UPSC Prelims 2012 Question Paper
Explore the complete solved question paper for UPSC Prelims 2012 featuring 100 solved questions with bilingual (English & Hindi) explanations, official answer key, and subject weightage breakdown.
निम्नलिखित में से कौन भारत में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) में शामिल होगा?
- भारत में कंपनियों की सहायक कंपनियाँ
- भारतीय कंपनियों में विदेशी इक्विटी की बहुसंख्यक हिस्सेदारी
- विदेशी कंपनियों द्वारा विशेष रूप से वित्तपोषित कंपनियाँ
- पोर्टफोलियो निवेश
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: विदेशी कंपनियों द्वारा भारत में स्थापित सहायक कंपनियाँ FDI का प्रतिनिधित्व करती हैं क्योंकि इनमें स्थायी रुचि और प्रबंधन नियंत्रण शामिल होता है।
✅ कथन 2 – सही: भारतीय कंपनियों में बहुसंख्यक विदेशी इक्विटी हिस्सेदारी (आमतौर पर 10% या अधिक) FDI है क्योंकि यह प्रबंधन में प्रभावी आवाज सक्षम बनाती है।
✅ कथन 3 – सही: पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियाँ (WOS) जो विदेशी संस्थाओं द्वारा विशेष रूप से वित्तपोषित होती हैं, 100% विदेशी स्वामित्व के साथ FDI का प्रत्यक्ष रूप हैं।
❌ कथन 4 – गलत: पोर्टफोलियो निवेश (FPI) में प्रबंधन नियंत्रण के बिना प्रतिभूतियों की खरीद शामिल है, जो दीर्घकालिक हित और नियंत्रण की आवश्यकता वाले FDI से अलग है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: अंतर्राष्ट्रीय बाजार में किसी भी मुद्रा की कीमत निम्नलिखित द्वारा तय की जाती है:
- विश्व बैंक
- संबंधित देश द्वारा प्रदान की जाने वाली वस्तुओं/सेवाओं की मांग
- संबंधित देश की सरकार की स्थिरता
- प्रश्नगत देश की आर्थिक क्षमता
उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: विश्व बैंक विकास परियोजनाओं के लिए ऋण प्रदान करता है; यह अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में मुद्रा मूल्य तय या निर्धारित नहीं करता। मुद्रा मूल्य बाजार शक्तियों (मांग और आपूर्ति) द्वारा निर्धारित होते हैं।
✅ कथन 2 – सही: निर्यात की उच्च मांग (वस्तुएं/सेवाएं) के लिए विदेशी खरीदारों को देश की मुद्रा खरीदनी पड़ती है, जिससे विदेशी मुद्रा बाजार में इसका मूल्य बढ़ता है। यह एक चालू खाता कारक है।
✅ कथन 3 – सही: राजनीतिक स्थिरता एफडीआई और एफपीआई (पूंजी खाता प्रवाह) को आकर्षित करती है। सरकारी अस्थिरता पूंजी पलायन का कारण बनती है, जिससे मुद्रा आपूर्ति बढ़ती है और इसकी कीमत कम होती है।
❌ कथन 4 – गलत: जबकि आर्थिक क्षमता दीर्घकालिक निवेश भावना को प्रभावित करती है, यह तत्काल व्यापार मांग और राजनीतिक स्थिरता की तुलना में दैनिक मुद्रा मूल्यों का प्रत्यक्ष निर्धारक नहीं है।
आर्थिक विकास से जुड़े जनसांख्यिकीय संक्रमण के निम्नलिखित विशिष्ट चरणों पर विचार करें:
- कम जन्म दर के साथ कम मृत्यु दर
- उच्च जन्म दर के साथ उच्च मृत्यु दर
- उच्च जन्म दर के साथ कम मृत्यु दर
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके उपर्युक्त चरणों का सही क्रम चुनें:
Detailed Explanation:
चरण 1 (उच्च जन्म दर के साथ उच्च मृत्यु दर): खराब स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और पोषण वाले पूर्व-औद्योगिक समाज; उच्च मृत्यु दर उच्च प्रजनन क्षमता को संतुलित करने के कारण जनसंख्या स्थिर रहती है।
चरण 2 (उच्च जन्म दर के साथ कम मृत्यु दर): बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और खाद्य आपूर्ति से मृत्यु दर कम होती है जबकि जन्म दर उच्च रहती है; परिणामस्वरूप तीव्र जनसंख्या वृद्धि (जनसांख्यिकीय विस्फोट) होती है।
चरण 3 (कम जन्म दर के साथ कम मृत्यु दर): बेहतर शिक्षा, शहरीकरण, गर्भनिरोधक उपलब्धता और बदलते सामाजिक मानदंडों वाली औद्योगिक अर्थव्यवस्थाएं; जन्म दर में गिरावट से जनसंख्या स्थिरीकरण होता है।
जनसांख्यिकीय संक्रमण का सही क्रम: 2 → 3 → 1
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कोयले के बड़े भंडार होने के बावजूद, भारत लाखों टन कोयला क्यों आयात करता है?
