UPSC Prelims 2014
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी Previous Year Questions (PYQs)
Explore 28 solved UPSC Prelims 2014 पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी questions with detailed step-by-step bilingual solutions, option analysis, and answer keys.
निम्नलिखित जीवों में से कौन सा अन्य तीन के वर्ग से संबंधित नहीं है?
Detailed Explanation:
केकड़ा वर्ग क्रस्टेशिया से संबंधित है, जबकि माइट, बिच्छू और मकड़ी सभी वर्ग अरैक्निडा से संबंधित हैं।
दोनों आर्थ्रोपोड हैं, लेकिन क्रस्टेशियन में आमतौर पर दो जोड़ी श्रृंगिकाएं और गलफड़े होते हैं, जबकि अरैक्निड में कोई श्रृंगिकाएं नहीं होतीं और आठ पैर होते हैं।
निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
- चमगादड़
- भालू
- कृंतक
शीतनिद्रा की घटना उपर्युक्त में से किस प्रकार के जानवरों में देखी जा सकती है?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: चमगादड़ सर्दियों के महीनों में शीतनिद्रा में चले जाते हैं जब कीट शिकार दुर्लभ हो जाता है, ऊर्जा संरक्षण के लिए सुप्तावस्था में प्रवेश करते हैं।
✅ कथन 2 – सही: भालू (भूरे भालू, काले भालू, ध्रुवीय भालू) प्रसिद्ध शीतनिद्रा करने वाले हैं, हालांकि वे वास्तविक शीतनिद्रा की तुलना में हल्के निष्क्रियता का अनुभव करते हैं।
✅ कथन 3 – सही: कई कृंतक प्रजातियां जैसे ग्राउंडहॉग, चिपमंक, ग्राउंड गिलहरी वास्तविक शीतनिद्रा करने वाले हैं जिनमें शरीर का तापमान और चयापचय दर बहुत कम हो जाती है।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए
- दम्पा टाइगर रिजर्व: मिजोरम
- गुमटी वन्यजीव अभयारण्य: सिक्किम
- सारामाती चोटी: नागालैंड
उपर्युक्त युग्मों में से कौन सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ युग्म 1 – सही: दम्पा टाइगर रिजर्व मिजोरम में स्थित है, जिसे 1985 में वन्यजीव अभयारण्य के रूप में अधिसूचित किया गया और 1994 में टाइगर रिजर्व घोषित किया गया। यह मिजोरम का सबसे बड़ा वन्यजीव अभयारण्य है।
❌ युग्म 2 – गलत: गुमटी वन्यजीव अभयारण्य त्रिपुरा में स्थित है, सिक्किम में नहीं। इसे 1988 में स्थापित किया गया था और यह गौर, सांभर और हाथियों के लिए जाना जाता है।
✅ युग्म 3 – सही: सारामाती चोटी (3,826 मीटर) नागालैंड की सबसे ऊँची चोटी है, जो तुएनसांग जिले में नागालैंड-म्यांमार सीमा पर स्थित है।
🧐 Not Sure What to Study Next?
Get a personalised study plan based on your goals, time and revision needs.
अवैध शिकार के अलावा, गंगा नदी डॉल्फिन की आबादी में गिरावट के संभावित कारण क्या हैं?
