UPSC Prelims 2016
पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी Previous Year Questions (PYQs)
Explore 23 solved UPSC Prelims 2016 पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी questions with detailed step-by-step bilingual solutions, option analysis, and answer keys.
हाल ही में, हमारे वैज्ञानिकों ने केले के पौधे की एक नई और विशिष्ट प्रजाति खोजी है जो लगभग 11 मीटर की ऊंचाई प्राप्त करती है और इसके फल का गूदा नारंगी रंग का है। भारत के किस भाग में इसकी खोज की गई है?
Detailed Explanation:
मूसा इंडअंडमानेंसिस, केले की एक नई प्रजाति जो 11 मीटर ऊंचाई तक पहुंचती है और जिसका फल का गूदा नारंगी रंग का है, की खोज भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण (BSI) द्वारा लिटिल अंडमान द्वीप के उष्णकटिबंधीय वर्षा वनों में की गई थी।
यह प्रजाति अपने हरे फूलों, बड़े फलों के गुच्छे की धुरी (सामान्य आकार से तीन गुना), बेलनाकार फूलों (शंक्वाकार के बजाय), और नारंगी गूदे के लिए अद्वितीय है—जो अंडमान द्वीप समूह को सही उत्तर बनाता है।
निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
| समाचारों में कभी-कभी दिखने वाले शब्द | उनका मूल स्रोत |
|---|---|
| 1. अनुबंध-I देश | कार्टाजेना प्रोटोकॉल |
| 2. प्रमाणित उत्सर्जन कमी | नागोया प्रोटोकॉल |
| 3. स्वच्छ विकास तंत्र | क्योटो प्रोटोकॉल |
उपर्युक्त युग्मों में से कौन-सा/से सही सुमेलित है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 3
❌ युग्म 1 – गलत: अनुबंध-I देशों को संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन फ्रेमवर्क कन्वेंशन (UNFCCC) और क्योटो प्रोटोकॉल के तहत सूचीबद्ध किया गया है, कार्टाजेना प्रोटोकॉल के तहत नहीं। कार्टाजेना प्रोटोकॉल जैव सुरक्षा और जीवित रूपांतरित जीवों की सुरक्षित संभालन से संबंधित है।
❌ युग्म 2 – गलत: प्रमाणित उत्सर्जन कमी (CERs) क्योटो प्रोटोकॉल के स्वच्छ विकास तंत्र के तहत जारी कार्बन क्रेडिट हैं, नागोया प्रोटोकॉल के तहत नहीं। नागोया प्रोटोकॉल आनुवंशिक संसाधनों तक पहुंच और लाभ-साझाकरण से संबंधित है।
✅ युग्म 3 – सही: स्वच्छ विकास तंत्र (CDM) वास्तव में क्योटो प्रोटोकॉल के तहत स्थापित एक तंत्र है। यह विकसित देशों को विकासशील देशों में उत्सर्जन कमी परियोजनाओं में निवेश करने और अपनी उत्सर्जन कमी प्रतिबद्धताओं के विरुद्ध ऑफसेट के रूप में CERs अर्जित करने की अनुमति देता है।
'रेड सैंडर्स' के संदर्भ में, जो कभी-कभी समाचारों में देखा जाता है, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- यह दक्षिण भारत के एक भाग में पाई जाने वाली वृक्ष प्रजाति है।
- यह दक्षिण भारत के उष्णकटिबंधीय वर्षावन क्षेत्रों में सबसे महत्वपूर्ण वृक्षों में से एक है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1
✅ कथन 1 – सही: रेड सैंडर्स (टेरोकार्पस सैंटालिनस), जिसे लाल चंदन के नाम से भी जाना जाता है, दक्षिण भारत की पूर्वी घाट पर्वत श्रृंखला में पाई जाने वाली एक स्थानिक वृक्ष प्रजाति है, जो मुख्य रूप से आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु राज्यों में पाई जाती है।
❌ कथन 2 – गलत: रेड सैंडर्स उष्णकटिबंधीय वर्षावन क्षेत्रों में नहीं पाया जाता है। यह पूर्वी घाट के शुष्क पर्णपाती वनों और अर्ध-शुष्क क्षेत्रों में उगता है, जहाँ चट्टानी इलाके और कम वर्षा वाले झाड़ीदार वन होते हैं, जो उष्णकटिबंधीय वर्षावन पारिस्थितिकी तंत्र से बिल्कुल अलग हैं।
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'नेट मीटरिंग' कभी-कभी समाचारों में किसके संवर्धन के संदर्भ में देखी जाती है -
