UPSC CSE Prelims
समसामयिकी Previous Year Questions (PYQs)
Solved Previous Year Questions (PYQs) for समसामयिकी in UPSC CSE Prelims in English & Hindi Medium.
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'डेनिसोवन' शब्द कभी-कभी मीडिया में किसके संदर्भ में उल्लेखित किया जाता है -
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — एक प्रारंभिक मानव प्रजाति
डेनिसोवन एक विलुप्त प्रजाति या पुरातन मानवों की उप-प्रजाति को संदर्भित करता है जो हजारों साल पहले एशिया में रहते थे। उनकी पहचान सबसे पहले साइबेरिया में डेनिसोवा गुफा में पाए गए जीवाश्म अवशेषों के DNA विश्लेषण के माध्यम से की गई थी, जो मानव विकासवादी अध्ययनों में एक महत्वपूर्ण खोज है। अन्य प्राचीन मानव समूहों के विपरीत, डेनिसोवन मुख्य रूप से आनुवंशिक साक्ष्य के माध्यम से जाने जाते हैं न कि पूर्ण कंकाल जीवाश्मों से।
📝 संक्षिप्त नोट्स: डेनिसोवन और मानव विकास
- खोज: डेनिसोवन की पहली बार पहचान 2010 में साइबेरिया के अल्ताई पर्वत में डेनिसोवा गुफा में पाई गई एक उंगली की हड्डी और दांतों से की गई थी।
- वर्गीकरण: वे निएंडरथल से निकटता से संबंधित पुरातन मानवों का एक विलुप्त समूह हैं, जो लगभग 500,000-600,000 साल पहले आधुनिक मानवों से अलग हो गए थे।
- भौगोलिक क्षेत्र: साक्ष्य बताते हैं कि डेनिसोवन साइबेरिया से दक्षिण पूर्व एशिया और संभवतः प्रशांत द्वीप समूह तक एशिया के एक विस्तृत क्षेत्र में रहते थे।
- आनुवंशिक विरासत: आधुनिक मानव, विशेष रूप से मेलानेशियन, दक्षिण पूर्व एशियाई और ऑस्ट्रेलियाई आदिवासी, 3-5% डेनिसोवन DNA रखते हैं, जो यह दर्शाता है कि अंतर-प्रजनन हुआ था।
- शारीरिक विशेषताएं: सीमित जीवाश्म साक्ष्य बताते हैं कि उनके दांत और जबड़े आधुनिक मानवों की तुलना में बड़े थे, जो कठोर वातावरण के अनुकूल थे।
- महत्व: उनकी खोज ने यह प्रकट किया कि मानव विकास पहले की सोच से अधिक जटिल था, जिसमें कई होमिनिन प्रजातियां एक साथ रहती थीं और अंतर-प्रजनन करती थीं।
अटल इनोवेशन मिशन किसके अंतर्गत स्थापित किया गया है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — नीति आयोग
अटल इनोवेशन मिशन (AIM) को 2016 में नीति आयोग के अंतर्गत शुरू किया गया था, जो भारत का प्रमुख नीति थिंक टैंक है, जिसका उद्देश्य देश भर में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को बढ़ावा देना है। AIM स्कूलों में अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं और जमीनी स्तर से लेकर स्टार्टअप तक नवाचार को बढ़ावा देने के लिए अटल इनक्यूबेशन सेंटर स्थापित करता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: अटल इनोवेशन मिशन (AIM)
- मूल संस्था: नीति आयोग (राष्ट्रीय भारत परिवर्तन संस्थान)
- शुरुआत: 2016 में भारत सरकार द्वारा
- उद्देश्य: भारत भर में नवाचार और उद्यमिता का एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाना और बढ़ावा देना
- अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं (ATLs): छात्रों में व्यावहारिक सीखने के माध्यम से नवाचार और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में स्थापित
- अटल इनक्यूबेशन सेंटर (AICs): स्टार्टअप और उद्यमियों को विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचा और सहायता प्रदान करने के लिए स्थापित
- लक्ष्य: विभिन्न क्षेत्रों में छात्र, नवप्रवर्तक, उद्यमी और स्टार्टअप
- प्रदान की गई सहायता: नवाचारी उद्यमों के लिए मार्गदर्शन, वित्त पोषण, बुनियादी ढांचा और नेटवर्किंग के अवसर
मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- गर्भवती महिलाएं प्रसव से पूर्व तीन माह और प्रसव के बाद तीन माह के सवैतनिक अवकाश की हकदार हैं।
- शिशुगृह (क्रेच) वाले उद्यमों को माता को प्रतिदिन न्यूनतम छह शिशुगृह भ्रमण की अनुमति देनी चाहिए।
- दो बच्चों वाली महिलाओं को कम अधिकार प्राप्त होते हैं।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — केवल 3
मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017 ने पहले दो बच्चों के लिए सवैतनिक मातृत्व अवकाश को बढ़ाकर 26 सप्ताह कर दिया, लेकिन दो या अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाओं के लिए इसे घटाकर 12 सप्ताह कर दिया। कथन 3 इस कम अधिकार प्रावधान की सही पहचान करता है।
❌ कथन 1 – गलत: महिलाएं 26 सप्ताह के सवैतनिक अवकाश की हकदार हैं (न कि समान रूप से विभाजित 6 महीने), अधिकतम 8 सप्ताह प्रसव पूर्व अवकाश के साथ, न कि 3 माह (12 सप्ताह)।
❌ कथन 2 – गलत: अधिनियम 50 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए प्रतिदिन 4 शिशुगृह भ्रमण (विश्राम अंतराल सहित) अनिवार्य करता है, न कि 6 भ्रमण।
✅ कथन 3 – सही: दो या अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाओं को 26 सप्ताह के बजाय 12 सप्ताह का कम सवैतनिक मातृत्व अवकाश प्राप्त होता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: मातृत्व लाभ (संशोधन) अधिनियम, 2017
| प्रावधान | विवरण |
|---|---|
| सवैतनिक मातृत्व अवकाश | पहले दो बच्चों के लिए 26 सप्ताह (12 सप्ताह से बढ़ाया गया); दो या अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाओं के लिए 12 सप्ताह |
| प्रसव पूर्व अवकाश | प्रत्याशित प्रसव तिथि से पहले अधिकतम 8 सप्ताह |
| कमीशनिंग/दत्तक ग्रहण करने वाली माता | बच्चे की सुपुर्दगी की तिथि से 12 सप्ताह का सवैतनिक अवकाश |
| शिशुगृह (क्रेच) सुविधा | 50+ कर्मचारियों वाले प्रतिष्ठानों के लिए अनिवार्य; प्रतिदिन 4 भ्रमण की अनुमति (विश्राम अंतराल सहित) |
| घर से कार्य | मातृत्व अवकाश समाप्त होने के बाद, कार्य की प्रकृति और पारस्परिक समझौते के आधार पर अनुमति दी जा सकती है |
| लागू होना | 10 या अधिक व्यक्तियों को नियुक्त करने वाले सभी प्रतिष्ठान |
| नियोक्ता को सूचना | मातृत्व अवकाश की लिखित सूचना, यथाशीघ्र (आदर्श रूप से प्रत्याशित प्रसव तिथि से पहले) |
