पर अनुसूचित क्षेत्र का पूरा प्रशासन अपने हाथ में ले ले। केंद्र केवल राज्य को आवश्यक निर्देश दे सकता है।
इसलिए दोनों कथन गलत हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: पाँचवीं अनुसूची
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| लागू क्षेत्र | अनुसूचित क्षेत्र (पूर्वोत्तर की छठी अनुसूची वाले क्षेत्रों को छोड़कर) |
| उद्देश्य | जनजातीय हितों की सुरक्षा |
| राज्यपाल की भूमिका | शांति एवं सुशासन हेतु नियम बना सकते हैं |
| जनजातीय सलाहकार परिषद (TAC) | जनजातीय कल्याण पर सलाह देती है |
| केंद्र की भूमिका | राज्यों को निर्देश दे सकता है |
| प्रशासन | राज्य सरकार के अधीन रहता है |
त्वरित तथ्य:
पाँचवीं अनुसूची अनुसूचित क्षेत्रों से संबंधित है, जबकि छठी अनुसूची पूर्वोत्तर भारत के कुछ जनजातीय क्षेत्रों को स्वायत्त परिषदों की व्यवस्था देती है।
भारत के संविधान के अंतर्गत निम्नलिखित विषयों पर विचार करें:
I. सूची I-संघ सूची, सातवीं अनुसूची में
II. किसी राज्य की कार्यकारी शक्ति का विस्तार
III. राज्यपाल कार्यालय की स्थितियाँ
उपरोक्त में से किससे संबंधित संवैधानिक संशोधन के लिए, विधेयक को भारत के राष्ट्रपति की सहमति के लिए प्रस्तुत करने से पहले कम से कम आधे राज्यों की विधानमंडलों द्वारा अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है?
Detailed Explanation:
✅ कथन I सही है: सातवीं अनुसूची की संघ सूची (Union List) में बदलाव केंद्र और राज्यों के बीच विधायी शक्तियों के बंटवारे को प्रभावित करता है। इसलिए ऐसे संशोधन के लिए कम-से-कम आधे राज्यों की स्वीकृति आवश्यक होती है।
✅ कथन II सही है: राज्य की कार्यपालिका शक्ति की सीमा में परिवर्तन भी संघीय ढांचे को प्रभावित करता है, इसलिए इसके लिए भी राज्यों की पुष्टि आवश्यक होती है।
❌ कथन III गलत है: राज्यपाल के पद की शर्तों में संशोधन के लिए राज्यों की पुष्टि आवश्यक नहीं होती। संसद विशेष बहुमत से इसे संशोधित कर सकती है।
इसलिए केवल I और II सही हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: राज्य अनुमोदन वाले संवैधानिक संशोधन
| प्रावधान | राज्य अनुमोदन |
|---|---|
| राष्ट्रपति का निर्वाचन | ✅ आवश्यक |
| संघ और राज्यों की कार्यपालिका शक्ति | ✅ आवश्यक |
| सर्वोच्च न्यायालय एवं उच्च न्यायालय | ✅ आवश्यक |
| सातवीं अनुसूची | ✅ आवश्यक |
| संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व | ✅ आवश्यक |
| अनुच्छेद 368 | ✅ आवश्यक |
| राज्यपाल के पद की शर्तें | ❌ आवश्यक नहीं |
त्वरित तथ्य:
अनुच्छेद 368 के अनुसार संघीय ढांचे से जुड़े संशोधनों के लिए कम-से-कम आधे राज्यों की स्वीकृति आवश्यक होती है।
भारतीय राजनीति के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. किसी राज्य का राज्यपाल अपने कार्यालय की शक्तियों और कर्तव्यों के प्रयोग और प्रदर्शन के लिए किसी भी अदालत के प्रति जवाबदेह नहीं है।
II. राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान उनके खिलाफ कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जाएगी या जारी नहीं रखी जाएगी।
III. राज्य विधानमंडल के सदस्य सदन के भीतर कही गई किसी भी बात के संबंध में किसी भी अदालत में किसी भी कार्यवाही के लिए उत्तरदायी नहीं हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
