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स्वदेशी रक्षा प्रणालियाँ Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for स्वदेशी रक्षा प्रणालियाँ with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for UPSC CSE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
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भारत के मिशन सुदर्शन चक्र के बारे में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
- इसका उद्देश्य भारत की वायु रक्षा, बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा और हवाई आक्रामक क्षमताओं को बढ़ाना है।
- इस मिशन को भारत की रणनीतिक स्वायत्तता को मजबूत करते हुए तीव्र, सटीक और शक्तिशाली रक्षा प्रतिक्रियाओं को बढ़ाने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- इस मिशन का एक उद्देश्य 2035 तक भारत के सभी सार्वजनिक स्थानों को एक विस्तारित राष्ट्रव्यापी सुरक्षा कवच द्वारा कवर करना है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
तीनों कथन सही हैं। मिशन सुदर्शन चक्र भारत की वायु रक्षा, बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा और आक्रामक क्षमता को मजबूत करने के लिए तैयार की गई एक समेकित सुरक्षा पहल है।
यह उन्नत तकनीकों की सहायता से तेज़ और सटीक रक्षा प्रतिक्रिया सुनिश्चित करने तथा रणनीतिक आत्मनिर्भरता बढ़ाने का लक्ष्य रखती है। साथ ही, इसका उद्देश्य 2035 तक पूरे देश के सार्वजनिक स्थानों को सुरक्षा कवच के दायरे में लाना भी है।
इसलिए विकल्प A (1, 2 और 3) सही उत्तर है।
मिशन सुदर्शन चक्र एक दीर्घकालिक रक्षा आधुनिकीकरण पहल है, जिसका उद्देश्य स्वदेशी तकनीकों के माध्यम से बहु-स्तरीय सुरक्षा तंत्र विकसित करना है। इसमें वायु रक्षा, मिसाइल रक्षा, AI आधारित निगरानी, अंतरिक्ष आधारित सेंसर और उन्नत हथियार प्रणालियों का समावेश किया गया है, जिससे राष्ट्रीय सुरक्षा और मजबूत हो सके।
रक्षा हार्डवेयर की निम्नलिखित में से कौन सी वस्तु भारत में निर्मित होती है/हैं?
- Su-30 MKI फाइटर जेट
- T-90 MK-III टैंक
- अकुला क्लास पनडुब्बी
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
कथन 1 और 2 सही हैं। Su-30 MKI लड़ाकू विमान भारत में HAL द्वारा बनाए जाते हैं, जबकि T-90 Mk-III (भीष्म) टैंक अवाड़ी स्थित फैक्ट्री में निर्मित किए जाते हैं।
कथन 3 गलत है क्योंकि Akula श्रेणी की पनडुब्बियां रूस में बनाई जाती हैं। भारत ने इन्हें केवल लीज पर लिया है, उनका निर्माण नहीं करता।
इसलिए विकल्प A (1 और 2) सही उत्तर है।
भारत रक्षा आत्मनिर्भरता (Defence Indigenisation) को बढ़ावा दे रहा है, जिसके तहत सैन्य उपकरणों का निर्माण देश में ही किया जा रहा है। इसमें तकनीक हस्तांतरण, लाइसेंस प्राप्त उत्पादन और स्वदेशी अनुसंधान को प्रोत्साहन दिया जाता है। यह आत्मनिर्भर भारत पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
भारतीय मानक ब्यूरो (बीआईएस) ने हाल ही में बम निपटान प्रणाली का परीक्षण और मूल्यांकन करने के लिए एक राष्ट्रीय मानक पेश किया है। इस प्रणाली के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- नए मानक को IS 19445 : 2025 के नाम से जाना जाता है।
- यह विभिन्न एजेंसियों में उपकरणों की अंतरसंचालनीयता में सुधार करेगा।
- इसे 30वें केंद्रीय वैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान, रूस के सहयोग से टीबीआरएल, डीआरडीओ द्वारा विकसित किया गया था।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
सही उत्तर: विकल्प 3 (केवल 1 और 2)
कथन 1 — सही। दिसंबर 2025 में, BIS ने बम निपटान प्रणालियों के लिए भारत का पहला समर्पित राष्ट्रीय मानक अधिसूचित किया, जिसे आधिकारिक रूप से IS 19445:2025 नामित किया गया।
कथन 2 — सही। यह मानक बम कंबल, बास्केट और इन्हिबिटर जैसे बम निपटान उपकरणों के मूल्यांकन के लिए व्यापक दिशा-निर्देश स्थापित करता है। इसका एक प्रमुख उद्देश्य परीक्षण और खरीद में एकरूपता लाना है, जिससे सशस्त्र बल, CAPF, NSG और राज्य पुलिस जैसी एजेंसियों में अंतर-संचालनीयता (Interoperability) में सुधार हो।
कथन 3 — गलत। यह मानक MHA के अनुरोध पर BIS और DRDO के टर्मिनल बैलिस्टिक रिसर्च लेबोरेटरी (TBRL) द्वारा स्वदेशी रूप से विकसित किया गया था। किसी भी रूसी संस्था के साथ कोई सहयोग नहीं था। वास्तव में यह मानक विदेशी मानदंडों पर निर्भरता कम करने के लिए बनाया गया था।
मुख्य बिंदु: IS 19445:2025 रक्षा मानकों के स्वदेशीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है — यह BIS + DRDO/TBRL द्वारा पूरी तरह भारत में विकसित किया गया है।
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हाल ही में समाचारों में रहे 'INS अस्त्रधारिणी' का सबसे सटीक विवरण निम्नलिखित में से कौन सा है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — टॉरपीडो प्रक्षेपण और पुनर्प्राप्ति पोत
INS अस्त्रधारिणी भारत का पहला स्वदेशी रूप से डिजाइन और निर्मित टॉरपीडो लॉन्च एंड रिकवरी वेसल (TLRV) है, जिसे 2015 में 95% स्वदेशी सामग्री के साथ कमीशन किया गया था।
यह NSTL द्वारा विकसित टॉरपीडो और माइन्स जैसे पानी के नीचे के हथियारों के तकनीकी परीक्षणों के लिए एक विशेष मंच के रूप में कार्य करता है, जिसमें हथियार पुनर्प्राप्ति संचालन के दौरान बेहतर स्थिरता के लिए कैटामरन हल डिजाइन है।
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