- यह भारत की नीति है कि वह अपने कोयला भंडार को भविष्य के लिए बचाए और वर्तमान उपयोग के लिए अन्य देशों से आयात करे।
- भारत में अधिकांश बिजली संयंत्र कोयला आधारित हैं और वे देश के भीतर से कोयले की पर्याप्त आपूर्ति प्राप्त करने में सक्षम नहीं हैं।
- इस्पात कंपनियों को बड़ी मात्रा में कोकिंग कोयले की आवश्यकता होती है जिसे आयात करना पड़ता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: भारत की भविष्य के उपयोग हेतु घरेलू कोयला संरक्षण की कोई नीति नहीं है; आयात आपूर्ति-मांग अंतर और गुणवत्ता बाधाओं के कारण होता है, रणनीतिक भंडारण के कारण नहीं।
✅ कथन 2 – सही: कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्रों को अपर्याप्त घरेलू उत्पादन, रसद अवरोधों (रेल परिवहन बाधाएं), और उपलब्ध एवं आवश्यक कोयला ग्रेड के बीच गुणवत्ता बेमेल के कारण कमी का सामना करना पड़ता है।
✅ कथन 3 – सही: भारत के इस्पात उद्योग को ब्लास्ट भट्टियों के लिए उच्च-ग्रेड कोकिंग कोयले (धातुकर्मीय कोयला) की आवश्यकता होती है; प्रमुख कोकिंग कोयले के घरेलू भंडार नगण्य हैं, जिससे मुख्य रूप से ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और इंडोनेशिया से आयात आवश्यक हो जाता है।
किसी देश का भुगतान संतुलन निम्न का एक व्यवस्थित रिकॉर्ड है
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: भुगतान संतुलन (BoP) एक व्यवस्थित रिकॉर्ड है जो किसी देश के निवासियों और शेष विश्व के बीच एक निश्चित अवधि, आमतौर पर एक वर्ष के दौरान सभी आर्थिक लेनदेन दर्ज करता है, जिसमें वस्तुएं, सेवाएं, पूंजी प्रवाह और हस्तांतरण शामिल हैं।
❌ कथन 2 – गलत: यह केवल व्यापार संतुलन (दृश्य व्यापार) को दर्शाता है, न कि व्यापक BoP जिसमें सेवाएं, आय और पूंजी खाते शामिल हैं।
❌ कथन 3 – गलत: BoP सभी निवासियों (व्यक्ति, फर्म, बैंक, सरकार) के लेनदेन को कवर करता है, न कि केवल सरकार-से-सरकार लेनदेन को।
❌ कथन 4 – गलत: पूंजी गतिविधियाँ केवल BoP के पूंजी खाता घटक को बनाती हैं; इसमें चालू खाता (व्यापार, सेवाएं, आय, हस्तांतरण) और त्रुटियां एवं चूक भी शामिल हैं।
निम्नलिखित में से कौन से उपाय अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति में वृद्धि का परिणाम देंगे?
