UPSC Prelims 2026
भारतीय अर्थव्यवस्था Previous Year Questions (PYQs)
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निम्नलिखित में से कौन सा राष्ट्रीय सतत कृषि मिशन (एनएमएसए) के तहत वर्षा आधारित क्षेत्र विकास (आरएडी) पहल का उद्देश्य है/हैं?
- वर्षा आधारित क्षेत्रों में मोनोकल्चर को प्रोत्साहित करना
- सिंचित क्षेत्रों में चावल की खेती बढ़ाना
- एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाना और जलवायु संबंधी जोखिमों को कम करना
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Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत।
RAD स्पष्ट रूप से एकीकृत कृषि प्रणाली (IFS) को बढ़ावा देता है, जिसमें बहु-फसल, चक्रीय फसल, बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन और कृषि-वानिकी शामिल हैं। एकल फसल (मोनोकल्चर) इस योजना के मूल दर्शन के विरुद्ध है।
कथन 2 — गलत।
RAD का लक्ष्य वर्षा आधारित क्षेत्र हैं — अर्थात् वे क्षेत्र जहाँ सुनिश्चित सिंचाई उपलब्ध नहीं है। पहले से सिंचित क्षेत्रों में चावल की खेती विस्तार करना इसके दायरे से पूरी तरह बाहर है।
कथन 3 — सही।
RAD का मुख्य उद्देश्य IFS के माध्यम से उत्पादकता बढ़ाना और जलवायु लचीलापन (Climate Resilience) विकसित करना है, ताकि सूखा, बाढ़ और फसल विफलता जैसी स्थितियों में किसानों की आय सुरक्षित रह सके।
मुख्य बिंदु: NMSA के अंतर्गत RAD मूल रूप से जल-अल्प, वर्षा-निर्भर कृषि क्षेत्रों में विविधीकरण और लचीलेपन पर केंद्रित है — न कि एकल फसल या सिंचित क्षेत्र विस्तार पर।
भारत में विकलांग व्यक्तियों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2018 में भारत की संसद द्वारा पारित एक अधिनियम, शिक्षा और रोजगार में आरक्षण को अनिवार्य बनाता है, पहुंच और गैर-भेदभाव सुनिश्चित करने के लिए सरकारों पर कानूनी कर्तव्य डालता है।
- सुगम्य भारत अभियान तीन प्रमुख डोमेन - निर्मित बुनियादी ढांचे, परिवहन प्रणाली और सूचना और संचार प्रौद्योगिकी - में विकलांग व्यक्तियों के लिए सार्वभौमिक पहुंच प्राप्त करने पर केंद्रित है।
- राष्ट्रीय दिव्यांगजन वित्त और विकास निगम (एनडीएफडीसी) एक सार्वजनिक क्षेत्र का संगठन है जिसे कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय द्वारा विकलांग व्यक्तियों (पीडब्ल्यूडी) के बीच उद्यमिता को बढ़ावा देने के लिए एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में स्थापित किया गया है।
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Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत। दिव्यांगजन अधिकार (RPwD) अधिनियम 2018 नहीं, बल्कि 2016 में पारित किया गया था। यह संयुक्त राष्ट्र दिव्यांगजन अधिकार अभिसमय के अनुरूप है और इसमें प्रावधान है:
- सरकारी रोजगार में 4% आरक्षण
- उच्च शिक्षा में 5% आरक्षण
- सरकारों पर गैर-भेदभाव और सुगम्यता सुनिश्चित करने का कानूनी दायित्व
कथन 2 — सही। सुगम्य भारत अभियान (Accessible India Campaign) 2015 में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग (DEPwD) द्वारा शुरू किया गया था। यह तीन प्रमुख क्षेत्रों में सार्वभौमिक सुगम्यता पर केंद्रित है:
- निर्मित अवसंरचना — बाधा-मुक्त सार्वजनिक भवन
- परिवहन प्रणाली — सुगम्य रेलवे, हवाई अड्डे और सड़कें
- सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी — सुगम्य सरकारी वेबसाइटें और डिजिटल पारिस्थितिकी तंत्र
कथन 3 — गलत। NDFDC एक केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम है जो गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में पंजीकृत है, परंतु यह कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय के अधीन नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत स्थापित है।
मुख्य ट्रिक: यह प्रश्न सटीक तथ्यात्मक विवरण परखता है — अधिनियम का वर्ष (2016 बनाम 2018) और मंत्रालय का नाम (सामाजिक न्याय बनाम कॉर्पोरेट मामले)।
भारत सरकार के सागरमाला कार्यक्रम के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
मैं. सागरमाला कार्यक्रम लागत प्रभावी और टिकाऊ तटीय बुनियादी ढांचे के माध्यम से बंदरगाह आधारित आर्थिक विकास हासिल करना चाहता है। द्वितीय. सागरमाला कार्यक्रम की सफलता वैश्विक बंदरगाह रैंकिंग में सुधार के साथ-साथ तटीय और अंतर्देशीय जलमार्ग शिपिंग में महत्वपूर्ण वृद्धि में परिलक्षित होती है। तृतीय. सागरमाला 2.0 का लक्ष्य भारत को आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत 2047 के दृष्टिकोण के अनुरूप एक वैश्विक समुद्री नवाचार केंद्र के रूप में स्थापित करना है।
उपरोक्त कथनों में से कौन सा/से संबंध सही है/हैं?
