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भारत का जनसंख्या एवं मानव भूगोल Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: भारत का जनसंख्या एवं मानव भूगोल
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 'शहर का अधिकार' एक सहमत मानव अधिकार है और UN-Habitat इस संबंध में प्रत्येक देश द्वारा की गई प्रतिबद्धताओं की निगरानी करता है।
- 'शहर का अधिकार' शहर के प्रत्येक निवासी को सार्वजनिक स्थानों और शहर में सार्वजनिक भागीदारी को पुनः प्राप्त करने का अधिकार देता है।
- 'शहर का अधिकार' का अर्थ है कि राज्य शहर में अनधिकृत कॉलोनियों को किसी भी सार्वजनिक सेवा या सुविधा से इनकार नहीं कर सकता।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 2 और 3
'शहर का अधिकार' समावेशी शहरी नागरिकता की वकालत करने वाली एक मानक अवधारणा है, न कि बाध्यकारी संयुक्त राष्ट्र निगरानी के साथ औपचारिक रूप से मान्यता प्राप्त सार्वभौमिक मानव अधिकार। कथन 1 गलत है क्योंकि UN-Habitat इस अवधारणा को नए शहरी एजेंडा के माध्यम से बढ़ावा देता है लेकिन कानूनी रूप से बाध्यकारी प्रतिबद्धताओं की निगरानी नहीं करता है। कथन 2 और 3 इस अवधारणा के सार को सही ढंग से व्यक्त करते हैं।
❌ कथन 1 – गलत: 'शहर का अधिकार' एक सहमत सार्वभौमिक मानव अधिकार नहीं है; UN-Habitat इस संबंध में बाध्यकारी राष्ट्रीय प्रतिबद्धताओं की निगरानी नहीं करता है।
✅ कथन 2 – सही: यह अवधारणा सभी निवासियों को सार्वजनिक स्थानों को पुनः प्राप्त करने, शासन में भाग लेने और अपने शहरों को लोकतांत्रिक रूप से आकार देने का अधिकार देती है।
✅ कथन 3 – सही: यह अवधारणा समावेशी शहरी नागरिकता को बढ़ावा देती है, जिसका अर्थ है कि अनधिकृत कॉलोनियों को भी बुनियादी सेवाओं से वंचित नहीं किया जा सकता; भारतीय न्यायालयों ने अनुच्छेद 21 (जीवन का अधिकार) के तहत इसे बरकरार रखा है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: शहर का अधिकार
- उत्पत्ति: फ्रांसीसी दार्शनिक हेनरी लेफेब्रे (1968) द्वारा विकसित अवधारणा; शहरी नियोजन प्रवचन में लोकप्रिय।
- परिभाषा: सभी निवासियों का शहरों का उपयोग करने, कब्जा करने, शासन करने और उनका आनंद लेने का अधिकार जो न्यायपूर्ण, समावेशी, सुरक्षित और टिकाऊ हों।
- प्रमुख सिद्धांत: समावेशी नागरिकता, गैर-भेदभाव, भूमि का सामाजिक कार्य, शहरी शासन में लोकतांत्रिक भागीदारी।
- UN-Habitat और नया शहरी एजेंडा (2016): अवधारणा को बढ़ावा देता है लेकिन यह आकांक्षी है, कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं।
- भारतीय संदर्भ: न्यायालयों ने कहा है कि अनुच्छेद 21 के तहत झुग्गी/अनधिकृत निवासियों को बुनियादी सेवाओं (पानी, स्वच्छता) से वंचित नहीं किया जा सकता।
- लाभार्थी: प्रवासी, झुग्गी निवासी, अनौपचारिक श्रमिक, अनधिकृत बस्तियों के निवासी—सभी को अधिकार-संपन्न शहरी नागरिकों के रूप में मान्यता प्राप्त है।
किसी भी देश के संदर्भ में, निम्नलिखित में से किसे उसकी सामाजिक पूंजी के भाग के रूप में माना जाएगा?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — समाज में पारस्परिक विश्वास और सद्भाव का स्तर
