UPSC Prelims 2017 Question Paper
Explore the complete solved question paper for UPSC Prelims 2017 featuring 100 solved questions with bilingual (English & Hindi) explanations, official answer key, and subject weightage breakdown.
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- फैक्टरी एक्ट, 1881 औद्योगिक श्रमिकों की मजदूरी तय करने और श्रमिकों को ट्रेड यूनियन बनाने की अनुमति देने के उद्देश्य से पारित किया गया था।
- N.M. लोखंडे ब्रिटिश भारत में श्रम आंदोलन के संगठन में अग्रणी थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
❌ कथन 1 – गलत: फैक्टरी एक्ट, 1881 मुख्य रूप से फैक्ट्रियों में बच्चों की कार्य स्थितियों को नियंत्रित करने से संबंधित था, न कि मजदूरी तय करने या ट्रेड यूनियनों की अनुमति देने से। इसने 7 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के रोजगार को प्रतिबंधित किया, बच्चों (7-12 वर्ष) के लिए काम के घंटे प्रति दिन 9 घंटे तक सीमित किए, और सप्ताह में एक दिन की छुट्टी अनिवार्य की। इस अधिनियम में मजदूरी निर्धारण या ट्रेड यूनियन गठन को संबोधित नहीं किया गया—ये पहलू बाद के श्रम कानूनों में आए।
✅ कथन 2 – सही: N.M. लोखंडे (नारायण मेघाजी लोखंडे) को ब्रिटिश भारत में श्रम आंदोलन के अग्रणी के रूप में मान्यता प्राप्त है। उन्होंने 1890 में बॉम्बे मिल हैंड्स एसोसिएशन की स्थापना की, जो भारत में पहले श्रम संगठनों में से एक था। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से अभियान चलाया, जिसमें ठेका प्रथा का उन्मूलन, साप्ताहिक छुट्टियाँ और कम काम के घंटे शामिल थे। उनके प्रयासों से बॉम्बे में औद्योगिक श्रमिकों की कार्य स्थितियों में महत्वपूर्ण सुधार हुए।
भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के संदर्भ में, निम्नलिखित घटनाओं पर विचार कीजिए:
- रॉयल इंडियन नेवी में विद्रोह
- भारत छोड़ो आंदोलन की शुरुआत
- दूसरा गोलमेज सम्मेलन
उपर्युक्त घटनाओं का सही कालानुक्रम क्या है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 3-2-1
दूसरा गोलमेज सम्मेलन सितंबर 1931 में लंदन में संवैधानिक सुधारों पर चर्चा के लिए आयोजित किया गया था। भारत छोड़ो आंदोलन महात्मा गांधी द्वारा 8 अगस्त 1942 को शुरू किया गया था, जिसमें भारत से तुरंत ब्रिटिश वापसी की मांग की गई थी। रॉयल इंडियन नेवी विद्रोह फरवरी 1946 में हुआ, जब भारतीय नाविकों ने ब्रिटिश भेदभाव और खराब स्थितियों के खिलाफ विद्रोह किया। इस प्रकार, सही कालानुक्रम 3-2-1 है।
भारतीय इतिहास के संदर्भ में, "द्वैध शासन (Dyarchy)" का सिद्धांत किसे संदर्भित करता है -
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — प्रांतों को सौंपे गए विषयों का दो श्रेणियों में विभाजन।
द्वैध शासन को भारत सरकार अधिनियम, 1919 द्वारा प्रांतीय स्तर पर दोहरे शासन की व्यवस्था के रूप में लागू किया गया था। इस व्यवस्था के तहत, प्रांतीय विषयों को दो श्रेणियों में बांटा गया: 'आरक्षित' विषय (गवर्नर और उनकी कार्यकारी परिषद द्वारा नियंत्रित) और 'हस्तांतरित' विषय (विधानमंडल के प्रति जवाबदेह भारतीय मंत्रियों द्वारा नियंत्रित)। यह उत्तरदायी सरकार का एक प्रयोग था, हालांकि इसे सीमित सफलता मिली।
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ब्रिटिश शासन के दौरान भारत में रैयतवाड़ी बंदोबस्त की शुरुआत के साथ निम्नलिखित में से कौन संबद्ध था/थे?
