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दल-बदल विरोधी कानून Previous Year Questions (PYQs)

Practice solved questions for दल-बदल विरोधी कानून with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for UPSC CSE PRELIMS.

Solved Previous Year Questions

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निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:

I. यदि कोई प्रश्न उठता है कि क्या लोक सभा का कोई सदस्य दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता का विषय बन गया है, तो केंद्रीय मंत्रिपरिषद की राय के अनुसार राष्ट्रपति का निर्णय अंतिम होगा।

II. भारत के संविधान में 'राजनीतिक दल' शब्द का कोई उल्लेख नहीं है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?

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भारत में दल-बदल विरोधी कानून के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह कानून निर्दिष्ट करता है कि एक मनोनीत विधायक सदन में नियुक्ति के छह महीने के भीतर किसी भी राजनीतिक दल में शामिल नहीं हो सकता है।
  2. यह कानून कोई समय-सीमा प्रदान नहीं करता है जिसके भीतर पीठासीन अधिकारी को दल-बदल के मामले का निर्णय करना होता है।

ऊपर दिए गए कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. संसद (निरर्हता निवारण) अधिनियम, 1959 'लाभ के पद' के आधार पर अयोग्यता से कई पदों को छूट देता है।
  2. उपर्युक्त अधिनियम में पाँच बार संशोधन किया गया था।
  3. भारत के संविधान में 'लाभ का पद' शब्द अच्छी तरह से परिभाषित है।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?

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भारतीय संविधान की निम्नलिखित में से किस अनुसूची में दल-बदल विरोधी प्रावधान हैं?

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