पंचायती राज व्यवस्था का मौलिक उद्देश्य निम्नलिखित में से किसे सुनिश्चित करना है?
- विकास में लोगों की भागीदारी
- राजनीतिक जवाबदेही
- लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण
- वित्तीय संग्रहण
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: विकास में लोगों की भागीदारी पंचायती राज व्यवस्था का एक मौलिक उद्देश्य है, जो अनुच्छेद 40 में परिकल्पित और 73वें संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 के माध्यम से लागू स्थानीय योजना और विकास में जमीनी स्तर की भागीदारी को सक्षम बनाता है।
❌ कथन 2 – गलत: यद्यपि राजनीतिक जवाबदेही एक परिणाम के रूप में उभरती है, यह मौलिक उद्देश्यों में शामिल नहीं है; मुख्य लक्ष्य स्व-शासन के लिए संस्थाओं का निर्माण करना है, न कि जवाबदेही तंत्र स्थापित करना।
✅ कथन 3 – सही: लोकतांत्रिक विकेंद्रीकरण पंचायती राज का मूल सिद्धांत है, जो केंद्रीकृत संरचनाओं से स्थानीय स्व-सरकारी संस्थाओं को शक्ति हस्तांतरित कर जमीनी स्तर पर शासन सुनिश्चित करता है।
❌ कथन 4 – गलत: वित्तीय संग्रहण एक परिचालन पहलू और विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने का साधन है, लेकिन व्यवस्था का मौलिक उद्देश्य नहीं है; फोकस लोकतांत्रिक भागीदारी और विकेंद्रीकरण पर है।
Question 5 of 8 पंचायती राज व्यवस्था
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