प्राचीन भारत की गिल्डों (श्रेणी) के संदर्भ में, जिन्होंने देश की अर्थव्यवस्था में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- प्रत्येक गिल्ड राज्य के केंद्रीय प्राधिकरण के साथ पंजीकृत थी और राजा उन पर मुख्य प्रशासनिक प्राधिकारी था।
- मजदूरी, कार्य के नियम, मानक और मूल्य गिल्ड द्वारा निर्धारित किए जाते थे।
- गिल्ड के पास अपने सदस्यों पर न्यायिक शक्तियाँ थीं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: गिल्डें (श्रेणियाँ) स्वायत्त निकाय थीं जिनका नेतृत्व प्रमुख (जेट्ठक/प्रमुख) करते थे, केंद्रीय प्राधिकरण के साथ पंजीकृत नहीं थीं और न ही राजा द्वारा सीधे प्रशासित थीं।
✅ कथन 2 – सही: गिल्डें मजदूरी, कार्य नियम, गुणवत्ता मानक और मूल्य निर्धारित करती थीं ताकि अपने संबंधित व्यापारों को नियंत्रित कर सकें और बाजार स्थिरता बनाए रख सकें।
✅ कथन 3 – सही: गिल्डों के पास सदस्यों पर न्यायिक शक्तियाँ थीं, वे श्रेणी-धर्म (प्रथागत गिल्ड कानून) के अनुसार विवादों का निपटारा करती थीं जिन्हें राज्य द्वारा मान्यता प्राप्त थी।
Question 1 of 1 श्रेणी/गिल्ड व्यवस्था
Practice PYQ questions from this topic across all years
First question in this topic
All questions in this topic completed!