✅ कथन I सही है: अनुच्छेद 361(1) के अनुसार राज्यपाल अपने पद के अधिकारों और कर्तव्यों के निर्वहन के लिए किसी न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं होता।
✅ कथन II सही है: अनुच्छेद 361(2) के अनुसार राज्यपाल के कार्यकाल के दौरान उसके विरुद्ध कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू या जारी नहीं की जा सकती।
✅ कथन III सही है: अनुच्छेद 194(2) राज्य विधानमंडल के सदस्यों को सदन के भीतर कही गई बातों या दिए गए मत के संबंध में न्यायालयी कार्यवाही से संरक्षण देता है।
अतः तीनों कथन सही हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: संवैधानिक प्रतिरक्षा एवं विशेषाधिकार
| प्रावधान | विवरण |
|---|---|
| अनुच्छेद 361(1) | राष्ट्रपति/राज्यपाल आधिकारिक कार्यों के लिए न्यायालय के प्रति उत्तरदायी नहीं |
| अनुच्छेद 361(2) | कार्यकाल में आपराधिक कार्यवाही नहीं |
| अनुच्छेद 361(3) | कार्यकाल में गिरफ्तारी या कारावास नहीं |
| अनुच्छेद 194(2) | राज्य विधायकों को भाषण एवं मतदान पर विशेषाधिकार |
| अनुच्छेद 105(2) | सांसदों के लिए समान विशेषाधिकार |
त्वरित तथ्य:
अनुच्छेद 361 के तहत मिलने वाली सुरक्षा स्थायी नहीं होती। पद छोड़ने के बाद आपराधिक कार्यवाही की जा सकती है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चलता है कि पृथ्वी के घूर्णन और धुरी में बदलाव हो रहा है।
कथन II: सौर ज्वालाओं और संबंधित कोरोनल द्रव्यमान उत्सर्जन ने पृथ्वी के सबसे बाहरी वायुमंडल पर भारी मात्रा में ऊर्जा की बमबारी की।
कथन III: जैसे ही पृथ्वी की ध्रुवीय बर्फ पिघलती है, पानी भूमध्य रेखा की ओर बढ़ने लगता है।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
वैज्ञानिक अध्ययनों से पता चला है कि पृथ्वी की घूर्णन धुरी (Rotation Axis) धीरे-धीरे खिसक रही है। ध्रुवीय बर्फ के पिघलने से जल का पुनर्वितरण होता है और द्रव्यमान भूमध्य रेखा की ओर बढ़ता है। इससे पृथ्वी का Moment of Inertia बदलता है, जो घूर्णन और धुरी की स्थिति को प्रभावित करता है। दूसरी ओर, सौर ज्वालाएँ ऊपरी वायुमंडल को प्रभावित करती हैं, लेकिन धुरी के खिसकने का प्रमुख कारण नहीं हैं।
✅ कथन I सही है: उपग्रह आँकड़ों से पृथ्वी की घूर्णन धुरी में बदलाव और घूर्णन गति में हल्का परिवर्तन पाया गया है।
✅ कथन II सही है: सौर ज्वालाएँ और CME पृथ्वी के ऊपरी वायुमंडल तथा चुंबकमंडल में बड़ी मात्रा में ऊर्जा पहुँचाते हैं।
✅ कथन III सही है: ध्रुवीय बर्फ पिघलने पर जल का पुनर्वितरण भूमध्य रेखा की ओर अधिक होता है।
❌ कथन II, कथन I की व्याख्या नहीं करता: सौर गतिविधियाँ धुरी की दिशा में महत्वपूर्ण परिवर्तन नहीं करतीं।
✅ कथन III, कथन I की व्याख्या करता है: ध्रुवों से भूमध्य रेखा की ओर द्रव्यमान का स्थानांतरण पृथ्वी के Moment of Inertia को बदलता है, जिससे धुरी में बदलाव आता है।
अवधारणा नोट:
Moment of Inertia (जड़त्व आघूर्ण) किसी घूर्णनशील वस्तु की घूर्णन परिवर्तन का विरोध करने की क्षमता है। जब द्रव्यमान धुरी से दूर (भूमध्य रेखा की ओर) जाता है, तो इसका मान बढ़ जाता है और घूर्णन में परिवर्तन आता है।
निम्नलिखित में से कौन महाद्वीपीय बहाव की घटना का प्रमाण है?