- विवरण II कथन I में परिकल्पित रणनीतियों की प्रभावशीलता को मान्य करता है।
- विवरण III कथन I के उद्देश्यों को भविष्य-उन्मुख नवाचार ढांचे में शामिल करके विस्तारित करता है।
- कथन I आधुनिक नवाचार के बजाय केवल पारंपरिक बुनियादी ढांचे पर ध्यान केंद्रित करके कथन III का खंडन करता है।
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Detailed Explanation:
सही उत्तर: विकल्प 2 (संबंध 1 और 2 सही हैं)
सरल व्याख्या:
मूल तथ्य:
- कथन I: सागरमाला = बंदरगाह-आधारित विकास (2015 में शुरू)
- कथन II: वास्तविक सफलता — तटीय शिपिंग में 118% वृद्धि, अंतर्देशीय जलमार्ग कार्गो में 700% वृद्धि, 9 भारतीय बंदरगाह वैश्विक टॉप 100 में
- कथन III: सागरमाला 2.0 = अगला चरण, स्मार्ट बंदरगाह, हरित शिपिंग, नवाचार पर केंद्रित
संबंध 1 — सही। कथन II वास्तविक आंकड़े/प्रमाण देता है कि कथन I की रणनीति वास्तव में सफल रही। इसलिए II, I को प्रमाणित करता है।
संबंध 2 — सही। कथन III बस कथन I का अगला चरण है — उसी बंदरगाह-आधारित विकास पर नवाचार और तकनीक जोड़ता है। यह विस्तार करता है, बदलता नहीं।
संबंध 3 — गलत। कथन I, कथन III से विरोधाभासी नहीं है। बुनियादी ढांचा (कथन I) ही वह आधार है जिस पर आधुनिक नवाचार (कथन III) बनाया गया है।
याद रखने की तरकीब: सागरमाला 1.0 = आधार बनाना। सागरमाला 2.0 = उस आधार पर भविष्य बनाना। कोई टकराव नहीं, केवल प्रगति।
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विझिंजम अंतर्राष्ट्रीय बंदरगाह किस तरह से भारत की समुद्री व्यापार और रसद नीति में एक संरचनात्मक बदलाव का प्रतिनिधित्व करता है?
- तटीय शिपिंग पर निर्भरता को कम करने और विदेशी सहयोग की आवश्यकता को खत्म करने के लिए विशेष रूप से घरेलू कार्गो हब के रूप में कार्य करके।
- समुद्री विरासत स्थल के रूप में केरल की छवि को बढ़ाने के लिए मुख्य रूप से यात्री क्रूज पर्यटन और विरासत शिपिंग पर ध्यान केंद्रित करके।
- विदेशी ट्रांस-शिपमेंट बंदरगाहों पर निर्भरता कम करने, राजस्व प्रतिधारण बढ़ाने और क्षेत्रीय समुद्री व्यापार में भारत को पुनर्स्थापित करने के लिए अपने प्राकृतिक गहरे ड्राफ्ट और रणनीतिक स्थान का लाभ उठाकर।
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Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत। विझिंजम एक अंतर्राष्ट्रीय ट्रांसशिपमेंट हब है, केवल घरेलू कार्गो बंदरगाह नहीं। इसे तटीय शिपिंग की आवश्यकता है और यह विदेशी सहयोग को आमंत्रित करता है — समाप्त नहीं करता।
कथन 2 — गलत। क्रूज़ टर्मिनल है, लेकिन बंदरगाह का मुख्य फोकस कंटेनर ट्रांसशिपमेंट है, पर्यटन नहीं।
कथन 3 — सही। विझिंजम की ताकत:
- गहरा प्राकृतिक ड्राफ्ट (18-24 मीटर) — बड़े जहाज़ों (ULCS) को संभाल सकता है
- स्थान — प्रमुख ईस्ट-वेस्ट शिपिंग मार्ग से केवल 10 नॉटिकल मील दूर
- लक्ष्य: कोलंबो, सिंगापुर, जेबेल अली का व्यापार वापस लाना
- लाभ: भारत को वार्षिक $200-400 मिलियन की बचत
वैश्विक कपड़ा उद्योग में एरी सिल्क के लिए ओइको-टेक्स प्रमाणन प्राप्त करने का सबसे महत्वपूर्ण निहितार्थ निम्नलिखित में से कौन सा/से है?