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — घरों/उपभोक्ताओं द्वारा सौर ऊर्जा के उत्पादन और उपयोग
नेट मीटरिंग एक बिलिंग व्यवस्था है जो सौर पैनल स्थापित करने वाले घरों और व्यवसायों को दिन के दौरान उत्पन्न अतिरिक्त बिजली को वापस पावर ग्रिड में भेजने की अनुमति देती है। बदले में, उन्हें अपने बिजली बिलों पर क्रेडिट मिलता है जिसका उपयोग वे रात के समय या बादल वाली अवधि में ग्रिड से बिजली लेते समय कर सकते हैं जब सौर उत्पादन कम होता है। यह प्रणाली व्यक्तिगत उपभोक्ताओं के लिए छत पर सौर स्थापना को आर्थिक रूप से व्यवहार्य बनाकर विकेन्द्रीकृत सौर ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देती है, क्योंकि वे महंगे भौतिक भंडारण प्रणालियों की आवश्यकता के बिना ग्रिड को वर्चुअल बैटरी के रूप में उपयोग करते हैं।
UN-REDD+ कार्यक्रम का उचित डिजाइन और प्रभावी कार्यान्वयन महत्वपूर्ण योगदान दे सकता है -
- जैव विविधता की सुरक्षा
- वन पारिस्थितिकी तंत्र की लचीलापन
- गरीबी में कमी
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 1, 2 और 3
UN-REDD+ (वनों की कटाई और वन क्षरण से उत्सर्जन में कमी) कार्यक्रम विकासशील देशों को वन-आधारित उत्सर्जन कम करने के लिए वित्तीय प्रोत्साहन देता है और साथ ही टिकाऊ वन प्रबंधन को बढ़ावा देता है। तीनों कथन सही हैं:
✅ कथन 1 – सही: REDD+ वनों की कटाई और वन क्षरण को रोककर जैव विविधता की रक्षा करता है, जिससे वन पारिस्थितिकी तंत्र पर निर्भर वनस्पतियों और जीवों की विविध प्रजातियों का संरक्षण होता है।
✅ कथन 2 – सही: यह कार्यक्रम टिकाऊ वन प्रबंधन प्रथाओं को बढ़ावा देकर वन पारिस्थितिकी तंत्र की लचीलापन बढ़ाता है, जो वनों को जलवायु परिवर्तन प्रभावों, प्राकृतिक गड़बड़ी और पर्यावरणीय दबावों का बेहतर सामना करने में मदद करता है।
✅ कथन 3 – सही: REDD+ वन-आश्रित समुदायों को वित्तीय प्रोत्साहन और वैकल्पिक आजीविका के अवसर प्रदान करके गरीबी में कमी लाता है, उन्हें शोषणकारी प्रथाओं के बजाय टिकाऊ वन संरक्षण में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- सतत विकास लक्ष्यों को सबसे पहले 1972 में 'क्लब ऑफ रोम' नामक एक वैश्विक थिंक टैंक द्वारा प्रस्तावित किया गया था।
- सतत विकास लक्ष्यों को 2030 तक हासिल करना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
❌ कथन 1 – गलत: सतत विकास लक्ष्य (SDGs) 1972 में क्लब ऑफ रोम द्वारा प्रस्तावित नहीं किए गए थे। क्लब ऑफ रोम ने 1972 में 'द लिमिट्स टू ग्रोथ' रिपोर्ट प्रकाशित की थी, जिसमें पर्यावरणीय स्थिरता की चिंताओं पर चर्चा की गई थी। SDGs की अवधारणा कोलंबिया द्वारा जुलाई 2011 में इंडोनेशिया में आयोजित रियो+20 सम्मेलन की तैयारी बैठक में प्रस्तावित की गई थी। SDGs को सितंबर 2015 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 2030 एजेंडा फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट के हिस्से के रूप में औपचारिक रूप से अपनाया गया था।
✅ कथन 2 – सही: सतत विकास लक्ष्य 17 वैश्विक लक्ष्यों का एक समूह है जिसे 2015 में सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों द्वारा अपनाया गया था। ये लक्ष्य गरीबी, असमानता, जलवायु परिवर्तन, पर्यावरण क्षरण, शांति और न्याय सहित वैश्विक चुनौतियों को संबोधित करते हैं। इन लक्ष्यों को हासिल करने का लक्षित वर्ष 2030 है, यही कारण है कि इन्हें 2030 एजेंडा भी कहा जाता है।
'एजेंडा 21' के संदर्भ में, जो कभी-कभी समाचारों में देखा जाता है, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह सतत विकास के लिए एक वैश्विक कार्य योजना है।
