UPSC CSE Prelims
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी Previous Year Questions (PYQs)
Solved Previous Year Questions (PYQs) for विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी in UPSC CSE Prelims in English & Hindi Medium.
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ऑर्गेनिक लाइट एमिटिंग डायोड (OLED) का उपयोग कई उपकरणों में डिजिटल डिस्प्ले बनाने के लिए किया जाता है। लिक्विड क्रिस्टल डिस्प्ले की तुलना में OLED डिस्प्ले के क्या फायदे हैं?
- OLED डिस्प्ले को लचीले प्लास्टिक सब्सट्रेट पर बनाया जा सकता है।
- OLED का उपयोग करके कपड़ों में लगाए जाने वाले रोल-अप डिस्प्ले बनाए जा सकते हैं।
- OLED का उपयोग करके पारदर्शी डिस्प्ले संभव हैं।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 1, 2 और 3
✅ कथन 1 – सही: OLED में ऑर्गेनिक यौगिकों की पतली फिल्में होती हैं जिन्हें लचीले प्लास्टिक या धातु की पन्नी पर जमाया जा सकता है, जबकि LCD को कठोर कांच की जरूरत होती है। इससे मुड़ने और तह होने वाले डिस्प्ले संभव होते हैं।
✅ कथन 2 – सही: OLED तकनीक का लचीलापन रोल-अप डिस्प्ले बनाने की अनुमति देता है जिन्हें कपड़ों, पहनने योग्य उपकरणों और अन्य लचीली सतहों में लगाया जा सकता है—जो कठोर LCD तकनीक से असंभव है।
✅ कथन 3 – सही: OLED पिक्सेल बिना बैकलाइट के स्वतंत्र रूप से प्रकाश उत्सर्जित करते हैं, और ऑर्गेनिक परतों को अर्ध-पारदर्शी बनाया जा सकता है। इससे पारदर्शी डिस्प्ले बनाना संभव है जहां स्क्रीन सामग्री न दिखाते समय पारदर्शी होती है, जबकि LCD अपनी बैकलाइट और लिक्विड क्रिस्टल संरचना के कारण हमेशा अपारदर्शी होती है।
तीनों कथन LCD तकनीक की तुलना में OLED के मुख्य लाभों को सही ढंग से दर्शाते हैं।
भारत में, निम्नलिखित में से किसके लिए साइबर सुरक्षा घटनाओं की रिपोर्ट करना कानूनी रूप से अनिवार्य है?
- सेवा प्रदाता
- डेटा केंद्र
- निगमित निकाय
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 1, 2 और 3
✅ कथन 1 – सही: सेवा प्रदाताओं के लिए CERT-In (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल) को साइबर सुरक्षा घटनाओं की रिपोर्ट करना सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 70B और सूचना प्रौद्योगिकी (भारतीय कंप्यूटर आपातकालीन प्रतिक्रिया दल और कार्यों तथा कर्तव्यों के निष्पादन का तरीका) नियम, 2013 के तहत कानूनी रूप से अनिवार्य है।
✅ कथन 2 – सही: डेटा केंद्रों को IT (CERT-In) नियम, 2013 के तहत CERT-In को साइबर सुरक्षा घटनाओं की अनिवार्य रूप से रिपोर्ट करने वाली संस्थाओं में स्पष्ट रूप से सूचीबद्ध किया गया है। इसमें घटना के ध्यान में आने या सूचित होने के छह घंटे के भीतर डेटा उल्लंघन, अनधिकृत पहुंच और सिस्टम समझौता जैसी घटनाएं शामिल हैं।
✅ कथन 3 – सही: निगमित निकायों (कंपनियों और संगठनों) के लिए IT अधिनियम, 2000 और संबंधित नियमों के तहत निर्दिष्ट साइबर सुरक्षा घटनाओं को CERT-In को रिपोर्ट करना आवश्यक है। यह दायित्व व्यावसायिक संचालन और संवेदनशील डेटा को प्रभावित करने वाले साइबर खतरों के लिए समय पर प्रतिक्रिया सुनिश्चित करता है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में, जीका वायरस रोग उसी मच्छर द्वारा संचरित होता है जो डेंगू संचरित करता है।