- नदियों पर बांधों और बराजों का निर्माण
- नदियों में मगरमच्छों की आबादी में वृद्धि
- मछली पकड़ने के जाल में आकस्मिक रूप से फंसना
- नदियों के आसपास फसल के खेतों में सिंथेटिक उर्वरकों और अन्य कृषि रसायनों का उपयोग
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: बांध और बराज नदी आवासों को खंडित करते हैं, प्रवास को प्रतिबंधित करते हैं, डॉल्फिन आबादी को अलग-थलग करते हैं, और शिकार की उपलब्धता कम करते हैं।
❌ कथन 2 – गलत: मगरमच्छ आबादी में वृद्धि डॉल्फिन गिरावट का प्रलेखित कारण नहीं है; दोनों प्रजातियां स्वस्थ नदी पारिस्थितिकी तंत्र में सह-अस्तित्व में रहती हैं।
✅ कथन 3 – सही: मछली पकड़ने के जाल में आकस्मिक उलझाव (गिलनेट) मृत्यु दर का एक प्रमुख कारण है, जिससे डॉल्फिन डूब जाती हैं।
✅ कथन 4 – सही: कृषि रसायन अपवाह नदियों को प्रदूषित करता है, शिकार प्रजातियों को दूषित करता है और डॉल्फिन में विषाक्त पदार्थों का जैव-संचय करता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की स्थापना पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत की गई है।
- राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण एक सांविधिक निकाय है।
- राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण की अध्यक्षता प्रधानमंत्री द्वारा की जाती है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: भारतीय पशु कल्याण बोर्ड की स्थापना पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 के तहत की गई है, पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत नहीं।
✅ कथन 2 – सही: राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) एक सांविधिक निकाय है जो वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम, 2006 के तहत प्रोजेक्ट टाइगर के कार्यान्वयन के लिए गठित है।
✅ कथन 3 – सही: राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGRBA) का गठन पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत किया गया था और इसकी अध्यक्षता प्रधानमंत्री करते थे (2016 में राष्ट्रीय गंगा परिषद द्वारा प्रतिस्थापित)।
वैज्ञानिक दृष्टिकोण यह है कि वैश्विक तापमान में वृद्धि पूर्व-औद्योगिक स्तर से 2°C से अधिक नहीं होनी चाहिए। यदि वैश्विक तापमान पूर्व-औद्योगिक स्तर से 3°C से अधिक बढ़ता है, तो विश्व पर इसका संभावित प्रभाव/प्रभाव क्या हो सकता है?
- स्थलीय जीवमंडल शुद्ध कार्बन स्रोत की ओर बढ़ता है
- व्यापक प्रवाल मृत्यु दर होगी।
- सभी वैश्विक आर्द्रभूमि स्थायी रूप से गायब हो जाएंगी।
- अनाज की खेती विश्व में कहीं भी संभव नहीं होगी।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: 3°C तापवृद्धि से परे, वन क्षय और पर्माफ्रॉस्ट गलन जैसे पारिस्थितिकी तंत्र टिपिंग बिंदु स्थलीय जीवमंडल को कार्बन सिंक से कार्बन स्रोत में परिवर्तित करते हैं, अवशोषित की तुलना में अधिक CO₂ छोड़ते हैं।
✅ कथन 2 – सही: प्रवाल भित्तियाँ 2°C तापवृद्धि पर 99% क्षति का सामना करती हैं; 3°C पर, व्यापक प्रवाल मृत्यु दर वैश्विक स्तर पर विनाशकारी और अपरिवर्तनीय हो जाती है।
❌ कथन 3 – गलत: "सभी आर्द्रभूमि" और "स्थायी रूप से गायब" शब्द अतिशयोक्ति है; कई आर्द्रभूमि गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त या नष्ट होंगी, लेकिन वैश्विक स्तर पर पूर्ण विलुप्ति वैज्ञानिक रूप से असंभव है।
❌ कथन 4 – गलत: "विश्व में कहीं भी" शब्द अतिशयोक्ति है; जबकि अनाज की खेती गंभीर व्यवधान और फसल विफलता का सामना करेगी, उच्च-अक्षांश क्षेत्र अभी भी सीमित उत्पादन का समर्थन कर सकते हैं।
सौर ऊर्जा उत्पादन की प्रौद्योगिकियों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- 'फोटोवोल्टिक्स' एक ऐसी तकनीक है जो प्रकाश को सीधे विद्युत में परिवर्तित करके बिजली उत्पन्न करती है, जबकि 'सोलर थर्मल' एक ऐसी तकनीक है जो सूर्य की किरणों का उपयोग ऊष्मा उत्पन्न करने के लिए करती है जिसका उपयोग आगे विद्युत उत्पादन प्रक्रिया में किया जाता है।
- फोटोवोल्टिक्स प्रत्यावर्ती धारा (AC) उत्पन्न करता है, जबकि सोलर थर्मल दिष्ट धारा (DC) उत्पन्न करता है।