- यह 2002 में जोहान्सबर्ग में आयोजित सतत विकास पर विश्व शिखर सम्मेलन में उत्पन्न हुआ था।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1
✅ कथन 1 – सही: एजेंडा 21 सतत विकास के लिए एक व्यापक वैश्विक कार्य योजना है जिसे 1992 में रियो डी जेनेरो में संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण और विकास सम्मेलन (पृथ्वी शिखर सम्मेलन) में अपनाया गया था। यह 40 अध्यायों में सतत विकास के पर्यावरणीय, सामाजिक और आर्थिक आयामों को संबोधित करता है जिसमें गरीबी, उपभोग पैटर्न, वायुमंडलीय संरक्षण, वनों की कटाई, मरुस्थलीकरण, महासागर, जैव विविधता और अपशिष्ट प्रबंधन जैसे मुद्दे शामिल हैं।
❌ कथन 2 – गलत: एजेंडा 21 की उत्पत्ति 1992 में रियो पृथ्वी शिखर सम्मेलन में हुई थी, न कि 2002 में जोहान्सबर्ग में आयोजित सतत विकास पर विश्व शिखर सम्मेलन में। जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन (रियो+10) ने एजेंडा 21 के कार्यान्वयन पर प्रगति की समीक्षा की और जोहान्सबर्ग कार्यान्वयन योजना तैयार की, जिसने मूल प्रतिबद्धताओं की पुष्टि की और उन पर आगे बढ़ाया।
ड्रिप सिंचाई (बूंद-बूंद सिंचाई) के अभ्यास का/के निम्नलिखित में से कौन सा/से लाभ है/हैं?
- खरपतवार में कमी
- मृदा लवणता में कमी
- मृदा अपरदन में कमी
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1 और 3
✅ कथन 1 – सही: ड्रिप सिंचाई पौधों की जड़ों के क्षेत्र में सीधे पानी पहुंचाती है, जिससे मिट्टी की सतह अपेक्षाकृत सूखी रहती है। चूंकि खरपतवार को अंकुरित होने और बढ़ने के लिए नम ऊपरी मिट्टी की आवश्यकता होती है, इसलिए सतही पानी की उपलब्धता को सीमित करने से बाढ़ या फव्वारा सिंचाई विधियों की तुलना में खरपतवार की वृद्धि में काफी कमी आती है।
❌ कथन 2 – गलत: ड्रिप सिंचाई सीधे तौर पर मृदा लवणता को कम नहीं करती है। वास्तव में, चूंकि पानी विशिष्ट बिंदुओं पर छोटी मात्रा में लगाया जाता है, इसलिए गीले क्षेत्र के किनारों पर लवण जमा हो सकते हैं। हालांकि उचित प्रबंधन प्रथाएं (जैसे समय-समय पर निक्षालन) लवणता को नियंत्रित करने में मदद कर सकती हैं, लेकिन ड्रिप सिंचाई स्वयं मौजूदा मृदा लवणता को कम करने का तरीका नहीं है।
✅ कथन 3 – सही: जड़ क्षेत्र में धीरे-धीरे और सीधे पानी छोड़कर, ड्रिप सिंचाई सतही अपवाह और मिट्टी की सतह पर पानी के प्रवाह को कम करती है। यह नियंत्रित जल अनुप्रयोग ऊपरी मिट्टी के बह जाने को रोकता है, जिससे मृदा अपरदन कम होता है और मिट्टी की संरचना और उर्वरता बनी रहती है।
'ग्रीनहाउस गैस प्रोटोकॉल' क्या है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — यह सरकारी और व्यावसायिक नेताओं के लिए ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को समझने, मापने और प्रबंधित करने के लिए एक अंतर्राष्ट्रीय लेखांकन उपकरण है
ग्रीनहाउस गैस प्रोटोकॉल ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को मापने और प्रबंधित करने के लिए विश्व स्तर पर सबसे अधिक उपयोग किया जाने वाला ढांचा है। वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) और वर्ल्ड बिजनेस काउंसिल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट (WBCSD) द्वारा विकसित, यह संगठनों और सरकारों को उनके कार्बन फुटप्रिंट का लेखा-जोखा रखने के लिए मानकीकृत तरीके प्रदान करता है। यह संयुक्त राष्ट्र की वित्तीय पहल नहीं है, न ही कानूनी रूप से बाध्यकारी अंतर-सरकारी समझौता है, और न ही विश्व बैंक द्वारा होस्ट की गई REDD+ पहल से संबंधित है।
निम्नलिखित में से कौन भारत सरकार के 'ग्रीन इंडिया मिशन' के उद्देश्य का सर्वोत्तम वर्णन करता है?