- जीका वायरस रोग का यौन संचरण संभव है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 1 और 2 दोनों
✅ कथन 1 – सही: उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों में जीका वायरस मुख्य रूप से एडीज एजिप्टी मच्छर द्वारा संचरित होता है। यह वही मच्छर प्रजाति है जो डेंगू, चिकनगुनिया और पीत ज्वर संचरित करती है। जब यह मच्छर किसी संक्रमित व्यक्ति को काटता है तो संक्रमित हो जाता है और फिर बाद में काटने के माध्यम से अन्य लोगों को वायरस संचरित कर सकता है।
✅ कथन 2 – सही: जीका वायरस का यौन संचरण अच्छी तरह से प्रलेखित है और संभव है। यह वायरस योनि, गुदा और मुख मैथुन के माध्यम से संचरित हो सकता है। यह वीर्य में कई महीनों तक बना रह सकता है, जिससे मच्छर संचरण के बिना भी यौन संचरण संक्रमण का एक महत्वपूर्ण मार्ग बन जाता है। गर्भवती महिलाएं विशेष रूप से जोखिम में हैं क्योंकि जीका गंभीर जन्म दोष पैदा कर सकता है।
इसलिए, दोनों कथन सही हैं।
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'इवेंट होराइजन', 'सिंगुलैरिटी', 'स्ट्रिंग थ्योरी' और 'स्टैंडर्ड मॉडल' शब्द कभी-कभी समाचारों में किस संदर्भ में देखे जाते हैं
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — ब्रह्मांड का अवलोकन और समझ
ये चारों शब्द ब्रह्मांड विज्ञान और सैद्धांतिक भौतिकी की मूलभूत अवधारणाएं हैं। इवेंट होराइजन एक ब्लैक होल के चारों ओर की सीमा है जिसके पार से कुछ भी उसके गुरुत्वाकर्षण से बच नहीं सकता। सिंगुलैरिटी अनंत घनत्व और गुरुत्वाकर्षण का एक बिंदु है, जैसे ब्लैक होल के केंद्र में या बिग बैंग की प्रारंभिक अवस्था। स्ट्रिंग थ्योरी एक सैद्धांतिक ढांचा है जो कणों को कंपन करती तारों के रूप में वर्णित करके प्रकृति की सभी मूलभूत शक्तियों को एकीकृत करने का प्रयास करता है। स्टैंडर्ड मॉडल कण भौतिकी में स्थापित सिद्धांत है जो मूलभूत कणों और चार में से तीन बलों (गुरुत्वाकर्षण को छोड़कर) का वर्णन करता है। ये अवधारणाएं ब्रह्मांड की संरचना, उत्पत्ति और विकास को समझने के लिए केंद्रीय हैं, जो विकल्प 1 को सही उत्तर बनाता है।
'राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार नीति' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह दोहा विकास एजेंडा और TRIPS समझौते के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है।
- औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग भारत में बौद्धिक संपदा अधिकारों को विनियमित करने के लिए नोडल एजेंसी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 1 और 2 दोनों
राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा अधिकार नीति, जो 2016 में अपनाई गई थी, स्पष्ट रूप से TRIPS समझौते और दोहा विकास एजेंडा सहित अंतर्राष्ट्रीय IPR ढांचे के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है, जो विकासशील देशों के लिए लचीलापन प्रदान करता है। उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT), जिसे पूर्व में औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग के नाम से जाना जाता था, भारत में IPR नीति निर्माण और कार्यान्वयन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करता है।
✅ कथन 1 – सही: राष्ट्रीय IPR नीति दोहा विकास एजेंडा और TRIPS समझौते के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराती है, जो सस्ती दवाओं के लिए अनिवार्य लाइसेंसिंग जैसी लचीलेपन तक पहुंच सुनिश्चित करती है।