- भारत में सोलर थर्मल प्रौद्योगिकी के लिए विनिर्माण आधार है, लेकिन फोटोवोल्टिक्स के लिए नहीं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: फोटोवोल्टिक्स (PV) अर्धचालक पदार्थों का उपयोग करके प्रकाश को सीधे विद्युत में परिवर्तित करता है, जबकि सोलर थर्मल केंद्रित सूर्य प्रकाश से ऊष्मा उत्पन्न करता है, जो विद्युत उत्पादन के लिए टर्बाइन चलाती है।
❌ कथन 2 – गलत: फोटोवोल्टिक सिस्टम दिष्ट धारा (DC) उत्पन्न करते हैं, जिसे इन्वर्टर के माध्यम से AC में परिवर्तित किया जाता है। सोलर थर्मल सिस्टम पारंपरिक टर्बाइन-जनरेटर प्रणाली के माध्यम से सीधे AC विद्युत उत्पन्न करते हैं।
❌ कथन 3 – गलत: भारत में फोटोवोल्टिक्स के लिए मजबूत विनिर्माण आधार है (जैसे अडानी सोलर, विक्रम सोलर, टाटा पावर सोलर), जबकि सोलर थर्मल विनिर्माण छोटे पैमाने के अनुप्रयोगों जैसे वॉटर हीटर तक सीमित है।
लाइकेन, जो नंगी चट्टान पर भी पारिस्थितिक उत्तराधिकार शुरू करने में सक्षम हैं, वास्तव में किनका सहजीवी संबंध हैं
Detailed Explanation:
लाइकेन, शैवाल (या सायनोबैक्टीरिया) और कवक का एक सहजीवी संबंध है।
कवक साथी (माइकोबायोन्ट) आश्रय, पानी और खनिज प्रदान करता है, जबकि शैवाल साथी (फाइकोबायोन्ट) प्रकाश संश्लेषण द्वारा भोजन बनाता है। लाइकेन नंगी चट्टानों पर पारिस्थितिक उत्तराधिकार में अग्रणी प्रजातियाँ हैं।
ब्रोमिनेटेड ज्वाला मंदक (फ्लेम रिटार्डेंट्स) का उपयोग गद्दों और असबाब जैसे कई घरेलू उत्पादों में किया जाता है। इनके उपयोग के बारे में कुछ चिंता क्यों है?
- ये पर्यावरण में निम्नीकरण के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी हैं।
- ये मनुष्यों और जानवरों में संचित होने में सक्षम हैं।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: ब्रोमिनेटेड ज्वाला मंदक (BFRs) स्थायी कार्बनिक प्रदूषक (POPs) हैं जो पर्यावरणीय निम्नीकरण के प्रति अत्यधिक प्रतिरोधी हैं और पारिस्थितिकी तंत्र में लंबे समय तक बने रहते हैं।
✅ कथन 2 – सही: BFRs वसा में घुलनशील (लिपोफिलिक) हैं और मनुष्यों तथा जानवरों के वसायुक्त ऊतकों में जैव संचयन से गुजरते हैं, जिससे संभावित अंतःस्रावी व्यवधान और तंत्रिका विषाक्तता होती है।
निम्नलिखित में से कौन पृथ्वी ग्रह पर कार्बन चक्र में कार्बन डाइऑक्साइड जोड़ता है/जोड़ते हैं?
- ज्वालामुखीय क्रिया
- श्वसन
- प्रकाश संश्लेषण
- कार्बनिक पदार्थ का क्षय
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: ज्वालामुखी विस्फोट पृथ्वी के मेंटल और क्रस्ट में फंसी CO₂ को वायुमंडल में मुक्त करते हैं।
✅ कथन 2 – सही: जीवित जीवों द्वारा श्वसन कोशिकीय उपापचय के उपोत्पाद के रूप में CO₂ मुक्त करता है।
❌ कथन 3 – गलत: प्रकाश संश्लेषण वायुमंडल से CO₂ को हटाता है; पौधे इसका उपयोग ग्लूकोज और ऑक्सीजन बनाने के लिए करते हैं।
✅ कथन 4 – सही: अपघटकों द्वारा मृत कार्बनिक पदार्थ का अपघटन वायुमंडल में CO₂ वापस मुक्त करता है।
'ग्लोबल एनवायरनमेंट फैसिलिटी' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: ग्लोबल एनवायरनमेंट फैसिलिटी (GEF) जैविक विविधता संधि (CBD) और जलवायु परिवर्तन पर संयुक्त राष्ट्र फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) दोनों के लिए आधिकारिक वित्तीय तंत्र के रूप में कार्य करती है, जो विकासशील देशों में पर्यावरणीय परियोजनाओं के लिए अनुदान और धन प्रदान करती है।
❌ कथन 2 – गलत: GEF एक वित्तीय संगठन है, न कि वैज्ञानिक अनुसंधान निकाय। पर्यावरणीय मुद्दों पर वैज्ञानिक अनुसंधान IPCC (जलवायु) और IPBES (जैव विविधता) जैसे संगठनों द्वारा किया जाता है।
❌ कथन 3 – गलत: GEF 1991 में स्थापित एक स्वतंत्र वित्तीय संगठन है, न कि OECD के अधीन एक एजेंसी। यह 183 देशों, अंतरराष्ट्रीय संस्थानों, नागरिक समाज संगठनों और निजी क्षेत्र की साझेदारी के रूप में कार्य करता है।
यदि आप ग्रामीण इलाकों से गुजरते हैं, तो आपको कुछ पक्षी पशुओं के साथ-साथ चलते हुए दिखाई दे सकते हैं ताकि वे घास के बीच उनकी गति से परेशान कीड़ों को पकड़ सकें। निम्नलिखित में से कौन सा/से ऐसा पक्षी/पक्षी है/हैं?