मैं. ब्राज़ील तट की प्राचीन चट्टानों की बेल्ट पश्चिमी अफ़्रीका की चट्टानों से मेल खाती है।
द्वितीय. घाना के सोने के भंडार ब्राजील के पठार से प्राप्त हुए हैं, जब दोनों महाद्वीप एक-दूसरे के बगल में स्थित थे।
III. भारत से तलछट की गोंडवाना प्रणाली दक्षिणी गोलार्ध के छह अलग-अलग भूभागों में अपने समकक्षों के रूप में जानी जाती है।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
तीनों कथन महाद्वीपीय प्रवाह सिद्धांत (Continental Drift Theory) के पक्ष में प्रमाण प्रस्तुत करते हैं। विभिन्न महाद्वीपों में समान चट्टानें, खनिज निक्षेप और अवसादी संरचनाएँ यह दर्शाती हैं कि ये भूभाग कभी एक साथ जुड़े हुए थे।
✅ कथन I सही है: ब्राज़ील और पश्चिमी अफ्रीका की प्राचीन चट्टानों की आयु और संरचना में समानता मिलती है, जो उनके पहले जुड़े होने का संकेत देती है।
✅ कथन II सही है: घाना में स्वर्ण के प्लेसर निक्षेप मिलते हैं, जबकि उनके मूल स्रोत ब्राज़ील में पाए जाते हैं। यह दोनों भूभागों के पूर्व संबंध का प्रमाण है।
✅ कथन III सही है: भारत की गोंडवाना अवसादी शृंखला के समान अवसाद अफ्रीका, दक्षिण अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, अंटार्कटिका, मेडागास्कर और फॉकलैंड द्वीपों में भी मिलते हैं।
रिवीजन नोट्स: Continental Drift Theory
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1912 में अल्फ्रेड वेगेनर ने यह सिद्धांत दिया।
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सभी महाद्वीप पहले पैंजिया का हिस्सा थे।
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समान चट्टानें महाद्वीपों के पूर्व जुड़ाव का प्रमाण हैं।
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समान खनिज निक्षेप भी इसका समर्थन करते हैं।
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गोंडवाना अवसाद कई दक्षिणी गोलार्ध के भूभागों में पाए जाते हैं।
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भूवैज्ञानिक प्रमाण इस सिद्धांत के सबसे मजबूत आधार हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: वायुमंडल में धूल के कणों की मात्रा भूमध्यरेखीय और ध्रुवीय क्षेत्रों की तुलना में उपोष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण क्षेत्रों में अधिक है।
कथन II: उपोष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण क्षेत्रों में कम शुष्क हवाएँ होती हैं।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
वायुमंडल में धूल कणों की मात्रा उपोष्णकटिबंधीय (Subtropical) और समशीतोष्ण (Temperate) क्षेत्रों में अधिक होती है क्योंकि वहाँ शुष्क जलवायु, रेगिस्तान, कम वनस्पति और तेज़ शुष्क हवाएँ पाई जाती हैं। इसलिए कथन I सही है। लेकिन कथन II गलत है क्योंकि इन क्षेत्रों में शुष्क हवाएँ कम नहीं बल्कि अधिक चलती हैं।
✅ कथन I सही है: उपोष्णकटिबंधीय और समशीतोष्ण क्षेत्रों में शुष्क परिस्थितियों तथा तेज़ हवाओं के कारण धूल अधिक पाई जाती है।
❌ कथन II गलत है: इन क्षेत्रों में शुष्क हवाएँ अधिक चलती हैं, जो धूल को उठाकर दूर-दूर तक ले जाती हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: जनवरी में, उत्तरी गोलार्ध में, समताप रेखाएं भूभाग को पार करते समय भूमध्य रेखा की ओर झुकती हैं, और महासागरों को पार करते समय ध्रुव की ओर झुकती हैं।
कथन II: जनवरी में, महासागरों के ऊपर की हवा उत्तरी गोलार्ध के स्थलखंडों की तुलना में अधिक गर्म होती है।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
जनवरी में (उत्तरी गोलार्ध की सर्दियों के दौरान) भूमि महासागरों की तुलना में अधिक तेजी से ठंडी हो जाती है क्योंकि भूमि की ऊष्मा धारण क्षमता कम होती है। इसलिए समान अक्षांश पर महासागर भूमि की अपेक्षा अधिक गर्म रहते हैं। यही तापांतर समताप रेखाओं (Isotherms) को मोड़ देता है।
✅ कथन I सही है: जनवरी में उत्तरी गोलार्ध में समताप रेखाएँ स्थलखंडों पर भूमध्य रेखा की ओर तथा महासागरों पर ध्रुवों की ओर मुड़ती हैं।
✅ कथन II सही है: सर्दियों में महासागरों के ऊपर की वायु, स्थलखंडों के ऊपर की वायु की तुलना में अधिक गर्म रहती है।
✅ कथन II, कथन I की व्याख्या करता है: भूमि और महासागर के बीच तापमान का अंतर ही समताप रेखाओं के मुड़ने का मुख्य कारण है।
संक्षिप्त नोट्स: Isotherms (समताप रेखाएँ)
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समताप रेखाएँ समान तापमान वाले स्थानों को जोड़ती हैं।
