UPSC Prelims 2026
भारतीय कला और संस्कृति Previous Year Questions (PYQs)
Explore 7 solved UPSC Prelims 2026 भारतीय कला और संस्कृति questions with detailed step-by-step bilingual solutions, option analysis, and answer keys.
ताई-अहोम साम्राज्य द्वारा निर्मित और यूनेस्को द्वारा विश्व धरोहर स्थल के रूप में अंकित मोइदाम के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है/हैं?
- उन्होंने सेना के किले के रूप में काम किया।
- वे रॉयल्स और नोबल्स के मनोरंजन केंद्र थे।
- वे रॉयल्स और रईसों की कब्रगाह थे।
- वे रॉयल्स और नोबल्स के युद्ध अभ्यास केंद्र थे।
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Detailed Explanation:
मोइडम (Moidam/Maidam) असम के ताई-अहोम साम्राज्य के पारंपरिक समाधि-स्थल (Burial Mounds) थे।
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कथन 1 गलत है: मोइडम सैन्य किले नहीं थे।
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कथन 2 गलत है: ये राजाओं और कुलीनों के मनोरंजन केंद्र नहीं थे।
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कथन 3 सही है: मोइडम अहोम राजाओं, रानियों और कुलीनों के दफन स्थल थे।
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कथन 4 गलत है: ये सैन्य प्रशिक्षण या युद्ध अभ्यास केंद्र नहीं थे।
-
अतः केवल कथन 3 सही है, इसलिए सही उत्तर विकल्प (C) है।
अन्य कथन गलत क्यों हैं?
| कथन | कारण |
|---|---|
| सैन्य किले | मोइडम धार्मिक एवं अंतिम संस्कार से जुड़े स्मारक थे। |
| मनोरंजन केंद्र | इनके ऐसे उपयोग का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं है। |
| युद्ध अभ्यास केंद्र | ये दफन स्थल थे, सैन्य प्रशिक्षण स्थल नहीं। |
निम्नलिखित में से किस मंदिर में नागर शैली का शिखर है?
- मालेगिट्टी शिवालय, बादामी
- हुचिमल्लीगुडी मंदिर, ऐहोल
- दशावतार मंदिर, देवगढ़
- विरुपाक्ष मंदिर, पत्तदकल
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Detailed Explanation:
नागर शैली की पहचान इसकी घुमावदार (Curvilinear) शिखर से होती है और यह मुख्यतः उत्तर भारत में विकसित हुई।
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कथन 1 गलत है: मालेगिट्टी शिवालय, बादामी द्रविड़ शैली का मंदिर है, इसमें नागर शैली का शिखर नहीं है।
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कथन 2 सही है: हुचिमल्लिगुड़ी मंदिर, ऐहोल में नागर शैली का घुमावदार शिखर पाया जाता है।
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कथन 3 सही है: दशावतार मंदिर, देवगढ़ नागर शैली के सबसे प्राचीन उदाहरणों में से एक है।
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कथन 4 गलत है: विरुपाक्ष मंदिर, पट्टडकल द्रविड़ शैली का मंदिर है और इसमें पिरामिडाकार विमाना है।
-
अतः कथन 2 और 3 सही हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (B) है।
नागर एवं द्रविड़ मंदिर वास्तुकला
| विशेषता | नागर शैली | द्रविड़ शैली |
|---|---|---|
| क्षेत्र | उत्तर भारत | दक्षिण भारत |
| शिखर | घुमावदार (Curvilinear) | पिरामिडाकार (Vimana) |
| शीर्ष भाग | आमलक एवं कलश | स्तूपिका |
| उदाहरण | दशावतार मंदिर, खजुराहो मंदिर | बृहदेश्वर मंदिर, विरुपाक्ष मंदिर |
महत्वपूर्ण तथ्य
-
ऐहोल को "भारतीय मंदिर वास्तुकला की जननी (Cradle of Indian Temple Architecture)" कहा जाता है।
-
पट्टडकल में नागर और द्रविड़ दोनों शैलियों के मंदिर मिलते हैं।
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दशावतार मंदिर, देवगढ़ गुप्तकालीन नागर शैली का महत्वपूर्ण उदाहरण है।
याद रखने की ट्रिक:
👉 Nagara = North = Curved Shikhara
👉 Dravida = South = Pyramid Tower
बाघ गुफाओं में हॉलिसलास्या पेंटिंग दर्शाती है:
Detailed Explanation:
मध्य प्रदेश की बाघ गुफाओं में स्थित हल्लिसालस्य (Hallisalasya) चित्रकला एक आनंदमय लोक नृत्य को दर्शाती है।
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इसमें महिलाओं को गोल घेरे में नृत्य करते हुए और लकड़ी की छोटी छड़ियाँ बजाते हुए दिखाया गया है।