- केंद्रीय बैंक द्वारा जनता से सरकारी प्रतिभूतियों की खरीद
- जनता द्वारा वाणिज्यिक बैंकों में मुद्रा की जमा
- सरकार द्वारा केंद्रीय बैंक से उधार लेना
- केंद्रीय बैंक द्वारा जनता को सरकारी प्रतिभूतियों की बिक्री
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: जब केंद्रीय बैंक जनता से सरकारी प्रतिभूतियाँ खरीदता है, तो वह नव निर्मित मुद्रा से भुगतान करता है, सीधे तरलता का इंजेक्शन लगाता है और मुद्रा आपूर्ति बढ़ाता है।
❌ कथन 2 – गलत: जब जनता वाणिज्यिक बैंकों में मुद्रा जमा करती है, तो कोई नई मुद्रा नहीं बनती; यह केवल हाथ में नकदी से बैंक जमा में स्थानांतरित होती है, कुल मुद्रा आपूर्ति अपरिवर्तित रहती है।
✅ कथन 3 – सही: जब सरकार केंद्रीय बैंक से उधार लेती है, तो केंद्रीय बैंक नई मुद्रा बनाता है (घाटे का मुद्रीकरण), सीधे अर्थव्यवस्था में मुद्रा आपूर्ति का विस्तार करता है।
❌ कथन 4 – गलत: जब केंद्रीय बैंक जनता को सरकारी प्रतिभूतियाँ बेचता है, तो वह प्रतिभूतियों के बदले प्रचलन से मुद्रा को अवशोषित करता है, जिससे मुद्रा आपूर्ति कम हो जाती है।
निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में 'पूंजीगत लाभ' (capital gains) उत्पन्न हो सकता है?
- जब किसी उत्पाद की बिक्री में वृद्धि होती है
- जब स्वामित्व वाली संपत्ति के मूल्य में प्राकृतिक वृद्धि होती है
- जब आप एक पेंटिंग खरीदते हैं और उसकी लोकप्रियता में वृद्धि के कारण उसके मूल्य में वृद्धि होती है
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: किसी उत्पाद की बिक्री में वृद्धि से राजस्व या व्यापारिक आय उत्पन्न होती है, पूंजीगत लाभ नहीं। पूंजीगत लाभ केवल पूंजीगत परिसंपत्ति (संपत्ति, शेयर, आदि) की बिक्री से उत्पन्न होता है, नियमित व्यापारिक गतिविधियों से नहीं।
✅ कथन 2 – सही: संपत्ति या भूमि के मूल्य में प्राकृतिक वृद्धि पूंजीगत लाभ उत्पन्न करती है जब परिसंपत्ति को उसकी मूल खरीद लागत से अधिक कीमत पर बेचा जाता है।
✅ कथन 3 – सही: पेंटिंग, आभूषण और अन्य चल परिसंपत्तियों को आयकर अधिनियम के तहत पूंजीगत परिसंपत्ति माना जाता है; लोकप्रियता या मांग के कारण मूल्य में वृद्धि से बिक्री पर पूंजीगत लाभ होता है।
निम्नलिखित में से किसे अनिवार्य रूप से समावेशी शासन का हिस्सा कहा जा सकता है?
- गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों को बैंकिंग करने की अनुमति देना
- सभी जिलों में प्रभावी जिला योजना समितियों की स्थापना करना
- सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च बढ़ाना
- मध्याह्न भोजन योजना को मजबूत करना
सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (NBFCs) को बैंकिंग की अनुमति देना वित्तीय क्षेत्र सुधार है जो ऋण विस्तार के लिए है, समावेशी शासन का अनिवार्य हिस्सा नहीं।
✅ कथन 2 – सही: अनुच्छेद 243ZD के तहत प्रभावी जिला योजना समितियों (DPCs) की स्थापना विकेंद्रीकृत सहभागी योजना को बढ़ावा देती है, जो समावेशी शासन का मूल स्तंभ है।
✅ कथन 3 – सही: सार्वजनिक स्वास्थ्य पर सरकारी खर्च बढ़ाना स्वास्थ्य सेवाओं की सार्वभौमिक पहुंच सुनिश्चित करता है, असमानताएं कम करता है और सामाजिक समावेश को बढ़ावा देता है।
✅ कथन 4 – सही: मध्याह्न भोजन योजना को मजबूत करना वंचित बच्चों की पोषण और शैक्षिक आवश्यकताओं को पूरा करता है, जो प्रत्यक्ष रूप से समावेशी विकास में योगदान देता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) बैंकों के बैंक के रूप में कार्य करता है। इसका तात्पर्य निम्नलिखित में से किससे होगा?
