UPSC CSE Prelims
भारत का भूगोल Previous Year Questions (PYQs)
Solved Previous Year Questions (PYQs) for भारत का भूगोल in UPSC CSE Prelims in English & Hindi Medium.
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अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की जलवायु के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- जलवायु को आर्द्र, उष्णकटिबंधीय तटीय जलवायु के रूप में परिभाषित किया जा सकता है।
- यहां दक्षिण-पश्चिम मानसून और उत्तर-पूर्व मानसून दोनों से वर्षा होती है।
- अधिकतम वर्षा दिसंबर और मई के बीच होती है।
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Detailed Explanation:
व्याख्या:
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कथन 1 सही है: अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में आर्द्र उष्णकटिबंधीय तटीय जलवायु पाई जाती है, जहाँ पूरे वर्ष तापमान और आर्द्रता अधिक रहती है।
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कथन 2 सही है: इन द्वीपों को दक्षिण-पश्चिम मानसून और उत्तर-पूर्व मानसून दोनों से वर्षा प्राप्त होती है।
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कथन 3 गलत है: सबसे अधिक वर्षा मई से सितंबर के बीच होती है। दिसंबर से मई का समय अपेक्षाकृत शुष्क रहता है और पर्यटन के लिए उपयुक्त माना जाता है।
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अतः कथन 1 और 2 सही हैं, इसलिए सही उत्तर (B) 1 and 2 है।
अंडमान और निकोबार द्वीप समूह की जलवायु
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समुद्र से घिरे होने के कारण यहाँ तापमान में बहुत कम वार्षिक परिवर्तन होता है और आर्द्रता अधिक रहती है।
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भारत के अधिकांश भागों के विपरीत, यहाँ दक्षिण-पश्चिम और उत्तर-पूर्व दोनों मानसूनों से वर्षा होती है।
निम्नलिखित में से कौन सी भौगोलिक विशेषता या घटना भारत के प्रायद्वीपीय ब्लॉक से जुड़ी है/हैं?
- विवर्तनिक गतिविधि के कारण पश्चिमी तट के कुछ हिस्सों का जलमग्न होना
- वेलिकोंडा पहाड़ियों और महेंद्रगिरि पहाड़ियों जैसी अवशिष्ट पर्वत श्रृंखलाओं की उपस्थिति
- तेज बहने वाली नदियों द्वारा निर्मित गहरी, V-आकार की नदी घाटियाँ
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Detailed Explanation:
- कथन 1 सही है। प्रारंभिक तृतीयक काल में प्रायद्वीपीय भाग का पश्चिमी हिस्सा धँस गया, जिससे पश्चिमी तट का कुछ भाग समुद्र में डूब गया।
-
कथन 2 सही है। वेलिकोंडा और महेंद्रगिरि जैसी पहाड़ियाँ प्रायद्वीपीय भारत की अवशिष्ट (Residual) पर्वत श्रेणियों के उदाहरण हैं।
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कथन 3 गलत है। प्रायद्वीपीय नदियाँ परिपक्व (Mature) अवस्था में हैं और चौड़ी, उथली घाटियाँ बनाती हैं। गहरी V-आकार की घाटियाँ मुख्यतः हिमालयी नदियों में पाई जाती हैं।
भारत का प्रायद्वीपीय ब्लॉक
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यह भारत का सबसे पुराना और स्थिर भू-भाग है, जो कठोर क्रिस्टलीय चट्टानों से बना है।
-
यहाँ अवशिष्ट पहाड़ियाँ, पठारी भू-आकृतियाँ और परिपक्व नदी तंत्र पाए जाते हैं।
भारतीय राज्यों के संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा/से सही नहीं है/हैं?