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जनवरी में उत्तरी गोलार्ध के महाद्वीप महासागरों की तुलना में अधिक ठंडे होते हैं।
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भूमि का विशिष्ट ऊष्मा (Specific Heat) कम होने से वह जल्दी गर्म और जल्दी ठंडी होती है।
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महासागर ऊष्मा को लंबे समय तक संचित रखते हैं।
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सर्दियों में समताप रेखाएँ स्थल पर भूमध्य रेखा की ओर तथा महासागर पर ध्रुवों की ओर मुड़ती हैं।
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जुलाई में उत्तरी गोलार्ध में यह प्रवृत्ति सामान्यतः उलट जाती है।
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यूरेशिया और उत्तरी अमेरिका में समताप रेखाओं का विचलन सबसे अधिक देखा जाता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. वायुमंडल के बिना, पृथ्वी की सतह पर हर जगह तापमान हिमांक बिंदु से काफी नीचे होगा।
II. वायुमंडल द्वारा अवशोषित और फँसी हुई ऊष्मा हमारे ग्रह के औसत तापमान को बनाए रखती है।
III. वायुमंडल की गैसें, जैसे कार्बन डाइऑक्साइड, विकिरण को अवशोषित करने और फंसाने में विशेष रूप से अच्छी हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (I, II और III)
तीनों कथन पृथ्वी के तापमान को बनाए रखने में वायुमंडल की भूमिका को सही ढंग से बताते हैं। वायुमंडल एक कंबल की तरह काम करता है, जो ऊष्मा को अवशोषित और रोककर पृथ्वी को अत्यधिक ठंडा होने से बचाता है। कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और जलवाष्प जैसी गैसें ऊष्मा को रोकने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण हैं।
✅ कथन I सही है: यदि वायुमंडल न हो, तो पृथ्वी की अधिकांश ऊष्मा अंतरिक्ष में निकल जाएगी और तापमान हिमांक से काफी नीचे चला जाएगा।
✅ कथन II सही है: वायुमंडल ऊष्मा को अवशोषित और संचित करके पृथ्वी का औसत तापमान जीवन के अनुकूल बनाए रखता है।
✅ कथन III सही है: कार्बन डाइऑक्साइड, मीथेन और जलवाष्प जैसी गैसें अवरक्त विकिरण (Infrared Radiation) को अवशोषित और रोकने में बहुत प्रभावी होती हैं।
संक्षिप्त नोट्स: Greenhouse Effect (हरितगृह प्रभाव)
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प्राकृतिक हरितगृह प्रभाव पृथ्वी को जीवन के लिए उपयुक्त तापमान प्रदान करता है।
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वायुमंडल के साथ पृथ्वी का औसत तापमान लगभग 15°C है।
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वायुमंडल के बिना औसत तापमान लगभग –18°C होता।
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CO₂, CH₄ और जलवाष्प प्रमुख हरितगृह गैसें हैं।
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ये गैसें पृथ्वी से निकलने वाले अवरक्त विकिरण को अवशोषित करती हैं।
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हरितगृह प्रभाव प्राकृतिक प्रक्रिया है, लेकिन इसकी अधिकता वैश्विक ऊष्मीकरण का कारण बनती है।
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जलवाष्प सबसे अधिक मात्रा में पाई जाने वाली प्राकृतिक हरितगृह गैस है।
निम्नलिखित जल निकायों पर विचार करें:
I. टांगानिका झील
II. टोनले सैप झील
III. पैटोस लैगून
भूमध्य रेखा इनमें से कितनों से होकर गुजरती है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 4 (None)
भूमध्य रेखा (Equator) दिए गए तीनों जल निकायों में से किसी से भी नहीं गुजरती। लेक टैंगानिका भूमध्य रेखा के काफी निकट है, लेकिन पूरी तरह इसके दक्षिण में स्थित है। टोनले सैप कंबोडिया में तथा पाटोस लैगून दक्षिणी ब्राज़ील में स्थित है।
❌ कथन I गलत है: Lake Tanganyika भूमध्य रेखा के दक्षिण में स्थित है और उससे नहीं गुजरती।
❌ कथन II गलत है: Tonlé Sap कंबोडिया में स्थित है और भूमध्य रेखा के उत्तर में है।
❌ कथन III गलत है: Patos Lagoon दक्षिणी ब्राज़ील में स्थित है और भूमध्य रेखा से बहुत दक्षिण में है।
संक्षिप्त नोट्स: विश्व की महत्वपूर्ण झीलें और लैगून
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लेक टैंगानिका विश्व की सबसे गहरी मीठे पानी की झीलों में से एक है।
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टोनले सैप दक्षिण-पूर्व एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील है।
