निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- फैक्टरी एक्ट, 1881 औद्योगिक श्रमिकों की मजदूरी तय करने और श्रमिकों को ट्रेड यूनियन बनाने की अनुमति देने के उद्देश्य से पारित किया गया था।
- N.M. लोखंडे ब्रिटिश भारत में श्रम आंदोलन के संगठन में अग्रणी थे।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
❌ कथन 1 – गलत: फैक्टरी एक्ट, 1881 मुख्य रूप से फैक्ट्रियों में बच्चों की कार्य स्थितियों को नियंत्रित करने से संबंधित था, न कि मजदूरी तय करने या ट्रेड यूनियनों की अनुमति देने से। इसने 7 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के रोजगार को प्रतिबंधित किया, बच्चों (7-12 वर्ष) के लिए काम के घंटे प्रति दिन 9 घंटे तक सीमित किए, और सप्ताह में एक दिन की छुट्टी अनिवार्य की। इस अधिनियम में मजदूरी निर्धारण या ट्रेड यूनियन गठन को संबोधित नहीं किया गया—ये पहलू बाद के श्रम कानूनों में आए।
✅ कथन 2 – सही: N.M. लोखंडे (नारायण मेघाजी लोखंडे) को ब्रिटिश भारत में श्रम आंदोलन के अग्रणी के रूप में मान्यता प्राप्त है। उन्होंने 1890 में बॉम्बे मिल हैंड्स एसोसिएशन की स्थापना की, जो भारत में पहले श्रम संगठनों में से एक था। उन्होंने श्रमिकों के अधिकारों के लिए सक्रिय रूप से अभियान चलाया, जिसमें ठेका प्रथा का उन्मूलन, साप्ताहिक छुट्टियाँ और कम काम के घंटे शामिल थे। उनके प्रयासों से बॉम्बे में औद्योगिक श्रमिकों की कार्य स्थितियों में महत्वपूर्ण सुधार हुए।
Question 1 of 6 Committees and Commissions under British Rule
Practice PYQ questions from this topic across all years
First question in this topic
1927 की बटलर समिति का उद्देश्य क्या था?