-
यह दृश्य आधुनिक डांडिया या गरबा की याद दिलाता है।
-
साथ में महिला संगीतकार हुडुक्का (ढोल) और मंजीरे/झांझ बजाती हुई दिखाई गई हैं।
-
अतः सही उत्तर विकल्प (A) है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| विकल्प | कारण |
|---|---|
| बुद्ध की ध्यान मुद्रा | यह धार्मिक चित्र नहीं बल्कि लोक जीवन का दृश्य है। |
| कैलाश पर शिव-पार्वती | यह विषय एलोरा/एलिफेंटा जैसी हिंदू गुफाओं से संबंधित है। |
| समुद्र मंथन | हल्लिसालस्य चित्र में यह दृश्य नहीं दर्शाया गया है। |
| आनंदमय लोक नृत्य | चित्र में महिलाओं का समूह नृत्य दर्शाया गया है। ✅ |
संक्षिप्त नोट्स: बाघ गुफाएँ (Revision)
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| स्थान | धार जिला, मध्य प्रदेश |
| काल | 5वीं–6वीं शताब्दी ई. (गुप्त काल) |
| प्रकार | शैल-कट बौद्ध विहार |
| प्रसिद्ध गुफा | गुफा 4 – रंग महल |
| विशेषता | भित्ति चित्र एवं भित्तिचित्र कला |
| हल्लिसालस्य चित्र | लोक नृत्य का जीवंत दृश्य |
महत्वपूर्ण तथ्य
-
बाघ गुफाएँ अपनी सुंदर भित्ति चित्रकला के लिए प्रसिद्ध हैं।
-
यहाँ धार्मिक विषयों के साथ-साथ सामाजिक जीवन के दृश्य भी चित्रित किए गए हैं।
-
हल्लिसालस्य चित्र गुप्तकालीन संगीत, नृत्य और समाज की झलक प्रस्तुत करता है।
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निम्नलिखित कर्नाटक संगीत रागों में से कौन सा हिंदुस्तानी संगीत में राग बिलावल के समान है?
Detailed Explanation:
भारतीय शास्त्रीय संगीत की दो प्रमुख परंपराएँ हैं—हिंदुस्तानी संगीत और कर्नाटक संगीत। दोनों में कई रागों के समान स्वरक्रम मिलते हैं।
-
धीरा शंकराभरणम् कर्नाटक संगीत का राग है, जो हिंदुस्तानी संगीत के राग बिलावल के समकक्ष माना जाता है।
-
दोनों में सभी शुद्ध स्वर प्रयुक्त होते हैं।
-
यह स्वरक्रम Western Major Scale के समान है।
-
Nat Bhairavi, Kamavardhini और Hanumatodi बिलावल के समकक्ष नहीं हैं।
-
अतः सही उत्तर विकल्प (D) है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| विकल्प | हिंदुस्तानी समकक्ष | कारण |
|---|---|---|
| Nat Bhairavi | आसावरी थाट | बिलावल नहीं |
| Kamavardhini | पूर्वी थाट | अलग स्वरक्रम |
| Hanumatodi | भैरवी थाट | बिलावल से भिन्न |
| Dheera Shankarabharanam | बिलावल थाट | ✅ सही उत्तर |
अमरावती स्तूप और इसकी उभरी हुई मूर्तिकला पर निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- यह निचली कृष्णा घाटी में स्थित था।
- भारत में यह आकार में साँची स्तूप के बाद दूसरे स्थान पर था।
- अमरावती मूर्तिकला शैली ने बाद के दक्षिण भारतीय मूर्तिकला पर स्थायी प्रभाव डाला और इसके उत्पादों को श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया में ले जाया गया।
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Detailed Explanation:
अमरावती स्तूप (महा चैत्य) प्राचीन भारत का एक महत्वपूर्ण बौद्ध स्मारक था।
-
कथन 1 सही है: यह वर्तमान आंध्र प्रदेश के कृष्णा नदी के निचले घाटी क्षेत्र में स्थित था।
-
कथन 2 गलत है: अमरावती स्तूप सांची स्तूप से भी बड़ा था, इसलिए यह सांची के बाद दूसरा सबसे बड़ा स्तूप नहीं था।
-
कथन 3 सही है: अमरावती कला शैली का प्रभाव दक्षिण भारत, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया तक फैला।
-
अतः कथन 1 और 3 सही हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (B) है।
कथनवार विश्लेषण
| कथन | स्थिति | कारण |
|---|---|---|
| यह कृष्णा घाटी के निचले भाग में स्थित था। | ✅ सही | आंध्र प्रदेश में कृष्णा नदी के किनारे स्थित था। |
| आकार में यह केवल सांची स्तूप से छोटा था। | ❌ गलत | अमरावती स्तूप सांची स्तूप से बड़ा था। |
| इसकी कला का प्रभाव दक्षिण भारत, श्रीलंका और दक्षिण-पूर्व एशिया पर पड़ा। | ✅ सही | व्यापार और सांस्कृतिक संपर्कों के माध्यम से इसका प्रभाव फैला। |
अमरावती स्तूप एवं अमरावती कला शैली
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| स्थान | अमरावती, आंध्र प्रदेश |
| नदी घाटी | कृष्णा नदी की निचली घाटी |
