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पंचायती राज व्यवस्था Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for पंचायती राज व्यवस्था with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for UPSC CSE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
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पुनर्निर्मित राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- इसके कार्यान्वयन की अवधि 1 अप्रैल, 2021 से 31 मार्च, 2026 है।
- पुनर्निर्मित आरजीएसए का मुख्य उद्देश्य सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए पंचायती राज संस्थानों की शासन क्षमताओं को विकसित करना है।
- पुनर्निर्मित आरजीएसए के लिए केंद्रीय वित्त पोषण का हिस्सा सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 100% है।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
कथन 1 — गलत। पुनर्गठित RGSA को 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2026 तक लागू करने के लिए अनुमोदित किया गया था (15वें वित्त आयोग की अवधि के साथ सह-समाप्त) — न कि 1 अप्रैल 2021 से।
कथन 2 — सही। पुनर्गठित RGSA का प्राथमिक उद्देश्य पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) की शासन क्षमताओं को विकसित करना है ताकि वे समावेशी स्थानीय शासन के माध्यम से जमीनी स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को स्थानीयकृत कर सकें।
कथन 3 — गलत। RGSA एक केन्द्र प्रायोजित योजना है — सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 100% केंद्रीय वित्त पोषित नहीं है। वित्त पोषण का स्वरूप इस प्रकार है:
| श्रेणी | केंद्र : राज्य |
|---|---|
| सामान्य श्रेणी के राज्य | 60 : 40 |
| पूर्वोत्तर, पहाड़ी राज्य एवं J&K (केंद्रशासित) | 90 : 10 |
| अन्य केंद्रशासित प्रदेश एवं केंद्रीय घटक | 100% केंद्रीय |
निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. मध्यवर्ती स्तर पर पंचायतें सभी राज्यों में मौजूद हैं।
II. मध्यवर्ती स्तर पर पंचायत का सदस्य बनने के लिए पात्र होने के लिए, व्यक्ति को तीस वर्ष की आयु प्राप्त करनी चाहिए।
III. राज्य के मुख्यमंत्री मध्यवर्ती स्तर पर पंचायतों की वित्तीय स्थिति की समीक्षा करने और राज्य द्वारा लगाए जाने वाले करों और कर्तव्यों की शुद्ध आय के वितरण के संबंध में राज्य और मध्यवर्ती स्तर पर पंचायतों के बीच सिफारिशें करने के लिए एक आयोग का गठन करते हैं।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही नहीं है?
Detailed Explanation:
तीनों कथन गलत हैं।
-
20 लाख से कम जनसंख्या वाले राज्यों में मध्यवर्ती स्तर (Intermediate Panchayat) अनिवार्य नहीं है।
-
पंचायत सदस्य बनने की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 30 वर्ष नहीं।
-
राज्य वित्त आयोग (State Finance Commission) का गठन मुख्यमंत्री नहीं, बल्कि राज्यपाल करते हैं।
73वाँ संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 ने पंचायती राज संस्थाओं को संवैधानिक दर्जा दिया। इसमें त्रिस्तरीय पंचायत व्यवस्था, नियमित चुनाव, आरक्षण तथा राज्य वित्त आयोग की व्यवस्था की गई है।
स्थानीय स्व-शासन को सर्वोत्तम रूप से किस प्रकार समझाया जा सकता है -
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण
स्थानीय स्व-शासन को लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण के रूप में सबसे अच्छे ढंग से समझा जाता है, जिसमें शक्तियों, कार्यों और संसाधनों का सरकार के उच्च स्तरों से स्थानीय निकायों को हस्तांतरण शामिल है, साथ ही निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से सक्रिय नागरिक भागीदारी भी। यह जमीनी स्तर पर लोकतंत्र सुनिश्चित करता है, समुदायों को स्थानीय मुद्दों को हल करने के लिए सशक्त बनाता है, और सबसे निचले प्रशासनिक स्तर पर कुशल सेवा वितरण सक्षम करता है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
❌ विकल्प 1 – संघवाद: हालांकि स्थानीय स्व-शासन एक संघीय संरचना के भीतर काम करता है, संघवाद मुख्य रूप से संघ और राज्य सरकारों के बीच शक्तियों के विभाजन को संदर्भित करता है, न कि स्थानीय निकायों को हस्तांतरण को।
❌ विकल्प 3 – प्रशासनिक प्रत्यायोजन: प्रशासनिक प्रत्यायोजन में संवैधानिक समर्थन या लोकतांत्रिक भागीदारी के बिना अधिकार का अस्थायी हस्तांतरण शामिल है, जबकि स्थानीय स्व-शासन की संवैधानिक स्थिति है (73वां और 74वां संशोधन) और इसमें निर्वाचित प्रतिनिधि शामिल हैं।
❌ विकल्प 4 – प्रत्यक्ष लोकतंत्र: प्रत्यक्ष लोकतंत्र का अर्थ है कि नागरिक सभी निर्णयों में सीधे भाग लेते हैं (जैसे जनमत संग्रह), जबकि स्थानीय स्व-शासन निर्वाचित प्रतिनिधियों के माध्यम से कार्य करता है (जमीनी स्तर पर प्रतिनिधि लोकतंत्र)।
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- पंचायत का सदस्य बनने के लिए किसी व्यक्ति की न्यूनतम आयु 25 वर्ष निर्धारित है।
- समय से पूर्व विघटन के बाद पुनर्गठित पंचायत केवल शेष अवधि के लिए जारी रहती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
❌ कथन 1 – गलत: पंचायत का सदस्य बनने के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष है, 25 वर्ष नहीं। संविधान के अनुच्छेद 243F में यह निर्धारित है कि किसी व्यक्ति को पंचायत की सदस्यता के लिए पात्र होने हेतु कम से कम 21 वर्ष की आयु होनी चाहिए।
✅ कथन 2 – सही: जब किसी पंचायत का समय से पूर्व विघटन के बाद पुनर्गठन किया जाता है, तो वह केवल मूल अवधि के शेष भाग के लिए जारी रहती है। अनुच्छेद 243E(4) स्पष्ट रूप से कहता है कि विघटन के बाद पुनर्गठित पंचायत केवल मूल अवधि की अव्यपगत अवधि के लिए जारी रहेगी, नए पांच वर्ष के कार्यकाल के लिए नहीं।
पंचायती राज व्यवस्था का मौलिक उद्देश्य निम्नलिखित में से किसे सुनिश्चित करना है?