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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 के तहत किए गए प्रावधानों के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- केवल 'गरीबी रेखा से नीचे (BPL)' की श्रेणी में आने वाले परिवार ही सब्सिडी वाले अनाज प्राप्त करने के पात्र हैं।
- राशन कार्ड जारी करने के उद्देश्य से परिवार की सबसे बड़ी महिला, जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, परिवार की मुखिया होगी।
- गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं गर्भावस्था के दौरान और उसके बाद छह महीने तक प्रतिदिन 1600 कैलोरी का 'घर ले जाने वाला राशन' प्राप्त करने की हकदार हैं।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013 का उद्देश्य भारत की लगभग 67% आबादी को सब्सिडी वाले खाद्यान्न प्रदान करना है, न कि केवल BPL परिवारों को। अधिनियम में यह अनिवार्य है कि परिवार की सबसे बड़ी महिला जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, राशन कार्ड जारी करने के लिए परिवार की मुखिया मानी जाएगी। हालांकि, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताएं 600 कैलोरी (1600 नहीं) प्रतिदिन के घर ले जाने वाले राशन के साथ कम से कम 6,000 रुपये के मातृत्व लाभ की हकदार हैं।
❌ कथन 1 – गलत: NFSA लगभग 67% आबादी (75% ग्रामीण और 50% शहरी) को कवर करता है, जिसकी पहचान SECC पद्धति से की जाती है, न कि केवल BPL परिवारों को। लाभार्थियों में प्राथमिकता परिवार और अंत्योदय अन्न योजना (AAY) परिवार दोनों शामिल हैं।
✅ कथन 2 – सही: NFSA की धारा 3(5) में यह अनिवार्य है कि परिवार की सबसे बड़ी महिला जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो, राशन कार्ड जारी करने के लिए परिवार की मुखिया होगी, जो खाद्य सुरक्षा में महिला सशक्तिकरण सुनिश्चित करता है।
❌ कथन 3 – गलत: NFSA की धारा 4 के तहत, गर्भवती महिलाएं और स्तनपान कराने वाली माताएं गर्भावस्था के दौरान और प्रसव के बाद छह महीने तक प्रतिदिन 600 कैलोरी (1600 नहीं) का घर ले जाने वाला राशन और कम से कम 6,000 रुपये के मातृत्व लाभ की हकदार हैं।
📝 संक्षिप्त नोट्स: राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम, 2013
| पहलू | विवरण |
|---|---|
| कवरेज | ग्रामीण आबादी का 75% तक और शहरी आबादी का 50% (कुल मिलाकर लगभग 67%) |
| खाद्यान्न आवंटन | प्राथमिकता परिवार: 5 किलो प्रति व्यक्ति प्रति माह; AAY: 35 किलो प्रति परिवार प्रति माह |
| मूल्य | चावल: 3 रुपये/किलो, गेहूं: 2 रुपये/किलो, मोटे अनाज: 1 रुपये/किलो |
| मातृत्व अधिकार | 600 कैलोरी घर ले जाने वाला राशन + 6 महीने के लिए 6,000 रुपये मातृत्व लाभ |
| परिवार मुखिया | सबसे बड़ी महिला जिसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो |
| शिकायत निवारण | जिला और राज्य स्तरीय तंत्र; राज्य खाद्य आयोग |
निम्नलिखित में से कौन सा भारत सरकार की "डिजिटल इंडिया" योजना का लक्ष्य/लक्ष्य है/हैं?
