गन्ना उत्पादन के व्यावहारिक दृष्टिकोण जिसे 'सतत गन्ना पहल' (Sustainable Sugarcane Initiative) के रूप में जाना जाता है, का क्या महत्व है?
- पारंपरिक खेती की विधि की तुलना में इसमें बीज की लागत बहुत कम है।
- इसमें ड्रिप सिंचाई को बहुत प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
- इसमें रासायनिक/अकार्बनिक उर्वरकों का कोई प्रयोग नहीं होता है।
- पारंपरिक खेती की विधि की तुलना में इसमें अंतरफसल की गुंजाइश अधिक है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: SSI एकल कलिका चिप सेट्स का उपयोग करती है जो नर्सरी में तैयार किए जाते हैं, पारंपरिक बहु-कलिका सेट्स के बजाय, बीज की आवश्यकता को ~3 टन/एकड़ से घटाकर केवल 75 किलो कर देती है, जिससे बीज लागत काफी कम हो जाती है।
✅ कथन 2 – सही: SSI में पंक्तियों के बीच चौड़ी दूरी (4-5 फीट) ड्रिप सिंचाई के अत्यधिक प्रभावी उपयोग को सक्षम बनाती है, जो बाढ़ सिंचाई की तुलना में इष्टतम नमी स्तर बनाए रखती है और जल खपत कम करती है।
❌ कथन 3 – गलत: SSI उर्वरकों के विवेकपूर्ण उपयोग को बढ़ावा देती है और जैविक निवेश/जैव-उर्वरकों को प्रोत्साहित करती है, लेकिन रासायनिक/अकार्बनिक उर्वरकों के पूर्ण बहिष्करण को अनिवार्य नहीं बनाती; यह कुशल अनुप्रयोग पर केंद्रित है।
✅ कथन 4 – सही: SSI में चौड़ी पंक्ति दूरी दालों, सब्जियों या तिलहन के साथ अंतरफसल के लिए पर्याप्त स्थान और धूप प्रदान करती है, जो पारंपरिक घनी रोपण विधियों की तुलना में अधिक गुंजाइश देती है।
Question 13 of 13 सतत कृषि
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