प्राचीन भारत के इतिहास के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से बौद्ध धर्म और जैन धर्म दोनों में समान था/थे?
- तपस्या और भोग की चरम सीमाओं से बचना
- वेदों के अधिकार के प्रति उदासीनता
- अनुष्ठानों की प्रभावकारिता से इनकार
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: बौद्ध धर्म ने मध्यम मार्ग (मध्यमा मार्ग) की वकालत की जो विलासिता और कठोर तपस्या दोनों चरम सीमाओं से बचता है, लेकिन जैन धर्म ने आध्यात्मिक मुक्ति के लिए अत्यधिक संयम और कठोर तपस्या पर जोर दिया।
✅ कथन 2 – सही: बौद्ध और जैन धर्म दोनों ने वेदों के अधिकार को अस्वीकार किया और उन्हें परम धार्मिक ग्रंथ नहीं माना, जिससे वे नास्तिक परंपराओं के रूप में चिह्नित हुए।
✅ कथन 3 – सही: दोनों परंपराओं ने वैदिक अनुष्ठानों और यज्ञों की प्रभावकारिता से इनकार किया, और मुक्ति प्राप्त करने के लिए व्यक्तिगत नैतिक आचरण, सही ज्ञान और मानसिक अनुशासन पर जोर दिया।
Question 6 of 6 बौद्ध धर्म
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