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टोनले सैप अपनी नदी के प्रवाह की मौसमी उलटफेर के लिए प्रसिद्ध है।
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पाटोस लैगून ब्राज़ील का सबसे बड़ा लैगून है।
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भूमध्य रेखा ब्राज़ील, इक्वाडोर, कोलंबिया, केन्या, युगांडा और इंडोनेशिया से गुजरती है।
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लेक विक्टोरिया भूमध्य रेखा द्वारा विभाजित प्रमुख झीलों में से एक है।
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UPSC में मानचित्र आधारित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
कथन I: चट्टानों पर पानी के प्रभाव के संदर्भ में, चाक को बहुत पारगम्य चट्टान के रूप में जाना जाता है जबकि मिट्टी को काफी अभेद्य या कम से कम पारगम्य चट्टान के रूप में जाना जाता है।
कथन II: चाक छिद्रपूर्ण है और इसलिए पानी को अवशोषित कर सकता है।
कथन III: मिट्टी बिल्कुल भी छिद्रपूर्ण नहीं है।
उपरोक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3
चॉक (Chalk) और क्ले (Clay) में मुख्य अंतर पारगम्यता (Permeability) का होता है। चॉक में अनेक जुड़े हुए छिद्र होते हैं, जिनसे पानी आसानी से गुजर सकता है। क्ले में भी छिद्र होते हैं, लेकिन वे बहुत छोटे होते हैं और आपस में कम जुड़े होते हैं, इसलिए पानी का प्रवाह बहुत धीमा रहता है। इसलिए कथन II सही है और कथन I की व्याख्या करता है, जबकि कथन III गलत है।
✅ कथन I सही है: चॉक एक अत्यधिक पारगम्य चट्टान है, जबकि क्ले बहुत कम पारगम्य होती है।
✅ कथन II सही है: चॉक छिद्रयुक्त (Porous) होती है और पानी को अवशोषित तथा प्रवाहित कर सकती है।
❌ कथन III गलत है: क्ले बिल्कुल भी अछिद्रयुक्त नहीं है; इसमें छिद्र होते हैं, लेकिन वे बहुत छोटे होते हैं जिससे पानी आसानी से नहीं गुजर पाता।
संक्षिप्त नोट्स: Porosity और Permeability
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Porosity (रंध्रता) का अर्थ है चट्टान या मिट्टी में छिद्रों की मात्रा।
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Permeability (पारगम्यता) का अर्थ है पानी का उन छिद्रों से गुजरने की क्षमता।
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कोई पदार्थ छिद्रयुक्त लेकिन अपारगम्य हो सकता है।
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चॉक छिद्रयुक्त और पारगम्य दोनों होती है।
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क्ले छिद्रयुक्त होती है, लेकिन लगभग अपारगम्य होती है।
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भूजल का संचय सामान्यतः Aquifers में होता है।
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सैंडस्टोन और चॉक महत्वपूर्ण जलभृत (Aquifer) चट्टानें हैं।
निम्नलिखित देशों पर विचार करें:
I. बोलीविया
II. ब्राज़ील
III. कोलम्बिया
IV. इक्वेडोर
वी. पराग्वे
VI. वेनेज़ुएला
एंडीज पर्वत उपरोक्त में से कितने देशों से होकर गुजरता है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (केवल चार)
एंडीज पर्वतमाला विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत श्रृंखला है, जो दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी भाग में फैली हुई है। दिए गए देशों में यह बोलीविया, कोलंबिया, इक्वाडोर और वेनेज़ुएला से गुजरती है। ब्राज़ील और पैराग्वे से एंडीज नहीं गुजरती।
✅ कथन I सही है: एंडीज बोलीविया से गुजरती है और यहाँ प्रसिद्ध अल्टीप्लानो पठार स्थित है।
❌ कथन II गलत है: ब्राज़ील मुख्यतः ब्राज़ीलियाई पठार पर स्थित है, एंडीज क्षेत्र में नहीं।
✅ कथन III सही है: कोलंबिया में एंडीज तीन समानांतर पर्वत श्रृंखलाओं (Cordilleras) में विभाजित हो जाती है।
✅ कथन IV सही है: एंडीज उत्तर से दक्षिण दिशा में पूरे इक्वाडोर से गुजरती है।
❌ कथन V गलत है: पैराग्वे एंडीज के पूर्व में स्थित आंतरिक निम्नभूमि क्षेत्र में है।
✅ कथन VI सही है: वेनेज़ुएला एंडीज (Cordillera de Mérida) एंडीज पर्वतमाला का उत्तरी विस्तार है।
संक्षिप्त नोट्स: Andes Mountains
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एंडीज विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वतमाला है।
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इसकी लंबाई लगभग 7,000 किमी है।
