UPSC CSE Prelims
समसामयिकी Previous Year Questions (PYQs)
Solved Previous Year Questions (PYQs) for समसामयिकी in UPSC CSE Prelims in English & Hindi Medium.
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खेल पुरस्कारों के संबंध में निम्नलिखित युग्मों पर विचार कीजिए:
- मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार : पिछले चार वर्षों की अवधि में एक खिलाड़ी द्वारा सबसे शानदार और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए
- अर्जुन पुरस्कार : एक खिलाड़ी द्वारा जीवनकाल की उपलब्धि के लिए
- द्रोणाचार्य पुरस्कार: उन प्रतिष्ठित कोचों को सम्मानित करने के लिए जिन्होंने खिलाड़ियों या टीमों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है
- राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार : खिलाड़ियों द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति के बाद भी दिए गए योगदान को मान्यता देने के लिए
उपर्युक्त में से कितने युग्म सही सुमेलित हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल दो
प्रश्न में खेल पुरस्कारों और उनके विवरण के सही सुमेलित युग्मों की पहचान करने को कहा गया है। दिए गए चार युग्मों में से, केवल युग्म 1 (मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार) और युग्म 3 (द्रोणाचार्य पुरस्कार) सही सुमेलित हैं, इसलिए सही उत्तर 'केवल दो' है।
✅ युग्म 1 – सही: मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार वास्तव में पिछले चार वर्षों की अवधि में एक खिलाड़ी द्वारा सबसे शानदार और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है।
❌ युग्म 2 – गलत: अर्जुन पुरस्कार पिछले चार वर्षों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दिया जाता है (जीवनकाल की उपलब्धि के लिए नहीं); ध्यानचंद पुरस्कार खेलों में जीवनकाल की उपलब्धि के लिए दिया जाता है।
✅ युग्म 3 – सही: द्रोणाचार्य पुरस्कार को उन प्रतिष्ठित कोचों को सम्मानित करने के लिए पुरस्कार के रूप में सही ढंग से वर्णित किया गया है जिन्होंने खिलाड़ियों या टीमों को सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है।
❌ युग्म 4 – गलत: राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार कॉर्पोरेट संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों और खेल निकायों को खेल संवर्धन और विकास के लिए दिया जाता है (सेवानिवृत्ति के बाद व्यक्तिगत खिलाड़ियों को नहीं)।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत के राष्ट्रीय खेल पुरस्कार
| पुरस्कार का नाम | उद्देश्य | प्रमुख विशेषताएं |
|---|---|---|
| मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार | भारत का सर्वोच्च खेल सम्मान | पिछले 4 वर्षों में शानदार और उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए; पूर्व में राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार के रूप में जाना जाता था |
| अर्जुन पुरस्कार | खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन | नेतृत्व, खेल भावना और अनुशासन के साथ 4 वर्षों में अच्छे प्रदर्शन के लिए |
| द्रोणाचार्य पुरस्कार | कोचिंग में उत्कृष्टता | उन कोचों के लिए जिन्होंने खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया है |
| ध्यानचंद पुरस्कार | खेलों में जीवनकाल की उपलब्धि | उन खिलाड़ियों के लिए जिन्होंने अपने करियर के दौरान योगदान दिया है और सेवानिवृत्ति के बाद भी खेलों को बढ़ावा देना जारी रखते हैं |
| राष्ट्रीय खेल प्रोत्साहन पुरस्कार | खेल संवर्धन और विकास | खेल संवर्धन में दृश्यमान भूमिका के लिए कॉर्पोरेट संस्थाओं, गैर सरकारी संगठनों और खेल निकायों को दिया जाता है |
| मौलाना अबुल कलाम आज़ाद ट्रॉफी | विश्वविद्यालय खेल उत्कृष्टता | अंतर-विश्वविद्यालय टूर्नामेंटों में समग्र रूप से शीर्ष प्रदर्शन करने वाले विश्वविद्यालय के लिए |
44वें शतरंज ओलंपियाड, 2022 के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह पहली बार था जब शतरंज ओलंपियाड भारत में आयोजित किया गया था।
- आधिकारिक शुभंकर का नाम 'थम्बी' था।
- ओपन सेक्शन में विजेता टीम के लिए ट्रॉफी वेरा मेन्चिक कप है।
- महिला सेक्शन में विजेता टीम के लिए ट्रॉफी हैमिल्टन-रसेल कप है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल दो