- पेंटेड स्टॉर्क
- कॉमन मैना
- काली गर्दन वाली सारस
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – गलत: पेंटेड स्टॉर्क (चित्रित बगुला) जलचर पक्षी हैं जो उथले जल निकायों में मछली, मेंढक और जलीय कीड़े खाते हैं; ये घास के मैदानों में पशुओं का पीछा नहीं करते।
✅ कथन 2 – सही: कॉमन मैना (सामान्य मैना) कीटभक्षी पक्षी हैं जो आमतौर पर पशुओं और चरने वाले जानवरों का अनुसरण करते हुए देखे जाते हैं ताकि घास में उनकी गति से परेशान कीड़ों को पकड़ सकें।
✅ कथन 3 – गलत: काली गर्दन वाली सारस मुख्य रूप से शाकाहारी हैं, जो अनाज, कंदमूल और जलीय पौधे खाती हैं; ये पशुओं के साथ कीड़े शिकार करने के लिए नहीं जानी जाती हैं।
गन्ना उत्पादन के व्यावहारिक दृष्टिकोण जिसे 'सतत गन्ना पहल' (Sustainable Sugarcane Initiative) के रूप में जाना जाता है, का क्या महत्व है?
- पारंपरिक खेती की विधि की तुलना में इसमें बीज की लागत बहुत कम है।
- इसमें ड्रिप सिंचाई को बहुत प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
- इसमें रासायनिक/अकार्बनिक उर्वरकों का कोई प्रयोग नहीं होता है।
- पारंपरिक खेती की विधि की तुलना में इसमें अंतरफसल की गुंजाइश अधिक है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: SSI एकल कलिका चिप सेट्स का उपयोग करती है जो नर्सरी में तैयार किए जाते हैं, पारंपरिक बहु-कलिका सेट्स के बजाय, बीज की आवश्यकता को ~3 टन/एकड़ से घटाकर केवल 75 किलो कर देती है, जिससे बीज लागत काफी कम हो जाती है।
✅ कथन 2 – सही: SSI में पंक्तियों के बीच चौड़ी दूरी (4-5 फीट) ड्रिप सिंचाई के अत्यधिक प्रभावी उपयोग को सक्षम बनाती है, जो बाढ़ सिंचाई की तुलना में इष्टतम नमी स्तर बनाए रखती है और जल खपत कम करती है।
❌ कथन 3 – गलत: SSI उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देती है और जैविक निवेश/जैव-उर्वरकों को प्रोत्साहित करती है, लेकिन रासायनिक/अकार्बनिक उर्वरकों के पूर्ण बहिष्करण को अनिवार्य नहीं बनाती; यह कुशल अनुप्रयोग पर केंद्रित है।
✅ कथन 4 – सही: SSI में चौड़ी पंक्ति दूरी दालों, सब्जियों या तिलहन के साथ अंतरफसल के लिए पर्याप्त स्थान और धूप प्रदान करती है, जो पारंपरिक घनी रोपण विधियों की तुलना में अधिक गुंजाइश देती है।
उद्योग द्वारा विभिन्न उत्पादों के निर्माण में उपयोग किए जाने वाले कुछ रासायनिक तत्वों के नैनोकणों के संबंध में कुछ चिंता है। क्यों?