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सबसे ऊँची चोटी Aconcagua (6,961 मीटर) है।
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एंडीज वेनेज़ुएला, कोलंबिया, इक्वाडोर, पेरू, बोलीविया, चिली और अर्जेंटीना से गुजरती है।
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अल्टीप्लानो पठार मुख्यतः बोलीविया और पेरू में स्थित है।
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इसका निर्माण नाज़्का प्लेट के दक्षिण अमेरिकी प्लेट के नीचे धँसने से हुआ है।
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यह तांबा, चाँदी और टिन जैसे खनिजों से समृद्ध है।
निम्नलिखित जोड़ियों पर विचार करें:
राज्य - विवरण
I. अरुणाचल प्रदेश: राजधानी का नाम एक किले के नाम पर रखा गया है, और राज्य में दो राष्ट्रीय उद्यान हैं।
II. नागालैंड: राज्य एक संवैधानिक संशोधन अधिनियम के आधार पर अस्तित्व में आया।
III. त्रिपुरा: प्रारंभ में एक भाग 'सी' राज्य, यह 1956 में राज्यों के पुनर्गठन के साथ एक केंद्र प्रशासित क्षेत्र बन गया और बाद में इसे पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ।
उपरोक्त जोड़े में से कितने जोड़े सही ढंग से सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (तीनों)
तीनों युग्म सही रूप से मेल खाते हैं। यह प्रश्न पूर्वोत्तर राज्यों के राजधानी, राष्ट्रीय उद्यान और राज्य गठन के इतिहास से संबंधित तथ्यों की जाँच करता है।
✅ युग्म I सही है: अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर का नाम ऐतिहासिक ईटा किले (Ita Fort) पर रखा गया है। राज्य में दो राष्ट्रीय उद्यान—नामदाफा और मौलिंग—स्थित हैं।
✅ युग्म II सही है: नागालैंड 1 दिसंबर 1963 को राज्य बना। इसका गठन State of Nagaland Act, 1962 के माध्यम से हुआ।
✅ युग्म III सही है: त्रिपुरा पहले Part 'C' State था, 1956 में केंद्र शासित प्रदेश बना और 21 जनवरी 1972 को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त किया।
संक्षिप्त नोट्स: पूर्वोत्तर राज्य – गठन एवं विशेषताएँ
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अरुणाचल प्रदेश को 1987 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
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ईटा किला ईटानगर नाम का आधार है।
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नामदाफा राष्ट्रीय उद्यान भारत के सबसे बड़े संरक्षित क्षेत्रों में से एक है।
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नागालैंड 1963 में भारत का 16वाँ राज्य बना।
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त्रिपुरा एक रियासत थी जिसने 1949 में भारत में विलय किया।
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त्रिपुरा और मणिपुर को 1972 में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला।
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पूर्वोत्तर क्षेत्र को "सेवन सिस्टर्स" के नाम से जाना जाता है।
निम्नलिखित देशों पर विचार करें:
मैं. यूनाइटेड किंगडम
द्वितीय. डेनमार्क
III. न्यूज़ीलैंड
IV. ऑस्ट्रेलिया
वी. ब्राज़ील
उपरोक्त देशों में से कितने में चार से अधिक समय क्षेत्र हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 2 (केवल चार)
यदि किसी देश के विदेशी क्षेत्रों (Overseas Territories) और बाहरी क्षेत्रों को भी शामिल किया जाए, तो यूनाइटेड किंगडम, डेनमार्क, न्यूज़ीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में चार से अधिक समय क्षेत्र (Time Zones) हैं। ब्राज़ील में केवल चार समय क्षेत्र हैं।
✅ कथन I: यूनाइटेड किंगडम – सही
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विदेशी क्षेत्रों सहित UK में कुल 9 समय क्षेत्र हैं।
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बर्मूडा, जिब्राल्टर, फॉकलैंड द्वीप आदि इसके उदाहरण हैं।
✅ कथन II: डेनमार्क – सही
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ग्रीनलैंड और फैरो द्वीप के कारण डेनमार्क में चार से अधिक समय क्षेत्र हैं।
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ग्रीनलैंड स्वयं कई समय क्षेत्रों में फैला हुआ है।
✅ कथन III: न्यूज़ीलैंड – सही
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न्यूज़ीलैंड के कुल 5 समय क्षेत्र माने जाते हैं।