44वां शतरंज ओलंपियाड 2022 वास्तव में इस प्रतिष्ठित आयोजन की मेजबानी करने वाला भारत का पहला अवसर था, जो चेन्नई के पास मामल्लापुरम में आयोजित किया गया था। आधिकारिक शुभंकर का नाम सही रूप से 'थम्बी' (तमिल में छोटे भाई के लिए) रखा गया था। हालांकि, ट्रॉफियां उलटी हैं: ओपन सेक्शन को हैमिल्टन-रसेल कप मिलता है, जबकि महिला सेक्शन को वेरा मेन्चिक कप (पहली महिला विश्व शतरंज चैंपियन के नाम पर) मिलता है।
✅ कथन 1 – सही: 44वां शतरंज ओलंपियाड 2022 पहली बार था जब भारत ने इस आयोजन की मेजबानी की, जो 28 जुलाई से 9 अगस्त 2022 तक मामल्लापुरम/चेन्नई में आयोजित किया गया।
✅ कथन 2 – सही: आधिकारिक शुभंकर का नाम 'थम्बी' था, जो एक तमिल शब्द है जिसका अर्थ 'छोटा भाई' है, जो तमिलनाडु की संस्कृति और आतिथ्य का प्रतिनिधित्व करता है।
❌ कथन 3 – गलत: ओपन सेक्शन की ट्रॉफी हैमिल्टन-रसेल कप है, वेरा मेन्चिक कप नहीं।
❌ कथन 4 – गलत: महिला सेक्शन की ट्रॉफी वेरा मेन्चिक कप है, हैमिल्टन-रसेल कप नहीं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: शतरंज ओलंपियाड ट्रॉफियां
| सेक्शन | ट्रॉफी का नाम | किसके नाम पर |
|---|---|---|
| ओपन सेक्शन | हैमिल्टन-रसेल कप | फ्रेडरिक हैमिल्टन-रसेल (ब्रिटिश राजनयिक और शतरंज संरक्षक) |
| महिला सेक्शन | वेरा मेन्चिक कप | वेरा मेन्चिक (पहली महिला विश्व शतरंज चैंपियन, 1927-1944) |
- 44वां शतरंज ओलंपियाड 2022: पहली बार भारत में तमिलनाडु के मामल्लापुरम में आयोजित (28 जुलाई – 9 अगस्त, 2022)
- रिकॉर्ड भागीदारी: ओपन में लगभग 190 टीमें और महिला सेक्शन में 160 से अधिक टीमें
- पहली बार मशाल रिले: आयोजन से पहले ओलंपिक मशाल को भारत के कई शहरों में ले जाया गया
- कई भारतीय टीमें: मेजबान राष्ट्र के रूप में, भारत ने दोनों सेक्शनों में कई टीमें उतारीं
- 2022 के विजेता: ओपन सेक्शन - उज्बेकिस्तान; महिला सेक्शन - यूक्रेन
निम्नलिखित देशों पर विचार कीजिए:
- बुल्गारिया
- चेक गणराज्य
- हंगरी
- लातविया
- लिथुआनिया
- रोमानिया
उपर्युक्त में से कितने देश यूक्रेन के साथ स्थलीय सीमा साझा करते हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल दो
सूचीबद्ध छह देशों में से केवल हंगरी और रोमानिया ही यूक्रेन के साथ स्थलीय सीमा साझा करते हैं। हंगरी यूक्रेन के दक्षिण-पश्चिम में सीमा बनाता है, जबकि रोमानिया दक्षिण में सीमा साझा करता है। अन्य चार देश—बुल्गारिया, चेक गणराज्य, लातविया और लिथुआनिया—यूक्रेन के साथ प्रत्यक्ष स्थलीय सीमा साझा नहीं करते हैं।
देशवार विश्लेषण:
✅ हंगरी – सीमा साझा करता है: यूक्रेन के दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और एक साझा स्थलीय सीमा है।
✅ रोमानिया – सीमा साझा करता है: यूक्रेन के दक्षिण/दक्षिण-पश्चिम में स्थित है और एक महत्वपूर्ण स्थलीय सीमा है।
❌ बुल्गारिया – कोई सीमा नहीं: रोमानिया के दक्षिण में स्थित है; रोमानिया द्वारा यूक्रेन से अलग है।
❌ चेक गणराज्य – कोई सीमा नहीं: मध्य यूरोप में स्थित है, यूक्रेन के पश्चिम में, कोई प्रत्यक्ष सीमा नहीं है।
❌ लातविया – कोई सीमा नहीं: बाल्टिक क्षेत्र में स्थित है, यूक्रेन के उत्तर में, बेलारूस द्वारा अलग है।
❌ लिथुआनिया – कोई सीमा नहीं: बाल्टिक क्षेत्र में स्थित है, यूक्रेन के उत्तर-पश्चिम में, बेलारूस द्वारा अलग है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: यूक्रेन की स्थलीय सीमाएँ
| पड़ोसी देश | दिशा | सीमा की लंबाई (लगभग) |
|---|---|---|
| रूस | पूर्व और उत्तर-पूर्व | ~2,295 किमी (सबसे लंबी) |
| बेलारूस | उत्तर | ~1,084 किमी |
| पोलैंड | पश्चिम | ~535 किमी |
| स्लोवाकिया | पश्चिम | ~97 किमी (सबसे छोटी) |
| हंगरी | दक्षिण-पश्चिम | ~128 किमी |
| रोमानिया | दक्षिण/दक्षिण-पश्चिम | ~601 किमी |
| मोल्दोवा | दक्षिण | ~1,202 किमी |
- यूक्रेन कुल सात देशों के साथ स्थलीय सीमा साझा करता है।
- दी गई सूची में से केवल हंगरी और रोमानिया ही यूक्रेन के पड़ोसी हैं।
- चेक गणराज्य निकट है लेकिन स्लोवाकिया द्वारा अलग है।
- बाल्टिक राज्य (लातविया, लिथुआनिया) बेलारूस द्वारा अलग हैं।
- बुल्गारिया रोमानिया के दक्षिण में स्थित है और यूक्रेन तक सीधी पहुंच नहीं है।
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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
कथन-I: भारत की सार्वजनिक क्षेत्र की स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली मुख्य रूप से उपचारात्मक देखभाल पर केंद्रित है तथा सीमित निवारक, प्रोत्साहक और पुनर्वास देखभाल प्रदान करती है।
कथन-II: स्वास्थ्य देखभाल वितरण के लिए भारत के विकेंद्रीकृत दृष्टिकोण के तहत, राज्य स्वास्थ्य सेवाओं के आयोजन के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी हैं।