- यह भारतीय निर्यातकों को उच्च-स्तरीय बाजारों में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति देता है जो रसायन-मुक्त उत्पादों को प्राथमिकता देते हैं।
- यह पुष्टि करता है कि एरी सिल्क अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण और गुणवत्ता मानकों को पूरा करता है, जिससे प्रीमियम पर्यावरण-जागरूक बाजारों में प्रवेश संभव हो जाता है।
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Detailed Explanation:
कथन 1 — सही। Oeko-Tex प्रमाणन साबित करता है कि रेशम हानिकारक रसायनों से मुक्त है। यह भारतीय निर्यातकों को उच्च-स्तरीय वैश्विक बाज़ारों में प्रतिस्पर्धा करने में मदद करता है।
कथन 2 — सही। यह प्रमाणन पुष्टि करता है कि एरी सिल्क अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा, पर्यावरण और गुणवत्ता मानकों को पूरा करता है। इसके GI टैग और "पीस सिल्क" (रेशम कीट को नहीं मारा जाता) की प्रतिष्ठा के साथ, यह यूरोप और उत्तरी अमेरिका जैसे प्रीमियम पर्यावरण-अनुकूल बाज़ारों में प्रवेश दिलाता है।
दोनों कथन एक ही लाभ के दो पहलू हैं — प्रमाणन = विश्वास = बाज़ार में प्रवेश।
यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) और सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (डिजिटल रुपया) के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन नहीं सही है?
Detailed Explanation:
विकल्प A — सही कथन। UPI बैंक खातों में मौजूद पैसे को स्थानांतरित करता है। डिजिटल रुपया RBI द्वारा सीधे जारी डिजिटल नकद के समान है।
विकल्प B — सही कथन। UPI: तुरंत डेबिट/क्रेडिट होता है। डिजिटल रुपया: वॉलेट-से-वॉलेट हस्तांतरण तुरंत अंतिम होता है, नकद देने जैसा।
विकल्प C — सही कथन। UPI लेनदेन बैंक खातों से होकर जाता है, इसलिए बैंक स्टेटमेंट में दिखता है। डिजिटल रुपया वॉलेट-से-वॉलेट है, इसलिए व्यक्तिगत लेनदेन बैंक स्टेटमेंट में नहीं दिखता।
विकल्प D — गलत (यही उत्तर है)।
- UPI का पैसा = व्यावसायिक बैंक की जिम्मेदारी
- डिजिटल रुपया = RBI की जिम्मेदारी (क्योंकि RBI सीधे जारी करता है)
ये अलग-अलग हैं — "दोनों में जिम्मेदारी बैंकों की है" कहना गलत है।
निम्नलिखित में से कौन सा भारत के 'ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स' (ओएनडीसी) पहल के मुख्य उद्देश्य का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
Detailed Explanation:
विकल्प A — गलत। ONDC सरकार-नियंत्रित नहीं है — यह एक खुला, विकेंद्रीकृत बाज़ार बनाता है।
विकल्प B — गलत। ONDC Amazon/Flipkart जैसी कंपनियों की जगह नहीं लेता। बल्कि निजी ऐप्स ONDC नेटवर्क में शामिल होकर काम करते हैं।
विकल्प C — सही। ONDC का मुख्य उद्देश्य: कुछ बड़ी ई-कॉमर्स कंपनियों के एकाधिकार को तोड़ना — बाज़ार को खुला और इंटरऑपरेबल बनाकर, ताकि छोटे व्यवसाय, स्थानीय दुकानें और MSME सीधे ग्राहकों तक पहुँच सकें।
विकल्प D — गलत। ONDC को "ई-कॉमर्स का UPI" कहा जाता है क्योंकि यह वही खुला दर्शन अपनाता है, लेकिन यह UPI को एकमात्र भुगतान तरीका नहीं बनाता।
याद रखने की तरकीब: जैसे UPI ने एक भुगतान ऐप के एकाधिकार को तोड़ा, ONDC वही काम शॉपिंग ऐप्स के लिए करता है — बड़े प्लेटफार्मों का प्रभुत्व तोड़ना।
निम्नलिखित में से कौन राजकोषीय नीति के संदर्भ में 'क्राउडिंग आउट इफ़ेक्ट' का सबसे अच्छा वर्णन करता है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: विकल्प 2 — सरकारी उधारी से ब्याज दरें बढ़ती हैं, जिससे निजी निवेश घटता है
सरल व्याख्या:
विकल्प A — गलत। यह विपरीत अवधारणा "Crowding In Effect" का वर्णन करता है — जो मंदी के दौरान होता है जब सरकारी खर्च निजी निवेश को भी बढ़ाता है।
विकल्प B — सही। Crowding Out ऐसे काम करता है:
- सरकार घाटे का बजट बनाती है → बाज़ार से भारी उधार लेती है
- अधिक उधारकर्ता एक ही धन-पूल के लिए प्रतिस्पर्धा करते हैं
- इससे ब्याज दरें बढ़ती हैं
- ऊँची ब्याज दरें निजी व्यवसायों के लिए कर्ज महंगा बनाती हैं
- इसलिए निजी निवेश घट जाता है
विकल्प C — गलत। अधिक कर का मतलब है लोगों के पास कम पैसा → निवेश घटना, बढ़ना नहीं।
विकल्प D — गलत। सरकारी खर्च मांग को बढ़ाता है। Crowding out का मतलब है शुद्ध प्रभाव कम हो सकता है, शून्य नहीं।
याद रखने की तरकीब: सरकार बहुत अधिक उधार लेती है → ब्याज दरें बढ़ती हैं → निजी क्षेत्र कर्ज बाज़ार से "बाहर धकेल दिया जाता है" (crowded out)।
विमानन क्षेत्र में बीमा के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है/हैं?