- केंद्र और राज्य के बजट में पर्यावरणीय लाभों और लागतों को शामिल करना, जिससे 'हरित लेखांकन' को लागू किया जा सके।
- भविष्य में सभी को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कृषि उत्पादन बढ़ाने हेतु दूसरी हरित क्रांति शुरू करना।
- अनुकूलन और शमन उपायों के संयोजन द्वारा वन आवरण को पुनर्स्थापित और बढ़ाना तथा जलवायु परिवर्तन का सामना करना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 3
❌ कथन 1 – गलत: हरित लेखांकन का अर्थ राष्ट्रीय बजट में पर्यावरणीय लागत और लाभों को शामिल करना है, जो एक अलग आर्थिक पहल है। ग्रीन इंडिया मिशन का उद्देश्य केंद्र और राज्य के बजट में हरित लेखांकन को लागू करना नहीं है।
❌ कथन 2 – गलत: दूसरी हरित क्रांति कृषि उत्पादकता और खाद्य सुरक्षा बढ़ाने पर केंद्रित है। ग्रीन इंडिया मिशन, जो जलवायु परिवर्तन पर राष्ट्रीय कार्य योजना (NAPCC) का हिस्सा है, विशेष रूप से वन और वन आवरण को लक्षित करता है, न कि कृषि उत्पादन को।
✅ कथन 3 – सही: राष्ट्रीय हरित भारत मिशन (GIM) का उद्देश्य भारत के वन आवरण की रक्षा, पुनर्स्थापना और वृद्धि करना तथा अनुकूलन और शमन उपायों के माध्यम से जलवायु परिवर्तन का सामना करना है। इसका लक्ष्य 5 मिलियन हेक्टेयर पर वन आवरण बढ़ाना और अन्य 5 मिलियन हेक्टेयर पर वन की गुणवत्ता में सुधार करना है, जिससे कार्बन अवशोषण और जैव विविधता संरक्षण जैसी पारिस्थितिकी तंत्र सेवाओं में वृद्धि हो।
'राष्ट्रीय गंगा नदी बेसिन प्राधिकरण (NGRBA)' की निम्नलिखित में से कौन-सी प्रमुख विशेषताएं हैं?
