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पर्यावरणीय रिपोर्ट, सूचकांक एवं संगठन Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: पर्यावरणीय रिपोर्ट, सूचकांक एवं संगठन
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विश्व शौचालय संगठन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- यह संयुक्त राष्ट्र की एजेंसियों में से एक है।
- विश्व शौचालय शिखर सम्मेलन, विश्व शौचालय दिवस और विश्व शौचालय कॉलेज वैश्विक स्वच्छता संकट से निपटने के लिए कार्रवाई को प्रेरित करने के लिए इस संगठन की पहल हैं।
- इसके कार्य का मुख्य फोकस अल्प विकसित देशों और विकासशील देशों को खुले में शौच की समाप्ति के लिए धन देना है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 1 (केवल कथन 2)
World Toilet Organization (WTO) एक अंतरराष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है जो स्वच्छता और सफाई से जुड़े वैश्विक मुद्दों पर काम करता है।
❌ कथन 1 गलत है: World Toilet Organization संयुक्त राष्ट्र (UN) की एजेंसी नहीं है। यह 2001 में Singapore में स्थापित एक स्वतंत्र गैर-लाभकारी संगठन है।
✅ कथन 2 सही है: इस संगठन ने World Toilet Summit, World Toilet College जैसी पहलें शुरू कीं और World Toilet Day को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
❌ कथन 3 गलत है: इसका मुख्य कार्य देशों को अनुदान (Grant) देना नहीं है। यह मुख्य रूप से जागरूकता, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और वकालत (Advocacy) पर काम करता है।
संक्षिप्त नोट्स: वर्ल्ड टॉयलेट ऑर्गनाइजेशन (WTO)
-
स्थापना 2001 में सिंगापुर में हुई।
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यह गैर-लाभकारी अंतरराष्ट्रीय संगठन है।
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वैश्विक स्वच्छता और शौचालय सुविधाओं में सुधार के लिए कार्य करता है।
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World Toilet Summit का आयोजन करता है।
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World Toilet College के माध्यम से प्रशिक्षण प्रदान करता है।
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19 नवंबर को मनाए जाने वाले World Toilet Day को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
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जागरूकता, साझेदारी और क्षमता निर्माण पर ध्यान देता है।
-
SDG-6 (स्वच्छ जल एवं स्वच्छता) के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में योगदान देता है।
आक्रामक प्रजाति विशेषज्ञ समूह' (जो वैश्विक आक्रामक प्रजाति डेटाबेस विकसित करता है) निम्नलिखित में से किस संगठन से संबंधित है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ
आक्रामक प्रजाति विशेषज्ञ समूह (ISSG) आक्रामक प्रजातियों पर वैज्ञानिक और नीति विशेषज्ञों का एक वैश्विक नेटवर्क है, जो अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) के प्रजाति उत्तरजीविता आयोग (SSC) के तत्वावधान में संगठित है। ISSG वैश्विक आक्रामक प्रजाति डेटाबेस को विकसित और बनाए रखता है, जो विश्व भर में जैव विविधता और पारिस्थितिकी तंत्र को खतरे में डालने वाली विदेशी और आक्रामक प्रजातियों पर एक व्यापक संसाधन है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: IUCN और इसके विशेषज्ञ समूह
- IUCN (अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ): 1948 में स्थापित, यह विश्व का सबसे पुराना और सबसे बड़ा वैश्विक पर्यावरण संगठन है, जो जैव विविधता संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के सतत उपयोग पर कार्य करता है।
- प्रजाति उत्तरजीविता आयोग (SSC): IUCN के छह आयोगों में सबसे बड़ा, जिसमें 10,000 से अधिक विशेषज्ञ शामिल हैं, जो विभिन्न प्रजातियों और संरक्षण मुद्दों पर केंद्रित ~160 विशेषज्ञ समूहों में संगठित हैं।
- आक्रामक प्रजाति विशेषज्ञ समूह (ISSG): 1994 में स्थापित, इसका उद्देश्य आक्रामक विदेशी प्रजातियों के बारे में जागरूकता बढ़ाकर और रोकथाम और प्रबंधन के लिए उपकरण प्रदान करके प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र और देशी प्रजातियों के लिए खतरों को कम करना है।