- 'एविएशन हल इंश्योरेंस' बॉडी, इंजन और ऑन-बोर्ड उपकरण सहित भौतिक विमान को कवर करता है।
- भारत सहित 130 से अधिक देशों द्वारा 1999 में अपनाए गए मॉन्ट्रियल कन्वेंशन के तहत, एयरलाइंस प्रत्येक मृत यात्री के परिवार/नामांकित व्यक्ति को परिवार से गलती साबित करने की आवश्यकता के बिना मुआवजा देने के लिए सख्ती से उत्तरदायी हैं।
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Detailed Explanation:
कथन 1 — सही। एविएशन हल इंश्योरेंस विमान की भौतिक संरचना को कवर करता है — बॉडी (फ्यूज़लेज), पंख, इंजन, और ऑनबोर्ड उपकरण। इसे मशीन का बीमा समझें, यात्रियों का नहीं।
कथन 2 — सही। मॉन्ट्रियल कन्वेंशन (1999) — भारत समेत 130+ देशों द्वारा हस्ताक्षरित — कहता है:
- एक निश्चित सीमा तक मृत्यु/चोट के दावों के लिए, एयरलाइन स्वचालित रूप से जिम्मेदार है
- परिवार को दोष साबित करने की आवश्यकता नहीं
- इसे "strict liability" कहा जाता है — उस सीमा तक मुआवज़ा निश्चित है
याद रखने की तरकीब:
- हल इंश्योरेंस = विमान की बॉडी का बीमा (मशीन)
- मॉन्ट्रियल कन्वेंशन = यात्रियों के लिए स्वचालित मुआवज़ा (दोष साबित किए बिना)
रियल-वर्ल्ड एसेट्स (आरडब्ल्यूए) टोकनाइजेशन के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
- टोकनाइजेशन ब्लॉकचेन तकनीक का उपयोग करके वास्तविक दुनिया की संपत्तियों को डिजिटल टोकन में बदलने की प्रक्रिया है।
- वास्तविक दुनिया की संपत्तियों का टोकनीकरण वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देते हुए 24x7 पहुंच प्रदान करता है।
- वास्तविक दुनिया की संपत्तियों के टोकनीकरण से भारत में व्यक्तियों के लिए उच्च विकास निवेश के अवसरों तक पहुंच संभव हो सकेगी।
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Detailed Explanation:
कथन 1 — सही। टोकनाइज़ेशन = वास्तविक संपत्तियों (रियल एस्टेट, सोना, बॉन्ड) के स्वामित्व को डिजिटल टोकन में बदलना, ब्लॉकचेन पर।
कथन 2 — सही। पारंपरिक बाज़ारों के विपरीत (निश्चित समय, स्थान सीमा), टोकनयुक्त संपत्तियों का व्यापार 24x7, विश्व स्तर पर, तुरंत किया जा सकता है। महंगी संपत्तियों को छोटे, सस्ते हिस्सों में बाँटा जा सकता है — यही वित्तीय समावेशन है।
कथन 3 — सही। भारत में, यह उच्च-विकास क्षेत्रों (रियल एस्टेट, इन्फ्रास्ट्रक्चर) को सामान्य निवेशकों के लिए खोलता है। IFSCA (GIFT City) जैसी संस्थाएँ इसे पहले से मंज़ूरी दे रही हैं।
तीनों कथन एक ही अवधारणा के अलग-अलग लाभों का वर्णन करते हैं — कोई विरोधाभास नहीं।
बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- एमपीआई की गणना एल्किरे-फोस्टर पद्धति का उपयोग करके की जाती है।
- नीति आयोग द्वारा गणना की गई एमपीआई में कुल बारह संकेतक हैं।
- मातृ स्वास्थ्य और बैंक खाता नीति आयोग के एमपीआई और संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम (यूएनडीपी) के एमपीआई में सामान्य संकेतक हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 — सही। भारत का राष्ट्रीय MPI और वैश्विक MPI (UNDP) दोनों एक ही पद्धति का उपयोग करते हैं — Alkire-Foster पद्धति — जो किसी व्यक्ति की एक साथ हो रही कठिनाइयों को गिनती है।
कथन 2 — सही। भारत के राष्ट्रीय MPI (NITI Aayog द्वारा) में 12 संकेतक हैं:
- 10 मानक वैश्विक संकेतक बरकरार
- भारत के लिए 2 नए संकेतक जोड़े गए