उपर्युक्त कथनों के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — कथन-I और कथन-II दोनों सही हैं और कथन-II, कथन-I की सही व्याख्या नहीं है
दोनों कथन व्यक्तिगत रूप से सही हैं लेकिन कथन-II, कथन-I की व्याख्या नहीं करता है। भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली का उपचारात्मक फोकस ऐतिहासिक नीतिगत प्राथमिकताओं और संसाधन आवंटन पैटर्न से उत्पन्न होता है, न कि स्वास्थ्य सेवाओं के संवैधानिक विकेंद्रीकरण से।
✅ कथन-I – सही: भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली ने ऐतिहासिक रूप से अस्पतालों और औषधालयों के माध्यम से उपचारात्मक देखभाल पर जोर दिया है, जबकि निवारक, प्रोत्साहक और पुनर्वास सेवाओं को सीमित बजटीय और बुनियादी ढांचागत समर्थन मिलता है।
✅ कथन-II – सही: संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत, 'सार्वजनिक स्वास्थ्य और स्वच्छता; अस्पताल और औषधालय' राज्य सूची (प्रविष्टि 6) के अंतर्गत आते हैं, जो राज्यों को स्वास्थ्य सेवाओं के आयोजन और वितरण के लिए मुख्य रूप से उत्तरदायी बनाता है।
संबंध: विकेंद्रीकृत प्रशासनिक संरचना (कथन-II) स्वास्थ्य प्रशासन के लिए संवैधानिक ढांचे का वर्णन करती है लेकिन उपचारात्मक-भारी दृष्टिकोण (कथन-I) का कारण या व्याख्या नहीं करती है। उत्तरार्द्ध नीतिगत विकल्पों, वित्त पोषण मॉडल और बुनियादी ढांचा विकास प्राथमिकताओं का परिणाम है न कि संघवाद का।
जननी सुरक्षा योजना के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह राज्य स्वास्थ्य विभागों का सुरक्षित मातृत्व हस्तक्षेप है।
- इसका उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं में मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करना है।
- इसका लक्ष्य गरीब गर्भवती महिलाओं में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देना है।
- इसके उद्देश्य में एक वर्ष की आयु तक के बीमार शिशुओं को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना शामिल है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल दो
जननी सुरक्षा योजना (JSY) के बारे में चार कथनों में से केवल कथन 2 और 3 सही हैं। JSY, NHM के तहत एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसका उद्देश्य नकद प्रोत्साहन के माध्यम से गरीब गर्भवती महिलाओं में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करना है।
❌ कथन 1 – गलत: JSY राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत 100% केंद्र प्रायोजित योजना है, न कि राज्य स्वास्थ्य विभाग का हस्तक्षेप।
✅ कथन 2 – सही: JSY का प्राथमिक उद्देश्य गरीब गर्भवती महिलाओं में सुरक्षित संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करना है।
✅ कथन 3 – सही: JSY संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए नकद प्रोत्साहन प्रदान करती है, विशेष रूप से BPL, SC और ST परिवारों को लक्षित करते हुए।
❌ कथन 4 – गलत: एक वर्ष तक के बीमार शिशुओं को निःशुल्क सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान करना जननी शिशु सुरक्षा कार्यक्रम (JSSK) की विशेषता है, JSY की नहीं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: जननी सुरक्षा योजना (JSY)
- शुरुआत वर्ष: 2005 में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन (अब NHM) के तहत
- प्रकृति: सशर्त नकद हस्तांतरण के साथ 100% केंद्र प्रायोजित योजना
- प्राथमिक उद्देश्य: संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देकर मातृ एवं नवजात मृत्यु दर को कम करना
- लक्षित लाभार्थी: BPL परिवारों, SC/ST समुदायों की गर्भवती महिलाएं, विशेषकर निम्न प्रदर्शन वाले राज्यों (LPS) में
- नकद सहायता: राज्य श्रेणी (LPS बनाम HPS) और ग्रामीण/शहरी क्षेत्रों के अनुसार भिन्न; आशा कार्यकर्ताओं के लिए सहायता शामिल
- JSSK से अंतर: JSSK (2011) निःशुल्क प्रसव सेवाएं, परिवहन और 1 वर्ष तक के बीमार नवजातों की देखभाल प्रदान करता है; JSY संस्थागत प्रसव के लिए नकद प्रोत्साहन पर केंद्रित है
एनीमिया मुक्त भारत रणनीति के तहत किए जा रहे हस्तक्षेपों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह पूर्व-विद्यालय बच्चों, किशोरों और गर्भवती महिलाओं के लिए प्रोफिलैक्टिक कैल्शियम पूरकता प्रदान करता है।
- यह बच्चे के जन्म के समय गर्भनाल को देरी से काटने के लिए एक अभियान चलाता है।
- यह बच्चों और किशोरों को समय-समय पर कृमि मुक्ति प्रदान करता है।