- नदी बेसिन योजना और प्रबंधन की इकाई है।
- यह राष्ट्रीय स्तर पर नदी संरक्षण प्रयासों का नेतृत्व करता है।
- जिन राज्यों से गंगा बहती है, उनमें से एक मुख्यमंत्री बारी-बारी से NGRBA का अध्यक्ष बनता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1 और 2
✅ कथन 1 – सही: NGRBA नदी बेसिन को योजना और प्रबंधन की इकाई के रूप में अपनाता है, जो राज्य-वार खंडित दृष्टिकोण से हटकर बेसिन-स्तरीय समग्र संरक्षण रणनीति की ओर बढ़ता है।
✅ कथन 2 – सही: NGRBA की स्थापना गंगा के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नदी संरक्षण प्रयासों का नेतृत्व करने के लिए की गई थी। यह गंगा कायाकल्प के लिए शीर्ष योजना, वित्तपोषण, निगरानी और समन्वय प्राधिकरण के रूप में कार्य करता है।
❌ कथन 3 – गलत: NGRBA के अध्यक्ष भारत के प्रधानमंत्री हैं, न कि बारी-बारी से मुख्यमंत्री। गंगा बेसिन राज्यों के मुख्यमंत्री संबंधित केंद्रीय कैबिनेट मंत्रियों के साथ प्राधिकरण के सदस्य हैं।
भारत के निम्नलिखित में से किस क्षेत्र में आप अपने प्राकृतिक आवास में 'ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल' को देखने की सबसे अधिक संभावना रखते हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — पश्चिमी घाट
ग्रेट इंडियन हॉर्नबिल (Buceros bicornis) एक बड़ा फलाहारी पक्षी है जो भारत के घने सदाबहार और नम पर्णपाती वनों का मूल निवासी है। भारत में इसका प्राकृतिक आवास मुख्य रूप से पश्चिमी घाट में केंद्रित है, जहां यह प्रचुर फल देने वाले पेड़ों के साथ उष्णकटिबंधीय वर्षावनों में पनपता है। यह पक्षी पूर्वोत्तर राज्यों में हिमालय की तलहटी में भी पाया जाता है, लेकिन दिए गए विकल्पों में पश्चिमी घाट सही उत्तर है। इस प्रजाति को घोंसले बनाने और बसेरा करने के लिए ऊंचे पेड़ों की आवश्यकता होती है, जिससे उत्तर पश्चिम भारत के रेतीले मरुस्थल, जम्मू और कश्मीर के उच्च ठंडे हिमालय और गुजरात के नमक दलदल अनुपयुक्त आवास बन जाते हैं। आवास की हानि और शिकार के दबाव के कारण इसे संवेदनशील के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
'इन्टेंडेड नेशनली डिटर्मिंड कंट्रीब्यूशन' शब्द कभी-कभी समाचारों में किस संदर्भ में देखा जाता है:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए विश्व के देशों द्वारा रेखांकित की गई कार्य योजना।
इन्टेंडेड नेशनली डिटर्मिंड कंट्रीब्यूशन (INDCs) पेरिस समझौते (2015) से पहले देशों द्वारा प्रस्तुत स्वैच्छिक जलवायु कार्य योजनाएं हैं। प्रत्येक राष्ट्र ने अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों और क्षमताओं के आधार पर ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने, नवीकरणीय ऊर्जा की ओर बढ़ने और जलवायु प्रभावों के अनुकूलन के लिए अपने इच्छित योगदान को रेखांकित किया। जब देशों ने पेरिस समझौते की पुष्टि की, तो ये INDCs नेशनली डिटर्मिंड कंट्रीब्यूशन (NDCs) बन गए — जो वैश्विक जलवायु ढांचे की आधारशिला हैं। ये एक बॉटम-अप दृष्टिकोण का पालन करते हैं जहां देश अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर थोपे जाने के बजाय स्वतंत्र रूप से अपने लक्ष्य निर्धारित करते हैं।
हाल ही में, हमारे देश में पहली बार किस राज्य ने एक विशेष तितली को 'राज्य तितली' घोषित किया है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — महाराष्ट्र
महाराष्ट्र 2015 में राज्य तितली घोषित करने वाला भारत का पहला राज्य बना। राज्य ने ब्लू मॉर्मन (Papilio polymnestor) को अपनी आधिकारिक तितली के रूप में घोषित किया। ब्लू मॉर्मन एक बड़ी, आकर्षक तितली है जिसके काले मखमली पंखों पर चमकीले नीले धब्बे होते हैं, जो पश्चिमी घाट और राज्य के अन्य वन क्षेत्रों में पाई जाती है। यह घोषणा महाराष्ट्र के जैव विविधता संरक्षण प्रयासों का हिस्सा थी ताकि देशी प्रजातियों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जा सके।
2015 में पेरिस में UNFCCC बैठक में हुए समझौते के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- यह समझौता संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देशों द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था और यह 2017 में लागू होगा।