कथन 3 — गलत। यहाँ जाल है: मातृत्व स्वास्थ्य और बैंक खाता दोनों सूचकांकों में समान नहीं हैं। ये केवल भारत के राष्ट्रीय MPI में हैं — अतिरिक्त/विशिष्ट संकेतक। वैश्विक MPI (UNDP) में केवल 10 हैं, इन दोनों के बिना।
याद रखने की तरकीब: भारत का MPI = वैश्विक के 10 + भारत के विशेष 2 (मातृत्व स्वास्थ्य + बैंक खाता) = 12। ये 2 अतिरिक्त केवल भारत में हैं, UNDP के साथ साझा नहीं।
भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- एनबीएफसी डिमांड डिपॉजिट स्वीकार नहीं कर सकते।
- भारत में कार्यरत सभी एनबीएफसी को RBI के साथ पंजीकृत होना होगा।
- एनबीएफसी भुगतान और निपटान प्रणाली का हिस्सा हैं और स्वयं आहरित चेक जारी कर सकते हैं।
- जमा स्वीकार करने वाली एनबीएफसी के जमाकर्ताओं के लिए जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) की जमा बीमा सुविधा उपलब्ध नहीं है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 — सही। NBFC डिमांड डिपॉज़िट नहीं ले सकते।
कथन 2 — गलत। सभी NBFC RBI के साथ पंजीकृत नहीं होतीं।
कथन 3 — गलत। NBFC भुगतान प्रणाली का हिस्सा नहीं हैं, चेक जारी नहीं कर सकतीं।
कथन 4 — सही। DICGC बीमा केवल बैंकों के लिए है, NBFC के लिए नहीं।
NBFC पर संक्षिप्त नोट्स (रिवीजन के लिए)
NBFC क्या है? कंपनी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत एक कंपनी, जो उधार, निवेश, लीजिंग आदि करती है — लेकिन बैंक नहीं है।
बैंक से प्रमुख अंतर:
| विशेषता | बैंक | NBFC |
|---|---|---|
| डिमांड डिपॉज़िट | ✅ अनुमति | ❌ नहीं |
| स्वयं चेक जारी | ✅ हाँ | ❌ नहीं |
| भुगतान प्रणाली का हिस्सा | ✅ हाँ | ❌ नहीं |
| DICGC बीमा | ✅ हाँ (₹5 लाख) | ❌ नहीं |
| CRR/SLR अनिवार्य | ✅ हाँ | ❌ नहीं |
| नियामक | RBI (हमेशा) | RBI या SEBI/IRDAI/MCA/राज्य सरकार |
NBFC के नियामक (RBI के अलावा):
- SEBI → वेंचर कैपिटल फंड्स
- IRDAI → बीमा कंपनियाँ
- कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय → निधि कंपनियाँ
- राज्य सरकारें → चिट फंड
NBFC के प्रकार:
- AFC, IFC, माइक्रोफाइनेंस NBFC, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी आदि
महत्व:
- बैंकों से वंचित क्षेत्रों तक पहुँच (ग्रामीण, MSME)
- आसान कागज़ी कार्रवाई, तेज़ ऋण
- वित्तीय समावेशन में योगदान
भारत में विभिन्न समितियों के संदर्भ में, निम्नलिखित विवरणों पर विचार करें:
| Sl. No. | समिति | उद्देश्य | संगठन जिसके तहत इसका गठन किया गया था |
|---|---|---|---|
| 1. | आर.एन. मल्होत्रा समिति | भारत में बीमा क्षेत्र के व्यापक सुधार | भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) |
| 2. | एल.सी. गुप्ता समिति | भारत में डेरिवेटिव ट्रेडिंग की शुरुआत के लिए एक रोडमैप तैयार करना | भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) |
| 3. | उर्जित आर. पटेल समिति | आवास क्षेत्र को बैंक ऋण देने में सुधार के लिए एक रोडमैप तैयार करना | भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) |
| 4. | Y.H. मालेगाम समिति | भारत में माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र में सुधारों के लिए एक रोडमैप तैयार करना | भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) |
उपरोक्त पंक्तियों में से किस पंक्ति में सभी विवरण सही ढंग से मेल खाते हैं?