- यह स्थानिक क्षेत्रों में एनीमिया के गैर-पोषण संबंधी कारणों को संबोधित करता है, जिसमें मलेरिया, हीमोग्लोबिनोपैथी और फ्लोरोसिस पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल तीन
एनीमिया मुक्त भारत रणनीति भारत में एनीमिया के पोषण और गैर-पोषण संबंधी कारणों दोनों को संबोधित करने के लिए एक व्यापक पहल है। चार कथनों में से तीन सही हैं जबकि कथन 1 गलत है क्योंकि यह आयरन फोलिक एसिड पूरकता के बजाय कैल्शियम पूरकता का उल्लेख करता है।
❌ कथन 1 – गलत: यह रणनीति पूर्व-विद्यालय बच्चों, किशोरों, गर्भवती महिलाओं और प्रजनन आयु की महिलाओं को प्रोफिलैक्टिक आयरन फोलिक एसिड पूरकता (कैल्शियम नहीं) प्रदान करती है।
✅ कथन 2 – सही: यह रणनीति जन्म के समय कम से कम 3 मिनट तक (या जब तक गर्भनाल की धड़कन बंद न हो जाए) गर्भनाल को देरी से काटने को बढ़ावा देती है ताकि शिशु के आयरन भंडार को 6 महीने तक सुधारा जा सके।
✅ कथन 3 – सही: राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस (10 फरवरी और 10 अगस्त) पर बच्चों (1-19 वर्ष) को द्वि-वार्षिक और प्रजनन आयु की महिलाओं तथा गर्भवती महिलाओं को समय-समय पर कृमि मुक्ति प्रदान की जाती है।
✅ कथन 4 – सही: यह रणनीति एकीकृत जांच और उपचार के माध्यम से स्थानिक क्षेत्रों में एनीमिया के गैर-पोषण संबंधी कारणों को संबोधित करती है, जिसमें मलेरिया, हीमोग्लोबिनोपैथी और फ्लोरोसिस पर विशेष ध्यान दिया जाता है।
निम्नलिखित पर विचार कीजिए
- आरोग्य सेतु
- CoWIN
- डिजी लॉकर
- DIKSHA
उपर्युक्त में से कौन-सा/से ओपन-सोर्स डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निर्मित है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 1, 2, 3 और 4
उल्लिखित सभी चार डिजिटल प्लेटफॉर्म ओपन-सोर्स फ्रेमवर्क पर निर्मित हैं, जो पारदर्शिता, सहयोग और नवाचार के लिए उनके स्रोत कोड को सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराते हैं। जबकि आरोग्य सेतु प्रारंभ में मालिकाना था, सरकार ने बाद में 2020 में इसके स्रोत कोड को ओपन-सोर्स के रूप में जारी किया।
✅ आरोग्य सेतु – सही: प्रारंभ में क्लोज्ड-सोर्स था लेकिन मई 2020 में सरकार द्वारा ओपन-सोर्स बनाया गया, कोड GitHub पर प्रकाशित किया गया।
✅ CoWIN – सही: ओपन-सोर्स तकनीकों का उपयोग करके निर्मित और सरकार ने जून 2021 में इसके स्रोत कोड को ओपन-सोर्स के रूप में जारी किया।
✅ डिजी लॉकर – सही: ओपन-सोर्स डिजिटल लॉकर सिस्टम प्लेटफॉर्म पर विकसित, जो दस्तावेजों के सुरक्षित भंडारण और साझाकरण को सक्षम बनाता है।
✅ DIKSHA – सही: एकस्टेप फाउंडेशन पहल के तहत विकसित ओपन-सोर्स सनबर्ड प्लेटफॉर्म पर निर्मित।
📝 संक्षिप्त नोट्स: सरकारी ओपन-सोर्स डिजिटल प्लेटफॉर्म
- आरोग्य सेतु: COVID-19 संपर्क ट्रेसिंग ऐप; एंड्रॉइड और iOS संस्करणों के लिए मई 2020 में GitHub पर स्रोत कोड सार्वजनिक किया गया
- CoWIN (कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क): टीकाकरण पंजीकरण और प्रमाण पत्र प्लेटफॉर्म; वैश्विक अपनाने को सक्षम करने के लिए जून 2021 में ओपन-सोर्स बनाया गया
- डिजी लॉकर: डिजिटल इंडिया के तहत डिजिटल दस्तावेज भंडारण प्लेटफॉर्म; सुरक्षित दस्तावेज जारी करने और सत्यापन के लिए ओपन-सोर्स आर्किटेक्चर का उपयोग करता है
- DIKSHA (डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर फॉर नॉलेज शेयरिंग): राष्ट्रीय शिक्षक मंच और शिक्षण संसाधन भंडार; एकस्टेप फाउंडेशन द्वारा विकसित सनबर्ड ओपन-सोर्स प्लेटफॉर्म पर निर्मित
- ओपन-सोर्स के लाभ: पारदर्शिता, सार्वजनिक जांच के माध्यम से सुरक्षा, लागत-प्रभावशीलता, अनुकूलन और सहयोगात्मक सुधार
- इंडिया स्टैक: ये प्लेटफॉर्म भारत के व्यापक ओपन-सोर्स डिजिटल पब्लिक गुड्स दृष्टिकोण के साथ संरेखित हैं, जो स्केलेबिलिटी और पुन: उपयोग को सक्षम बनाते हैं
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत स्वच्छता गठबंधन (India Sanitation Coalition) सतत स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक मंच है और इसे भारत सरकार तथा विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा वित्तपोषित किया जाता है।
- राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (National Institute of Urban Affairs) भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय का एक शीर्ष निकाय है और शहरी भारत की चुनौतियों का समाधान करने के लिए नवीन समाधान प्रदान करता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — न तो 1 और न ही 2
