भारत में गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों (एनबीएफसी) के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- एनबीएफसी डिमांड डिपॉजिट स्वीकार नहीं कर सकते।
- भारत में कार्यरत सभी एनबीएफसी को RBI के साथ पंजीकृत होना होगा।
- एनबीएफसी भुगतान और निपटान प्रणाली का हिस्सा हैं और स्वयं आहरित चेक जारी कर सकते हैं।
- जमा स्वीकार करने वाली एनबीएफसी के जमाकर्ताओं के लिए जमा बीमा और क्रेडिट गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) की जमा बीमा सुविधा उपलब्ध नहीं है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
कथन 1 — सही। NBFC डिमांड डिपॉज़िट नहीं ले सकते।
कथन 2 — गलत। सभी NBFC RBI के साथ पंजीकृत नहीं होतीं।
कथन 3 — गलत। NBFC भुगतान प्रणाली का हिस्सा नहीं हैं, चेक जारी नहीं कर सकतीं।
कथन 4 — सही। DICGC बीमा केवल बैंकों के लिए है, NBFC के लिए नहीं।
NBFC पर संक्षिप्त नोट्स (रिवीजन के लिए)
NBFC क्या है? कंपनी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत एक कंपनी, जो उधार, निवेश, लीजिंग आदि करती है — लेकिन बैंक नहीं है।
बैंक से प्रमुख अंतर:
| विशेषता | बैंक | NBFC |
|---|---|---|
| डिमांड डिपॉज़िट | ✅ अनुमति | ❌ नहीं |
| स्वयं चेक जारी | ✅ हाँ | ❌ नहीं |
| भुगतान प्रणाली का हिस्सा | ✅ हाँ | ❌ नहीं |
| DICGC बीमा | ✅ हाँ (₹5 लाख) | ❌ नहीं |
| CRR/SLR अनिवार्य | ✅ हाँ | ❌ नहीं |
| नियामक | RBI (हमेशा) | RBI या SEBI/IRDAI/MCA/राज्य सरकार |
NBFC के नियामक (RBI के अलावा):
- SEBI → वेंचर कैपिटल फंड्स
- IRDAI → बीमा कंपनियाँ
- कॉर्पोरेट मामलों का मंत्रालय → निधि कंपनियाँ
- राज्य सरकारें → चिट फंड
NBFC के प्रकार:
- AFC, IFC, माइक्रोफाइनेंस NBFC, हाउसिंग फाइनेंस कंपनी आदि
महत्व:
- बैंकों से वंचित क्षेत्रों तक पहुँच (ग्रामीण, MSME)
- आसान कागज़ी कार्रवाई, तेज़ ऋण
- वित्तीय समावेशन में योगदान
Question 2 of 15 भारत की बैंकिंग संरचना
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