- लॉर्ड कॉर्नवालिस
- अलेक्जेंडर रीड
- थॉमस मुनरो
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 2 और 3
रैयतवाड़ी बंदोबस्त ब्रिटिश भारत में एक भू-राजस्व प्रणाली थी जिसमें सीधे कृषकों (रैयतों) के साथ बंदोबस्त किया जाता था। अलेक्जेंडर रीड ने पहली बार 1792 में मद्रास प्रेसीडेंसी के बारामहल जिले में इस प्रणाली को प्रायोगिक रूप से शुरू किया, और थॉमस मुनरो ने बाद में इसे परिष्कृत किया और मद्रास प्रेसीडेंसी में विस्तारित किया, जिससे वे इस प्रणाली के प्रमुख वास्तुकार बने।
❌ कथन 1 – गलत: लॉर्ड कॉर्नवालिस ने 1793 में बंगाल और बिहार में स्थायी बंदोबस्त (जमींदारी प्रणाली) की शुरुआत की, रैयतवाड़ी बंदोबस्त की नहीं।
✅ कथन 2 – सही: कैप्टन अलेक्जेंडर रीड ने तीसरे आंग्ल-मैसूर युद्ध के बाद 1792 में बारामहल जिले (मद्रास प्रेसीडेंसी) में पहली बार रैयतवाड़ी प्रणाली शुरू की।
✅ कथन 3 – सही: थॉमस मुनरो ने रैयतवाड़ी प्रणाली को परिष्कृत और अधिकांश मद्रास प्रेसीडेंसी में विस्तारित किया और बाद में मद्रास के गवर्नर (1820–1827) बने, इस भू-राजस्व प्रणाली के प्रमुख वास्तुकार के रूप में स्थापित हुए।
1929 के व्यापार विवाद अधिनियम (Trade Disputes Act) ने किसके लिए प्रावधान किया -
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — न्यायाधिकरणों की एक प्रणाली और हड़तालों पर प्रतिबंध।
1929 के व्यापार विवाद अधिनियम को ब्रिटिश औपनिवेशिक सरकार द्वारा भारत में औद्योगिक विवादों को विनियमित करने के लिए अधिनियमित किया गया था। इसने नियोक्ताओं और श्रमिकों के बीच संघर्षों की जांच और मध्यस्थता के लिए जांच न्यायालयों और सुलह बोर्डों (न्यायाधिकरणों) के माध्यम से एक औपचारिक तंत्र स्थापित किया। महत्वपूर्ण रूप से, अधिनियम ने हड़तालों पर कठोर प्रतिबंध लगाए: इसने सार्वजनिक उपयोगिता सेवाओं (रेलवे, डाक सेवाएं, जल आपूर्ति, आदि) में 14 दिनों की पूर्व सूचना के बिना हड़तालों पर प्रतिबंध लगा दिया, और आम हड़तालों और राजनीतिक हड़तालों को अवैध घोषित कर दिया। यह कानून मुख्य रूप से बढ़ते ट्रेड यूनियन आंदोलन को नियंत्रित करने और बड़े पैमाने पर श्रम अशांति को रोकने के उद्देश्य से था जो ब्रिटिश सत्ता को चुनौती दे सकती थी।
काकतीय साम्राज्य में निम्नलिखित में से कौन सा एक अत्यंत महत्वपूर्ण बंदरगाह था?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — मोटुपल्ली
मोटुपल्ली काकतीय साम्राज्य का सबसे महत्वपूर्ण बंदरगाह था, जो वर्तमान आंध्र प्रदेश के तट पर स्थित था। राजा गणपति देव ने लगभग 1245 ईस्वी में प्रसिद्ध मोटुपल्ली अभिलेख (अभय शासनम) जारी किया, जो विदेशी व्यापारियों के लिए सुरक्षा का एक चार्टर था, जिसमें उनकी सुरक्षा की गारंटी दी गई और समुद्री व्यापार को बढ़ावा देने के लिए उचित सीमा शुल्क स्थापित किए गए। वेनिस के यात्री मार्को पोलो ने रानी रुद्रमा देवी के शासनकाल के दौरान इस बंदरगाह का दौरा किया (इसे 'मुतफिली' के रूप में संदर्भित करते हुए) और साम्राज्य की समृद्धि का दस्तावेजीकरण किया, विशेष रूप से उत्कृष्ट मलमल और हीरों के व्यापार का उल्लेख किया।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
• काकीनाडा बहुत बाद में, औपनिवेशिक काल के दौरान प्रमुख हुआ।
• मछलीपट्टनम (मसूलीपट्टनम) ने कुतुब शाही और बाद में यूरोपीय औपनिवेशिक शक्तियों के अधीन महत्व प्राप्त किया, काकतीय काल में नहीं।