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इसमें चाथम द्वीप, टोकेलाउ और रॉस डिपेंडेंसी शामिल हैं।
✅ कथन IV: ऑस्ट्रेलिया – सही
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बाहरी क्षेत्रों सहित ऑस्ट्रेलिया में 8–9 समय क्षेत्र हैं।
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क्रिसमस द्वीप, नॉरफ़ॉक द्वीप और कोकोस द्वीप इसके उदाहरण हैं।
❌ कथन V: ब्राज़ील – गलत
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ब्राज़ील में आधिकारिक रूप से 4 समय क्षेत्र हैं, चार से अधिक नहीं।
संक्षिप्त नोट्स: विश्व के समय क्षेत्र (Time Zones)
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पृथ्वी को 24 मानक समय क्षेत्रों में बाँटा गया है।
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प्रत्येक समय क्षेत्र लगभग 15° देशांतर को कवर करता है।
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बड़े देशों में सामान्यतः कई समय क्षेत्र होते हैं।
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रूस में सबसे अधिक 11 समय क्षेत्र हैं।
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विदेशी क्षेत्रों सहित फ्रांस के पास विश्व में सबसे अधिक 12 समय क्षेत्र हैं।
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विदेशी क्षेत्र किसी देश के समय क्षेत्रों की संख्या बढ़ा सकते हैं।
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भारत केवल एक समय क्षेत्र IST (UTC +5:30) का उपयोग करता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. साइबेरिया में अनादिर और अलास्का में नोम एक-दूसरे से कुछ किलोमीटर दूर हैं, लेकिन जब इन शहरों में लोग जाग रहे होंगे और नाश्ते के लिए तैयार हो रहे होंगे, तो यह अलग-अलग दिन होंगे।
II. जब अनादिर में सोमवार होता है, तो नोम में मंगलवार होता है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 1 (केवल I)
अनादिर (रूस) और नोम (अलास्का, अमेरिका) भौगोलिक रूप से एक-दूसरे के काफी निकट हैं, लेकिन इनके बीच अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा (International Date Line - IDL) स्थित है। इसलिए दोनों स्थानों पर दिन का समय लगभग समान हो सकता है, लेकिन तारीख अलग हो सकती है।
✅ कथन I सही है: अनादिर और नोम अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा के विपरीत ओर स्थित हैं, इसलिए समान समय होने पर भी तारीख अलग हो सकती है।
❌ कथन II गलत है: यदि अनादिर में सोमवार है, तो नोम में अभी भी रविवार होगा, मंगलवार नहीं। अनादिर समय के मामले में नोम से आगे है।
संक्षिप्त नोट्स: International Date Line (IDL)
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अंतरराष्ट्रीय तिथि रेखा लगभग 180° देशांतर के साथ स्थित है।
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IDL को पश्चिम से पूर्व पार करने पर एक दिन घट जाता है।
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IDL को पूर्व से पश्चिम पार करने पर एक दिन बढ़ जाता है।
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यह रेखा सीधी नहीं है; देशों और द्वीप समूहों को विभाजित होने से बचाने के लिए इसमें मोड़ हैं।
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रूस और अलास्का के बीच बेरिंग जलडमरूमध्य तथा IDL स्थित है।
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पास-पास स्थित स्थानों में भी IDL के कारण अलग-अलग तारीखें हो सकती हैं।
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वैश्विक यात्रा और समय गणना में IDL का महत्वपूर्ण उपयोग है।
निम्नलिखित जोड़ियों पर विचार करें:
क्षेत्र – देश
I. मैलोर्का: इटली
II. नॉर्मंडी: स्पेन
III. सार्डिनिया: फ़्रांस
उपरोक्त पंक्तियों में से कितनी पंक्तियों में दी गई जानकारी सही ढंग से मेल खाती है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 4 (None)
तीनों युग्म गलत तरीके से मिलाए गए हैं। यह प्रश्न यूरोप के प्रमुख क्षेत्रों और द्वीपों के सही देशों से संबंध की जाँच करता है।
❌ युग्म I गलत है: Mallorca स्पेन का हिस्सा है, इटली का नहीं। यह भूमध्य सागर में स्थित बैलेरिक द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है।
❌ युग्म II गलत है: Normandy फ्रांस का एक ऐतिहासिक एवं प्रशासनिक क्षेत्र है, स्पेन का नहीं।
❌ युग्म III गलत है: Sardinia इटली का एक द्वीप एवं स्वायत्त क्षेत्र है, फ्रांस का नहीं।