- वैश्विक आक्रामक प्रजाति डेटाबेस: ISSG द्वारा रखरखाव किया जाता है, इसमें 1,000 से अधिक आक्रामक प्रजातियों की जानकारी है, जिसमें उनकी पारिस्थितिकी, वितरण, प्रभाव और प्रबंधन रणनीतियाँ शामिल हैं।
- IUCN रेड लिस्ट: एक अन्य प्रमुख IUCN पहल जो विश्व स्तर पर प्रजातियों की संरक्षण स्थिति का आकलन करती है, जिसे जैविक विविधता की सबसे व्यापक सूची के रूप में व्यापक रूप से मान्यता प्राप्त है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- "द क्लाइमेट ग्रुप" एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है जो बड़े नेटवर्क बनाकर और उन्हें संचालित करके जलवायु कार्रवाई को आगे बढ़ाता है।
- अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने द क्लाइमेट ग्रुप के साथ साझेदारी में एक वैश्विक पहल "EP100" शुरू की।
- EP100 ऊर्जा दक्षता में नवाचार को बढ़ावा देने और उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों को पूरा करते हुए प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध अग्रणी कंपनियों को एक साथ लाता है।
- कुछ भारतीय कंपनियां EP100 की सदस्य हैं।
- अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी "अंडर2 कोएलिशन" की सचिवालय है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन से सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 1, 3 और 4
यह प्रश्न वैश्विक जलवायु पहलों और संगठनों के बारे में ज्ञान की परीक्षा करता है। कथन 1, 3 और 4 सही हैं क्योंकि वे द क्लाइमेट ग्रुप की प्रकृति, EP100 के उद्देश्यों और भारतीय कॉर्पोरेट भागीदारी का सटीक वर्णन करते हैं। कथन 2 और 5 साझेदारी और सचिवालय भूमिकाओं के संबंध में गलत हैं।
✅ कथन 1 – सही: द क्लाइमेट ग्रुप वास्तव में 2004 में स्थापित एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है जो विभिन्न कार्यालयों के माध्यम से व्यवसायों, सरकारों और क्षेत्रीय प्राधिकरणों के बड़े नेटवर्क बनाकर जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देता है।
❌ कथन 2 – गलत: EP100 द क्लाइमेट ग्रुप द्वारा एलायंस टू सेव एनर्जी के साथ साझेदारी में शुरू की गई एक वैश्विक पहल है, न कि अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के साथ।
✅ कथन 3 – सही: EP100 ऊर्जा उत्पादकता में सुधार, ऊर्जा दक्षता में नवाचार को बढ़ावा देने और उत्सर्जन कटौती लक्ष्यों को पूरा करते हुए प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध अग्रणी कंपनियों को एक साथ लाता है।
✅ कथन 4 – सही: महिंद्रा एंड महिंद्रा (पहली भारतीय सदस्य), डालमिया सीमेंट और अल्ट्राटेक सीमेंट सहित कई भारतीय कंपनियां EP100 की सदस्य हैं।
❌ कथन 5 – गलत: द क्लाइमेट ग्रुप, न कि अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी, अंडर2 कोएलिशन की सचिवालय के रूप में कार्य करता है—यह राज्य और क्षेत्रीय सरकारों का एक वैश्विक समुदाय है जो वैश्विक तापमान वृद्धि को 2°C से नीचे सीमित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: वैश्विक जलवायु पहल और संगठन
| पहल/संगठन | मुख्य विवरण |
|---|---|
| द क्लाइमेट ग्रुप | • अंतर्राष्ट्रीय गैर-लाभकारी (2004) • कार्यालय: लंदन, न्यूयॉर्क, नई दिल्ली, एम्स्टर्डम, बीजिंग • व्यवसायों और सरकारों के नेटवर्क बनाता है • अंडर2 कोएलिशन की सचिवालय |
| EP100 | • वैश्विक ऊर्जा दक्षता पहल • साझेदार: क्लाइमेट ग्रुप + एलायंस टू सेव एनर्जी • फोकस: ऊर्जा उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मकता • भारतीय सदस्य: महिंद्रा एंड महिंद्रा, डालमिया सीमेंट, अल्ट्राटेक सीमेंट |
| अंडर2 कोएलिशन | • राज्य और क्षेत्रीय सरकारों का नेटवर्क • लक्ष्य: तापमान वृद्धि को 2°C से नीचे रखना • सचिवालय: द क्लाइमेट ग्रुप |
| अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) | • स्वायत्त संगठन (1974) • फोकस: ऊर्जा सुरक्षा, आर्थिक विकास, पर्यावरण जागरूकता • EP100 का साझेदार या अंडर2 कोएलिशन की सचिवालय नहीं |
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'न्यू यॉर्क डिक्लेरेशन ऑन फॉरेस्ट्स' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन से कथन सही हैं?