| काल | मुख्यतः सातवाहन काल |
| अन्य नाम | महा चैत्य |
| निर्माण सामग्री | श्वेत चूना पत्थर |
| कला शैली | अमरावती (आंध्र) कला शैली |
महत्वपूर्ण तथ्य
-
यह अपने सुंदर उत्कीर्णन (Relief Sculptures) के लिए प्रसिद्ध है।
-
यहाँ बुद्ध के जीवन और जातक कथाओं का चित्रण मिलता है।
-
अमरावती कला का प्रभाव बाद की पल्लव, चोल, श्रीलंकाई और दक्षिण-पूर्व एशियाई कला पर पड़ा।
फिल्म 'बूंग' के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- फिल्म ने हाल ही में बच्चों और पारिवारिक फिल्म श्रेणी में ब्रिटिश एकेडमी ऑफ फिल्म एंड टेलीविजन आर्ट्स (बाफ्टा) पुरस्कार जीता है।
- फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है।
- बच्चों और पारिवारिक फिल्म श्रेणी में बाफ्टा पुरस्कार जीतने वाली यह पहली भारतीय फिल्म है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
'बूंग (Boong)' एक मणिपुरी भाषा की फिल्म है जिसने BAFTA Awards में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की।
-
कथन 1 सही है: Boong ने Best Children's and Family Film श्रेणी में BAFTA पुरस्कार जीता।
-
कथन 2 सही है: इस फिल्म का निर्देशन लक्ष्मीप्रिया देवी ने किया है।
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कथन 3 सही है: यह इस श्रेणी में BAFTA जीतने वाली पहली भारतीय फिल्म बनी।
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अतः तीनों कथन सही हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (A) है।
कर्नाटक के प्रसिद्ध शास्त्रीय गायक पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर ने इसका प्रतिनिधित्व किया:
Detailed Explanation:
पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर (1910–1992) कर्नाटक के प्रसिद्ध हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायक थे और उन्हें
-
उन्होंने उस्ताद मंजी खान और उस्ताद भुरजी खान से प्रशिक्षण प्राप्त किया, जो इस घराने के संस्थापक उस्ताद अल्लादिया खान के पुत्र थे।
-
वे दुर्लभ और जटिल रागों की प्रस्तुति के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध थे।
-
अतः सही उत्तर विकल्प (D) है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| घराना | कारण |
|---|---|
| आगरा घराना | मंसूर इससे संबंधित नहीं थे। |
| ग्वालियर घराना | प्रारंभिक प्रशिक्षण मिला था, लेकिन बाद में जयपुर-अतरौली शैली अपनाई। |
| पटियाला घराना | यह घराना मंसूर से संबंधित नहीं है। |
| जयपुर-अतरौली घराना | मंसूर इसी घराने के प्रमुख गायक थे। ✅ |
जयपुर-अतरौली घराना
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| संस्थापक | उस्ताद अल्लादिया खान |
| संगीत परंपरा | हिंदुस्तानी शास्त्रीय संगीत |
| विशेषता | दुर्लभ राग, जटिल तानें और लयकारी |
| प्रमुख गायक | पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर |
| गायन शैली | खुली आवाज़ और गहन राग विस्तार |
महत्वपूर्ण तथ्य
-
जयपुर-अतरौली घराना हिंदुस्तानी संगीत के प्रमुख घरानों में से एक है।
-
यह घराना विशेष रूप से दुर्लभ रागों के संरक्षण और प्रस्तुति के लिए प्रसिद्ध है।
-
पंडित मल्लिकार्जुन मंसूर ने इस शैली को राष्ट्रीय पहचान दिलाई।
UPSC Prelims 2026 - भारतीय कला और संस्कृति Chapter-wise Distribution
भारतीय संगीत
2 Qs (28.6%)विविध एवं समसामयिक विषय
1 Qs (14.3%)भारतीय मूर्तिकला
1 Qs (14.3%)भारतीय चित्रकला
1 Qs (14.3%)भारतीय स्थापत्य कला
1 Qs (14.3%)यूनेस्को सांस्कृतिक विरासत
1 Qs (14.3%)UPSC Prelims 2026 - भारतीय कला और संस्कृति Questions FAQs
Q1 How many भारतीय कला और संस्कृति questions were asked in UPSC Prelims 2026?
Q2 What is the chapter-wise question distribution for भारतीय कला और संस्कृति in UPSC Prelims 2026?
- भारतीय संगीत: 2 questions (28.6%)
- विविध एवं समसामयिक विषय: 1 questions (14.3%)
- भारतीय मूर्तिकला: 1 questions (14.3%)
- भारतीय चित्रकला: 1 questions (14.3%)
- भारतीय स्थापत्य कला: 1 questions (14.3%)
- यूनेस्को सांस्कृतिक विरासत: 1 questions (14.3%)