- उत्तर प्रदेश की सीमा सबसे अधिक संख्या में अन्य भारतीय राज्यों से लगती है।
- राजस्थान सभी भारतीय राज्यों में सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा साझा करता है।
- सिक्किम एकमात्र ऐसा राज्य है जिसकी सीमा सिर्फ एक अन्य भारतीय राज्य के साथ लगती है।
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Detailed Explanation:
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कथन 1 सही है। उत्तर प्रदेश सबसे अधिक भारतीय राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के साथ सीमा साझा करता है।
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कथन 2 गलत है। सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा राजस्थान की नहीं, बल्कि पश्चिम बंगाल की है।
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कथन 3 गलत है। केवल सिक्किम ही नहीं, मेघालय भी सिर्फ एक भारतीय राज्य (असम) के साथ सीमा साझा करता है।
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निम्नलिखित जानकारी के आधार पर भारतीय उपमहाद्वीप की नदी को पहचानें:
- इसमें एक पूर्ववर्ती जल निकासी प्रणाली है।
- यह तीन देशों से होकर बहती है।
- यह तिब्बती पठार से निकलती है और सिंचाई के लिए एक महत्वपूर्ण नदी है।
- यह वितरिकाएं नहीं बनाती।
निम्नलिखित में से उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
सतलुज नदी दिए गए सभी तथ्यों से मेल खाती है। यह एक पूर्ववर्ती (Antecedent) नदी है, जिसका उद्गम तिब्बती पठार में राक्षसताल के पास होता है और यह चीन, भारत तथा पाकिस्तान से होकर बहती है।
यह सिंचाई के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है तथा इंडस और ब्रह्मपुत्र की तरह वितरिकाएँ (Distributaries) नहीं बनाती। यह आगे चलकर चिनाब में मिल जाती है।
इसलिए विकल्प C (सतलुज) सही उत्तर है।
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पूर्ववर्ती नदी (Antecedent River) वह नदी होती है जो पर्वतों के बनने से पहले अस्तित्व में थी और पर्वतों के उठने के बाद भी अपनी पुरानी धारा को बनाए रखते हुए घाटियाँ काटती हुई बहती रहती है। सिंधु, सतलुज और ब्रह्मपुत्र हिमालय की प्रमुख पूर्ववर्ती नदियाँ हैं। |
निम्नलिखित दावे पर विचार करें:
प्लीस्टोसीन काल में या तो यमुना सिंधु में बहती थी, या सतलज यमुना में बहती थी और दोनों में से एक प्रमुख सहायक नदी गंगा से सिंधु में स्थानांतरित हो गई थी या इसके विपरीत।
निम्नलिखित में से कौन सा/से उपरोक्त दावे का आधार है/हैं?
- ऋग्वेद का नदी-सूक्त
- रॉबर्ट ब्रूस फूटे द्वारा सतलज और यमुना की खोज
- सिंधु और गंगा दोनों नदी प्रणालियों में डॉल्फ़िन की एक ही प्रजाति की उपस्थिति
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Detailed Explanation:
🧠 पहले अवधारणा — क्या पूछा जा रहा है?
यह प्रश्न प्लीस्टोसीन काल में नदी अपहरण और अपवाह विकास की समझ परखता है — विशेष रूप से सिंधु और गंगा नदी प्रणालियों के प्राचीन संबंध के बारे में।
🌊 मूल भूगर्भीय विचार
प्लीस्टोसीन काल में इंडो-ब्रह्मा (शिवालिक नदी) नामक एक विशाल नदी आधुनिक सिंधु और गंगा बेसिन को जोड़ती थी। बाद में विवर्तनिक उत्थान (दिल्ली रिज) के कारण नदी अपवर्तन हुआ।
📋 कथन-वार विश्लेषण
कथन 1 — गलत। नदी-सूक्त (ऋग्वेद 10.75) — होलोसीन मानव भूगोल को दर्शाता है, प्लीस्टोसीन भूगर्भीय बदलावों को नहीं।