- इसे पहली बार 2014 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में समर्थन प्राप्त हुआ।
- यह वनों के नुकसान को समाप्त करने के लिए एक वैश्विक समयरेखा का समर्थन करता है।
- यह एक कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय घोषणा है।
- इसे सरकारों, बड़ी कंपनियों और स्वदेशी समुदायों द्वारा समर्थन प्राप्त है।
- भारत इसके प्रारंभ में हस्ताक्षरकर्ताओं में से एक था।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — 1, 2, और 4
न्यू यॉर्क डिक्लेरेशन ऑन फॉरेस्ट्स (NYDF) एक स्वैच्छिक राजनीतिक घोषणा है जिसे 2014 के संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में समर्थन मिला। यह 2020 तक प्राकृतिक वन हानि को आधा करने और 2030 तक इसे समाप्त करने के लिए एक वैश्विक समयरेखा निर्धारित करता है, जिसे सरकारों, प्रमुख निगमों और स्वदेशी समुदायों का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, यह कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं है और भारत ने इसका समर्थन नहीं किया है।
✅ कथन 1 – सही: NYDF को सितंबर 2014 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में पहली बार समर्थन मिला।
✅ कथन 2 – सही: यह 2020 तक वनों की कटाई को आधा करने और 2030 तक प्राकृतिक वन हानि को समाप्त करने के उद्देश्य से एक वैश्विक समयरेखा का समर्थन करता है।
❌ कथन 3 – गलत: NYDF एक स्वैच्छिक राजनीतिक घोषणा है, कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर्राष्ट्रीय संधि नहीं।
✅ कथन 4 – सही: इसे सरकारों, कंपनियों, नागरिक समाज संगठनों और स्वदेशी समुदायों सहित बहु-हितधारक गठबंधन (190 से अधिक समर्थकों) द्वारा समर्थन प्राप्त है।
❌ कथन 5 – गलत: भारत न्यू यॉर्क डिक्लेरेशन ऑन फॉरेस्ट्स के हस्ताक्षरकर्ताओं/समर्थकों में शामिल नहीं है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन 1: संयुक्त राष्ट्र पूंजी विकास कोष (UNCDF) और आर्बर डे फाउंडेशन ने हाल ही में हैदराबाद को 2020 ट्री सिटी ऑफ द वर्ल्ड के रूप में मान्यता दी है।
कथन 2: हैदराबाद को शहरी वनों को विकसित करने और बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता के बाद एक वर्ष के लिए मान्यता हेतु चुना गया था।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — कथन 1 सही नहीं है लेकिन कथन 2 सही है
यह प्रश्न ट्री सिटी ऑफ द वर्ल्ड मान्यता कार्यक्रम और हैदराबाद के विशिष्ट मामले के बारे में ज्ञान का परीक्षण करता है। कथन 1 में गलती से UNCDF (संयुक्त राष्ट्र पूंजी विकास कोष) और आर्बर डे फाउंडेशन को मान्यता का श्रेय दिया गया है, जबकि वास्तविकता में यह खाद्य और कृषि संगठन (FAO) और आर्बर डे फाउंडेशन का एक संयुक्त कार्यक्रम है। कथन 2 सही ढंग से शहरी वानिकी के प्रति हैदराबाद की प्रतिबद्धता को इसकी मान्यता का आधार बताता है।
❌ कथन 1 – गलत: ट्री सिटी ऑफ द वर्ल्ड मान्यता संयुक्त राष्ट्र खाद्य और कृषि संगठन (FAO) और आर्बर डे फाउंडेशन की एक संयुक्त पहल है, न कि UNCDF और आर्बर डे फाउंडेशन की।
✅ कथन 2 – सही: हैदराबाद को वास्तव में शहरी वनों को विकसित करने और बनाए रखने की अपनी प्रतिबद्धता के लिए 2020 ट्री सिटी ऑफ द वर्ल्ड के रूप में मान्यता दी गई थी।
📝 संक्षिप्त नोट्स: ट्री सिटी ऑफ द वर्ल्ड कार्यक्रम
- आयोजक संस्थाएं: खाद्य और कृषि संगठन (FAO) और आर्बर डे फाउंडेशन की संयुक्त पहल
- उद्देश्य: उन शहरों और कस्बों को सम्मानित करने के लिए मान्यता कार्यक्रम जो शहरी वनों और वृक्षों को उचित रूप से बनाए रखने, स्थायी रूप से प्रबंधित करने और उचित रूप से मनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं
- मान्यता मानदंड: शहरों को (1) जिम्मेदारी स्थापित करना, (2) नियम निर्धारित करना, (3) जानना कि आपके पास क्या है, (4) संसाधन आवंटित करना, और (5) उपलब्धियों का जश्न मनाना प्रदर्शित करना होगा
- मान्यता प्राप्त भारतीय शहर (2020): हैदराबाद इस मान्यता प्राप्त करने वाले पहले भारतीय शहरों में से एक था
- महत्व: शहरी वानिकी को स्वस्थ, टिकाऊ शहरों के एक आवश्यक घटक के रूप में बढ़ावा देता है और शहरी क्षेत्रों में वृक्षारोपण और रखरखाव को प्रोत्साहित करता है
'ग्लोबल एलायंस फॉर क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर (GACSA)' के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- GACSA, 2015 में पेरिस में आयोजित जलवायु शिखर सम्मेलन का परिणाम है।
- GACSA की सदस्यता कोई बाध्यकारी दायित्व उत्पन्न नहीं करती है।
- GACSA के निर्माण में भारत की महत्वपूर्ण भूमिका थी।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
ग्लोबल एलायंस फॉर क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर (GACSA) एक स्वैच्छिक बहु-हितधारक मंच है जो अपने सदस्यों पर कोई बाध्यकारी दायित्व नहीं डालता है। केवल कथन 2 सही है, जबकि कथन 1 और 3 में GACSA की उत्पत्ति और भारत की भूमिका के संबंध में तथ्यात्मक त्रुटियां हैं।
❌ कथन 1 – गलत: GACSA को 2014 में न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में लॉन्च किया गया था, न कि 2015 में पेरिस जलवायु शिखर सम्मेलन में।
✅ कथन 2 – सही: GACSA एक स्वैच्छिक साझेदारी मंच है, और सदस्यता इसके सदस्यों के लिए कोई कानूनी रूप से बाध्यकारी दायित्व उत्पन्न नहीं करती है।
❌ कथन 3 – गलत: GACSA को नीदरलैंड, FAO और अन्य देशों द्वारा न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन में लॉन्च किया गया था; भारत इसके निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका में नहीं था।
📝 संक्षिप्त नोट्स: ग्लोबल एलायंस फॉर क्लाइमेट-स्मार्ट एग्रीकल्चर (GACSA)
- लॉन्च: सितंबर 2014, संयुक्त राष्ट्र जलवायु शिखर सम्मेलन, न्यूयॉर्क
- प्रवर्तक: नीदरलैंड, FAO (खाद्य और कृषि संगठन), और अन्य साझेदार देश
- प्रकृति: स्वैच्छिक, बहु-हितधारक मंच जिसमें कोई बाध्यकारी कानूनी दायित्व नहीं
- उद्देश्य: खाद्य सुरक्षा बढ़ाने, जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होने और ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के लिए जलवायु-स्मार्ट कृषि (CSA) को बढ़ावा देना
- सदस्यता: सरकारों, अंतर्राष्ट्रीय संगठनों, नागरिक समाज, निजी क्षेत्र और अनुसंधान संस्थानों के लिए खुली
- CSA के तीन स्तंभ: (1) कृषि उत्पादकता और आय को स्थायी रूप से बढ़ाना, (2) जलवायु परिवर्तन के अनुकूल होना और लचीलापन बनाना, (3) जहां संभव हो ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करना
- भारत की स्थिति: भारत GACSA के प्रति सतर्क रहा है और संस्थापक या प्रमुख सदस्य नहीं रहा है; छोटे किसानों पर संभावित प्रभाव से संबंधित चिंताएं हैं
"Momentum for Change: Climate Neutral Now" एक पहल है जिसे किसके द्वारा शुरू किया गया था?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — UNFCCC सचिवालय
"Momentum for Change: Climate Neutral Now" पहल को संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) सचिवालय द्वारा 2015 में व्यक्तियों, व्यवसायों और सरकारों को जलवायु तटस्थता की दिशा में स्वैच्छिक कार्रवाई करने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु शुरू किया गया था। 2016 में, Climate Neutral Now व्यापक "Momentum for Change" पहल के तहत एक नए स्तंभ के रूप में शामिल हुआ, जो विश्वव्यापी सफल जलवायु कार्रवाई को उजागर और बढ़ावा देता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: Climate Neutral Now पहल