- चीन की तरह भारत की अपनी इंटरनेट कंपनियों का गठन।
- हमारी राष्ट्रीय भौगोलिक सीमाओं के भीतर अपने बड़े डेटा केंद्र बनाने के लिए बिग डेटा एकत्र करने वाले विदेशी बहुराष्ट्रीय निगमों को प्रोत्साहित करने के लिए एक नीति ढांचा स्थापित करें।
- हमारे कई गांवों को इंटरनेट से जोड़ें और हमारे कई स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और प्रमुख पर्यटन केंद्रों में वाई-फाई लाएं
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें
Detailed Explanation:
सही उत्तर: विकल्प 2 — केवल 3
डिजिटल इंडिया कार्यक्रम, जिसकी शुरुआत 1 जुलाई 2015 को हुई, का उद्देश्य भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाना है। इसका मुख्य फोकस डिजिटल आधारभूत ढाँचा, डिजिटल सेवाएँ और डिजिटल साक्षरता है।
❌ कथन I – गलत: चीन की तरह भारत की अपनी इंटरनेट कंपनियाँ बनाना डिजिटल इंडिया का उद्देश्य नहीं है।
❌ कथन II – गलत: मूल डिजिटल इंडिया योजना में विदेशी कंपनियों को भारत में बिग डेटा सेंटर स्थापित करने के लिए विशेष नीति बनाने का उद्देश्य शामिल नहीं था।
✅ कथन III – सही: डिजिटल इंडिया का एक प्रमुख उद्देश्य गाँवों को ब्रॉडबैंड इंटरनेट से जोड़ना तथा स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों और पर्यटन स्थलों पर Wi-Fi उपलब्ध कराना है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: डिजिटल इंडिया कार्यक्रम
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| शुरुआत | 1 जुलाई 2015 |
| मंत्रालय | इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) |
| दृष्टि | भारत को डिजिटल रूप से सशक्त समाज और ज्ञान आधारित अर्थव्यवस्था बनाना |
| तीन प्रमुख लक्ष्य | डिजिटल अवसंरचना, मांग पर डिजिटल सेवाएँ, नागरिकों का डिजिटल सशक्तिकरण |
| मुख्य स्तंभ | ब्रॉडबैंड हाईवे, सार्वजनिक इंटरनेट, ई-गवर्नेंस, ई-क्रांति, डिजिटल साक्षरता |
| ग्रामीण कनेक्टिविटी | भारतनेट के माध्यम से ग्राम पंचायतों तक ब्रॉडबैंड |
| सार्वजनिक Wi-Fi | स्कूलों, सार्वजनिक स्थानों, रेलवे स्टेशनों और पर्यटन स्थलों पर Wi-Fi |
| प्रमुख पहलें | DigiLocker, UMANG, BHIM, e-Hospital, CSCs, डिजिटल भुगतान |
मुख्य तथ्य:
डिजिटल इंडिया का आधार डिजिटल अवसंरचना, डिजिटल सेवाएँ और डिजिटल सशक्तिकरण है, न कि भारतीय इंटरनेट कंपनियाँ स्थापित करना।
एनएसएसओ के 70वें दौर के "कृषि परिवारों की स्थिति आकलन सर्वेक्षण" के अनुसार, निम्नलिखित कथनों पर विचार करें
- राजस्थान में ग्रामीण परिवारों में कृषि परिवारों का प्रतिशत सबसे अधिक है।
- देश के कुल कृषक परिवारों में से 60 प्रतिशत से कुछ अधिक ओबीसी से संबंधित हैं।
- केरल में, 60 प्रतिशत से कुछ अधिक कृषि परिवारों ने कृषि गतिविधियों के अलावा अन्य स्रोतों से अधिकतम आय प्राप्त करने की सूचना दी है।
Detailed Explanation:
सही उत्तर: विकल्प 4 — केवल 1 और 3
NSSO के 70वें दौर के "कृषि परिवार स्थिति आकलन सर्वेक्षण (2013)" में कृषि परिवारों की आय, सामाजिक संरचना और आजीविका से जुड़ी जानकारी दी गई है। इसमें कथन I और III सही हैं, जबकि कथन II गलत है।
✅ कथन I – सही: सर्वेक्षण के अनुसार राजस्थान में ग्रामीण परिवारों में कृषि परिवारों का प्रतिशत सबसे अधिक (78.4%) था।
❌ कथन II – गलत: देश के कुल कृषि परिवारों में OBC परिवार लगभग 45% थे, 60% से अधिक नहीं।
✅ कथन III – सही: केरल में 60% से अधिक कृषि परिवारों की सबसे अधिक आय गैर-कृषि गतिविधियों से प्राप्त होती थी।
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार करें
- यह श्रम और रोजगार मंत्रालय की प्रमुख योजना है।
- यह अन्य बातों के अलावा, सॉफ्ट स्किल्स, उद्यमिता, वित्तीय और डिजिटल साक्षरता में भी प्रशिक्षण प्रदान करेगा।
- इसका उद्देश्य देश के अनियमित कार्यबल की दक्षताओं को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे के अनुरूप बनाना है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: विकल्प 3 — केवल 2 और 3