✅ कथन 2 – सही: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय के अधीन औद्योगिक नीति और संवर्धन विभाग (अब DPIIT) वास्तव में भारत में IPR नीति को विनियमित और कार्यान्वित करने के लिए नोडल एजेंसी है।
हाल ही में समाचारों में रहे 'INS अस्त्रधारिणी' का सबसे सटीक विवरण निम्नलिखित में से कौन सा है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — टॉरपीडो प्रक्षेपण और पुनर्प्राप्ति पोत
INS अस्त्रधारिणी भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित टॉरपीडो लॉन्च एंड रिकवरी वेसल (TLRV) है, जिसे 2015 में 95% स्वदेशी सामग्री के साथ कमीशन किया गया था।
यह NSTL द्वारा विकसित टॉरपीडो और माइन्स जैसे पानी के नीचे के हथियारों के तकनीकी परीक्षणों के लिए एक विशेष मंच के रूप में कार्य करता है, जिसमें हथियार पुनर्प्राप्ति संचालन के दौरान बेहतर स्थिरता के लिए कैटामरन हल डिजाइन है।
'ग्रीस्ड लाइटनिंग-10 (GL-10)', जो हाल ही में समाचारों में था, क्या है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — NASA द्वारा परीक्षित विद्युत विमान
ग्रीस्ड लाइटनिंग-10 (GL-10) NASA द्वारा विकसित एक प्रयोगात्मक हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक विमान है जो वितरित विद्युत प्रणोदन और ऊर्ध्वाधर उड़ान भरने और उतरने (VTOL) की क्षमताओं का परीक्षण करता है।
GL-10 एक छोटे आकार का, दूर से संचालित विमान है जो हेलीकॉप्टर की तरह उड़ान भर सकता है और फिक्स्ड-विंग उड़ान में बदल सकता है, जो मानव रहित कार्गो परिवहन और निगरानी में भविष्य के अनुप्रयोगों को प्रदर्शित करता है।
निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं? विषाणु (वायरस) को संक्रमित कर सकते हैं -
- जीवाणु (बैक्टीरिया)
- कवक (फंगाई)
- पौधे
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 1, 2 और 3
✅ कथन 1 – सही: बैक्टीरियोफेज (फेज) ऐसे विषाणु हैं जो जीवाणुओं को संक्रमित करते हैं और उनकी आनुवंशिक सामग्री को जीवाणु कोशिकाओं में इंजेक्ट करते हैं।
✅ कथन 2 – सही: माइकोवायरस ऐसे विषाणु हैं जो विशेष रूप से कवक को संक्रमित करते हैं, अक्सर बिना दिखाई देने वाले लक्षणों के गुप्त संक्रमण पैदा करते हैं।
✅ कथन 3 – सही: पादप विषाणु विभिन्न पौधों की प्रजातियों को संक्रमित करते हैं और कोशिकीय तंत्र को हाईजैक करके मोज़ेक पैटर्न और रुकी हुई वृद्धि जैसी बीमारियाँ पैदा करते हैं।
'एस्ट्रोसैट', भारत द्वारा लॉन्च की गई खगोलीय वेधशाला के संदर्भ में, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- संयुक्त राज्य अमेरिका और रूस के अलावा, भारत एकमात्र ऐसा देश है जिसने अंतरिक्ष में इसी तरह की वेधशाला लॉन्च की है।
- एस्ट्रोसैट एक 2000 किलोग्राम का उपग्रह है जिसे पृथ्वी की सतह से 1650 किमी ऊपर की कक्षा में स्थापित किया गया है।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — न तो 1 और न ही 2
❌ कथन 1 – गलत: भारत अंतरिक्ष वेधशाला लॉन्च करने वाला 5वां देश है, तीसरा नहीं। एस्ट्रोसैट से पहले अमेरिका, रूस, जापान और यूरोप (ESA) पहले ही समान वेधशालाएं लॉन्च कर चुके थे।
❌ कथन 2 – गलत: एस्ट्रोसैट का द्रव्यमान लगभग 1513 किलोग्राम है (2000 किलोग्राम नहीं) और इसे सितंबर 2015 में PSLV-C30 द्वारा पृथ्वी की सतह से 650 किमी की कक्षा (1650 किमी नहीं) में स्थापित किया गया था।