दोनों कथन भारत स्वच्छता गठबंधन और राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान की संस्थागत प्रकृति और वित्तपोषण के संबंध में अशुद्धियां रखते हैं।
❌ कथन 1 – गलत: भारत स्वच्छता गठबंधन (ISC) 2015 में शुरू किया गया एक बहु-हितधारक मंच है जो निजी क्षेत्र, सरकार, नागरिक समाज और विशेषज्ञों को स्वच्छता मुद्दों पर काम करने के लिए एक साथ लाता है। इसे विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा वित्तपोषित नहीं किया जाता है। ISC विभिन्न हितधारकों को शामिल करते हुए साझेदारी मॉडल के माध्यम से संचालित होता है लेकिन WHO को वित्तपोषण एजेंसी के रूप में सूचीबद्ध नहीं किया गया है।
❌ कथन 2 – गलत: राष्ट्रीय शहरी कार्य संस्थान (NIUA) 1976 से सोसायटी पंजीकरण अधिनियम के तहत पंजीकृत एक स्वायत्त निकाय है, जो भारत के प्रमुख शहरी थिंक टैंक के रूप में कार्य करता है। यह आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय का एक शीर्ष निकाय नहीं है, बल्कि एक स्वायत्त संस्थान है जो शहरी चुनौतियों के लिए अनुसंधान और नवीन समाधान प्रदान करने के लिए मंत्रालय और अन्य हितधारकों के साथ मिलकर काम करता है।
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- निजी और सार्वजनिक अस्पतालों को इसे अपनाना आवश्यक है।
- चूंकि इसका उद्देश्य सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज प्राप्त करना है, इसलिए भारत के प्रत्येक नागरिक को अंततः इसका हिस्सा होना चाहिए।
- इसमें देश भर में निर्बाध पोर्टेबिलिटी है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 3
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM) का उद्देश्य नागरिकों को अद्वितीय स्वास्थ्य पहचान पत्र प्रदान करके एक डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाना है, जो देश भर में स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक निर्बाध पहुंच को सक्षम बनाता है। हालांकि, ABDM में भागीदारी नागरिकों और स्वास्थ्य सुविधाओं (सार्वजनिक या निजी) दोनों के लिए स्वैच्छिक है, और यह सार्वभौमिक कवरेज को अनिवार्य नहीं करता है।
❌ कथन 1 – गलत: निजी और सार्वजनिक अस्पतालों द्वारा ABDM को अपनाना स्वैच्छिक है, अनिवार्य नहीं। स्वास्थ्य सुविधाएं अपने प्रबंधन निर्णयों के आधार पर भाग लेने का विकल्प चुन सकती हैं।
❌ कथन 2 – गलत: जबकि ABDM का उद्देश्य डिजिटल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को सुविधाजनक बनाना है, यह प्रत्येक नागरिक को इसका हिस्सा बनाना अनिवार्य नहीं करता है। सभी नागरिकों के लिए भागीदारी सहमति-आधारित और स्वैच्छिक है।
✅ कथन 3 – सही: ABDM एक अद्वितीय स्वास्थ्य पहचान पत्र (व्यक्तिगत स्वास्थ्य पहचानकर्ता) के माध्यम से पूरे भारत में निर्बाध पोर्टेबिलिटी प्रदान करता है, जो नागरिकों को देश में कहीं से भी अपने स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक पहुंचने की अनुमति देता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (ABDM)
- शुभारंभ: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 27 सितंबर 2021 को लॉन्च किया गया
- उद्देश्य: एक राष्ट्रीय डिजिटल स्वास्थ्य पारिस्थितिकी तंत्र बनाना जो कुशल, सुलभ और किफायती तरीके से सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज का समर्थन करता है
- मुख्य घटक: स्वास्थ्य पहचान पत्र (अद्वितीय 14 अंकों की पहचान संख्या), डिजीडॉक्टर (डॉक्टरों और स्वास्थ्य पेशेवरों का रजिस्टर), स्वास्थ्य सुविधा रजिस्ट्री, और व्यक्तिगत स्वास्थ्य रिकॉर्ड (PHR)
- स्वैच्छिक भागीदारी: नागरिकों, डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं (सार्वजनिक और निजी दोनों) के लिए भागीदारी स्वैच्छिक है
- डेटा गोपनीयता: सख्त सहमति-आधारित ढांचे का पालन करता है जहां नागरिकों का अपने स्वास्थ्य डेटा पर पूर्ण नियंत्रण होता है
- पोर्टेबिलिटी: अद्वितीय स्वास्थ्य पहचान पत्र के माध्यम से विभिन्न राज्यों और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं में स्वास्थ्य रिकॉर्ड तक निर्बाध पहुंच सक्षम बनाता है
- एकीकरण: आयुष्मान भारत-PMJAY और अन्य सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रमों जैसी मौजूदा स्वास्थ्य योजनाओं के साथ एकीकृत होता है
आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- फाइनलिस्टों का निर्णय उनके द्वारा जीते गए मैचों की संख्या के आधार पर किया गया।
- न्यूजीलैंड को इंग्लैंड से आगे रखा गया क्योंकि उसने इंग्लैंड की तुलना में अधिक मैच जीते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — न तो 1 और न ही 2
आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (2019-2021) के लिए फाइनलिस्टों का निर्धारण अर्जित अंकों के प्रतिशत (PCT) के आधार पर किया गया, न कि जीते गए मैचों की पूर्ण संख्या के आधार पर। यह प्रणाली COVID-19 व्यवधानों के कारण विभिन्न टीमों द्वारा खेले गए मैचों की भिन्न संख्या को देखते हुए निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए अपनाई गई थी।
❌ कथन 1 – गलत: फाइनलिस्टों का निर्णय कुल प्रतिस्पर्धित अंकों से अर्जित अंकों के प्रतिशत (PCT) के आधार पर किया गया, न कि जीते गए मैचों की संख्या के आधार पर।
❌ कथन 2 – गलत: न्यूजीलैंड को इंग्लैंड से आगे उच्च PCT (70.0% बनाम 64.1%) के कारण रखा गया, हालांकि इंग्लैंड ने टूर्नामेंट चक्र के दौरान न्यूजीलैंड (7) की तुलना में अधिक मैच (11) जीते थे।
📝 संक्षिप्त नोट्स: आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप
- प्रारूप: आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप टेस्ट क्रिकेट के लिए एक लीग प्रतियोगिता है, जिसमें शीर्ष नौ टेस्ट खेलने वाले राष्ट्र दो साल के चक्र में प्रतिस्पर्धा करते हैं।
- अंक प्रणाली (2019-2021): प्रत्येक टेस्ट श्रृंखला में टीमों को जीत के लिए 120 अंक, ड्रॉ के लिए 60, टाई के लिए 40, और हार के लिए 0 अंक मिलते थे।
- अंकों का प्रतिशत (PCT): PCT = (अर्जित अंक / प्रतिस्पर्धित अंक) × 100। रैंकिंग के लिए इस मीट्रिक का उपयोग असमान खेले गए मैचों को ध्यान में रखने के लिए किया गया।
- COVID-19 प्रभाव: महामारी के कारण श्रृंखलाओं के रद्दीकरण और स्थगन हुए, जिससे PCT को पूर्ण अंकों या जीत के बजाय सबसे निष्पक्ष रैंकिंग मानदंड बनाया गया।
- उद्घाटन फाइनल (2021): न्यूजीलैंड ने साउथैम्प्टन में भारत को हराकर पहली बार विश्व टेस्ट चैंपियन बना।
- योग्य टीमें (2019-2021): भारत (PCT 72.2%) और न्यूजीलैंड (PCT 70.0%) फाइनल के लिए योग्य हुए।
32वें ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- इस ओलंपिक का आधिकारिक आदर्श वाक्य 'ए न्यू वर्ल्ड' है।
- स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, सर्फिंग, स्केटबोर्डिंग, कराटे और बेसबॉल इस ओलंपिक में शामिल किए गए हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
यह प्रश्न टोक्यो में 2021 में आयोजित 32वें ग्रीष्मकालीन ओलंपिक के बारे में ज्ञान का परीक्षण करता है। कथन 1 गलत है क्योंकि आधिकारिक आदर्श वाक्य अलग था, जबकि कथन 2 खेलों में जोड़े गए नए खेलों की सही पहचान करता है।
❌ कथन 1 – गलत: 32वें ग्रीष्मकालीन ओलंपिक (टोक्यो 2020) का आधिकारिक आदर्श वाक्य "United by Emotion" था, न कि "A New World"। आदर्श वाक्य "A New World" का उपयोग रियो ओलंपिक 2016 के लिए किया गया था।
✅ कथन 2 – सही: नए IOC नियमों के तहत, टोक्यो ओलंपिक में छह नए खेल शामिल किए गए: बेसबॉल/सॉफ्टबॉल, सर्फिंग, स्केटबोर्डिंग, कराटे, और स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, साथ ही पारंपरिक खेलों में नई मिश्रित-टीम स्पर्धाएं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: टोक्यो 2020 ओलंपिक (32वां ग्रीष्मकालीन ओलंपिक)
- वर्ष और स्थान: टोक्यो, जापान में 2021 में आयोजित (COVID-19 महामारी के कारण 2020 से स्थगित)
- आधिकारिक आदर्श वाक्य: "United by Emotion"
- नए खेल जोड़े गए: स्पोर्ट क्लाइम्बिंग, सर्फिंग, स्केटबोर्डिंग, कराटे, बेसबॉल, और सॉफ्टबॉल (6 नए खेल)
- नवाचार: नए IOC लचीलेपन नियमों के तहत मेजबान शहरों को अतिरिक्त खेलों का प्रस्ताव करने की अनुमति देने वाला पहला ओलंपिक
- अन्य परिवर्धन: एथलेटिक्स, तैराकी और जूडो जैसे पारंपरिक खेलों में नई मिश्रित-टीम स्पर्धाएं; बास्केटबॉल (3x3) और साइकिलिंग (BMX फ्रीस्टाइल) के नए रूप
- संदर्भ: रियो 2016 ओलंपिक ने "A New World" आदर्श वाक्य का उपयोग किया था और यह 31वां ग्रीष्मकालीन ओलंपिक था
भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों के संबंध में निम्नलखित कथनों पर विचार कीजिए:
- भारत रत्न और पद्म पुरस्कार भारत के संविधान के अनुच्छेद 18(1) के अंतर्गत उपाधियाँ हैं।
- पद्म पुरस्कार, जो वर्ष 1954 में स्थापित किए गए थे, केवल एक बार निलंबित किए गए थे।
- किसी विशेष वर्ष में भारत रत्न पुरस्कारों की संख्या अधिकतम पाँच तक सीमित है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही नहीं हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — 1, 2 और 3