प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) भारत सरकार की प्रमुख कौशल विकास योजना है, जिसे कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) संचालित करता है। इसका उद्देश्य युवाओं को उद्योग की जरूरतों के अनुसार प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाना है।
❌ कथन I – गलत: PMKVY श्रम एवं रोजगार मंत्रालय की नहीं, बल्कि कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) की प्रमुख योजना है।
✅ कथन II – सही: इस योजना में तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ सॉफ्ट स्किल्स, उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता और डिजिटल साक्षरता का भी प्रशिक्षण दिया जाता है।
✅ कथन III – सही: योजना का एक प्रमुख उद्देश्य असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के कौशल को राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) के अनुरूप लाना है, ताकि उन्हें मान्यता प्राप्त कौशल प्रमाणपत्र मिल सके।
स्मार्ट इंडिया हैकथॉन 2017 के संबंध में निम्नलिखित में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
- यह एक दशक में हमारे देश के प्रत्येक शहर को स्मार्ट सिटी में विकसित करने के लिए एक केंद्र प्रायोजित योजना है।
- यह हमारे देश के सामने आने वाली कई समस्याओं को हल करने के लिए नई डिजिटल प्रौद्योगिकी नवाचारों की पहचान करने की एक पहल है।
- यह एक दशक में हमारे देश में सभी वित्तीय लेनदेन को पूरी तरह से डिजिटल बनाने के उद्देश्य से एक कार्यक्रम है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
❌ कथन 1 – गलत: स्मार्ट इंडिया हैकथॉन (SIH) स्मार्ट सिटी विकसित करने की योजना नहीं है। यह मंत्रालयों, विभागों और उद्योगों के सामने आने वाली गंभीर समस्याओं को हल करने के लिए छात्रों और नवप्रवर्तकों से रचनात्मक डिजिटल प्रौद्योगिकी समाधान प्राप्त करने की एक राष्ट्रव्यापी पहल है।
✅ कथन 2 – सही: SIH 2017 को कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, जल संसाधन और अपशिष्ट प्रबंधन सहित विभिन्न क्षेत्रों में चुनौतियों का समाधान करने के लिए नई डिजिटल प्रौद्योगिकी नवाचारों की पहचान करने के एक अनूठे खुले मंच के रूप में शुरू किया गया था। यह छात्रों, स्टार्टअप और तकनीकी उत्साही लोगों को व्यावहारिक समाधान विकसित करने के लिए एक साथ लाता है।
❌ कथन 3 – गलत: SIH केवल वित्तीय लेनदेन को डिजिटल बनाने पर केंद्रित नहीं है। जबकि डिजिटल भुगतान एक संभावित समाधान क्षेत्र हो सकता है, यह हैकथॉन केवल वित्तीय डिजिटलीकरण नहीं, बल्कि नवीन तकनीकी हस्तक्षेप की आवश्यकता वाली राष्ट्रीय चुनौतियों की एक विस्तृत श्रृंखला को कवर करता है।
निम्नलिखित में से कौन राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) में शामिल हो सकता है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 3 — संबंधित राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचना की तारीख के बाद सेवाओं में शामिल होने वाले सभी राज्य सरकार के कर्मचारी
✅ विकल्प 3 – सही: राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली (NPS) केंद्र सरकार द्वारा 1 जनवरी 2004 को शुरू की गई थी। इसके बाद, विभिन्न राज्य सरकारों ने अपने कर्मचारियों के लिए NPS ढांचे को अपनाया। संबंधित राज्य सरकारों द्वारा अधिसूचना की तारीख के बाद शामिल होने वाले राज्य सरकार के कर्मचारी अनिवार्य रूप से NPS के अंतर्गत आते हैं।
❌ विकल्प 1 – गलत: NPS सभी भारतीय नागरिकों के लिए उपलब्ध है जिसमें निवासी भारतीय और अनिवासी भारतीय (NRI) दोनों शामिल हैं, न कि केवल निवासी भारतीय नागरिक।
❌ विकल्प 2 – गलत: NPS में शामिल होने के लिए पात्रता आयु 18 से 70 वर्ष है, 21 से 55 वर्ष नहीं। नागरिकों के व्यापक वर्ग को शामिल करने के लिए समय के साथ आयु सीमा का विस्तार किया गया।
❌ विकल्प 4 – गलत: NPS विशेष रूप से सशस्त्र बलों के कर्मियों को बाहर रखता है। इसके अलावा, केंद्र सरकार के कर्मचारियों के लिए सही कार्यान्वयन तिथि 1 जनवरी 2004 थी, 1 अप्रैल 2004 नहीं।
'विद्यांजली योजना' का उद्देश्य क्या है?