- अन्य बैंक अपनी जमाराशियाँ RBI के पास रखते हैं।
- RBI आवश्यकता के समय वाणिज्यिक बैंकों को धनराशि उधार देता है।
- RBI वाणिज्यिक बैंकों को मौद्रिक मामलों पर सलाह देता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: वाणिज्यिक बैंक अपनी जमाराशियाँ RBI के पास नकद आरक्षित अनुपात (CRR) और सांविधिक तरलता अनुपात (SLR) आवश्यकताओं के रूप में रखते हैं, जिससे RBI बैंकिंग प्रणाली के भंडार का संरक्षक बनता है।
✅ कथन 2 – सही: RBI अंतिम उपाय के ऋणदाता के रूप में कार्य करता है, वित्तीय संकट के दौरान रेपो परिचालन और सीमांत स्थायी सुविधा जैसे तंत्रों के माध्यम से वाणिज्यिक बैंकों को आपातकालीन तरलता प्रदान करता है।
✅ कथन 3 – सही: RBI वाणिज्यिक बैंकों पर पर्यवेक्षी और नियामक कार्य करता है, उन्हें मौद्रिक नीति कार्यान्वयन, ऋण प्रबंधन और विवेकपूर्ण मानदंडों पर सलाह देकर बैंकिंग प्रणाली की स्थिरता बनाए रखता है।
विनिर्माण क्षेत्र के विकास को बढ़ावा देने के लिए भारत सरकार की हाल की नीतिगत पहल/पहलें क्या है/हैं?
- राष्ट्रीय निवेश और विनिर्माण क्षेत्रों की स्थापना
- 'सिंगल विंडो क्लीयरेंस' का लाभ प्रदान करना
- प्रौद्योगिकी अधिग्रहण और विकास कोष की स्थापना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: राष्ट्रीय निवेश और विनिर्माण क्षेत्र (NIMZs) की घोषणा राष्ट्रीय विनिर्माण नीति 2011 में निवेश और विनिर्माण को बढ़ावा देने के लिए विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ एकीकृत औद्योगिक टाउनशिप बनाने हेतु की गई थी।
✅ कथन 2 – सही: सिंगल विंडो क्लीयरेंस तंत्र को eBiz पोर्टल और औद्योगिक विकास पोर्टल जैसे मंचों के माध्यम से समयबद्ध स्वीकृति प्रदान करने और व्यवसायों पर अनुपालन बोझ कम करने के लिए लागू किया गया है।
✅ कथन 3 – सही: प्रौद्योगिकी अधिग्रहण और विकास कोष (TADF) की स्थापना विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के तहत भारतीय उद्योग द्वारा स्वच्छ, हरित और ऊर्जा-दक्ष प्रौद्योगिकियों के अधिग्रहण और विकास की सुविधा के लिए की गई थी।
भारत में, औद्योगिक उत्पादन के समग्र सूचकांक में, आठ मुख्य उद्योगों के सूचकांकों का संयुक्त भार 37.90% है। निम्नलिखित में से कौन सा उन आठ मुख्य उद्योगों में शामिल है?