कथन 2 — गलत। रॉबर्ट ब्रूस फूट = "भारतीय प्रागितिहास के पिता" — पल्लवरम, तमिलनाडु में पहली पुरापाषाण कुल्हाड़ी (1863)। उनका कार्य दक्षिण भारत में पाषाण युग पुरातत्व पर केंद्रित था।
कथन 3 — सही। दो पूरी तरह अलग बेसिनों में निकट संबंधित अंध नदी डॉल्फिन की उपस्थिति:
- Platanista gangetica minor → सिंधु
- Platanista gangetica gangetica → गंगा
एक ही प्रजाति = प्राचीन नदी संयोजन का जैविक प्रमाण
प्रयागराज से आगे गंगा में पश्चिम से पूर्व की ओर मिलने वाली हिमालयी नदियों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा क्रम सही है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — गोमती - घाघरा – गंडक – कोसी
प्रयागराज से आगे पश्चिम से पूर्व की ओर गंगा में मिलने वाली हिमालयी नदियों का सही क्रम गोमती, घाघरा, गंडक और कोसी है। गोमती वाराणसी के निकट मिलती है (सबसे पश्चिम में), इसके बाद घाघरा छपरा में, गंडक पटना के निकट सोनपुर में, और कोसी कटिहार जिले के कुर्सेला के निकट (सबसे पूर्व में) मिलती है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: प्रयागराज से आगे गंगा की हिमालयी सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | गंगा से संगम | प्रमुख विशेषताएँ |
|---|---|---|---|
| गोमती | गोमत ताल (फुल्हार झील), पीलीभीत जिला, उत्तर प्रदेश | वाराणसी (गाजीपुर) के निकट, उत्तर प्रदेश | मैदानी नदी; लखनऊ से होकर बहती है; इस क्रम में सबसे पश्चिमी सहायक नदी |
| घाघरा (करनाली) | मापचाचुंगो हिमनद, मानसरोवर के निकट, तिब्बत | छपरा (सारण जिला), बिहार | गंगा की आयतन के हिसाब से सबसे बड़ी सहायक नदी; नेपाल से होकर बहती है; उत्तर प्रदेश में कौरियाला भी कहलाती है |
| गंडक (नारायणी) | नेपाल हिमालय (धौलागिरि और एवरेस्ट के बीच) | सोनपुर (पटना के निकट), बिहार | काली गंडक और त्रिशूली से मिलकर बनी संयुक्त नदी; मार्ग परिवर्तन के लिए प्रसिद्ध |
| कोसी (सप्तकोसी) | तिब्बत/नेपाल हिमालय (अरुण, सन कोसी, तमूर कोसी से मिलकर बनी) | कुर्सेला के निकट, कटिहार जिला, बिहार | बार-बार बाढ़ और मार्ग परिवर्तन के कारण 'बिहार का शोक' कहलाती है; सबसे पूर्वी सहायक नदी |
- भौगोलिक क्रम: चारों नदियाँ हिमालय से निकलती हैं (गोमती को छोड़कर जो मैदानी है) और बिहार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंगा में मिलती हैं, पश्चिम से पूर्व की ओर क्रमिक रूप से।
- महत्व: ये नदियाँ गंगा के मैदान में सिंचाई, जलविद्युत और नौवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन बार-बार बाढ़ भी लाती हैं।
- संगम स्थल: संगम स्थलों को याद रखने से मदद मिलती है: वाराणसी → छपरा → पटना (सोनपुर) → कटिहार (गंगा के मार्ग के साथ पश्चिम से पूर्व)।
निम्नलिखित जानकारी पर विचार कीजिए:
| जलप्रपात | क्षेत्र | नदी |
|---|---|---|
| 1. धुआंधार | मालवा | नर्मदा |
| 2. हुंडरू | छोटानागपुर | स्वर्णरेखा |
| 3. गरसोप्पा | पश्चिमी घाट | नेत्रावती |
उपर्युक्त में से कितनी पंक्तियों में दी गई जानकारी सही सुमेलित है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल दो
यह प्रश्न जलप्रपातों का उनके क्षेत्रों और नदियों के साथ सही सुमेलन की परीक्षा करता है। दिए गए तीन युग्मों में से दो सही सुमेलित हैं जबकि एक में नदी के नाम में त्रुटि है।