Detailed Explanation:
पंक्ति 1 — गलत। R.N. मल्होत्रा समिति (1993) भारत सरकार द्वारा बनाई गई, IRDAI द्वारा नहीं। वास्तव में IRDAI की स्थापना (1999) इसी समिति की सिफारिशों से हुई — तो IRDAI इससे पहले इसे कैसे बना सकती थी!
पंक्ति 2 — सही। L.C. गुप्ता समिति (1996), SEBI द्वारा, डेरिवेटिव ट्रेडिंग के लिए।
पंक्ति 3 — गलत। उर्जित पटेल समिति (2013), RBI द्वारा — लेकिन इसका वास्तविक उद्देश्य था मॉनेटरी पॉलिसी फ्रेमवर्क सुधार, हाउसिंग सेक्टर नहीं।
पंक्ति 4 — सही। Y.H. मालेगाम समिति (2010), RBI द्वारा, माइक्रोफाइनेंस क्षेत्र सुधार के लिए।
महत्वपूर्ण समितियाँ
| समिति | वर्ष | द्वारा गठित | वास्तविक उद्देश्य |
|---|---|---|---|
| R.N. मल्होत्रा | 1993 | भारत सरकार | बीमा सुधार → IRDAI की स्थापना |
| L.C. गुप्ता | 1996 | SEBI | डेरिवेटिव ट्रेडिंग रोडमैप |
| उर्जित पटेल | 2013 | RBI | मॉनेटरी पॉलिसी सुधार; MPC की सिफारिश |
| Y.H. मालेगाम | 2010 | RBI | माइक्रोफाइनेंस नियमन |
| नरसिंहम समिति I | 1991 | भारत सरकार | बैंकिंग सुधार |
| नरसिंहम समिति II | 1998 | भारत सरकार | बैंकिंग सुधार (चरण 2) |
सामान्य जाल पैटर्न:
- समिति किसने बनाई (सरकार बनाम नियामक) में गड़बड़ी
- वास्तविक उद्देश्य को मिलते-जुलते उद्देश्य से बदलना
क्राउडफंडिंग के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है/हैं?
- क्राउडफंडिंग एक विशिष्ट परियोजना के लिए वेब-आधारित प्लेटफॉर्म या सोशल नेटवर्किंग साइट के माध्यम से कई निवेशकों से धन (छोटी राशि) का आग्रह है।
- छोटे और मध्यम उद्यम (एसएमई) कठोर प्रक्रियाओं से गुजरे बिना पूंजी की कम लागत पर धन जुटाने में सक्षम हैं।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
कथन 1 — सही। क्राउडफंडिंग (SEBI परिभाषा) = वेबसाइट/सोशल मीडिया के माध्यम से कई लोगों से छोटी राशि एकत्र करना, किसी विशेष परियोजना के लिए।
कथन 2 — सही। SMEs और स्टार्टअप्स के लिए क्राउडफंडिंग देती है:
- सस्ता वित्त पोषण (बैंक ऋण की तुलना में)
- कम कागज़ी कार्रवाई, गारंटी की आवश्यकता नहीं
- बड़े निवेशकों को इक्विटी हिस्सेदारी देने की ज़रूरत नहीं
क्राउडफंडिंग
परिभाषा (SEBI): वेब/सोशल प्लेटफॉर्म के माध्यम से कई निवेशकों से छोटी राशि की मांग, किसी विशेष परियोजना के लिए।
प्रकार:
| प्रकार | अर्थ |
|---|---|
| दान-आधारित | कोई वापसी नहीं (आपदा राहत) |
| पुरस्कार-आधारित | बदले में उत्पाद/लाभ |
| इक्विटी-आधारित | निवेशकों को शेयर |
| ऋण-आधारित (P2P) | ब्याज के साथ वापसी |
लाभ:
- सस्ता वित्त पोषण
- कम कागज़ी कार्रवाई
- वित्तीय समावेशन
जोखिम:
- नियमन की कमी
- धोखाधड़ी का खतरा
- भारत में इक्विटी क्राउडफंडिंग पर SEBI की सतर्कता
सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) के वित्तपोषण में एम1एक्सचेंज की भूमिका के बारे में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- M1xchange एमएसएमई को संपार्श्विक आधारित ऋण प्रदान करता है।
- M1xchange एमएसएमई के लिए चालान और विनिमय बिलों में छूट की सुविधा प्रदान करता है।
- M1xchange एमएसएमई के लिए क्रेडिट रेटिंग एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
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Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत। M1xchange वित्तपोषण गारंटी-मुक्त है। फंडिंग खरीदार की साख पर निर्भर करती है, MSME की संपत्ति पर नहीं।
