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क्रांतिकारी संगठन Previous Year Questions (PYQs)
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Solved Previous Year Questions
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औपनिवेशिक भारत के संदर्भ में, शाहनवाज खान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों को किस रूप में याद किया जाता है
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 4 — भारतीय राष्ट्रीय सेना के अधिकारी
शाहनवाज खान, प्रेम कुमार सहगल और गुरबख्श सिंह ढिल्लों भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA) के वरिष्ठ अधिकारी थे, जिसे आजाद हिंद फौज के नाम से भी जाना जाता है, जिसका नेतृत्व नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने किया था। उन्हें 1945-46 के ऐतिहासिक लाल किला परीक्षण (INA परीक्षण) के लिए प्रसिद्ध रूप से याद किया जाता है, जहाँ अंग्रेजों द्वारा उन पर 'सम्राट के विरुद्ध युद्ध छेड़ने' के आरोप में सैन्य न्यायालय में मुकदमा चलाया गया था। इन परीक्षणों ने पूरे भारत में बड़े पैमाने पर राष्ट्रवादी प्रदर्शनों को जन्म दिया और भारत के स्वतंत्रता संग्राम में एक महत्वपूर्ण मोड़ बन गया, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भूलाभाई देसाई, तेज बहादुर सप्रू और जवाहरलाल नेहरू जैसे कानूनी विद्वानों वाली एक INA रक्षा समिति का गठन किया।
📝 संक्षिप्त नोट्स: लाल किला परीक्षण और INA
- भारतीय राष्ट्रीय सेना (INA): 1942 में नेताजी सुभाष चंद्र बोस द्वारा दक्षिण पूर्व एशिया में भारतीय युद्ध बंदियों और प्रवासियों से ब्रिटिश शासन से लड़ने के लिए गठित।
- लाल किला परीक्षण (नवंबर 1945 - मई 1946): दिल्ली के लाल किले में INA अधिकारियों का सैन्य न्यायालय। पहले मुकदमे में तीन अधिकारी थे जो विभिन्न समुदायों का प्रतिनिधित्व करते थे - शाहनवाज खान (मुस्लिम), प्रेम कुमार सहगल (हिंदू), और गुरबख्श सिंह ढिल्लों (सिख)।
- आरोप: सम्राट के विरुद्ध युद्ध छेड़ना, हत्या और हत्या में सहयोग।
- सार्वजनिक प्रतिक्रिया: पूरे भारत में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन, हड़तालें और विरोध; हिंदुओं, मुसलमानों और सिखों को राष्ट्रवादी उत्साह में एकजुट किया।
- रक्षा समिति: भूलाभाई देसाई के नेतृत्व में; इसमें तेज बहादुर सप्रू, जवाहरलाल नेहरू और कैलाश नाथ काटजू शामिल थे।
- परिणाम: तीनों को आजीवन निर्वासन की सजा सुनाई गई, लेकिन सार्वजनिक दबाव के कारण कमांडर-इन-चीफ ने सजा माफ कर दी। परीक्षणों ने भारत छोड़ने के ब्रिटिश निर्णय को तेज किया।
- विरासत: INA परीक्षणों ने प्रदर्शित किया कि अंग्रेज अब भारतीय सशस्त्र बलों की वफादारी पर भरोसा नहीं कर सकते थे और स्वतंत्रता आंदोलन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
एनी बेसेंट थीं:
- होम रूल आंदोलन शुरू करने के लिए जिम्मेदार
- थियोसोफिकल सोसायटी की संस्थापक
- एक बार भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष
नीचे दिए गए कूट का प्रयोग करके सही कथन/कथनों का चयन कीजिए।
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: एनी बेसेंट ने सितंबर 1916 में मद्रास में होम रूल लीग की स्थापना की, जो ब्रिटिश साम्राज्य के भीतर भारत के लिए स्वशासन की मांग करती थी, तिलक की होम रूल लीग (अप्रैल 1916) के साथ।
❌ कथन 2 – गलत: थियोसोफिकल सोसायटी की स्थापना 1875 में न्यूयॉर्क में मैडम एच.पी. ब्लावत्स्की और कर्नल एच.एस. ऑलकॉट द्वारा की गई थी। एनी बेसेंट 1907 में इसकी अध्यक्ष बनीं लेकिन संस्थापक नहीं थीं।
✅ कथन 3 – सही: एनी बेसेंट 1917 में कलकत्ता अधिवेशन में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की अध्यक्ष चुनी गईं, यह पद संभालने वाली पहली महिला बनीं।
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