✅ युग्म 1 – सही: धुआंधार जलप्रपात मालवा क्षेत्र (जबलपुर, मध्य प्रदेश) में नर्मदा नदी पर स्थित है।
✅ युग्म 2 – सही: हुंडरू जलप्रपात छोटानागपुर पठार क्षेत्र (झारखंड) में स्वर्णरेखा नदी पर स्थित है।
❌ युग्म 3 – गलत: गरसोप्पा (जोग प्रपात) पश्चिमी घाट में शरावती नदी पर स्थित है, नेत्रावती नदी पर नहीं।
📝 संक्षिप्त टिप्पणी: भारत के प्रमुख जलप्रपात
| जलप्रपात | राज्य | नदी | ऊंचाई (लगभग) |
|---|---|---|---|
| जोग प्रपात (गरसोप्पा) | कर्नाटक | शरावती | 253 मी (भारत में सर्वोच्च) |
| धुआंधार प्रपात | मध्य प्रदेश | नर्मदा | 30 मी |
| हुंडरू प्रपात | झारखंड | स्वर्णरेखा | 98 मी |
| चित्रकूट प्रपात | छत्तीसगढ़ | इंद्रावती | 29 मी (भारत में सबसे चौड़ा) |
| अथिरापल्ली प्रपात | केरल | चालाकुडी | 24 मी |
| नोहकलिकाई प्रपात | मेघालय | - | 340 मी (सबसे ऊंचा प्लंज जलप्रपात) |
| दूधसागर प्रपात | गोवा | मांडवी | 310 मी |
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
बंदरगाह : प्रसिद्ध है
- कामराजार बंदरगाह : भारत में कंपनी के रूप में पंजीकृत पहला प्रमुख बंदरगाह
- मुंद्रा बंदरगाह : भारत में सबसे बड़ा निजी स्वामित्व वाला बंदरगाह
- विशाखापत्तनम : भारत में सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह
उपर्युक्त युग्मों में से कितने सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल दो युग्म
यह प्रश्न भारत के प्रमुख बंदरगाहों और उनकी विशिष्ट विशेषताओं के बारे में ज्ञान का परीक्षण करता है। दिए गए तीन युग्मों में से दो सही सुमेलित हैं जबकि एक गलत है।
✅ युग्म 1 – सही: कामराजार बंदरगाह वास्तव में कंपनी के रूप में पंजीकृत भारत का पहला प्रमुख बंदरगाह है और 12 प्रमुख बंदरगाहों में एकमात्र कॉर्पोरेटीकृत प्रमुख बंदरगाह है।
✅ युग्म 2 – सही: मुंद्रा बंदरगाह, जो गुजरात में अडानी पोर्ट्स एंड एसईजेड लिमिटेड द्वारा संचालित है, भारत में सबसे बड़ा निजी स्वामित्व वाला बंदरगाह है।
❌ युग्म 3 – गलत: विशाखापत्तनम भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह नहीं है; महाराष्ट्र के न्हावा शेवा में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट (JNPT) यह स्थान रखता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत के प्रमुख बंदरगाह
| बंदरगाह | प्रमुख विशेषता |
|---|---|
| कामराजार बंदरगाह (एन्नोर) | कंपनी के रूप में पंजीकृत पहला प्रमुख बंदरगाह; भारत का 12वां प्रमुख बंदरगाह; चेन्नई के पास स्थित |
| मुंद्रा बंदरगाह | भारत का सबसे बड़ा निजी बंदरगाह; अडानी पोर्ट्स द्वारा संचालित; गुजरात में स्थित |
| JNPT (न्हावा शेवा) | भारत का सबसे बड़ा कंटेनर बंदरगाह; महाराष्ट्र में स्थित; अधिकतम कंटेनर यातायात संभालता है |
| विशाखापत्तनम बंदरगाह | पूर्वी तट पर प्रमुख बंदरगाह; कार्गो, कंटेनर संभालता है और जहाज निर्माण सुविधाएं हैं |
| चेन्नई बंदरगाह | भारत का सबसे पुराना कृत्रिम बंदरगाह; कोरोमंडल तट पर स्थित |
भारत की संपर्क परियोजनाओं के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
गोल्डन क्वाड्रिलेटरल परियोजना के तहत पूर्व-पश्चिम गलियारा डिब्रूगढ़ और सूरत को जोड़ता है।
त्रिपक्षीय राजमार्ग मणिपुर में मोरेह और म्यांमार के माध्यम से थाईलैंड में चियांग माई को जोड़ता है।
