पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों में विस्तार) अधिनियम, 1996 के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों में ग्राम सभा की क्या भूमिका/शक्ति है?
- ग्राम सभा के पास अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि के हस्तांतरण को रोकने की शक्ति है।
- ग्राम सभा के पास लघु वनोपज का स्वामित्व है।
- अनुसूचित क्षेत्रों में किसी भी खनिज के लिए पूर्वेक्षण लाइसेंस या खनन पट्टा देने के लिए ग्राम सभा की सिफारिश आवश्यक है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: पेसा अधिनियम, 1996 के धारा 4(m)(iii) के तहत ग्राम सभा या उपयुक्त स्तर पर पंचायत को अनुसूचित क्षेत्रों में भूमि के हस्तांतरण को रोकने और अनुसूचित जनजातियों की गैरकानूनी रूप से हस्तांतरित भूमि को बहाल करने की शक्ति प्राप्त है।
✅ कथन 2 – सही: पेसा अधिनियम की धारा 4(m)(ii) ग्राम सभा या उपयुक्त स्तर पर पंचायतों को लघु वनोपज का स्वामित्व प्रदान करती है।
❌ कथन 3 – गलत: अधिनियम की धारा 4(k) के अनुसार ग्राम सभा या पंचायतों की सिफारिश केवल लघु खनिजों के लिए पूर्वेक्षण लाइसेंस या खनन पट्टा देने के लिए अनिवार्य है, अनुसूचित क्षेत्रों में सभी खनिजों के लिए नहीं।
Question 8 of 8 पंचायती राज व्यवस्था
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