- वे पर्यावरण में संचित हो सकते हैं, और जल और मृदा को दूषित कर सकते हैं।
- वे खाद्य श्रृंखलाओं में प्रवेश कर सकते हैं।
- वे मुक्त मूलकों के उत्पादन को प्रेरित कर सकते हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: नैनोकण अत्यंत सूक्ष्म (1-100 nm) और अपघटन के प्रति प्रतिरोधी होते हैं, जिससे वे स्थिर रहते हैं और मृदा और जल निकायों में संचित होकर पर्यावरण को दूषित करते हैं।
✅ कथन 2 – सही: अपने सूक्ष्म आकार के कारण, नैनोकण पौधों और सूक्ष्मजीवों द्वारा अवशोषित हो सकते हैं, खाद्य श्रृंखला में प्रवेश करते हैं और उच्च पोषी स्तरों पर जैव आवर्धन से गुजरते हैं।
✅ कथन 3 – सही: कुछ नैनोकण कोशिकाओं में ऑक्सीकरणीय तनाव उत्पन्न कर सकते हैं और प्रतिक्रियाशील ऑक्सीजन प्रजातियों (ROS) या मुक्त मूलकों का उत्पादन प्रेरित करते हैं, जो DNA, प्रोटीन और कोशिका झिल्ली को क्षति पहुंचाते हैं, संभावित रूप से सूजन और कैंसर का कारण बनते हैं।
'पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र वे क्षेत्र हैं जिन्हें वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत घोषित किया जाता है।
- पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्रों की घोषणा का उद्देश्य उन क्षेत्रों में कृषि को छोड़कर सभी प्रकार की मानवीय गतिविधियों को प्रतिबंधित करना है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र (ESZs) को पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986 के तहत MoEFCC द्वारा घोषित किया जाता है, न कि वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत। ESZs को संरक्षित क्षेत्रों (राष्ट्रीय उद्यान/अभयारण्य) के चारों ओर बफर जोन के रूप में बनाया जाता है।
❌ कथन 2 – गलत: ESZs सभी मानवीय गतिविधियों को प्रतिबंधित नहीं करते। इनका उद्देश्य क्षेत्रीकरण के माध्यम से गतिविधियों को विनियमित करना है—अनुमत गतिविधियाँ (कृषि, मौजूदा अधिकार), विनियमित गतिविधियाँ (पर्यटन, निर्माण), और प्रतिबंधित गतिविधियाँ (खनन, प्रदूषणकारी उद्योग) की अनुमति देना। उद्देश्य सतत विकास है, पूर्ण प्रतिबंध नहीं।
यदि अंतर्राष्ट्रीय महत्व की किसी आर्द्रभूमि को 'मॉन्ट्रो रिकॉर्ड' में लाया जाता है, तो इसका क्या अर्थ है?
Detailed Explanation:
मॉन्ट्रो रिकॉर्ड रामसर कन्वेंशन के तहत एक रजिस्टर है जो अंतर्राष्ट्रीय महत्व की आर्द्रभूमियों को सूचीबद्ध करता है जहां मानवीय हस्तक्षेप (प्रदूषण, विकास आदि) के कारण पारिस्थितिक चरित्र में परिवर्तन हुए हैं, हो रहे हैं या होने की संभावना है।
यह एक पूर्व चेतावनी प्रणाली के रूप में कार्य करता है और प्राथमिकता वाले संरक्षण ध्यान को सक्रिय करता है, लेकिन यह मानवीय गतिविधियों पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं लगाता या विश्व धरोहर दर्जा प्रदान नहीं करता।
प्रत्येक वर्ष, एक महीने तक चलने वाला पारिस्थितिकीय रूप से महत्वपूर्ण अभियान/त्योहार आयोजित किया जाता है जिसके दौरान कुछ समुदाय/जनजातियाँ फलदार पेड़ों के पौधे रोपते हैं। निम्नलिखित में से कौन से ऐसे समुदाय/जनजातियाँ हैं?