प्रश्न उन कथनों की पहचान करने के लिए कहता है जो सही नहीं हैं। भारत रत्न और पद्म पुरस्कारों के संबंध में तीनों कथनों में अशुद्धियाँ हैं। कथन 1 इन पुरस्कारों को अनुच्छेद 18(1) के अंतर्गत उपाधियों के रूप में गलत तरीके से वर्गीकृत करता है, कथन 2 एकल निलंबन का गलत उल्लेख करता है, और कथन 3 पाँच पुरस्कारों की अधिकतम सीमा को गलत तरीके से बताता है।
❌ कथन 1 – गलत: भारत रत्न और पद्म पुरस्कार संविधान के अनुच्छेद 18(1) के अंतर्गत उपाधियाँ नहीं हैं; ये नागरिक सम्मान हैं जो कोई कानूनी विशेषाधिकार या स्थिति प्रदान नहीं करते हैं, जैसा कि न्यायिक व्याख्या द्वारा स्पष्ट किया गया है।
❌ कथन 2 – गलत: पद्म पुरस्कार एक बार नहीं बल्कि चार बार निलंबित किए गए थे—1978, 1979, 1993 और 1997 में—विभिन्न विवादों और सरकारी निर्णयों के कारण।
❌ कथन 3 – गलत: सामान्य दिशानिर्देश भारत रत्न को प्रति वर्ष अधिकतम तीन प्राप्तकर्ताओं तक सीमित करता है, पाँच नहीं; यह सीमा 1999 में (चार पुरस्कार) और 2024 में (पाँच पुरस्कार) पार की गई।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत रत्न और पद्म पुरस्कार
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| संवैधानिक स्थिति | अनुच्छेद 18(1) के अंतर्गत उपाधियाँ नहीं; ये नागरिक सम्मान हैं जो प्राप्तकर्ताओं को उपसर्ग के रूप में उपयोग करने से नहीं रोकते लेकिन कोई कानूनी विशेषाधिकार प्रदान नहीं करते |
| भारत रत्न | सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार; 1954 में स्थापित; सामान्यतः प्रति वर्ष 3 तक सीमित (1999 में 4 और 2024 में 5 पुरस्कारों के साथ पार किया गया) |
| पद्म पुरस्कार श्रेणियाँ | पद्म विभूषण (असाधारण सेवा), पद्म भूषण (विशिष्ट सेवा), पद्म श्री (किसी भी क्षेत्र में विशिष्ट सेवा) |
| स्थापना वर्ष | 1954 (भारत रत्न और पद्म पुरस्कार दोनों) |
| निलंबन | पद्म पुरस्कार 1978, 1979, 1993 और 1997 में निलंबित किए गए |
| शामिल क्षेत्र | कला, साहित्य, विज्ञान, सार्वजनिक सेवा, खेल, चिकित्सा, समाज सेवा, नागरिक सेवा, व्यापार और उद्योग |
| मौद्रिक अनुदान | भारत रत्न: कोई मौद्रिक अनुदान नहीं; पद्म पुरस्कार: कोई मौद्रिक अनुदान नहीं (केवल प्रमाण पत्र और पदक) |
वर्ष 2000 में स्थापित लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- अमेरिकी गोल्फर टाइगर वुड्स इस पुरस्कार के पहले विजेता थे।
- यह पुरस्कार अब तक अधिकतर 'फॉर्मूला वन' खिलाड़ियों द्वारा प्राप्त किया गया।
- रोजर फेडरर ने अन्य की तुलना में अधिकतम बार यह पुरस्कार प्राप्त किया।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1 और 3
वर्ष 2000 में स्थापित लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड्स ने विभिन्न खेलों में असाधारण एथलीटों को सम्मानित किया है। कथन 2 गलत है क्योंकि फॉर्मूला वन ड्राइवरों के बजाय टेनिस खिलाड़ियों ने पुरस्कारों पर हावी रहे हैं।
✅ कथन 1 – सही: टाइगर वुड्स ने मोंटे कार्लो में 2000 में उद्घाटन लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर पुरस्कार जीता, जो इस प्रतिष्ठित सम्मान के पहले प्राप्तकर्ता बने।
❌ कथन 2 – गलत: टेनिस खिलाड़ियों ने स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर पुरस्कार 11 बार जीता है (रोजर फेडरर-5, राफेल नडाल-2, नोवाक जोकोविच-4), जबकि फॉर्मूला वन ड्राइवरों ने केवल 4 बार जीता (माइकल शूमाकर-2, सेबेस्टियन वेट्टल-1, लुईस हैमिल्टन-1), जो टेनिस को प्रमुख खेल बनाता है, फॉर्मूला वन को नहीं।
✅ कथन 3 – सही: रोजर फेडरर पांच लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर पुरस्कारों (2005, 2006, 2007, 2008, 2018) के साथ रिकॉर्ड रखते हैं, जो उन्हें इस श्रेणी में सबसे सम्मानित व्यक्ति बनाता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अवार्ड्स
- स्थापना: विश्वभर में खेल उत्कृष्टता को सम्मानित करने के लिए डेमलर और रिचेमोंट द्वारा 2000 में स्थापित
- पहला समारोह: 2000 में मोंटे कार्लो, मोनाको में आयोजित
- मुख्य श्रेणियां: स्पोर्ट्समैन ऑफ द ईयर, स्पोर्ट्सवुमन ऑफ द ईयर, टीम ऑफ द ईयर, ब्रेकथ्रू ऑफ द ईयर, कमबैक ऑफ द ईयर, स्पोर्टिंग मोमेंट ऑफ द ईयर
- रिकॉर्ड धारक: रोजर फेडरर (5 स्पोर्ट्समैन पुरस्कार), सेरेना विलियम्स (5 स्पोर्ट्सवुमन पुरस्कार)
- मतदान: 70 से अधिक महान एथलीटों वाली लॉरियस वर्ल्ड स्पोर्ट्स अकादमी द्वारा विजेता चुने जाते हैं
- भारतीय विजेता: सचिन तेंदुलकर (2011 में भारतीय क्रिकेट टीम की विश्व कप जीत के लिए), विश्वनाथन आनंद (कई बार नामांकित)