संक्षिप्त नोट्स: यूरोप के महत्वपूर्ण क्षेत्र
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मैलोर्का (Mallorca) स्पेन के बैलेरिक द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है।
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नॉरमैंडी (Normandy) फ्रांस के उत्तर-पश्चिमी भाग में स्थित है।
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नॉरमैंडी डी-डे लैंडिंग (1944) के लिए प्रसिद्ध है।
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सार्डिनिया (Sardinia) भूमध्य सागर का दूसरा सबसे बड़ा द्वीप है।
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सार्डिनिया इटली का एक स्वायत्त क्षेत्र है।
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बैलेरिक द्वीप समूह में मैलोर्का, मेनोर्का, इबीज़ा और फोर्मेंटेरा शामिल हैं।
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UPSC में यूरोप के मानचित्र आधारित प्रश्न नियमित रूप से पूछे जाते हैं।
निम्नलिखित जोड़ियों पर विचार करें:
देश - संसाधन संपन्न
I. बोत्सवाना: हीरा
II. चिली: लिथियम
III. इंडोनेशिया: निकल
उपरोक्त पंक्तियों में से कितनी पंक्तियों में दी गई जानकारी सही ढंग से मेल खाती है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 3 (तीनों)
तीनों युग्म सही रूप से मेल खाते हैं। ये देश ऐसे महत्वपूर्ण खनिज संसाधनों के लिए प्रसिद्ध हैं जिनका उपयोग आधुनिक उद्योगों, नवीकरणीय ऊर्जा और बैटरी निर्माण में व्यापक रूप से होता है।
✅ युग्म I सही है: Botswana विश्व के प्रमुख हीरा उत्पादक देशों में से एक है और इसकी अर्थव्यवस्था में हीरों का महत्वपूर्ण योगदान है।
✅ युग्म II सही है: Chile के अटाकामा मरुस्थल क्षेत्र में विशाल लिथियम भंडार हैं, जिससे यह विश्व का प्रमुख लिथियम उत्पादक देश है।
✅ युग्म III सही है: Indonesia विश्व का सबसे बड़ा निकेल उत्पादक देश है, जो बैटरियों और स्टेनलेस स्टील के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
संक्षिप्त नोट्स: विश्व के महत्वपूर्ण खनिज
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हीरा आभूषण और औद्योगिक दोनों कार्यों में उपयोगी है।
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बोत्सवाना विश्व के प्रमुख हीरा निर्यातकों में शामिल है।
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लिथियम इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बैटरियों का प्रमुख घटक है।
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चिली, अर्जेंटीना और बोलीविया का क्षेत्र लिथियम संसाधनों के लिए प्रसिद्ध है।
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निकेल बैटरी और स्टेनलेस स्टील उद्योग के लिए आवश्यक है।
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इंडोनेशिया के पास विशाल निकेल भंडार हैं।
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स्वच्छ ऊर्जा की बढ़ती मांग के कारण लिथियम और निकेल का महत्व लगातार बढ़ रहा है।
UPSC Prelims 2025 Questions Paper - Subject-wise Question Distribution
भारतीय राजव्यवस्था
18 Qs (18%)भारतीय अर्थव्यवस्था
16 Qs (16%)विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
14 Qs (14%)पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
13 Qs (13%)विश्व भूगोल
12 Qs (12%)आधुनिक इतिहास
8 Qs (8%)अंतरराष्ट्रीय संबंध
7 Qs (7%)प्राचीन इतिहास
6 Qs (6%)समसामयिकी
4 Qs (4%)मध्यकालीन इतिहास
1 Qs (1%)भारतीय कला और संस्कृति
1 Qs (1%)UPSC Prelims 2025 Question Paper - FAQs & Analysis
Q1 How many total questions were asked in UPSC Prelims 2025?
Q2 What is the subject-wise question breakdown for UPSC Prelims 2025?
- भारतीय राजव्यवस्था: 18 questions (18%)
- भारतीय अर्थव्यवस्था: 16 questions (16%)
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: 14 questions (14%)
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी: 13 questions (13%)
- विश्व भूगोल: 12 questions (12%)
- आधुनिक इतिहास: 8 questions (8%)
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: 7 questions (7%)
- प्राचीन इतिहास: 6 questions (6%)
- समसामयिकी: 4 questions (4%)
- मध्यकालीन इतिहास: 1 questions (1%)
- भारतीय कला और संस्कृति: 1 questions (1%)