- सीमेंट
- उर्वरक
- प्राकृतिक गैस
- रिफाइनरी उत्पाद
- वस्त्र
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
आठ मुख्य उद्योग (ICI) जिनका IIP में 37.90% भार है: कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट, और बिजली।
विकल्प 1, 2, 3, और 4 (सीमेंट, उर्वरक, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद) सभी आठ मुख्य उद्योगों का हिस्सा हैं, जबकि वस्त्र इस सूची में शामिल नहीं है।
नागर, द्रविड़ और वेसर हैं:
Detailed Explanation:
नागर (उत्तरी शैली), द्रविड़ (दक्षिणी शैली), और वेसर (मिश्रित शैली) भारतीय मंदिर वास्तुकला की तीन मुख्य शैलियाँ हैं।
नागर में मधुमक्खी के छत्ते जैसे शिखर होते हैं, द्रविड़ में पिरामिडनुमा विमान होते हैं, और वेसर दोनों शैलियों के तत्वों को मिलाती है, जो दक्कन क्षेत्र में प्रचलित है।
भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कभी-कभी 'भूमिस्पर्श मुद्रा' नामक हस्त मुद्रा के साथ दिखाया जाता है। यह प्रतीक है
Detailed Explanation:
भूमिस्पर्श मुद्रा (पृथ्वी-स्पर्श मुद्रा) उस क्षण को दर्शाती है जब सिद्धार्थ गौतम ने बोध गया में मार के प्रलोभनों के दौरान, अपने दाहिने हाथ से पृथ्वी को छूकर पृथ्वी देवी (वसुधारा/स्थविरा) को साक्षी के रूप में बुलाया।
पृथ्वी ने अनगिनत पूर्व जन्मों में बुद्ध के संचित पुण्य, पवित्रता और आध्यात्मिक योग्यता की गवाही दी, जिससे मार का दावा पराजित हुआ और उनके ज्ञान प्राप्ति के अधिकार की पुष्टि हुई। यह मुद्रा पवित्रता और शुद्धता की साक्षी का प्रतीक है, न कि विघ्न से भौतिक सुरक्षा का।
मध्यकालीन भारत के धार्मिक इतिहास के संदर्भ में, सूफी रहस्यवादी निम्नलिखित में से किन प्रथाओं का पालन करने के लिए जाने जाते थे?
- ध्यान और श्वास नियंत्रण
- एकांत स्थान पर कठोर तपस्या अभ्यास
- अपने श्रोताओं में समाधि की स्थिति उत्पन्न करने के लिए पवित्र गीतों का पाठ
नीचे दिए गए कूटों का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: सूफी रहस्यवादी आध्यात्मिक एकाग्रता और आत्म-शुद्धि प्राप्त करने के लिए ध्यान (मुराकाबा) और श्वास नियंत्रण (हब्स-ए-दम) तकनीकों का अभ्यास करते थे।
✅ कथन 2 – सही: कई सूफी सांसारिक इच्छाओं से अलग होने के लिए एकांत स्थानों (खानकाहों) में एकांतवास, उपवास और आत्म-संयम सहित तपस्या प्रथाओं (खल्वा) में संलग्न होते थे।
✅ कथन 3 – सही: समा (संगीत सभाएं) जिसमें भक्ति गीतों (कव्वाली) और कविताओं (गज़लों) का पाठ शामिल था, आध्यात्मिक समाधि (वज्द) और दैवीय संबंध उत्पन्न करने के लिए सूफी अभ्यास का केंद्र था।
ध्रुपद, जो भारत की एक प्रमुख परंपरा है और सदियों से जीवित रखी गई है, के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन-से कथन सही हैं?