बांग्लादेश-चीन-भारत-म्यांमार आर्थिक गलियारा उत्तर प्रदेश में वाराणसी को चीन में कुनमिंग से जोड़ता है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — कोई नहीं
तीनों कथनों में भारत की प्रमुख संपर्क परियोजनाओं के संबंध में तथ्यात्मक त्रुटियाँ हैं। प्रत्येक कथन संबंधित गलियारे/राजमार्ग के टर्मिनल बिंदुओं या मार्ग की गलत पहचान करता है।
❌ कथन 1 – गलत: NHDP के तहत पूर्व-पश्चिम गलियारा सिलचर (असम) को पोरबंदर (गुजरात) से जोड़ता है, न कि डिब्रूगढ़ को सूरत से।
❌ कथन 2 – गलत: त्रिपक्षीय राजमार्ग मोरेह (मणिपुर) को म्यांमार के माध्यम से थाईलैंड में माई सोत से जोड़ता है, न कि चियांग माई से।
❌ कथन 3 – गलत: BCIM आर्थिक गलियारा कुनमिंग (चीन) को कोलकाता (भारत) से जोड़ता है, न कि वाराणसी से।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत की प्रमुख संपर्क परियोजनाएँ
| परियोजना/गलियारा | मार्ग/टर्मिनल बिंदु | मुख्य विशेषताएँ |
|---|---|---|
| गोल्डन क्वाड्रिलेटरल (GQ) | दिल्ली-मुंबई-चेन्नई-कोलकाता को जोड़ता है | 5,846 किमी; NHDP चरण I के तहत 2001 में शुरू |
| उत्तर-दक्षिण गलियारा | श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) से कन्याकुमारी (तमिलनाडु) | 4,076 किमी; NHDP चरण II का हिस्सा |
| पूर्व-पश्चिम गलियारा | सिलचर (असम) से पोरबंदर (गुजरात) | 3,640 किमी; NHDP चरण II का हिस्सा |
| त्रिपक्षीय राजमार्ग | मोरेह (मणिपुर) - माई सोत (थाईलैंड) म्यांमार के माध्यम से | 1,360 किमी; भारत-आसियान संपर्क को बढ़ावा |
| BCIM गलियारा | कुनमिंग (चीन) - कोलकाता (भारत) म्यांमार और बांग्लादेश के माध्यम से | 2,800 किमी; प्रस्तावित आर्थिक गलियारा |
| कलादान मल्टीमॉडल परियोजना | सितवे बंदरगाह (म्यांमार) से मिजोरम (भारत) | म्यांमार के माध्यम से पूर्वोत्तर भारत को जोड़ता है |
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- झेलम नदी वुलर झील से होकर गुजरती है।
- कृष्णा नदी सीधे कोल्लेरु झील को पोषित करती है।
- गंडक नदी की विसर्पण क्रिया से कंवर झील का निर्माण हुआ।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल एक
यह प्रश्न भारतीय नदियों और उनसे संबंधित झीलों के ज्ञान की परीक्षा करता है। दिए गए तीन कथनों में से केवल झेलम नदी और वुलर झील के बारे में कथन सही है, जबकि अन्य दो कथनों में संबंधित झीलों के निर्माण और पोषण तंत्र के संदर्भ में तथ्यात्मक त्रुटियां हैं।
✅ कथन 1 – सही: झेलम नदी, जो कश्मीर घाटी में वेरीनाग झरने से निकलती है, वुलर झील (एशिया की सबसे बड़ी मीठे पानी की झीलों में से एक) से होकर गुजरती है और फिर बारामूला की ओर आगे बढ़ती है।
❌ कथन 2 – गलत: कोल्लेरु झील कृष्णा और गोदावरी के डेल्टाओं के बीच स्थित है लेकिन यह कृष्णा नदी द्वारा सीधे पोषित नहीं होती है; इसे बुडामेरु और तम्मिलेरु जैसी मौसमी धाराओं से जल प्राप्त होता है, जो स्वतंत्र सहायक नदियां हैं।
❌ कथन 3 – गलत: बिहार में कंवर झील (काबरताल) बूढ़ी गंडक नदी की विसर्पण क्रिया से बनी एक गोखुर झील है, न कि मुख्य गंडक नदी से—ये दो अलग नदी प्रणालियां हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: महत्वपूर्ण भारतीय झीलें और संबंधित नदियां
| झील | राज्य/स्थान | संबंधित नदी/निर्माण | प्रकार |
|---|---|---|---|
| वुलर झील | जम्मू और कश्मीर | झेलम नदी इससे होकर गुजरती है | मीठे पानी की झील (विवर्तनिक उत्पत्ति) |