- इस समझौते का उद्देश्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को सीमित करना है ताकि इस सदी के अंत तक औसत वैश्विक तापमान में वृद्धि पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 2 डिग्री सेल्सियस या यहां तक कि 1.5 डिग्री सेल्सियस से अधिक न हो।
- विकसित देशों ने वैश्विक तापवृद्धि में अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी को स्वीकार किया और विकासशील देशों को जलवायु परिवर्तन से निपटने में मदद करने के लिए 2020 से प्रति वर्ष $1000 बिलियन दान करने के लिए प्रतिबद्ध हुए।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
❌ कथन 1 – गलत: पेरिस समझौता दिसंबर 2015 में अपनाया गया और अप्रैल 2016 में हस्ताक्षरित किया गया, लेकिन यह 4 नवंबर 2016 (2017 नहीं) को लागू हुआ, जब 55 देशों ने इसे अनुसमर्थित किया जो वैश्विक उत्सर्जन के कम से कम 55% का प्रतिनिधित्व करते थे। इसके अलावा, यह सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों द्वारा हस्ताक्षरित नहीं किया गया था।
✅ कथन 2 – सही: पेरिस समझौते का मुख्य उद्देश्य जलवायु परिवर्तन के प्रति वैश्विक प्रतिक्रिया को मजबूत करना है, इस सदी में वैश्विक तापमान वृद्धि को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 2°C से काफी नीचे रखकर और वृद्धि को 1.5°C तक सीमित करने के प्रयास करना है।
❌ कथन 3 – गलत: जबकि विकसित देशों ने समान लेकिन विभेदित उत्तरदायित्व और संबंधित क्षमताओं (CBDR-RC) के सिद्धांत के तहत अपनी ऐतिहासिक जिम्मेदारी को स्वीकार किया, वित्तीय प्रतिबद्धता 2020 तक प्रति वर्ष $100 बिलियन थी, $1000 बिलियन नहीं।
'गाडगिल समिति रिपोर्ट' और 'कस्तूरीरंगन समिति रिपोर्ट', जो कभी-कभी समाचारों में देखी जाती हैं, किससे संबंधित हैं -
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — पश्चिमी घाट का संरक्षण
गाडगिल समिति रिपोर्ट (2011) और कस्तूरीरंगन समिति रिपोर्ट (2012) दोनों विशेष रूप से पश्चिमी घाट के संरक्षण और सुरक्षा से संबंधित हैं, जो दुनिया के जैव विविधता हॉटस्पॉट में से एक है। गाडगिल समिति (पश्चिमी घाट पारिस्थितिकी विशेषज्ञ पैनल) ने संपूर्ण पश्चिमी घाट को कड़े पर्यावरण नियमों के साथ पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील क्षेत्र (ईएसए) घोषित करने की सिफारिश की। हालांकि, राज्य सरकारों के विरोध का सामना करते हुए, इन सिफारिशों की समीक्षा के लिए कस्तूरीरंगन समिति का गठन किया गया। इसने अधिक मध्यम दृष्टिकोण प्रस्तावित किया, केवल 37% पश्चिमी घाट को ईएसए के रूप में नामित किया, जो मुख्य रूप से वन और निर्जन क्षेत्रों पर केंद्रित था, जबकि अन्य क्षेत्रों में नियंत्रित विकास की अनुमति दी। दोनों रिपोर्ट पश्चिमी घाट क्षेत्र में पारिस्थितिक संरक्षण और विकास आवश्यकताओं के बीच संतुलन को संबोधित करती हैं।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन की शुरुआत 2015 में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन में की गई थी।
- इस गठबंधन में संयुक्त राष्ट्र के सभी सदस्य देश शामिल हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1
✅ कथन 1 – सही: अंतर्राष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) की शुरुआत भारत और फ्रांस द्वारा 30 नवंबर 2015 को पेरिस में संयुक्त राष्ट्र जलवायु परिवर्तन सम्मेलन (COP 21) के दौरान की गई थी। गठबंधन का उद्देश्य सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देना और जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना है, विशेष रूप से विकासशील देशों में।
❌ कथन 2 – गलत: प्रारंभ में, ISA की सदस्यता कर्क रेखा और मकर रेखा के बीच स्थित 121 देशों तक सीमित थी। हालांकि, 2018 में इसके फ्रेमवर्क समझौते में संशोधन के माध्यम से गठबंधन को सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देशों के लिए विस्तारित किया गया। इस विस्तार के बावजूद, सभी संयुक्त राष्ट्र सदस्य देश ISA में शामिल नहीं हुए हैं; सदस्यता स्वैच्छिक है और देशों को सदस्य बनने के लिए फ्रेमवर्क समझौते पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर और अनुसमर्थन करना होता है।
FAO 'वैश्विक रूप से महत्वपूर्ण कृषि विरासत प्रणाली (GIAHS)' का दर्जा पारंपरिक कृषि प्रणालियों को प्रदान करता है। इस पहल का समग्र लक्ष्य क्या है?