- ध्रुपद की उत्पत्ति और विकास मुगल काल के दौरान राजपूत राज्यों में हुआ।
- ध्रुपद मुख्यतः भक्तिपरक और आध्यात्मिक संगीत है।
- ध्रुपद आलाप में मंत्रों के संस्कृत अक्षरों का प्रयोग होता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: ध्रुपद की उत्पत्ति प्राचीन काल में सामवेद के गायन से हुई और 12वीं-15वीं शताब्दी में मंदिरों में विकसित हुआ, जो मुगल काल से पहले की बात है। बाद में राजपूत और मुगल दरबारों ने इसे संरक्षण दिया लेकिन यह वहाँ उत्पन्न नहीं हुआ।
✅ कथन 2 – सही: ध्रुपद मुख्यतः भक्तिपरक और आध्यात्मिक संगीत है, जो पारंपरिक रूप से मंदिरों में देवताओं के समक्ष गाया जाता था, जो ध्यान और आत्मचिंतन पर जोर देता है।
✅ कथन 3 – सही: ध्रुपद आलाप में वैदिक मंत्रों के संस्कृत अक्षरों जैसे "ॐ, अनंत, हरि, नारायण" का प्रयोग होता है, जो वैदिक गायन परंपराओं में इसकी जड़ों को दर्शाता है।
आप कुचिपुड़ी और भरतनाट्यम नृत्यों के बीच कैसे अंतर करते हैं?
- नर्तकों द्वारा कभी-कभी संवाद बोलना कुचिपुड़ी नृत्य में पाया जाता है लेकिन भरतनाट्यम में नहीं।
- पीतल की थाली पर अपने पैरों को किनारों पर रखकर नृत्य करना भरतनाट्यम की विशेषता है लेकिन कुचिपुड़ी नृत्य में ऐसी गति का रूप नहीं होता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: कुचिपुड़ी नर्तक प्रस्तुतियों के दौरान वाचिक अभिनय (बोले गए संवाद) का उपयोग करते हैं, जो भरतनाट्यम में नहीं पाई जाने वाली एक अनूठी विशेषता है।
❌ कथन 2 – गलत: पीतल की थाली पर नृत्य (तरंगम) कुचिपुड़ी की विशिष्ट विशेषता है, भरतनाट्यम की नहीं।
प्राचीन भारत के इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों में समान था/थे?
- तपस्या और भोग की चरम सीमाओं से बचना
- वेदों के अधिकार के प्रति उदासीनता
- अनुष्ठानों की प्रभावकारिता से इनकार
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: बौद्ध धर्म ने मध्यम मार्ग (मध्यमा मार्ग) की वकालत की जो विलासिता और कठोर तपस्या दोनों चरम सीमाओं से बचता है, लेकिन जैन धर्म ने आध्यात्मिक मुक्ति के लिए अत्यधिक संयम और कठोर तपस्या पर जोर दिया।
✅ कथन 2 – सही: बौद्ध और जैन धर्म दोनों ने वेदों के अधिकार को अस्वीकार किया और उन्हें परम धार्मिक ग्रंथ नहीं माना, जिससे वे नास्तिक परंपराओं के रूप में चिह्नित हुए।
✅ कथन 3 – सही: दोनों परंपराओं ने वैदिक अनुष्ठानों और यज्ञों की प्रभावकारिता से इनकार किया, और मुक्ति प्राप्त करने के लिए व्यक्तिगत नैतिक आचरण, सही ज्ञान और मानसिक अनुशासन पर जोर दिया।
प्रारंभिक वैदिक आर्यों का धर्म मुख्य रूप से किस पर आधारित था -
Detailed Explanation:
प्रारंभिक वैदिक धर्म में प्राकृतिक शक्तियों की पूजा केंद्रित थी जैसे इंद्र (वर्षा), अग्नि (आग), वरुण (जल), सूर्य (सूरज), और वायु (हवा), जिन्हें ऋग्वेद में देवताओं के रूप में व्यक्त किया गया।
यज्ञ (बलिदान अनुष्ठान) पूजा का मुख्य तरीका था, जिसमें दैवीय आशीर्वाद पाने के लिए सोम, घी और अनाज की आहुति दी जाती थी; भक्ति (भक्तिपूर्ण पूजा) और मूर्ति पूजा केवल उत्तर वैदिक और वैदिकोत्तर काल में उभरी।
