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नौसैनिक, वायु एवं स्थल रक्षा प्रौद्योगिकी Previous Year Questions (PYQs)
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Solved Previous Year Questions
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आम तौर पर CL-20, HMX औरLLM-105 के नाम से जाने जाने वाले रासायनिक पदार्थों की सामान्य विशेषता क्या है, जिनके बारे में कभी-कभी मीडिया में बात की जाती है?
Detailed Explanation:
CL-20, HMX और LLM-105 उन्नत उच्च-ऊर्जा विस्फोटक (High-Energy Explosives) हैं जिनका उपयोग सैन्य हथियारों में किया जाता है।
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CL-20 दुनिया के सबसे शक्तिशाली पारंपरिक विस्फोटकों में से एक है।
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HMX का उपयोग मिसाइलों, वारहेड और अन्य सैन्य गोला-बारूद में किया जाता है।
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LLM-105 उच्च प्रदर्शन और बेहतर तापीय स्थिरता वाला आधुनिक विस्फोटक है।
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अतः तीनों सैन्य हथियारों में उपयोग होने वाले विस्फोटक हैं, इसलिए सही उत्तर विकल्प (B) है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
| विकल्प | कारण |
|---|---|
| HFC रेफ्रिजरेंट के विकल्प | ये रेफ्रिजरेंट नहीं हैं। |
| सैन्य हथियारों में विस्फोटक | सही उत्तर। ✅ |
| क्रूज़ मिसाइलों के ईंधन | ये ईंधन नहीं, बल्कि विस्फोटक हैं। |
| रॉकेट प्रणोदन के ईंधन | रॉकेट ईंधन और विस्फोटक अलग-अलग होते हैं। |
निम्नलिखित गतिविधियों पर विचार करें:
- हवाई अड्डों या विमान में यात्रियों पर नशीले पदार्थों की पहचान
- वर्षा की निगरानी
- जानवरों के प्रवास पर नज़र रखना
उपरोक्त में से कितनी गतिविधियों में रडार का उपयोग किया जा सकता है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ केवल दो (Option B)
रडार रेडियो तरंगों को भेजकर और उनके परावर्तन को पकड़कर वस्तुओं का पता लगाता है। इसका उपयोग मौसम की निगरानी और पशुओं के प्रवास को ट्रैक करने में होता है, लेकिन नशीले पदार्थों की पहचान के लिए सामान्यतः नहीं किया जाता।
❌ कथन I गलत है: हवाई अड्डों पर नशीले पदार्थों की पहचान आमतौर पर एक्स-रे स्कैनर, ट्रेस डिटेक्टर, स्निफर डॉग और रासायनिक परीक्षणों से की जाती है, रडार से नहीं।
✅ कथन II सही है: मौसम रडार का उपयोग वर्षा, बर्फबारी, तूफान आदि की निगरानी के लिए किया जाता है।
✅ कथन III सही है: पक्षियों, चमगादड़ों और अन्य जानवरों के प्रवास को ट्रैक करने के लिए रडार का उपयोग किया जाता है।
संक्षिप्त नोट्स: रडार (Radar)
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RADAR का पूरा नाम Radio Detection And Ranging है।
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यह रेडियो तरंगों का उपयोग करके वस्तुओं की स्थिति और गति का पता लगाता है।
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मौसम रडार वर्षा, आंधी और चक्रवात की निगरानी करते हैं।
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डॉप्लर रडार वस्तुओं की गति माप सकता है।
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रडार का उपयोग विमानन, रक्षा, नौवहन और मौसम विज्ञान में होता है।
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यह पक्षियों और जानवरों के प्रवास का अध्ययन करने में उपयोगी है।
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रडार रात, कोहरे और बादलों में भी प्रभावी रूप से काम करता है।
निम्नलिखित विमानों पर विचार करें:
- राफेल
- मिग-29
- तेजस एमके-1
उपरोक्त में से कितने को पांचवीं पीढ़ी के लड़ाकू विमान माना जाता है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: ✅ विकल्प 4 (कोई नहीं)
पाँचवीं पीढ़ी (Fifth Generation) के लड़ाकू विमानों की प्रमुख विशेषताएँ स्टेल्थ तकनीक, सेंसर फ्यूज़न, सुपरक्रूज़ क्षमता, उन्नत एवियोनिक्स और नेटवर्क-केंद्रित युद्ध प्रणाली हैं। दिए गए तीनों विमान इस श्रेणी में नहीं आते।
❌ Rafale – गलत: Dassault Rafale एक 4.5वीं पीढ़ी का बहुउद्देश्यीय लड़ाकू विमान है।
❌ MiG-29 – गलत: Mikoyan MiG-29 एक चौथी पीढ़ी का लड़ाकू विमान है।
❌ Tejas MK-1 – गलत: HAL Tejas Mk1 को सामान्यतः चौथी पीढ़ी का हल्का लड़ाकू विमान माना जाता है।
अतः तीनों में से कोई भी पाँचवीं पीढ़ी का लड़ाकू विमान नहीं है।
संक्षिप्त नोट्स: Fighter Aircraft Generations
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4th Generation: उच्च गतिशीलता, Fly-by-Wire, उन्नत रडार (जैसे MiG-29)।
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4.5 Generation: AESA रडार, आधुनिक एवियोनिक्स, सीमित स्टेल्थ क्षमता (जैसे Rafale)।
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5th Generation: पूर्ण स्टेल्थ, सेंसर फ्यूज़न, सुपरक्रूज़ क्षमता।
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पाँचवीं पीढ़ी के उदाहरण: F-22 Raptor, F-35 Lightning II, Sukhoi Su-57।
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भारत वर्तमान में Rafale, Su-30MKI, MiG-29 और Tejas संचालित करता है।
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भारत Advanced Medium Combat Aircraft (AMCA) विकसित कर रहा है।
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स्टेल्थ तकनीक रडार पर पहचान कम करती है।
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सेंसर फ्यूज़न विभिन्न सेंसरों की जानकारी को एकीकृत करता है।
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