• नेल्लूरु मुख्य रूप से एक आंतरिक प्रशासनिक केंद्र था, काकतीय शासन के दौरान एक प्रमुख बंदरगाह नहीं था।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं।
- विखंडनीय सामग्री पर अंतर्राष्ट्रीय पैनल अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का एक अंग है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — न तो 1 और न ही 2
परमाणु सुरक्षा तंत्रों की संस्थागत संबद्धता के संबंध में दोनों कथन गलत हैं। परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन संयुक्त राष्ट्र ढांचे के बाहर एक स्वतंत्र पहल थी, और विखंडनीय सामग्री पर अंतर्राष्ट्रीय पैनल IAEA से संबद्ध नहीं है।
❌ कथन 1 – गलत: परमाणु सुरक्षा शिखर सम्मेलन (2010-2016) संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा एक स्वतंत्र पहल के रूप में शुरू किए गए थे, न कि संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में या किसी औपचारिक अंतर्राष्ट्रीय संगठन के अधीन।
❌ कथन 2 – गलत: विखंडनीय सामग्री पर अंतर्राष्ट्रीय पैनल (IPFM) शस्त्र नियंत्रण और अप्रसार विशेषज्ञों का एक स्वतंत्र समूह है, अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) का अंग नहीं।
'एशिया प्रशांत आवास और शहरी विकास मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (APMCHUD)' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- पहला APMCHUD भारत में 2006 में 'उभरते शहरी रूप — नीतिगत प्रतिक्रियाएं और शासन संरचना' विषय पर आयोजित किया गया था।
- भारत ADB, APEC और ASEAN के साथ साझेदारी में सभी वार्षिक मंत्रिस्तरीय सम्मेलनों की मेजबानी करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — न तो 1 और न ही 2
एशिया प्रशांत आवास और शहरी विकास मंत्रिस्तरीय सम्मेलन (APMCHUD) एशिया-प्रशांत देशों के लिए आवास और शहरी विकास मुद्दों पर सहयोग करने हेतु एक अंतर-सरकारी मंच है। दोनों कथनों में सम्मेलन के विषय और मेजबानी व्यवस्था के संबंध में तथ्यात्मक त्रुटियां हैं।
❌ कथन 1 – गलत: पहला APMCHUD दिसंबर 2006 में नई दिल्ली, भारत में आयोजित किया गया था, लेकिन इसका विषय 'एशिया-प्रशांत में 2020 तक सतत शहरीकरण के लिए एक दृष्टिकोण' था, न कि 'उभरते शहरी रूप — नीतिगत प्रतिक्रियाएं और शासन संरचना'।
❌ कथन 2 – गलत: APMCHUD एक द्विवार्षिक कार्यक्रम है जो विभिन्न सदस्य देशों द्वारा रोटेशन के आधार पर (पिछले सम्मेलनों में सहमति के अनुसार) आयोजित किया जाता है, न कि भारत द्वारा ADB, APEC और ASEAN के साथ साझेदारी में वार्षिक रूप से आयोजित किया जाता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत ने WTO के व्यापार सुविधा समझौते (TFA) की पुष्टि की है।
- TFA, WTO के 2013 के बाली मंत्रिस्तरीय पैकेज का एक हिस्सा है।
- TFA जनवरी 2016 में लागू हुआ।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1 और 2
व्यापार सुविधा समझौता (TFA) एक बहुपक्षीय समझौता है जिसका उद्देश्य सीमा शुल्क प्रक्रियाओं को सरल बनाना, लागत कम करना और व्यापार की गति और दक्षता में सुधार करना है। भारत ने इस समझौते की पुष्टि की है, जो WTO के 2013 के बाली मंत्रिस्तरीय पैकेज का एक प्रमुख घटक था। हालांकि, TFA फरवरी 2017 में लागू हुआ (जनवरी 2016 में नहीं), WTO के दो-तिहाई सदस्यों से पुष्टिकरण प्राप्त करने के बाद।
