भगवान बुद्ध की प्रतिमा को कभी-कभी 'भूमिस्पर्श मुद्रा' नामक हस्त मुद्रा के साथ दिखाया जाता है। यह प्रतीक है
Detailed Explanation:
भूमिस्पर्श मुद्रा (पृथ्वी-स्पर्श मुद्रा) उस क्षण को दर्शाती है जब सिद्धार्थ गौतम ने बोध गया में मार के प्रलोभनों के दौरान, अपने दाहिने हाथ से पृथ्वी को छूकर पृथ्वी देवी (वसुधारा/स्थविरा) को साक्षी के रूप में बुलाया।
पृथ्वी ने अनगिनत पूर्व जन्मों में बुद्ध के संचित पुण्य, पवित्रता और आध्यात्मिक योग्यता की गवाही दी, जिससे मार का दावा पराजित हुआ और उनके ज्ञान प्राप्ति के अधिकार की पुष्टि हुई। यह मुद्रा पवित्रता और शुद्धता की साक्षी का प्रतीक है, न कि विघ्न से भौतिक सुरक्षा का।
Question 2 of 2 बौद्ध मूर्तिकला
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