कथन 2 — सही। M1xchange का मुख्य कार्य: MSMEs को उनके इनवॉइस/बिल को डिस्काउंट करके जल्दी भुगतान दिलाना — बैंकों/NBFC की बोली के माध्यम से।
कथन 3 — गलत। M1xchange क्रेडिट रेटिंग एजेंसी नहीं है। क्रेडिट रेटिंग एजेंसियाँ (CRISIL, ICRA) SEBI द्वारा नियंत्रित अलग संस्थाएँ हैं। M1xchange RBI द्वारा नियंत्रित है।
TReDS और M1xchange
TReDS क्या है? Trade Receivables Discounting System — RBI द्वारा नियंत्रित एक इलेक्ट्रॉनिक प्लेटफॉर्म जो MSMEs को उनके अदा न किए गए इनवॉइस पर शीघ्र भुगतान दिलाता है।
यह कैसे काम करता है:
- MSME बड़े खरीदार को सामान बेचती है
- MSME इनवॉइस TReDS पर अपलोड करती है
- बैंक/NBFC उस इनवॉइस को डिस्काउंट पर खरीदने की बोली लगाते हैं
- MSME को तुरंत नकद मिलता है
- बाद में खरीदार पूरी राशि वित्तदाता को चुकाता है
मुख्य विशेषताएँ:
- गारंटी-मुक्त वित्तपोषण
- बिना सहारा (Without Recourse) — जोखिम वित्तदाता पर
- बैंक ऋण पर निर्भरता कम
भारत में प्रमुख TReDS प्लेटफॉर्म:
- M1xchange
- RXIL
- Invoicemart
नियामक: RBI
एक ई-कॉमर्स राजस्व मॉडल जहां विक्रेता के पास मूल्य निर्धारण पर नियंत्रण होता है, लेकिन वह उत्पादों को स्टॉक में नहीं रखता है और इसके बजाय ग्राहक के ऑर्डर और शिपमेंट विवरण को तीसरे पक्ष के आपूर्तिकर्ता को स्थानांतरित करता है, जो फिर सीधे ग्राहक को माल भेजता है, उसे कहा जाता है:
Detailed Explanation:
ड्रॉपशिपिंग = विक्रेता कीमत तय करता है और ऑर्डर लेता है, लेकिन कभी सामान स्टॉक नहीं करता। जब कोई खरीदता है, विक्रेता ऑर्डर तीसरे पक्ष के सप्लायर को भेज देता है, जो सीधे ग्राहक को सामान भेजता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों:
| विकल्प | वास्तविक अर्थ | यह क्यों नहीं |
|---|---|---|
| एफिलिएट रेवेन्यू | किसी और के उत्पाद को बढ़ावा देकर कमीशन कमाना | कीमत नियंत्रण नहीं |
| ट्रांज़ैक्शन फीस | लेनदेन कराने के लिए शुल्क लेना | उत्पाद बेचने/भेजने से संबंधित नहीं |
| एजेंसी मॉडल | सेवाएँ देकर कमाई (मार्केटिंग, डिज़ाइन) | भौतिक सामान से संबंधित नहीं |
ई-कॉमर्स रेवेन्यू मॉडल
| मॉडल | मुख्य विचार |
|---|---|
| ड्रॉपशिपिंग | कोई इन्वेंटरी नहीं; विक्रेता ऑर्डर सप्लायर को भेजता है; कीमत नियंत्रण विक्रेता के पास |
| एफिलिएट रेवेन्यू | बिक्री बढ़ाने पर कमीशन |
| ट्रांज़ैक्शन फीस | लेनदेन सुगम बनाने के लिए शुल्क |
| एजेंसी मॉडल | सेवाओं के लिए शुल्क, उत्पाद नहीं |
| सब्सक्रिप्शन मॉडल | निरंतर भुगतान (Netflix, SaaS) |
| होलसेल मॉडल | थोक में खरीद, खुदरा में बिक्री (इन्वेंटरी रखती है) |
एक बांड जिसकी आय का उपयोग केवल पर्यावरण और सामाजिक दोनों परियोजनाओं के संयोजन को वित्त या पुनर्वित्त करने के लिए किया जाता है, उसे कहा जाता है:
Detailed Explanation:
सस्टेनेबिलिटी बॉन्ड वह बॉन्ड है जिसकी राशि का उपयोग पर्यावरणीय (Green) और सामाजिक (Social) दोनों प्रकार की परियोजनाओं के वित्तपोषण के लिए किया जाता है।
-
Green Bond केवल पर्यावरणीय परियोजनाओं के लिए होता है।
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Social Bond केवल सामाजिक परियोजनाओं के लिए होता है।
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Sustainability Bond दोनों प्रकार की परियोजनाओं को वित्त प्रदान करता है।
-