प्राचीन भारत की गिल्डों (श्रेणी) के संदर्भ में, जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- प्रत्येक गिल्ड राज्य के केंद्रीय प्राधिकरण के साथ पंजीकृत थी और राजा उन पर मुख्य प्रशासनिक प्राधिकारी था।
- मजदूरी, कार्य के नियम, मानक और मूल्य गिल्ड द्वारा निर्धारित किए जाते थे।
- गिल्ड के पास अपने सदस्यों पर न्यायिक शक्तियाँ थीं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: गिल्डें (श्रेणियाँ) स्वायत्त निकाय थीं जिनका नेतृत्व प्रमुख (जेट्ठक/प्रमुख) करते थे, केंद्रीय प्राधिकरण के साथ पंजीकृत नहीं थीं और न ही राजा द्वारा सीधे प्रशासित थीं।
✅ कथन 2 – सही: गिल्डें मजदूरी, कार्य नियम, गुणवत्ता मानक और मूल्य निर्धारित करती थीं ताकि अपने संबंधित व्यापारों को नियंत्रित कर सकें और बाजार स्थिरता बनाए रख सकें।
✅ कथन 3 – सही: गिल्डों के पास सदस्यों पर न्यायिक शक्तियाँ थीं, वे श्रेणी-धर्म (प्रथागत गिल्ड कानून) के अनुसार विवादों का निपटारा करती थीं जिन्हें राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त थी।
प्राचीन भारत की वैज्ञानिक प्रगति के संदर्भ में, नीचे दिए गए कथनों में से कौन से सही हैं?
- विभिन्न प्रकार के विशेष शल्य चिकित्सा उपकरण पहली शताब्दी ईस्वी तक सामान्य उपयोग में थे।
- मानव शरीर में आंतरिक अंगों का प्रत्यारोपण तीसरी शताब्दी ईस्वी की शुरुआत तक शुरू हो गया था।
- कोण की ज्या (साइन) की अवधारणा 5वीं शताब्दी ईस्वी में ज्ञात थी।
- चक्रीय चतुर्भुज की अवधारणा 7वीं शताब्दी ईस्वी में ज्ञात थी।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: सुश्रुत संहिता (6वीं शताब्दी ईसा पूर्व) में 120 से अधिक शल्य चिकित्सा उपकरणों का वर्णन है जिनमें चाकू, संदंश और सुई शामिल हैं; ये पहली शताब्दी ईस्वी तक सामान्य उपयोग में थे।
❌ कथन 2 – गलत: प्राचीन भारत में आंतरिक अंग प्रत्यारोपण का कोई प्रमाण नहीं है; यद्यपि त्वचा प्रत्यारोपण और पुनर्निर्माण शल्य चिकित्सा की जाती थी, अंग प्रत्यारोपण के लिए आधुनिक प्रतिरक्षादमनकारी तकनीक चाहिए जो तीसरी शताब्दी ईस्वी में उपलब्ध नहीं थी।
✅ कथन 3 – सही: आर्यभट्ट ने अपनी आर्यभटीय (499 ईस्वी) में ज्या (साइन फलन) की अवधारणा प्रस्तुत की और विस्तृत त्रिकोणमितीय सारणियाँ दीं।
✅ कथन 4 – सही: ब्रह्मगुप्त ने ब्रह्मस्फुटसिद्धांत (628 ईस्वी) में चक्रीय चतुर्भुजों पर प्रमेय दिए, जिनमें उनके क्षेत्रफल के लिए प्रसिद्ध सूत्र शामिल है।
UPSC Prelims 2012 Questions Paper - Subject-wise Question Distribution
UPSC Prelims 2012 Question Paper - FAQs & Analysis
Q1 How many total questions were asked in UPSC Prelims 2012?
Q2 What is the subject-wise question breakdown for UPSC Prelims 2012?
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी: 19 questions (19%)
- भारतीय राजव्यवस्था: 19 questions (19%)
- भारतीय अर्थव्यवस्था: 12 questions (12%)
- आधुनिक इतिहास: 11 questions (11%)
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: 10 questions (10%)
- भारत का भूगोल: 8 questions (8%)
- विश्व भूगोल: 6 questions (6%)
- समसामयिकी: 6 questions (6%)
- भारतीय कला और संस्कृति: 6 questions (6%)
- प्राचीन इतिहास: 3 questions (3%)