| कोल्लेरु झील | आंध्र प्रदेश | कृष्णा-गोदावरी डेल्टाओं के बीच; बुडामेरु, तम्मिलेरु धाराओं द्वारा पोषित | मीठे पानी की झील |
| कंवर झील (काबरताल) | बिहार (बेगूसराय) | बूढ़ी गंडक नदी की गोखुर झील | गोखुर झील (रामसर स्थल) |
| सांभर झील | राजस्थान | अस्थायी नदी प्रणालियां | खारे पानी की झील (भारत में सबसे बड़ी) |
| चिल्का झील | ओडिशा | बंगाल की खाड़ी से जुड़ा लैगून | खारे पानी का लैगून |
| लोकटक झील | मणिपुर | मणिपुर नदी; फुमदियों (तैरते द्वीप) के लिए प्रसिद्ध | मीठे पानी की झील |
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- अमरकंटक पहाड़ियां विंध्य और सह्याद्री श्रेणियों के संगम पर स्थित हैं।
- बिलिगिरिरंगन पहाड़ियां सतपुड़ा श्रेणी के पूर्वी सिरे का निर्माण करती हैं।
- शेषाचलम पहाड़ियां पश्चिमी घाट के दक्षिणतम भाग का निर्माण करती हैं।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — कोई नहीं
तीनों कथन इन पहाड़ी श्रेणियों के स्थान और वर्गीकरण के संबंध में भौगोलिक अशुद्धियां रखते हैं। प्रत्येक कथन संबंधित पहाड़ियों के संगम बिंदु या श्रेणी संबद्धता को गलत तरीके से पहचानता है।
❌ कथन 1 – गलत: अमरकंटक पहाड़ियां विंध्य, सतपुड़ा और मैकाल श्रेणियों के संगम पर हैं, न कि विंध्य और सह्याद्री श्रेणियों के।
❌ कथन 2 – गलत: बिलिगिरिरंगन पहाड़ियां दक्षिण-पश्चिमी कर्नाटक में पूर्वी और पश्चिमी घाट के संधिस्थल पर स्थित हैं, सतपुड़ा श्रेणी का भाग नहीं हैं।
❌ कथन 3 – गलत: शेषाचलम पहाड़ियां (तिरुमला पहाड़ियां) आंध्र प्रदेश में पूर्वी घाट का भाग हैं, पश्चिमी घाट का दक्षिणतम भाग नहीं हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत की प्रमुख पहाड़ी श्रेणियां
| पहाड़ी श्रेणी | स्थान | संबद्ध पर्वत प्रणाली | महत्व |
|---|---|---|---|
| अमरकंटक पहाड़ियां | मध्य प्रदेश (अनूपपुर जिला) | विंध्य, सतपुड़ा और मैकाल श्रेणियों का संधिस्थल | नर्मदा, सोन और जोहिला नदियों का उद्गम |
| बिलिगिरिरंगन (BR) पहाड़ियां | कर्नाटक-तमिलनाडु सीमा | पूर्वी और पश्चिमी घाट का संधिस्थल | BRT वन्यजीव अभयारण्य; जैव विविधता हॉटस्पॉट |
| शेषाचलम पहाड़ियां (तिरुमला) | आंध्र प्रदेश (तिरुपति जिला) | पूर्वी घाट का भाग | तिरुपति मंदिर के लिए प्रसिद्ध; लाल चंदन का आवास |
| सह्याद्री श्रेणी | पश्चिमी भारत (महाराष्ट्र से केरल) | पश्चिमी घाट का दूसरा नाम | यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल; उच्च जैव विविधता |
| सतपुड़ा श्रेणी | मध्य भारत (मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र) | नर्मदा और ताप्ती के बीच स्वतंत्र श्रेणी | पूर्व-पश्चिम उन्मुख; खनिजों में समृद्ध |
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| शिखर | पर्वत |
|---|---|
| 1. नामचा बरवा | A. गढ़वाल हिमालय |
| 2. नंदा देवी | B. कुमाऊं हिमालय |
| 3. नोकरेक | C. सिक्किम हिमालय |
उपर्युक्त में से कौन सा/से युग्म सही सुमेलित है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
यह प्रश्न भारत में शिखरों का उनके संबंधित पर्वत श्रृंखलाओं के साथ मिलान का परीक्षण करता है। केवल युग्म 2 सही सुमेलित है, क्योंकि नंदा देवी वास्तव में कुमाऊं हिमालय में स्थित है।