- पहचानी गई GIAHS की स्थानीय समुदायों को आधुनिक तकनीक, आधुनिक कृषि विधियों में प्रशिक्षण और वित्तीय सहायता प्रदान करना ताकि उनकी कृषि उत्पादकता में बहुत वृद्धि हो
- पर्यावरण-अनुकूल पारंपरिक कृषि प्रथाओं और उनसे जुड़े परिदृश्यों, कृषि जैव विविधता और स्थानीय समुदायों की ज्ञान प्रणालियों की पहचान करना और उनकी रक्षा करना
- ऐसी पहचानी गई GIAHS में कृषि उत्पादन की सभी किस्मों को भौगोलिक संकेत की स्थिति प्रदान करना
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
❌ कथन 1 – गलत: GIAHS का उद्देश्य उत्पादकता बढ़ाने के लिए आधुनिक तकनीक या आधुनिक कृषि विधियों में प्रशिक्षण प्रदान करना नहीं है। इसका लक्ष्य पारंपरिक कृषि प्रणालियों और देशज ज्ञान का संरक्षण और समर्थन करना है, न कि उन्हें आधुनिक गहन प्रथाओं से बदलना।
✅ कथन 2 – सही: GIAHS का मुख्य उद्देश्य ऐसी पारंपरिक कृषि प्रणालियों की पहचान करना, उनकी रक्षा करना और उन्हें बढ़ावा देना है जो स्थायी प्रथाओं को प्रदर्शित करती हैं, कृषि जैव विविधता का संरक्षण करती हैं, पारंपरिक परिदृश्यों को संरक्षित करती हैं, और स्थानीय समुदायों की देशज ज्ञान प्रणालियों की रक्षा करती हैं। यह इन प्रणालियों को जीवित, विकसित होती विरासत के रूप में मान्यता देता है।
❌ कथन 3 – गलत: GIAHS पदनाम स्वचालित रूप से कृषि उत्पादों को भौगोलिक संकेत (GI) की स्थिति प्रदान नहीं करता है। GI एक अलग बौद्धिक संपदा अधिकार है जो विभिन्न कानूनी ढांचे और मानदंडों के तहत दिया जाता है। हालांकि कुछ GIAHS उत्पाद स्वतंत्र रूप से GI के लिए योग्य हो सकते हैं, यह GIAHS पहल की अंतर्निहित विशेषता नहीं है।
'खारई ऊँट' जो भारत में पाई जाने वाली एक नस्ल है, के बारे में क्या अनूठा है?
- यह समुद्री जल में तीन किलोमीटर तक तैरने में सक्षम है।
- यह मैंग्रोव पर चरकर जीवित रहता है।
- यह जंगली रूप में रहता है और इसे पालतू नहीं बनाया जा सकता।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1 और 2
✅ कथन 1 – सही: खारई ऊँटों में समुद्री जल में तीन किलोमीटर तक तैरने की अनूठी क्षमता होती है, जो उन्हें चराई के लिए कच्छ की खाड़ी में तटीय मैंग्रोव द्वीपों तक पहुँचने में सक्षम बनाती है।
✅ कथन 2 – सही: 'खारई' नाम गुजराती शब्द 'खारा' से लिया गया है, जो उनके मुख्य आहार नमक-सहिष्णु पौधों और मैंग्रोव को दर्शाता है। यह अनुकूलन उन्हें गुजरात के कठोर तटीय पारिस्थितिकी तंत्र में जीवित रहने में मदद करता है।
❌ कथन 3 – गलत: खारई ऊँट अर्ध-पालतू पशु हैं जिन्हें कच्छ क्षेत्र में मालधारी पशुपालक समुदायों द्वारा पाला जाता है। इनका उपयोग दूध उत्पादन के लिए किया जाता है, और इनके नर बछड़ों को अक्सर व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए बेचा जाता है।
'मरुस्थलीकरण का मुकाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन' का/के क्या महत्व है/हैं?