सामाजिक पूंजी नेटवर्क, मानदंडों और विश्वास को संदर्भित करती है जो प्रतिभागियों को साझा उद्देश्यों को प्राप्त करने के लिए अधिक प्रभावी ढंग से एक साथ कार्य करने में सक्षम बनाती है। यह एक अमूर्त संपत्ति है जो किसी समुदाय या समाज के भीतर सामाजिक संबंधों, पारस्परिक विश्वास और सहयोग की गुणवत्ता को मापती है।
❌ विकल्प 1 – गलत: साक्षरों का अनुपात मानव पूंजी (व्यक्तिगत कौशल और ज्ञान) को दर्शाता है, न कि सामाजिक पूंजी जो सामूहिक संबंधों और विश्वास पर केंद्रित है।
❌ विकल्प 2 – गलत: भवनों, अवसंरचना और मशीनों का भंडार भौतिक पूंजी का गठन करता है, जो उत्पादन में उपयोग की जाने वाली मूर्त संपत्तियों को संदर्भित करता है।
❌ विकल्प 3 – गलत: कार्यशील आयु की जनसंख्या का आकार एक जनसांख्यिकीय संकेतक है और संभावित मानव पूंजी का प्रतिनिधित्व करता है, लेकिन सामाजिक संबंधों या विश्वास को प्रतिबिंबित नहीं करता है।
✅ विकल्प 4 – सही: पारस्परिक विश्वास और सद्भाव का स्तर सीधे सामाजिक पूंजी के सार को दर्शाता है, जो समाज में सामाजिक बंधनों, नागरिक भागीदारी और सहकारी संबंधों की गुणवत्ता पर जोर देता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: पूंजी के प्रकार
| पूंजी का प्रकार | परिभाषा | उदाहरण |
|---|---|---|
| भौतिक पूंजी | उत्पादन में उपयोग की जाने वाली मूर्त संपत्तियां | भवन, मशीनरी, अवसंरचना, उपकरण |
| मानव पूंजी | व्यक्तियों के कौशल, ज्ञान और क्षमताएं | शिक्षा स्तर, साक्षरता, प्रशिक्षण, स्वास्थ्य |
| सामाजिक पूंजी | सामूहिक कार्रवाई को सक्षम करने वाले नेटवर्क, विश्वास और मानदंड | पारस्परिक विश्वास, सामुदायिक सद्भाव, नागरिक भागीदारी, सामाजिक नेटवर्क |
| प्राकृतिक पूंजी | प्राकृतिक संसाधन और पारिस्थितिकी तंत्र सेवाएं | वन, खनिज, जल, वायु गुणवत्ता |
आर्थिक विकास से जुड़े जनसांख्यिकीय संक्रमण के निम्नलिखित विशिष्ट चरणों पर विचार करें:
- कम जन्म दर के साथ कम मृत्यु दर
- उच्च जन्म दर के साथ उच्च मृत्यु दर
- उच्च जन्म दर के साथ कम मृत्यु दर
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके उपर्युक्त चरणों का सही क्रम चुनें:
Detailed Explanation:
चरण 1 (उच्च जन्म दर के साथ उच्च मृत्यु दर): खराब स्वास्थ्य सुविधाओं, स्वच्छता और पोषण वाले पूर्व-औद्योगिक समाज; उच्च मृत्यु दर उच्च प्रजनन क्षमता को संतुलित करने के कारण जनसंख्या स्थिर रहती है।
चरण 2 (उच्च जन्म दर के साथ कम मृत्यु दर): बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, स्वच्छता और खाद्य आपूर्ति से मृत्यु दर कम होती है जबकि जन्म दर उच्च रहती है; परिणामस्वरूप तीव्र जनसंख्या वृद्धि (जनसांख्यिकीय विस्फोट) होती है।
चरण 3 (कम जन्म दर के साथ कम मृत्यु दर): बेहतर शिक्षा, शहरीकरण, गर्भनिरोधक उपलब्धता और बदलते सामाजिक मानदंडों वाली औद्योगिक अर्थव्यवस्थाएं; जन्म दर में गिरावट से जनसंख्या स्थिरीकरण होता है।
जनसांख्यिकीय संक्रमण का सही क्रम: 2 → 3 → 1
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