भारत 'अंतर्राष्ट्रीय तापनाभिकीय प्रायोगिक रिएक्टर' का एक महत्वपूर्ण सदस्य है। यदि यह प्रयोग सफल होता है, तो भारत के लिए तात्कालिक लाभ क्या है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — यह विद्युत उत्पादन के लिए संलयन रिएक्टर बना सकता है
ITER (अंतर्राष्ट्रीय तापनाभिकीय प्रायोगिक रिएक्टर) अत्यधिक उच्च तापमान पर हाइड्रोजन समस्थानिकों को मिलाकर नाभिकीय संलयन को व्यावहारिक ऊर्जा स्रोत के रूप में प्रदर्शित करने की एक सहयोगी परियोजना है।
भारत की भागीदारी से संलयन प्रौद्योगिकी, अनुसंधान विशेषज्ञता और इंजीनियरिंग ज्ञान तक पहुंच मिलती है, जो अंततः स्वच्छ, प्रचुर विद्युत उत्पादन के लिए अपने स्वयं के संलयन रिएक्टर बनाने में आवश्यक है।
अन्य विकल्प क्यों गलत हैं:
• विकल्प 1: थोरियम उपयोग उन्नत विखंडन रिएक्टरों से संबंधित है, संलयन प्रौद्योगिकी से नहीं
• विकल्प 2: उपग्रह नेविगेशन अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी (NAVIC/IRNSS) से जुड़ा है, ITER से असंबंधित
• विकल्प 3: ITER संलयन पर केंद्रित है, मौजूदा विखंडन रिएक्टर दक्षता सुधार पर नहीं
'बिटकॉइन' के संदर्भ में, जो कभी-कभी समाचारों में देखा जाता है, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- बिटकॉइन को देशों के केंद्रीय बैंकों द्वारा ट्रैक किया जाता है।
- बिटकॉइन पते वाला कोई भी व्यक्ति बिटकॉइन पते वाले किसी अन्य व्यक्ति से बिटकॉइन भेज और प्राप्त कर सकता है।
- ऑनलाइन भुगतान बिना किसी पक्ष को दूसरे की पहचान जाने भेजे जा सकते हैं।
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनिए।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2 और 3
❌ कथन 1 – गलत: बिटकॉइन को केंद्रीय बैंकों द्वारा ट्रैक नहीं किया जाता है। बिटकॉइन एक विकेंद्रीकृत ब्लॉकचेन नेटवर्क पर काम करता है जिसमें केंद्रीय प्राधिकरण की निगरानी नहीं होती है। केंद्रीय बैंक बिटकॉइन लेनदेन को बनाए या मॉनिटर नहीं करते हैं।
✅ कथन 2 – सही: बिटकॉइन पते वाला कोई भी व्यक्ति बिटकॉइन पते वाले किसी अन्य व्यक्ति से बिटकॉइन भेज और प्राप्त कर सकता है। पीयर-टू-पीयर लेनदेन के लिए किसी मध्यस्थ या बैंक की मंजूरी की आवश्यकता नहीं होती है।
✅ कथन 3 – सही: ऑनलाइन भुगतान बिना किसी पक्ष को दूसरे की पहचान जाने भेजे जा सकते हैं। बिटकॉइन पते छद्मनामी होते हैं—ब्लॉकचेन पर केवल पते दिखाई देते हैं, उपयोगकर्ताओं की वास्तविक पहचान नहीं।
'LiFi' के संदर्भ में, जो हाल ही में समाचारों में रहा, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- यह उच्च गति डेटा संचरण के लिए प्रकाश को माध्यम के रूप में उपयोग करता है।
- यह एक वायरलेस तकनीक है और 'WiFi' की तुलना में कई गुना तेज है।
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — 1 और 2 दोनों
✅ कथन 1 – सही: LiFi (लाइट फिडेलिटी) LED बल्बों से दृश्य प्रकाश तरंगों का उपयोग करता है जो मानव आंखों को दिखाई न देने वाली तीव्र चमक के माध्यम से उच्च गति डेटा संचरण करता है।
✅ कथन 2 – सही: LiFi एक वायरलेस तकनीक है जिसकी सैद्धांतिक गति 100 Gbps से अधिक है, जो WiFi की वर्तमान अधिकतम 11 Gbps से काफी तेज है।
भारत सरकार कृषि में 'नीम-लेपित यूरिया' के उपयोग को क्यों बढ़ावा देती है?