- विकास में लोगों की भागीदारी
- राजनीतिक जवाबदेही
- लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण
- वित्तीय संग्रहण
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: विकास में लोगों की भागीदारी पंचायती राज व्यवस्था का एक मौलिक उद्देश्य है, जो अनुच्छेद 40 में परिकल्पित और 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से लागू स्थानीय योजना और विकास में जमीनी स्तर की भागीदारी को सक्षम बनाता है।
❌ कथन 2 – गलत: यद्यपि राजनीतिक जवाबदेही एक परिणाम के रूप में उभरती है, यह मौलिक उद्देश्यों में शामिल नहीं है; मुख्य लक्ष्य स्व-शासन के लिए संस्थाओं का निर्माण करना है, न कि जवाबदेही तंत्र स्थापित करना।
✅ कथन 3 – सही: लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण पंचायती राज का मूल सिद्धांत है, जो केंद्रीकृत संरचनाओं से स्थानीय स्व-सरकारी संस्थाओं को शक्ति हस्तांतरित कर जमीनी स्तर पर शासन सुनिश्चित करता है।
❌ कथन 4 – गलत: वित्तीय संग्रहण एक परिचालन पहलू और विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने का साधन है, लेकिन व्यवस्था का मौलिक उद्देश्य नहीं है; फोकस लोकतांत्रिक भागीदारी और विकेंद्रीकरण पर है।
सरकार ने 1996 में अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायत विस्तार (PESA) अधिनियम लागू किया। निम्नलिखित में से कौन सा इसके उद्देश्य के रूप में चिह्नित नहीं है?
Detailed Explanation:
PESA अधिनियम, 1996 का उद्देश्य पांचवीं अनुसूची के तहत अनुसूचित क्षेत्रों में पंचायती राज संस्थाओं का विस्तार करना है, जो स्व-शासन सुनिश्चित करता है, प्राकृतिक संसाधनों पर पारंपरिक अधिकारों को मान्यता देता है, और आदिवासी समुदायों को शोषण से बचाता है।
यह स्वायत्त क्षेत्र नहीं बनाता – यह कार्य छठी अनुसूची (अनुच्छेद 244(2) और 275(1)) द्वारा किया जाता है, जो असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम के कुछ आदिवासी क्षेत्रों में स्वायत्त जिला परिषदों का प्रावधान करती है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- राष्ट्रीय विकास परिषद योजना आयोग का एक अंग है।
- भारत के संविधान में आर्थिक और सामाजिक योजना को समवर्ती सूची में रखा गया है।
- भारत का संविधान निर्धारित करता है कि पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाओं की तैयारी का कार्य सौंपा जाना चाहिए।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: राष्ट्रीय विकास परिषद (NDC) एक स्वतंत्र सलाहकार निकाय था जो 1952 में स्थापित किया गया था, योजना आयोग का अंग नहीं। इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते थे और इसमें मुख्यमंत्री तथा केंद्रीय कैबिनेट मंत्री शामिल होते थे।
✅ कथन 2 – सही: आर्थिक और सामाजिक योजना को सातवीं अनुसूची की समवर्ती सूची (सूची III) में रखा गया है, जिससे संघ और राज्य दोनों सरकारें इस विषय पर कानून बना सकती हैं।
✅ कथन 3 – सही: संविधान का अनुच्छेद 243G यह अनिवार्य करता है कि पंचायतों को आर्थिक विकास और सामाजिक न्याय की योजनाएं तैयार करने का कार्य सौंपा जाए, जो जमीनी स्तर पर विकेंद्रीकृत योजना को बढ़ावा देता है।
पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम, 1996 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में ग्राम सभा की क्या भूमिका/शक्ति है?
- ग्राम सभा के पास अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि के हस्तांतरण को रोकने की शक्ति है।
- ग्राम सभा के पास लघु वनोपज का स्वामित्व है।
- अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी खनिज के लिए पूर्वेक्षण लाइसेंस या खनन पट्टा देने के लिए ग्राम सभा की सिफारिश आवश्यक है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: पेसा अधिनियम, 1996 के धारा 4(m)(iii) के तहत ग्राम सभा या उपयुक्त स्तर पर पंचायत को अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि के हस्तांतरण को रोकने और अनुसूचित जनजातियों की गैरकानूनी रूप से हस्तांतरित भूमि को बहाल करने की शक्ति प्राप्त है।
✅ कथन 2 – सही: पेसा अधिनियम की धारा 4(m)(ii) ग्राम सभा या उपयुक्त स्तर पर पंचायतों को लघु वनोपज का स्वामित्व प्रदान करती है।
❌ कथन 3 – गलत: अधिनियम की धारा 4(k) के अनुसार ग्राम सभा या पंचायतों की सिफारिश केवल लघु खनिजों के लिए पूर्वेक्षण लाइसेंस या खनन पट्टा देने के लिए अनिवार्य है, अनुसूचित क्षेत्रों में सभी खनिजों के लिए नहीं।
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