✅ कथन 1 – सही: भारत ने WTO के व्यापार सुविधा समझौते (TFA) की पुष्टि की है, जो व्यापार प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने की अपनी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
✅ कथन 2 – सही: TFA वास्तव में WTO के 2013 के बाली मंत्रिस्तरीय पैकेज का एक हिस्सा है, जिस पर बाली, इंडोनेशिया में नौवें मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में सहमति हुई थी।
❌ कथन 3 – गलत: TFA फरवरी 2017 में लागू हुआ, जनवरी 2016 में नहीं, WTO के दो-तिहाई सदस्यों द्वारा अपनी पुष्टिकरण प्रक्रिया पूरी करने के बाद।
संयुक्त राष्ट्र कार्यक्रम में UN-Habitat की भूमिका के संदर्भ में, जो एक बेहतर शहरी भविष्य की दिशा में कार्य कर रहा है, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- UN-Habitat को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से सतत शहरों और कस्बों को बढ़ावा देने तथा सभी के लिए पर्याप्त आवास प्रदान करने का अधिदेश दिया गया है।
- इसके भागीदार केवल सरकारें या स्थानीय शहरी प्राधिकरण हैं।
- UN-Habitat गरीबी कम करने और सुरक्षित पेयजल तथा बुनियादी स्वच्छता तक पहुंच को बढ़ावा देने के संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के समग्र उद्देश्य में योगदान देता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 1 और 3
UN-Habitat मानव बस्तियों के लिए संयुक्त राष्ट्र का कार्यक्रम है जिसका अधिदेश सतत शहरीकरण और सभी के लिए पर्याप्त आवास को बढ़ावा देना है। कथन 2 गलत है क्योंकि UN-Habitat विविध भागीदारों जैसे NGOs, शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र और नागरिक समाज संगठनों के साथ काम करता है, न कि केवल सरकारों और स्थानीय प्राधिकरणों के साथ।
✅ कथन 1 – सही: UN-Habitat को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा सामाजिक और पर्यावरणीय रूप से सतत शहरों और कस्बों को बढ़ावा देने तथा सभी के लिए पर्याप्त आवास प्रदान करने का अधिदेश दिया गया है।
❌ कथन 2 – गलत: UN-Habitat सरकारों, स्थानीय प्राधिकरणों, NGOs, शैक्षणिक संस्थानों, निजी क्षेत्र की संस्थाओं और नागरिक समाज संगठनों सहित हितधारकों की एक विस्तृत श्रृंखला के साथ भागीदारी करता है, न कि केवल सरकारों या स्थानीय शहरी प्राधिकरणों के साथ।
✅ कथन 3 – सही: UN-Habitat सतत शहरी विकास के हिस्से के रूप में गरीबी में कमी और सुरक्षित पेयजल तथा बुनियादी स्वच्छता तक पहुंच को बढ़ावा देने के संयुक्त राष्ट्र प्रणाली के समग्र उद्देश्यों में योगदान देता है।
भारतीय महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) के संबंध में निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
- उद्घाटन IONS 2015 में भारत में भारतीय नौसेना की अध्यक्षता में आयोजित किया गया था।
- IONS एक स्वैच्छिक पहल है जो भारतीय महासागर क्षेत्र के तटवर्ती राज्यों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने का प्रयास करती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
भारतीय महासागर नौसेना संगोष्ठी (IONS) एक स्वैच्छिक पहल है जिसका उद्देश्य भारतीय महासागर के तटवर्ती राज्यों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग को बढ़ावा देना है। कथन 1 गलत है क्योंकि उद्घाटन IONS 2008 में आयोजित किया गया था (2015 में नहीं), जबकि कथन 2 IONS की स्वैच्छिक और सहयोगात्मक प्रकृति का सही वर्णन करता है।