- इसका उद्देश्य नवीन राष्ट्रीय कार्यक्रमों और सहायक अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई को बढ़ावा देना है।
- इसका विशेष/विशिष्ट ध्यान दक्षिण एशिया और उत्तरी अफ्रीका क्षेत्रों पर है, और इसका सचिवालय इन क्षेत्रों को वित्तीय संसाधनों के प्रमुख हिस्से के आवंटन की सुविधा प्रदान करता है।
- यह निचले स्तर से ऊपर की ओर जाने वाले दृष्टिकोण के प्रति प्रतिबद्ध है, जो मरुस्थलीकरण से निपटने में स्थानीय लोगों की भागीदारी को प्रोत्साहित करता है।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1 और 3
✅ कथन 1 – सही: UNCCD नवीन राष्ट्रीय कार्यक्रमों और सहायक अंतर्राष्ट्रीय साझेदारियों के माध्यम से प्रभावी कार्रवाई को बढ़ावा देता है, जो देशों को मरुस्थलीकरण से निपटने और सूखे के प्रभावों को कम करने के लिए सहयोग करने का ढांचा प्रदान करता है।
❌ कथन 2 – गलत: सम्मेलन का विशेष ध्यान अफ्रीका पर है, न कि दक्षिण एशिया और उत्तरी अफ्रीका पर। इसका पूरा नाम है 'गंभीर सूखे और/या मरुस्थलीकरण का सामना कर रहे देशों में मरुस्थलीकरण का मुकाबला करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सम्मेलन, विशेष रूप से अफ्रीका में'। इसके अलावा, सचिवालय वित्तीय संसाधनों के प्रमुख हिस्से का आवंटन नहीं करता—वित्तीय संसाधन जुटाना मुख्य रूप से वैश्विक तंत्र और वैश्विक पर्यावरण सुविधा (GEF) द्वारा संभाला जाता है।
✅ कथन 3 – सही: UNCCD पर्यावरणीय सम्मेलनों में अपने निचले स्तर से ऊपर की ओर जाने वाले दृष्टिकोण की प्रतिबद्धता के लिए अद्वितीय है, जो भूमि क्षरण से निपटने के लिए कार्यक्रमों के डिजाइन और कार्यान्वयन में स्थानीय समुदायों, भूमि उपयोगकर्ताओं और गैर-सरकारी संगठनों की भागीदारी पर जोर देता है।
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UPSC Prelims 2016 - पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी Chapter-wise Distribution
जैव विविधता और संरक्षण
8 Qs (34.8%)अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय सम्मेलन एवं संगठन
4 Qs (17.4%)जलवायु परिवर्तन
4 Qs (17.4%)सतत विकास
3 Qs (13%)पर्यावरण प्रदूषण
2 Qs (8.7%)भारत में पर्यावरणीय शासन
1 Qs (4.3%)नवीकरणीय ऊर्जा एवं हरित प्रौद्योगिकी
1 Qs (4.3%)UPSC Prelims 2016 - पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी Questions FAQs
Q1 How many पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी questions were asked in UPSC Prelims 2016?
Q2 What is the chapter-wise question distribution for पर्यावरण एवं पारिस्थितिकी in UPSC Prelims 2016?
- जैव विविधता और संरक्षण: 8 questions (34.8%)
- अंतरराष्ट्रीय पर्यावरणीय सम्मेलन एवं संगठन: 4 questions (17.4%)
- जलवायु परिवर्तन: 4 questions (17.4%)
- सतत विकास: 3 questions (13%)
- पर्यावरण प्रदूषण: 2 questions (8.7%)
- भारत में पर्यावरणीय शासन: 1 questions (4.3%)
- नवीकरणीय ऊर्जा एवं हरित प्रौद्योगिकी: 1 questions (4.3%)