Detailed Explanation:
मध्य प्रदेश की गोंड और कोरकू जनजातियाँ (विशेषकर बैतूल और हरदा जिलों में) मानसून के मौसम में हरि जिरोटी त्योहार मनाती हैं।
यह एक महीने का पारिस्थितिकीय अभियान फलदार पेड़ों के पौधे रोपने का कार्य करता है, जो इन आदिवासी समुदायों द्वारा जैव विविधता संरक्षण और सतत संसाधन प्रबंधन की पारंपरिक प्रथाओं को दर्शाता है।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए
| आर्द्रभूमि | नदियों का संगम |
|---|---|
| 1. हरिके आर्द्रभूमि | ब्यास और सतलुज |
| 2. केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान | बनास और चम्बल |
| 3. कोल्लेरू झील | मूसी और कृष्णा का संगम |
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ युग्म 1 – सही: हरिके आर्द्रभूमि पंजाब में एक रामसर स्थल है, जो ब्यास और सतलुज नदियों के संगम पर बनी है।
❌ युग्म 2 – गलत: केवलादेव घना राष्ट्रीय उद्यान (भरतपुर पक्षी अभयारण्य, राजस्थान) गम्भीर और बाणगंगा नदियों के संगम पर स्थित है, बनास और चम्बल पर नहीं।
❌ युग्म 3 – गलत: कोल्लेरू झील (आंध्र प्रदेश) कृष्णा और गोदावरी नदी डेल्टाओं के बीच स्थित है और मौसमी धाराओं द्वारा पोषित होती है, मूसी और कृष्णा के संगम पर नहीं।
बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह पर्यावरण और वन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन है।
- यह कार्य-आधारित अनुसंधान, शिक्षा और जन जागरूकता के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण का प्रयास करता है।
- यह आम जनता के लिए प्रकृति भ्रमण और शिविरों का आयोजन और संचालन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: BNHS एक स्वतंत्र, गैर-सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना 1883 में हुई थी, यह पर्यावरण और वन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय नहीं है।
✅ कथन 2 – सही: BNHS का मिशन मुख्य रूप से जैविक विविधता का संरक्षण है, जो कार्य-आधारित अनुसंधान, शिक्षा और जन जागरूकता के माध्यम से किया जाता है।
✅ कथन 3 – सही: BNHS आम जनता के लिए प्रकृति भ्रमण, शिविर और फील्ड ट्रिप का आयोजन करता है जिससे वन्यजीव जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।
वेटलैंड्स इंटरनेशनल नामक संरक्षण संगठन के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- यह रामसर कन्वेंशन के हस्ताक्षरकर्ता देशों द्वारा गठित एक अंतर-सरकारी संगठन है।
- यह ज्ञान विकसित करने और संगठित करने के लिए क्षेत्र स्तर पर कार्य करता है, और बेहतर नीतियों की वकालत के लिए व्यावहारिक अनुभव का उपयोग करता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: वेटलैंड्स इंटरनेशनल एक स्वतंत्र, गैर-लाभकारी, वैश्विक संगठन है, अंतर-सरकारी निकाय नहीं। यह दुनिया भर से सरकारी और गैर-सरकारी संगठन सदस्यता द्वारा समर्थित है, लेकिन रामसर कन्वेंशन हस्ताक्षरकर्ताओं द्वारा गठित नहीं है।
✅ कथन 2 – सही: वेटलैंड्स इंटरनेशनल ज्ञान विकसित और संगठित करने के लिए क्षेत्र स्तर पर कार्य करता है और आर्द्रभूमि संरक्षण और बहाली के लिए बेहतर नीतियों की वकालत करने के लिए व्यावहारिक अनुभव का उपयोग करता है।
Showing 1 to 20 of 28 questions
UPSC Prelims 2014 - पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी Chapter-wise Distribution
जैव विविधता और संरक्षण
7 Qs (25%)अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय सम्मेलन एवं संगठन
5 Qs (17.9%)भारत में पर्यावरणीय शासन
3 Qs (10.7%)पारिस्थितिकी की मूलभूत अवधारणाएँ
3 Qs (10.7%)वनस्पति, जीव-जंतु एवं संरक्षित क्षेत्र
3 Qs (10.7%)पर्यावरण प्रदूषण
3 Qs (10.7%)पर्यावरणीय रिपोर्ट, सूचकांक एवं संगठन
1 Qs (3.6%)सतत विकास
1 Qs (3.6%)नवीकरणीय ऊर्जा एवं हरित प्रौद्योगिकी
1 Qs (3.6%)जलवायु परिवर्तन
1 Qs (3.6%)UPSC Prelims 2014 - पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी Questions FAQs
Q1 How many पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी questions were asked in UPSC Prelims 2014?
Q2 What is the chapter-wise question distribution for पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी in UPSC Prelims 2014?
- जैव विविधता और संरक्षण: 7 questions (25%)
- अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय सम्मेलन एवं संगठन: 5 questions (17.9%)
- भारत में पर्यावरणीय शासन: 3 questions (10.7%)
- पारिस्थितिकी की मूलभूत अवधारणाएँ: 3 questions (10.7%)
- वनस्पति, जीव-जंतु एवं संरक्षित क्षेत्र: 3 questions (10.7%)
- पर्यावरण प्रदूषण: 3 questions (10.7%)
- पर्यावरणीय रिपोर्ट, सूचकांक एवं संगठन: 1 questions (3.6%)
- सतत विकास: 1 questions (3.6%)
- नवीकरणीय ऊर्जा एवं हरित प्रौद्योगिकी: 1 questions (3.6%)
- जलवायु परिवर्तन: 1 questions (3.6%)