❌ कथन 1 – गलत: उद्घाटन IONS फरवरी 2008 में नई दिल्ली, भारत में आयोजित किया गया था, 2015 में नहीं। भारतीय नौसेना ने 2008-2010 तक अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।
✅ कथन 2 – सही: IONS वास्तव में एक स्वैच्छिक पहल है जो भारतीय महासागर क्षेत्र के तटवर्ती राज्यों की नौसेनाओं के बीच समुद्री सहयोग बढ़ाने का प्रयास करती है, जो क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा मुद्दों पर संवाद के लिए एक मंच प्रदान करती है।
'व्यापक-आधारित व्यापार और निवेश समझौता (BTIA)' कभी-कभी समाचारों में भारत और किसके बीच हुई वार्ताओं के संदर्भ में देखा जाता है
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — यूरोपीय संघ
व्यापक-आधारित व्यापार और निवेश समझौता (BTIA) एक व्यापक मुक्त व्यापार समझौता है जिस पर भारत और यूरोपीय संघ के बीच जून 2007 से वार्ता चल रही है। इस समझौते का उद्देश्य लगभग 90% वस्तुओं पर टैरिफ समाप्त करके द्विपक्षीय व्यापार को उदार बनाना, सेवाओं में व्यापार को सुविधाजनक बनाना और दोनों क्षेत्रों के बीच निवेश प्रवाह को बढ़ावा देना है। वार्ताओं को ऑटोमोबाइल और कृषि उत्पादों के लिए बाजार पहुंच, बौद्धिक संपदा अधिकार, और सेवा व्यापार के मोड 4 के तहत पेशेवरों की आवाजाही जैसे संवेदनशील मुद्दों पर चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
भारत द्वारा चाबहार बंदरगाह के विकास का क्या महत्व है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — भारत अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुँच के लिए पाकिस्तान पर निर्भर नहीं रहेगा।
ईरान में चाबहार बंदरगाह का विकास भारत के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अफगानिस्तान और मध्य एशिया के लिए एक वैकल्पिक समुद्र-भूमि पारगमन मार्ग प्रदान करता है, जो पाकिस्तान को पूरी तरह से बायपास करता है। पाकिस्तान ने ऐतिहासिक रूप से इन क्षेत्रों तक भारत की स्थलीय पहुँच को प्रतिबंधित किया है, जिससे चाबहार एक महत्वपूर्ण प्रवेश द्वार बन जाता है। भारत, ईरान और अफगानिस्तान के बीच 2016 के त्रिपक्षीय पारगमन समझौते के माध्यम से, माल को चाबहार तक भेजा जा सकता है और सड़क (जरंज-देलाराम राजमार्ग) और रेल नेटवर्क के माध्यम से अफगानिस्तान और उससे आगे परिवहन किया जा सकता है, जो पाकिस्तानी क्षेत्र से स्वतंत्र भारत की कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है।
❌ विकल्प 1 – गलत: हालांकि चाबहार कुछ अफ्रीकी व्यापार को सुविधाजनक बना सकता है, इसका प्राथमिक रणनीतिक महत्व अफगानिस्तान और मध्य एशिया से कनेक्टिविटी है, न कि अफ्रीका से।
❌ विकल्प 2 – गलत: बंदरगाह का विकास मुख्य रूप से तेल उत्पादक अरब देशों के साथ संबंधों को मजबूत करने के उद्देश्य से नहीं है, बल्कि भूमि-बद्ध क्षेत्रों तक पहुँच प्राप्त करने के लिए है।
❌ विकल्प 4 – गलत: पाकिस्तान इराक से भारत तक किसी भी गैस पाइपलाइन की सुविधा या सुरक्षा प्रदान करने की संभावना नहीं रखता है; चाबहार का उद्देश्य पाकिस्तान को बायपास करना है, न कि उस पर निर्भर रहना।
लोकतंत्र की श्रेष्ठ विशेषता इस तथ्य में निहित है कि यह क्रियाशीलता में बुलाता है
