निम्नलिखित दावे पर विचार करें:
प्लीस्टोसीन काल में या तो यमुना सिंधु में बहती थी, या सतलज यमुना में बहती थी और दोनों में से एक प्रमुख सहायक नदी गंगा से सिंधु में स्थानांतरित हो गई थी या इसके विपरीत।
निम्नलिखित में से कौन सा/से उपरोक्त दावे का आधार है/हैं?
- ऋग्वेद का नदी-सूक्त
- रॉबर्ट ब्रूस फूटे द्वारा सतलज और यमुना की खोज
- सिंधु और गंगा दोनों नदी प्रणालियों में डॉल्फ़िन की एक ही प्रजाति की उपस्थिति
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
🧠 पहले अवधारणा — क्या पूछा जा रहा है?
यह प्रश्न प्लीस्टोसीन काल में नदी अपहरण और अपवाह विकास की समझ परखता है — विशेष रूप से सिंधु और गंगा नदी प्रणालियों के प्राचीन संबंध के बारे में।
🌊 मूल भूगर्भीय विचार
प्लीस्टोसीन काल में इंडो-ब्रह्मा (शिवालिक नदी) नामक एक विशाल नदी आधुनिक सिंधु और गंगा बेसिन को जोड़ती थी। बाद में विवर्तनिक उत्थान (दिल्ली रिज) के कारण नदी अपवर्तन हुआ।
📋 कथन-वार विश्लेषण
कथन 1 — गलत। नदी-सूक्त (ऋग्वेद 10.75) — होलोसीन मानव भूगोल को दर्शाता है, प्लीस्टोसीन भूगर्भीय बदलावों को नहीं।
कथन 2 — गलत। रॉबर्ट ब्रूस फूट = "भारतीय प्रागितिहास के पिता" — पल्लवरम, तमिलनाडु में पहली पुरापाषाण कुल्हाड़ी (1863)। उनका कार्य दक्षिण भारत में पाषाण युग पुरातत्व पर केंद्रित था।
कथन 3 — सही। दो पूरी तरह अलग बेसिनों में निकट संबंधित अंध नदी डॉल्फिन की उपस्थिति:
- Platanista gangetica minor → सिंधु
- Platanista gangetica gangetica → गंगा
एक ही प्रजाति = प्राचीन नदी संयोजन का जैविक प्रमाण
Question 2 of 18 अपवाह तंत्र एवं नदियाँ
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