❌ युग्म 1 – गलत: नामचा बरवा अरुणाचल हिमालय (पूर्वी हिमालय) में ब्रह्मपुत्र नदी के महान मोड़ में स्थित है, गढ़वाल हिमालय में नहीं।
✅ युग्म 2 – सही: नंदा देवी उत्तराखंड में कुमाऊं हिमालय की सर्वोच्च चोटी है और भारत का दूसरा सबसे ऊंचा पर्वत (7,816 मीटर) है, तथा पूर्णतः भारत में स्थित सर्वोच्च चोटी है।
❌ युग्म 3 – गलत: नोकरेक मेघालय में गारो पहाड़ियों की सर्वोच्च चोटी है, जो मेघालय पठार का हिस्सा है, सिक्किम हिमालय का नहीं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: प्रमुख हिमालयी शिखर और श्रृंखलाएं
| शिखर | सही पर्वत श्रृंखला | राज्य/क्षेत्र | ऊंचाई (लगभग) |
|---|---|---|---|
| नामचा बरवा | अरुणाचल/पूर्वी हिमालय | अरुणाचल प्रदेश | 7,782 मी |
| नंदा देवी | कुमाऊं हिमालय | उत्तराखंड | 7,816 मी |
| नोकरेक | गारो पहाड़ियां (मेघालय पठार) | मेघालय | 1,412 मी |
| कंचनजंगा | सिक्किम हिमालय | सिक्किम | 8,586 मी |
| कामेत | गढ़वाल हिमालय | उत्तराखंड | 7,756 मी |
| नंदा कोट | कुमाऊं हिमालय | उत्तराखंड | 6,861 मी |
दक्षिण भारत की गंडीकोटा घाटी निम्नलिखित में से किस नदी द्वारा बनाई गई थी?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — पेन्नार
गंडीकोटा, जो आंध्र प्रदेश के कडपा जिले में स्थित है, को "भारत का ग्रांड कैन्यन" के रूप में जाना जाता है। यह शानदार घाटी लाखों वर्षों में पेन्नार नदी द्वारा निर्मित हुई, जो एर्रामाला पहाड़ियों से निकलती है। यह घाटी अपनी लाल रंग की, परतदार और दांतेदार चट्टानी संरचनाओं के लिए प्रसिद्ध है जो संयुक्त राज्य अमेरिका के ग्रांड कैन्यन से मिलती-जुलती हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: दक्षिण भारत की प्रमुख नदियाँ और भौगोलिक विशेषताएं
- पेन्नार नदी: कर्नाटक की नंदी पहाड़ियों से निकलती है, आंध्र प्रदेश से होकर बहती है और बंगाल की खाड़ी में गिरती है। गंडीकोटा घाटी के निर्माण के लिए प्रसिद्ध है।
- कावेरी नदी: पश्चिमी घाट (तलाकावेरी, कर्नाटक) से निकलती है, कर्नाटक और तमिलनाडु से होकर बहती है, होगेनक्कल और शिवनासमुद्र जलप्रपात का निर्माण करती है।
- तुंगभद्रा नदी: कृष्णा नदी की सहायक नदी, तुंगा और भद्रा नदियों के संगम से बनती है, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से होकर बहती है।
- मंजीरा नदी: गोदावरी नदी की सहायक नदी, महाराष्ट्र से निकलती है और तेलंगाना से होकर बहती है।
- गंडीकोटा घाटी: गंडीकोटा गांव के पास, कडपा जिला, आंध्र प्रदेश में स्थित; लाल बलुआ पत्थर की संरचनाओं और 300 फीट तक ऊंची खड़ी चट्टानों के लिए जानी जाती है।
भारत के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- मोनाजाइट दुर्लभ मृदा तत्वों का एक स्रोत है।
- मोनाजाइट में थोरियम होता है।
- मोनाजाइट भारत में संपूर्ण भारतीय तटीय बालू में प्राकृतिक रूप से पाया जाता है।
- भारत में, केवल सरकारी निकाय ही मोनाजाइट का प्रसंस्करण या निर्यात कर सकते हैं।
उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 1, 2 और 4
मोनाजाइट एक रेडियोधर्मी खनिज है जो दुर्लभ मृदा तत्वों और थोरियम के प्रमुख स्रोत के रूप में कार्य करता है। भारत में, इसके प्रसंस्करण और निर्यात को इसके रणनीतिक महत्व और रेडियोधर्मी प्रकृति के कारण सरकारी निकायों द्वारा सख्ती से विनियमित किया जाता है। कथन 3 गलत है क्योंकि मोनाजाइट संपूर्ण भारतीय तटीय क्षेत्र में नहीं पाया जाता बल्कि विशिष्ट क्षेत्रों में केंद्रित है।