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — साधारण स्त्री-पुरुषों की बुद्धि और चरित्र को।
लोकतंत्र की श्रेष्ठ विशेषता इसकी क्षमता में निहित है कि यह साधारण स्त्री-पुरुषों की बुद्धि और चरित्र को क्रियाशीलता में बुलाता है, उन्हें शासन में निष्क्रिय प्रजा के बजाय सक्रिय भागीदार बनाता है। लोकतंत्र मूल रूप से नागरिक भागीदारी के सिद्धांत पर निर्मित है, जहां सूचित और संलग्न लोगों की सामूहिक बुद्धि बेहतर निर्णय लेने की ओर ले जाती है और सामाजिक कल्याण को बढ़ावा देती है। जबकि मजबूत नेतृत्व और समर्पित दलीय कार्यकर्ताओं की अपनी भूमिकाएं हैं, लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति नागरिकों को सशक्त बनाने में निहित है, यह सुनिश्चित करते हुए कि शासन कुछ चुनिंदा लोगों के बजाय आम लोगों की इच्छा, मूल्यों और चरित्र को प्रतिबिंबित करे।
भारत में, न्यायिक समीक्षा का तात्पर्य है -
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — न्यायपालिका की वह शक्ति जो कानूनों और कार्यकारी आदेशों की संवैधानिकता पर निर्णय देती है।
भारत में न्यायिक समीक्षा से तात्पर्य न्यायपालिका की उस शक्ति से है जिसके द्वारा वह यह जांच और निर्धारण करती है कि विधायिका द्वारा पारित कानून और कार्यपालिका द्वारा किए गए कार्य संविधान के अनुरूप हैं या नहीं। यदि कोई कानून या कार्यकारी आदेश संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो न्यायालय उन्हें अवैध या असंवैधानिक घोषित कर सकते हैं। यह शक्ति भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13, 32, 136, 142 और 226 से प्राप्त होती है और नियंत्रण और संतुलन की व्यवस्था का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो संविधान की सर्वोच्चता और मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करती है।
विकल्प 1 सही क्यों है:
विकल्प 1 न्यायिक समीक्षा को विधायी अधिनियमों और कार्यकारी कार्यों की संवैधानिकता का आकलन करने की न्यायपालिका की शक्ति के रूप में सटीक रूप से परिभाषित करता है, जो भारत में इस सिद्धांत का मूल सार है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं:
❌ विकल्प 2 – गलत: न्यायपालिका कानूनों के पीछे की बुद्धिमत्ता या नीति पर प्रश्न नहीं उठा सकती; यह केवल उनकी संवैधानिक वैधता की जांच कर सकती है।
❌ विकल्प 3 – गलत: न्यायिक समीक्षा पूर्व-अधिनियमन जांच तंत्र नहीं है; न्यायालय कानूनों की समीक्षा केवल उनके अधिनियमित होने और चुनौती दिए जाने के बाद करते हैं।
❌ विकल्प 4 – गलत: यह निर्णयों की पुनर्विचार या समीक्षा की शक्ति का वर्णन करता है, संवैधानिक अर्थ में न्यायिक समीक्षा का नहीं।
निम्नलिखित में से कौन सी भारतीय संघवाद की विशेषता नहीं है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — यह संघीय इकाइयों के बीच एक समझौते का परिणाम है।
भारतीय संघवाद संघीय इकाइयों के बीच समझौते का परिणाम नहीं है, जैसा कि संयुक्त राज्य अमेरिका या स्विट्जरलैंड जैसे शास्त्रीय संघों में होता है। भारतीय संविधान को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था, न कि पूर्व-मौजूदा संप्रभु राज्यों के बीच किसी समझौते या संधि के माध्यम से। भारतीय संघीय ढांचे को संविधान द्वारा ही बनाया गया था, जो इसे संघीय इकाइयों के पारस्परिक समझौते के बजाय संविधान सभा के एक अधिनियम द्वारा निर्मित संघ बनाता है।