Detailed Explanation:
✅ कथन 2 – सही: नीम की परत नाइट्रीकरण अवरोधक के रूप में कार्य करती है, यूरिया के नाइट्रेट में बदलने की प्रक्रिया को धीमा करती है, जिससे निक्षालन, वाष्पीकरण और विनाइट्रीकरण के माध्यम से नाइट्रोजन की हानि कम होती है, और फसलों द्वारा बेहतर उपयोग के लिए नाइट्रोजन का क्रमिक निकास सुनिश्चित होता है।
❌ कथन 1 – गलत: नीम की परत मिट्टी के सूक्ष्मजीवों द्वारा नाइट्रोजन स्थिरीकरण को नहीं बढ़ाती; यह मुख्य रूप से नाइट्रीकरण को रोकती है।
❌ कथन 3 – गलत: जबकि नीम-लेपित यूरिया विनाइट्रीकरण को कम करके नाइट्रस ऑक्साइड उत्सर्जन को कम करता है, यह ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को पूरी तरह समाप्त नहीं करता।
❌ कथन 4 – गलत: नीम-लेपित यूरिया खरपतवारनाशी-उर्वरक संयोजन नहीं है; नीम नाइट्रीकरण अवरोधक के रूप में कार्य करता है, खरपतवारनाशी के रूप में नहीं।
'प्रोजेक्ट लून', जो कभी-कभी समाचारों में देखा जाता है, किससे संबंधित है -
Detailed Explanation:
प्रोजेक्ट लून गूगल की एक पहल थी जो दूरदराज और वंचित क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करने के लिए समताप मंडल में उच्च ऊंचाई वाले गुब्बारों का उपयोग करती थी, जो तैरते सेल टावरों की तरह काम करते थे।
यह परियोजना वायरलेस इंटरनेट प्रदान करने में तकनीकी सफलता के बावजूद, व्यावसायिक व्यवहार्यता की चुनौतियों के कारण जनवरी 2021 में बंद कर दी गई थी।
'डिजिलॉकर' के संबंध में, जो कभी-कभी समाचारों में देखा जाता है, निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- यह डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत सरकार द्वारा प्रदान की जाने वाली एक डिजिटल लॉकर प्रणाली है।
- यह आपको आपके भौतिक स्थान की परवाह किए बिना आपके ई-दस्तावेजों तक पहुंचने की अनुमति देता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही उत्तर चुनिए
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: डिजिलॉकर भारत सरकार द्वारा 2015 में डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत शुरू की गई एक क्लाउड-आधारित डिजिटल लॉकर प्रणाली है जो ई-दस्तावेजों के सुरक्षित भंडारण और भौतिक दस्तावेजों पर निर्भरता कम करने के लिए बनाई गई है।
✅ कथन 2 – सही: डिजिलॉकर उपयोगकर्ताओं को इंटरनेट कनेक्टिविटी का उपयोग करके कहीं से भी अपने ई-दस्तावेजों तक पहुंचने की अनुमति देता है, जिससे भौतिक दस्तावेज ले जाने की आवश्यकता समाप्त हो जाती है।