- शुरुआत: UNFCCC सचिवालय द्वारा 2015 में जलवायु तटस्थता की दिशा में स्वैच्छिक जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई
- तीन-चरणीय प्रक्रिया: (1) जलवायु पदचिह्न (ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन) को मापना, (2) सतत प्रथाओं और दक्षता सुधार के माध्यम से उत्सर्जन कम करना, (3) संयुक्त राष्ट्र-प्रमाणित उत्सर्जन कटौती (CERs) का उपयोग करके अपरिहार्य उत्सर्जन की भरपाई करना
- Momentum for Change: Climate Neutral Now को 2016 में व्यापक "Momentum for Change" पहल के तहत एक स्तंभ के रूप में एकीकृत किया गया
- लक्षित दर्शक: विश्वभर में व्यक्ति, कंपनियां और सरकारें
- संरेखण: जलवायु कार्रवाई में जवाबदेही और सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देकर पेरिस समझौते के लक्ष्यों का समर्थन करता है
- मान्यता: वैश्विक स्तर पर नवीन जलवायु समाधानों को प्रदर्शित और बढ़ाने के UNFCCC के प्रयासों का हिस्सा
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- लघु-जीवी जलवायु प्रदूषकों को कम करने के लिए जलवायु और स्वच्छ वायु गठबंधन (CCAC), G20 देशों की समूह की एक अनूठी पहल है।
- CCAC मीथेन, ब्लैक कार्बन और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन पर केंद्रित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
जलवायु और स्वच्छ वायु गठबंधन (CCAC) की शुरुआत 2012 में UNEP और छह संस्थापक देशों (बांग्लादेश, कनाडा, घाना, मैक्सिको, स्वीडन और संयुक्त राज्य अमेरिका) द्वारा की गई थी, न कि विशेष रूप से G20 द्वारा। तब से यह विश्वभर में 160 से अधिक भागीदारों को शामिल करने के लिए विस्तारित हुआ है। CCAC विशेष रूप से लघु-जीवी जलवायु प्रदूषकों (SLCPs) को लक्षित करता है जिनमें महत्वपूर्ण तापन क्षमता होती है लेकिन CO₂ की तुलना में वायुमंडल में कम समय तक रहते हैं।
❌ कथन 1 – गलत: CCAC, G20 की एक अनूठी पहल नहीं है; इसे UNEP और छह देशों द्वारा शुरू किया गया था और यह G20 से परे विविध सदस्यता के साथ एक वैश्विक गठबंधन में विकसित हुआ है।
✅ कथन 2 – सही: CCAC का प्राथमिक फोकस मीथेन (CH₄), ब्लैक कार्बन (BC), और हाइड्रोफ्लोरोकार्बन (HFCs) को कम करने पर है, जो शक्तिशाली लघु-जीवी जलवायु प्रदूषक हैं।
बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (BNHS) के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह पर्यावरण और वन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त संगठन है।
- यह कार्य-आधारित अनुसंधान, शिक्षा और जन जागरूकता के माध्यम से प्रकृति के संरक्षण का प्रयास करता है।
- यह आम जनता के लिए प्रकृति भ्रमण और शिविरों का आयोजन और संचालन करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
❌ कथन 1 – गलत: BNHS एक स्वतंत्र, गैर-सरकारी संगठन है जिसकी स्थापना 1883 में हुई थी, यह पर्यावरण और वन मंत्रालय के अधीन एक स्वायत्त निकाय नहीं है।
✅ कथन 2 – सही: BNHS का मिशन मुख्य रूप से जैविक विविधता का संरक्षण है, जो कार्य-आधारित अनुसंधान, शिक्षा और जन जागरूकता के माध्यम से किया जाता है।
✅ कथन 3 – सही: BNHS आम जनता के लिए प्रकृति भ्रमण, शिविर और फील्ड ट्रिप का आयोजन करता है जिससे वन्यजीव जागरूकता और संरक्षण को बढ़ावा मिलता है।