✅ विकल्प 1 – सही: भारत में एक स्वतंत्र न्यायपालिका है जो संविधान की संरक्षक और केंद्र-राज्य विवादों में मध्यस्थ के रूप में कार्य करती है।
✅ विकल्प 2 – सही: संविधान सातवीं अनुसूची में संघ, राज्य और समवर्ती सूचियों के माध्यम से केंद्र और राज्यों के बीच शक्तियों को स्पष्ट रूप से विभाजित करता है।
✅ विकल्प 3 – सही: राज्यों को राज्यसभा में उनकी जनसंख्या के आधार पर असमान प्रतिनिधित्व मिलता है, जो शास्त्रीय संघों में समान प्रतिनिधित्व के विपरीत है।
❌ विकल्प 4 – गलत: भारतीय संघवाद संघीय इकाइयों के बीच समझौते से नहीं बनाया गया था, बल्कि संविधान सभा द्वारा संविधान के माध्यम से स्थापित किया गया था।
निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — अधिकार राज्य के विरुद्ध नागरिकों के दावे हैं।
अधिकार मौलिक हकदारी हैं जो नागरिकों को राज्य के विरुद्ध वैध दावे करने के लिए सशक्त बनाते हैं, जिससे उनकी स्वतंत्रता की रक्षा और आवश्यक सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित होती है। राज्य का संवैधानिक कर्तव्य है कि वह इन अधिकारों का सम्मान करे, उनकी रक्षा करे और उन्हें पूरा करे, जो मनमानी राज्य कार्रवाई के खिलाफ सुरक्षा के रूप में कार्य करते हैं।
❌ विकल्प 1 – गलत: अधिकार नागरिकों के विरुद्ध राज्य के दावे नहीं हैं; बल्कि राज्य का दायित्व है कि वह नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करे।
❌ विकल्प 2 – गलत: अधिकार केवल विशेषाधिकार नहीं हैं बल्कि सभी नागरिकों को गारंटीकृत मौलिक हकदारी हैं, हालांकि कई संविधान में समाहित हैं।
✅ विकल्प 3 – सही: अधिकार वैध दावों का प्रतिनिधित्व करते हैं जो नागरिक राज्य के विरुद्ध यह सुनिश्चित करने के लिए कर सकते हैं कि उनकी स्वतंत्रता और हकदारी की रक्षा और पूर्ति की जाए।
❌ विकल्प 4 – गलत: अधिकार सभी नागरिकों के लिए सार्वभौमिक हकदारी हैं, न कि कुछ लोगों तक सीमित विशेषाधिकार, जो समानता के सिद्धांत को दर्शाते हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: भारत के संविधान के संदर्भ में, राज्य की नीति के निदेशक तत्व निम्नलिखित पर सीमाएँ हैं:
- विधायी कार्य।
- कार्यकारी कार्य।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — न तो 1 और न ही 2
संविधान के भाग IV में निहित राज्य की नीति के निदेशक तत्व (DPSPs) सीमाएँ नहीं हैं बल्कि राज्य के लिए सकारात्मक दिशानिर्देश हैं। अनुच्छेद 37 के तहत ये न्यायोचित नहीं हैं, अर्थात् इन्हें न्यायालयों में लागू नहीं किया जा सकता लेकिन ये शासन के लिए मौलिक सिद्धांतों के रूप में कार्य करते हैं। DPSPs विधायी और कार्यकारी दोनों कार्यों को सामाजिक-आर्थिक न्याय प्राप्त करने की दिशा में मार्गदर्शन करते हैं, न कि इन कार्यों को बाधित या सीमित करते हैं।
❌ कथन 1 – गलत: DPSPs विधायी कार्य पर सीमाएँ नहीं हैं; ये सकारात्मक निर्देश और मार्गदर्शक सिद्धांत हैं जिन्हें विधायिका को कानून बनाते समय लागू करने का प्रयास करना चाहिए।
❌ कथन 2 – गलत: DPSPs कार्यकारी कार्य पर सीमाएँ नहीं हैं; न्यायोचित न होने के कारण, ये नीतिगत लक्ष्यों और मार्गदर्शक आदर्शों के रूप में कार्य करते हैं जिन्हें कार्यपालिका को शासन और प्रशासन में अपनाना चाहिए।
भारत के संविधान में शोषण के विरुद्ध अधिकार द्वारा निम्नलिखित में से किसकी परिकल्पना की गई है?