✅ कथन 1 – सही: मोनाजाइट सीरियम, लैंथेनम, नियोडिमियम और प्रेसियोडिमियम जैसे दुर्लभ मृदा तत्वों का प्राथमिक स्रोत है।
✅ कथन 2 – सही: मोनाजाइट में थोरियम की महत्वपूर्ण मात्रा होती है, जो इसे परमाणु ऊर्जा अनुप्रयोगों के लिए एक महत्वपूर्ण खनिज बनाती है।
❌ कथन 3 – गलत: मोनाजाइट भंडार संपूर्ण भारतीय तट पर नहीं पाए जाते; प्रमुख भंडार केरल, तमिलनाडु और ओडिशा में केंद्रित हैं।
✅ कथन 4 – सही: इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL), परमाणु ऊर्जा विभाग के अधीन भारत सरकार का सार्वजनिक उपक्रम, परमाणु ऊर्जा अधिनियम के तहत मोनाजाइट के प्रसंस्करण और निर्यात के लिए एकमात्र अधिकृत इकाई है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत में मोनाजाइट
- संरचना: भूरे रंग का क्रिस्टलीय खनिज जिसमें सीरियम, लैंथेनम, थोरियम और अन्य दुर्लभ मृदा तत्व होते हैं
- उपस्थिति: तटीय बालू में प्लेसर निक्षेपों में पाया जाता है; मुख्य भंडार केरल (चावरा, मानावलकुरिची), तमिलनाडु और ओडिशा में
- आर्थिक महत्व: पवन टर्बाइन, इलेक्ट्रिक वाहन और रोबोटिक्स के लिए उच्च-प्रदर्शन चुंबकों में उपयोग किए जाने वाले दुर्लभ मृदा तत्वों का स्रोत
- रणनीतिक महत्व: थोरियम (8-10%) युक्त, भारत के तीन-चरणीय परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण
- नियामक ढांचा: परमाणु ऊर्जा अधिनियम और परमाणु ऊर्जा (विकिरण संरक्षण) नियम 2004 द्वारा शासित; निर्यात के लिए AERB लाइसेंस आवश्यक
- प्रसंस्करण इकाई: इंडियन रेयर अर्थ्स लिमिटेड (IREL) मोनाजाइट निष्कर्षण, प्रसंस्करण और निर्यात के लिए एकमात्र सरकारी अधिकृत निकाय है
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
जलाशय — राज्य
- घाटप्रभा — तेलंगाना
- गांधी सागर — मध्य प्रदेश
- इंदिरा सागर — आंध्र प्रदेश
- मैथन — छत्तीसगढ़
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित नहीं हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल तीन युग्म
दिए गए चार युग्मों में से केवल मध्य प्रदेश में गांधी सागर जलाशय सही सुमेलित है। अन्य तीन युग्म गलत सुमेलित हैं: घाटप्रभा कर्नाटक में है (तेलंगाना में नहीं), इंदिरा सागर मध्य प्रदेश में है (आंध्र प्रदेश में नहीं), और मैथन झारखंड में है (छत्तीसगढ़ में नहीं)।
❌ युग्म 1 – गलत: घाटप्रभा जलाशय कर्नाटक में स्थित है (घाटप्रभा नदी पर, जो कृष्णा की सहायक नदी है), तेलंगाना में नहीं।
✅ युग्म 2 – सही: गांधी सागर जलाशय मध्य प्रदेश के साथ सही सुमेलित है (चंबल नदी पर)।
❌ युग्म 3 – गलत: इंदिरा सागर जलाशय मध्य प्रदेश में स्थित है (नर्मदा नदी पर), आंध्र प्रदेश में नहीं।
❌ युग्म 4 – गलत: मैथन जलाशय झारखंड में स्थित है (बराकर नदी पर), छत्तीसगढ़ में नहीं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत के प्रमुख जलाशय
| जलाशय | राज्य | नदी |
|---|---|---|
| घाटप्रभा | कर्नाटक | घाटप्रभा (कृष्णा की सहायक नदी) |
| गांधी सागर | मध्य प्रदेश | चंबल |
| इंदिरा सागर | मध्य प्रदेश | नर्मदा |
| मैथन | झारखंड | बराकर (दामोदर की सहायक नदी) |
| हीराकुड | ओडिशा | महानदी |
| नागार्जुन सागर | तेलंगाना/आंध्र प्रदेश | कृष्णा |
| भाखड़ा नांगल | हिमाचल प्रदेश | सतलज |
| सरदार सरोवर | गुजरात | नर्मदा |