भारत में नियोजित आकस्मिक श्रमिकों के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- सभी आकस्मिक श्रमिक कर्मचारी भविष्य निधि कवरेज के हकदार हैं।
- सभी आकस्मिक श्रमिक नियमित कार्य घंटे और ओवरटाइम भुगतान के हकदार हैं।
- सरकार एक अधिसूचना द्वारा निर्दिष्ट कर सकती है कि कोई प्रतिष्ठान या उद्योग केवल अपने बैंक खाते के माध्यम से ही मजदूरी का भुगतान करेगा।
उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 2 और 3
यह प्रश्न भारत में आकस्मिक श्रमिकों पर लागू श्रम कानूनों और अधिकारों के ज्ञान का परीक्षण करता है। कथन 1 गलत है क्योंकि ईपीएफ कवरेज सभी आकस्मिक श्रमिकों के लिए स्वचालित नहीं है, जबकि कथन 2 और 3 सर्वोच्च न्यायालय के निर्णयों और मजदूरी भुगतान विनियमों के आधार पर सही हैं।
❌ कथन 1 – गलत: सभी आकस्मिक श्रमिक स्वचालित रूप से कर्मचारी भविष्य निधि कवरेज के हकदार नहीं हैं। ईपीएफ कवरेज 20 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू होता है, और आकस्मिक श्रमिकों को नियमितीकरण और ईपीएफ लाभों के लिए अर्हता प्राप्त करने हेतु निरंतर सेवा (एक वर्ष में कम से कम 240 दिन या 5-दिवसीय सप्ताह कार्यालयों के लिए 206 दिन) प्रदान करनी होगी।
✅ कथन 2 – सही: सर्वोच्च न्यायालय ने निर्णय दिया है कि आकस्मिक श्रमिक नियमित कार्य घंटे और ओवरटाइम भुगतान के हकदार हैं क्योंकि वे ईपीएफ अधिनियम सहित विभिन्न श्रम कानूनों के तहत 'कर्मचारी' की परिभाषा के अंतर्गत आते हैं, जो कर्मचारियों को व्यापक रूप से प्रतिष्ठान के कार्य में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लगे लोगों को शामिल करने के लिए परिभाषित करता है।
✅ कथन 3 – सही: मजदूरी भुगतान अधिनियम और संबंधित विनियमों के तहत, सरकार अधिसूचनाएं जारी कर सकती है जिनमें यह अनिवार्य किया जा सकता है कि विशिष्ट प्रतिष्ठानों या उद्योगों को पारदर्शिता सुनिश्चित करने और शोषण को रोकने के लिए केवल बैंक खातों के माध्यम से ही मजदूरी का भुगतान करना होगा।
📝 संक्षिप्त नोट्स: भारत में आकस्मिक श्रमिकों के अधिकार
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| ईपीएफ कवरेज | 20+ कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों पर लागू; आकस्मिक श्रमिकों को नियमितीकरण और ईपीएफ लाभों के लिए 240 दिन (5-दिवसीय सप्ताह के लिए 206) की निरंतर सेवा की आवश्यकता है |
| कार्य घंटे और ओवरटाइम | आकस्मिक श्रमिक श्रम कानूनों के अनुसार सामान्य कार्य घंटे और ओवरटाइम भुगतान के हकदार हैं; सर्वोच्च न्यायालय ने 'कर्मचारी' के रूप में उनकी स्थिति की पुष्टि की है |
| मजदूरी भुगतान | सरकार पारदर्शिता के लिए मजदूरी भुगतान अधिनियम के तहत बैंक खातों के माध्यम से भुगतान को अनिवार्य कर सकती है |
| नियमितीकरण योजना | आकस्मिक श्रमिक (अस्थायी दर्जा प्रदान करना और नियमितीकरण) योजना, 1993 अस्थायी दर्जा और अंततः नियमितीकरण का प्रावधान करती है |
| कर्मचारी की परिभाषा | ईपीएफ अधिनियम की धारा 2(f) 'कर्मचारी' को व्यापक रूप से परिभाषित करती है जिसमें प्रतिष्ठान के कार्य में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से लगे लोग शामिल हैं |
'वाटर क्रेडिट' के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- यह जल और स्वच्छता क्षेत्र में सूक्ष्म वित्त उपकरणों का उपयोग करता है।
- यह विश्व स्वास्थ्य संगठन और विश्व बैंक के तत्वावधान में शुरू की गई एक वैश्विक पहल है।
- इसका उद्देश्य गरीब लोगों को सब्सिडी पर निर्भर हुए बिना अपनी जल आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम बनाना है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 1 और 3
वाटर क्रेडिट, Water.org की एक पहल है जो सूक्ष्म वित्त उपकरणों का उपयोग करके व्यक्तियों को छोटे ऋणों के माध्यम से जल और स्वच्छता समाधानों तक पहुँच प्रदान करती है, जिससे वे सब्सिडी पर निर्भर हुए बिना अपनी आवश्यकताओं को पूरा कर सकें। यह WHO या विश्व बैंक की पहल नहीं है।
✅ कथन 1 – सही: वाटर क्रेडिट जल और स्वच्छता क्षेत्र में सूक्ष्म वित्त सिद्धांतों को लागू करता है, व्यक्तियों और परिवारों को जल और स्वच्छता बुनियादी ढांचे के लिए छोटे ऋण प्रदान करता है।
❌ कथन 2 – गलत: वाटर क्रेडिट, Water.org की एक पहल है जो एक अंतर्राष्ट्रीय गैर-लाभकारी संगठन है, न कि WHO और विश्व बैंक के तत्वावधान में शुरू की गई वैश्विक पहल।
✅ कथन 3 – सही: यह कार्यक्रम गरीब लोगों को किफायती वित्तपोषण के माध्यम से जल और स्वच्छता तक पहुँच प्रदान करने, सब्सिडी पर उनकी निर्भरता कम करने और सतत समाधानों को सक्षम बनाने का उद्देश्य रखता है।