- मानव के दुर्व्यापार और बलात् श्रम का प्रतिषेध
- अस्पृश्यता का उन्मूलन
- अल्पसंख्यकों के हितों का संरक्षण
- कारखानों और खानों में बच्चों के नियोजन का प्रतिषेध
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1 और 4
शोषण के विरुद्ध अधिकार (अनुच्छेद 23-24) विशेष रूप से व्यक्तियों को बलात् श्रम, मानव तस्करी और खतरनाक व्यवसायों में बाल शोषण से सुरक्षा प्रदान करता है। अनुच्छेद 23 और 24 क्रमशः कथन 1 और 4 से सीधे संबंधित हैं, जो उन्हें इस मौलिक अधिकार के एकमात्र सही घटक बनाता है।
✅ कथन 1 – सही: अनुच्छेद 23 स्पष्ट रूप से मानव के दुर्व्यापार, बेगार (बलात् श्रम), और इसी प्रकार के बलात् श्रम के रूपों को प्रतिषिद्ध करता है।
❌ कथन 2 – गलत: अस्पृश्यता का उन्मूलन अनुच्छेद 17 के तहत आता है, जो समानता के अधिकार के अंतर्गत आता है, न कि शोषण के विरुद्ध अधिकार के अंतर्गत।
❌ कथन 3 – गलत: अल्पसंख्यकों के हितों का संरक्षण अनुच्छेद 29-30 के माध्यम से सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकारों के तहत सुनिश्चित किया जाता है, न कि शोषण के विरुद्ध अधिकार के तहत।
✅ कथन 4 – सही: अनुच्छेद 24, 14 वर्ष से कम आयु के बच्चों के नियोजन को कारखानों, खानों या किसी खतरनाक व्यवसाय में प्रतिषिद्ध करता है, जो सीधे बाल शोषण को संबोधित करता है।
इस प्रकार, भारतीय संविधान के तहत शोषण के विरुद्ध अधिकार के अंतर्गत केवल कथन 1 और 4 ही आते हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत निर्वाचन आयोग एक पांच सदस्यीय निकाय है।
- केंद्रीय गृह मंत्रालय आम चुनावों और उप-चुनावों दोनों के संचालन के लिए चुनाव कार्यक्रम तय करता है।
- निर्वाचन आयोग मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के विभाजन/विलय से संबंधित विवादों का समाधान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — केवल 3
भारत निर्वाचन आयोग एक तीन-सदस्यीय निकाय है (एक मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त), पांच-सदस्यीय नहीं। ईसीआई स्वयं अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव कार्यक्रम तय करता है, गृह मंत्रालय नहीं। केवल कथन 3 सही है क्योंकि ईसीआई के पास मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के विभाजन और विलय से संबंधित विवादों को हल करने और तदनुसार चुन्ह आवंटित करने की वैधानिक शक्ति है।
❌ कथन 1 – गलत: ईसीआई एक तीन-सदस्यीय निकाय है जिसमें मुख्य निर्वाचन आयुक्त और दो निर्वाचन आयुक्त शामिल हैं, पांच सदस्य नहीं।
❌ कथन 2 – गलत: भारत निर्वाचन आयोग, केंद्रीय गृह मंत्रालय नहीं, संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत आम चुनावों और उप-चुनावों का चुनाव कार्यक्रम तय करता है।
✅ कथन 3 – सही: निर्वाचन आयोग के पास मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के विभाजन और विलय से संबंधित विवादों को हल करने और दल चिन्हों के आवंटन पर निर्णय लेने का अधिकार है।
UPSC Prelims 2017 Questions Paper - Subject-wise Question Distribution
भारतीय राजव्यवस्था
22 Qs (22%)भारतीय अर्थव्यवस्था
18 Qs (18%)पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी
15 Qs (15%)समसामयिकी
9 Qs (9%)विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी
9 Qs (9%)आधुनिक इतिहास
7 Qs (7%)अंतरराष्ट्रीय संबंध
6 Qs (6%)भारत का भूगोल
5 Qs (5%)भारतीय कला और संस्कृति
5 Qs (5%)विश्व भूगोल
2 Qs (2%)मध्यकालीन इतिहास
1 Qs (1%)प्राचीन इतिहास
1 Qs (1%)UPSC Prelims 2017 Question Paper - FAQs & Analysis
Q1 How many total questions were asked in UPSC Prelims 2017?
Q2 What is the subject-wise question breakdown for UPSC Prelims 2017?
- भारतीय राजव्यवस्था: 22 questions (22%)
- भारतीय अर्थव्यवस्था: 18 questions (18%)
- पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी: 15 questions (15%)
- समसामयिकी: 9 questions (9%)
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी: 9 questions (9%)
- आधुनिक इतिहास: 7 questions (7%)
- अंतरराष्ट्रीय संबंध: 6 questions (6%)
- भारत का भूगोल: 5 questions (5%)
- भारतीय कला और संस्कृति: 5 questions (5%)
- विश्व भूगोल: 2 questions (2%)
- मध्यकालीन इतिहास: 1 questions (1%)
- प्राचीन इतिहास: 1 questions (1%)