- प्रसिद्ध विदेशी शैक्षणिक संस्थानों को भारत में अपने परिसर खोलने में सक्षम बनाना।
- निजी क्षेत्र और समुदाय से सहायता लेकर सरकारी स्कूलों में दी जाने वाली शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करना।
- प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों के लिए बुनियादी ढांचे की सुविधाओं में सुधार करने के लिए निजी व्यक्तियों और संगठनों से स्वैच्छिक मौद्रिक योगदान को प्रोत्साहित करना।
नीचे दिए गए कोड का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 2
❌ कथन 1 – गलत: विद्यांजली योजना का संबंध विदेशी शैक्षणिक संस्थानों द्वारा भारत में परिसर खोलने से नहीं है। यह मौजूदा सरकारी स्कूलों को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
✅ कथन 2 – सही: विद्यांजली योजना शिक्षा मंत्रालय द्वारा शुरू की गई एक स्कूल स्वयंसेवक पहल है जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार करना है। यह स्वयंसेवकों (पेशेवरों, सेवानिवृत्त शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों, एनजीओ) को सरकारी स्कूलों से जोड़कर समुदाय और निजी क्षेत्र की भागीदारी को सुविधाजनक बनाती है ताकि वे अपना समय, ज्ञान और कौशल योगदान कर सकें।
❌ कथन 3 – गलत: विद्यांजली का मुख्य उद्देश्य समय और विशेषज्ञता के माध्यम से स्वयंसेवी भागीदारी को सक्षम बनाना है, न कि मौद्रिक योगदान। जबकि स्वयंसेवक विभिन्न गतिविधियों का समर्थन कर सकते हैं, योजना का मूल फोकस गैर-मौद्रिक योगदान जैसे शिक्षण सहायता, मार्गदर्शन, कौशल विकास और संवर्धन गतिविधियों पर है।
'राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF)' के संदर्भ में, नीचे दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
- NSQF के तहत, एक शिक्षार्थी केवल औपचारिक शिक्षा के माध्यम से ही योग्यता के लिए प्रमाणन प्राप्त कर सकता है।
- NSQF के कार्यान्वयन से अपेक्षित एक परिणाम व्यावसायिक और सामान्य शिक्षा के बीच गतिशीलता है।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — केवल 2
❌ कथन 1 – गलत: NSQF शिक्षार्थियों को कई माध्यमों से योग्यता प्रमाणन प्राप्त करने की अनुमति देता है, न कि केवल औपचारिक शिक्षा से। यह औपचारिक शिक्षा (स्कूल/कॉलेज), गैर-औपचारिक शिक्षा (कौशल विकास कार्यक्रम), और अनौपचारिक शिक्षा (नौकरी के दौरान प्रशिक्षण, स्व-शिक्षा) को मान्यता देता है। यह लचीलापन NSQF की मुख्य विशेषता है।
✅ कथन 2 – सही: NSQF का एक प्रमुख उद्देश्य व्यावसायिक और सामान्य शिक्षा के बीच गतिशीलता को सक्षम बनाना है। व्यावसायिक योग्यताओं और सामान्य शिक्षा स्तरों (10 स्तरों में) के बीच समानता स्थापित करके, NSQF व्यावसायिक कौशल वाले व्यक्तियों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने और इसके विपरीत की अनुमति देता है, जिससे एक अधिक लचीली शिक्षा प्रणाली बनती है।