Sovereign Bond सरकार द्वारा जारी ऋण-पत्र होता है और इसका उपयोग किसी विशेष पर्यावरणीय या सामाजिक उद्देश्य तक सीमित नहीं होता।
-
अतः सही उत्तर विकल्प (C) Sustainability Bond है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| विकल्प | वास्तविक अर्थ | यह क्यों नहीं? |
|---|---|---|
| Green Bond | केवल पर्यावरणीय परियोजनाओं के लिए धन जुटाता है | सामाजिक परियोजनाएँ शामिल नहीं |
| Social Bond | केवल सामाजिक परियोजनाओं के लिए धन जुटाता है | पर्यावरणीय परियोजनाएँ शामिल नहीं |
| Sustainability Bond | पर्यावरणीय और सामाजिक दोनों परियोजनाओं के लिए | ✅ सही उत्तर |
| Sovereign Bond | सरकार द्वारा जारी ऋण-पत्र | धन का उपयोग किसी विशेष उद्देश्य तक सीमित नहीं |
निम्नलिखित में से कौन सा भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के वित्तीय समावेशन सूचकांक (FI-सूचकांक) के तीन प्रमुख उप-सूचकांकों का सही प्रतिनिधित्व करता है?
Detailed Explanation:
भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने वर्ष 2021 में Financial Inclusion Index (FI-Index) शुरू किया, जिससे देश में वित्तीय समावेशन के स्तर को मापा जाता है।
FI-Index के तीन प्रमुख उप-सूचकांक हैं:
-
Access (35%) – बैंक शाखाओं, ATM और डिजिटल वित्तीय सुविधाओं की उपलब्धता।
-
Usage (45%) – बचत, ऋण, बीमा, निवेश और डिजिटल भुगतान जैसी सेवाओं का वास्तविक उपयोग।
-
Quality (20%) – वित्तीय साक्षरता, उपभोक्ता संरक्षण और सेवाओं की गुणवत्ता।
-
अतः सही उत्तर विकल्प (C) Access, Usage and Quality है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| विकल्प | क्या दर्शाता है | यह क्यों नहीं? |
|---|---|---|
| Credit access, Insurance depth, Pension coverage | वित्तीय क्षेत्रों से संबंधित | आधिकारिक उप-सूचकांक नहीं |
| Banking access, GDP contribution, Financial literacy | मिश्रित संकेतक | GDP योगदान FI-Index का हिस्सा नहीं |
| Access, Usage, Quality | RBI के आधिकारिक उप-सूचकांक | ✅ सही उत्तर |
| Access, Affordability, Transparency | वित्तीय अवधारणाएँ | RBI द्वारा निर्धारित उप-सूचकांक नहीं |
UPSC Prelims 2026 - भारतीय अर्थव्यवस्था Chapter-wise Distribution
मुद्रा, बैंकिंग एवं वित्तीय प्रणाली
6 Qs (33.3%)वित्तीय बाज़ार और संस्थान
3 Qs (16.7%)अवसंरचना
2 Qs (11.1%)लोक वित्त एवं राजकोषीय नीति
1 Qs (5.6%)बाह्य क्षेत्र
1 Qs (5.6%)सरकारी योजनाएँ एवं सामाजिक क्षेत्र
1 Qs (5.6%)कृषि
1 Qs (5.6%)सेवा क्षेत्र
1 Qs (5.6%)उद्योग
1 Qs (5.6%)राष्ट्रीय आय एवं आर्थिक विकास
1 Qs (5.6%)UPSC Prelims 2026 - भारतीय अर्थव्यवस्था Questions FAQs
Q1 How many भारतीय अर्थव्यवस्था questions were asked in UPSC Prelims 2026?
Q2 What is the chapter-wise question distribution for भारतीय अर्थव्यवस्था in UPSC Prelims 2026?
- मुद्रा, बैंकिंग एवं वित्तीय प्रणाली: 6 questions (33.3%)
- वित्तीय बाज़ार और संस्थान: 3 questions (16.7%)
- अवसंरचना: 2 questions (11.1%)
- लोक वित्त एवं राजकोषीय नीति: 1 questions (5.6%)
- बाह्य क्षेत्र: 1 questions (5.6%)
- सरकारी योजनाएँ एवं सामाजिक क्षेत्र: 1 questions (5.6%)
- कृषि: 1 questions (5.6%)
- सेवा क्षेत्र: 1 questions (5.6%)
- उद्योग: 1 questions (5.6%)
- राष्ट्रीय आय एवं आर्थिक विकास: 1 questions (5.6%)