प्रयागराज से आगे गंगा में पश्चिम से पूर्व की ओर मिलने वाली हिमालयी नदियों के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा क्रम सही है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — गोमती - घाघरा – गंडक – कोसी
प्रयागराज से आगे पश्चिम से पूर्व की ओर गंगा में मिलने वाली हिमालयी नदियों का सही क्रम गोमती, घाघरा, गंडक और कोसी है। गोमती वाराणसी के निकट मिलती है (सबसे पश्चिम में), इसके बाद घाघरा छपरा में, गंडक पटना के निकट सोनपुर में, और कोसी कटिहार जिले के कुर्सेला के निकट (सबसे पूर्व में) मिलती है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: प्रयागराज से आगे गंगा की हिमालयी सहायक नदियाँ
| नदी | उद्गम | गंगा से संगम | प्रमुख विशेषताएँ |
|---|---|---|---|
| गोमती | गोमत ताल (फुल्हार झील), पीलीभीत जिला, उत्तर प्रदेश | वाराणसी (गाजीपुर) के निकट, उत्तर प्रदेश | मैदानी नदी; लखनऊ से होकर बहती है; इस क्रम में सबसे पश्चिमी सहायक नदी |
| घाघरा (करनाली) | मापचाचुंगो हिमनद, मानसरोवर के निकट, तिब्बत | छपरा (सारण जिला), बिहार | गंगा की आयतन के हिसाब से सबसे बड़ी सहायक नदी; नेपाल से होकर बहती है; उत्तर प्रदेश में कौरियाला भी कहलाती है |
| गंडक (नारायणी) | नेपाल हिमालय (धौलागिरि और एवरेस्ट के बीच) | सोनपुर (पटना के निकट), बिहार | काली गंडक और त्रिशूली से मिलकर बनी संयुक्त नदी; मार्ग परिवर्तन के लिए प्रसिद्ध |
| कोसी (सप्तकोसी) | तिब्बत/नेपाल हिमालय (अरुण, सन कोसी, तमूर कोसी से मिलकर बनी) | कुर्सेला के निकट, कटिहार जिला, बिहार | बार-बार बाढ़ और मार्ग परिवर्तन के कारण 'बिहार का शोक' कहलाती है; सबसे पूर्वी सहायक नदी |
- भौगोलिक क्रम: चारों नदियाँ हिमालय से निकलती हैं (गोमती को छोड़कर जो मैदानी है) और बिहार तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंगा में मिलती हैं, पश्चिम से पूर्व की ओर क्रमिक रूप से।
- महत्व: ये नदियाँ गंगा के मैदान में सिंचाई, जलविद्युत और नौवहन के लिए महत्वपूर्ण हैं, लेकिन बार-बार बाढ़ भी लाती हैं।
- संगम स्थल: संगम स्थलों को याद रखने से मदद मिलती है: वाराणसी → छपरा → पटना (सोनपुर) → कटिहार (गंगा के मार्ग के साथ पश्चिम से पूर्व)।
Question 3 of 18 अपवाह तंत्र एवं नदियाँ
Practice PYQ questions from this topic across all years
निम्नलिखित दावे पर विचार करें: प्लीस्टोसीन काल में या तो यमुना सिंधु में बहती थी, या...
निम्नलिखित जानकारी पर विचार कीजिए: जलप्रपात क्षेत्र नदी 1. धुआंधार...