'पूर्व अधिगम की मान्यता योजना' कभी-कभी समाचारों में किसके संदर्भ में उल्लिखित होती है
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — पारंपरिक माध्यमों से प्राप्त निर्माण कामगारों के कौशल को प्रमाणित करना।
पूर्व अधिगम की मान्यता (RPL) योजना प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना (PMKVY) का एक प्रमुख घटक है। इसका उद्देश्य उन कामगारों के कौशल को प्रमाणित और मान्यता देना है जो अनौपचारिक या गैर-औपचारिक तरीकों से, विशेष रूप से औपचारिक प्रशिक्षण के बजाय कार्य अनुभव के माध्यम से अर्जित किए गए हैं। यह योजना विशेष रूप से निर्माण कामगारों, घरेलू कामगारों और असंगठित क्षेत्र के अन्य लोगों के लिए प्रासंगिक है जिन्होंने पारंपरिक माध्यमों या नौकरी पर काम करते हुए कौशल सीखे हैं। RPL उन्हें राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचे (NSQF) के अनुरूप औपचारिक प्रमाणन प्रदान करती है, जिससे उनकी रोजगार क्षमता बढ़ती है और उन्हें बेहतर अवसरों तक पहुंच मिलती है। यह योजना दूरस्थ शिक्षा नामांकन (विकल्प 2), PSU में नौकरी आरक्षण (विकल्प 3), या औपचारिक NSDP कार्यक्रमों के तहत प्रशिक्षुओं को प्रमाणित करने (विकल्प 4) पर केंद्रित नहीं है, क्योंकि औपचारिक प्रशिक्षण पूरा करने वाले नियमित प्रमाणन प्राप्त करते हैं।
निम्नलिखित में से कौन से 'राष्ट्रीय पोषण मिशन' के उद्देश्य हैं?
- गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण से संबंधित जागरूकता पैदा करना।
- छोटे बच्चों, किशोर लड़कियों और महिलाओं में एनीमिया की घटनाओं को कम करना।
- बाजरा, मोटे अनाज और बिना पॉलिश किए चावल की खपत को बढ़ावा देना।
- मुर्गी के अंडों की खपत को बढ़ावा देना।
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए:
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 1 — केवल 1 और 2
✅ कथन 1 – सही: गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं में कुपोषण के बारे में जागरूकता पैदा करना राष्ट्रीय पोषण मिशन (पोषण अभियान) का एक मुख्य उद्देश्य है, जिसे 2018 में कुपोषण को व्यापक रूप से संबोधित करने के लिए शुरू किया गया था।
✅ कथन 2 – सही: छोटे बच्चों (6 महीने से 6 वर्ष), किशोर लड़कियों और महिलाओं (15-49 वर्ष) में एनीमिया को कम करना मिशन का एक स्पष्ट लक्ष्य है, जिसमें प्रति वर्ष 3% एनीमिया की व्यापकता को कम करने के विशिष्ट लक्ष्य हैं।
❌ कथन 3 – गलत: हालांकि बाजरा, मोटे अनाज और बिना पॉलिश किए चावल को बढ़ावा देना पोषण लक्ष्यों के अनुरूप है, लेकिन ये राष्ट्रीय पोषण मिशन के स्पष्ट रूप से घोषित उद्देश्य नहीं हैं। मिशन व्यवहार परिवर्तन, सेवा वितरण और अभिसरण पर केंद्रित है न कि विशिष्ट खाद्य पदार्थों के प्रचार पर।
❌ कथन 4 – गलत: मुर्गी के अंडों की खपत को बढ़ावा देना राष्ट्रीय पोषण मिशन का उद्देश्य नहीं है। मिशन विविध आहार के माध्यम से पर्याप्त पोषण पर जोर देता है लेकिन अंडे जैसे विशिष्ट खाद्य पदार्थों को अनिवार्य नहीं करता है।
राष्ट्रीय करियर सेवा (National Career Service) के संबंध में निम्नलिखित पर विचार कीजिए:
- राष्ट्रीय करियर सेवा भारत सरकार के कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की एक पहल है।
- राष्ट्रीय करियर सेवा को देश के अशिक्षित युवाओं के लिए रोजगार के अवसरों में सुधार के लिए मिशन मोड में शुरू किया गया है।
उपर्युक्त में से कौन सा/से कथन सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — न तो 1 और न ही 2
❌ कथन 1 – गलत: राष्ट्रीय करियर सेवा (NCS) श्रम और रोजगार मंत्रालय की एक पहल है, न कि कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की। इसे श्रम और रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत रोजगार और प्रशिक्षण महानिदेशालय द्वारा लागू किया जाता है।
❌ कथन 2 – गलत: NCS को मिशन मोड में शुरू किया गया है, लेकिन इसका उद्देश्य विशेष रूप से अशिक्षित युवाओं के लिए नहीं, बल्कि सभी नागरिकों के लिए रोजगार के अवसरों में सुधार करना है। यह मंच नौकरी खोजने वालों को सभी शिक्षा स्तरों पर करियर से संबंधित सेवाएं प्रदान करता है जिसमें नौकरी मिलान, करियर परामर्श, व्यावसायिक मार्गदर्शन, कौशल विकास पाठ्यक्रमों, प्रशिक्षुता और इंटर्नशिप की जानकारी शामिल है। यह एक एकल डिजिटल मंच के माध्यम से नौकरी खोजने वालों को नियोक्ताओं और प्रशिक्षण प्रदाताओं से जोड़ता है।
'उन्नत भारत अभियान' कार्यक्रम का उद्देश्य क्या है?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — उच्च शिक्षा संस्थानों को स्थानीय समुदायों से जोड़कर उपयुक्त प्रौद्योगिकियों के माध्यम से विकास की चुनौतियों का समाधान करना।
उन्नत भारत अभियान (UBA) शिक्षा मंत्रालय (पूर्व में MHRD) द्वारा शुरू किया गया एक प्रमुख कार्यक्रम है जो उच्च शिक्षण संस्थानों (HEIs) को ग्रामीण समुदायों के साथ काम करने में सक्षम बनाता है। इसका मुख्य उद्देश्य स्थानीय विकास चुनौतियों की पहचान करना और शैक्षणिक विशेषज्ञता और प्रौद्योगिकी का उपयोग करके उपयुक्त, टिकाऊ समाधान विकसित करना है। इस कार्यक्रम के तहत, भाग लेने वाले संस्थान गांवों के समूहों को अपनाते हैं और बुनियादी ढांचे के विकास, आजीविका वृद्धि, स्वास्थ्य, शिक्षा और कौशल विकास से संबंधित गतिविधियों में शामिल होते हैं। यह एक सहजीवी संबंध बनाता है जहां शैक्षणिक संस्थान ग्रामीण परिवर्तन में योगदान करते हैं और साथ ही अनुसंधान व शिक्षाशास्त्र के लिए व्यावहारिक अंतर्दृष्टि प्राप्त करते हैं। यह कार्यक्रम समावेशी विकास के लिए संस्थागत ज्ञान का लाभ उठाते हुए सहभागी ग्रामीण विकास पर जोर देता है।