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परिसीमन आयोग Previous Year Questions (PYQs)
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Solved Previous Year Questions
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दिसंबर 2023 तक भारत सरकार ने कितने परिसीमन आयोग का गठन किया है?
Detailed Explanation:
सही उत्तर: विकल्प 4 (चार)
भारत सरकार ने दिसंबर 2023 तक कुल चार परिसीमन आयोग (Delimitation Commissions) गठित किए हैं—1952, 1963, 1973 और 2002 में। इनका उद्देश्य जनगणना के आधार पर लोकसभा और विधानसभा क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण करना है ताकि प्रतिनिधित्व संतुलित रहे।
✅ परिसीमन आयोग 1952: स्वतंत्रता के बाद पहली जनगणना के आधार पर गठित किया गया।
✅ परिसीमन आयोग 1963: 1961 की जनगणना के आधार पर गठित किया गया।
✅ परिसीमन आयोग 1973: 1971 की जनगणना के आधार पर गठित किया गया।
✅ परिसीमन आयोग 2002: 2001 की जनगणना के आधार पर गठित किया गया, जिसकी सिफारिशें 2008 में लागू हुईं।
संक्षिप्त नोट्स: परिसीमन आयोग
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परिसीमन का अर्थ है निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं का पुनर्निर्धारण।
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इसका गठन राष्ट्रपति द्वारा संसद के कानून के तहत किया जाता है।
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परिसीमन आयोग 1952, 1963, 1973 और 2002 में गठित हुए।
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आयोग में सामान्यतः सेवानिवृत्त सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीश, मुख्य निर्वाचन आयुक्त और संबंधित राज्यों के राज्य निर्वाचन आयुक्त शामिल होते हैं।
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आयोग के आदेशों को कानून का बल प्राप्त होता है।
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42वें संविधान संशोधन (1976) ने जनसंख्या के आधार पर सीटों के पुनर्वितरण पर रोक लगाई थी।
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84वें संविधान संशोधन (2001) ने इस रोक को 2026 तक बढ़ाया।
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नवीनतम परिसीमन 2001 की जनगणना पर आधारित था और 2008 में लागू हुआ।
परिसीमन आयोग के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- परिसीमन आयोग के आदेशों को किसी विधि न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
- जब परिसीमन आयोग के आदेश लोक सभा या राज्य विधान सभा के समक्ष रखे जाते हैं, तो वे आदेशों में कोई संशोधन प्रभावित नहीं कर सकते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: संविधान के अनुच्छेद 329(a) और परिसीमन आयोग अधिनियम के तहत, परिसीमन आयोग के आदेशों को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। इनमें विधि का बल होता है और ये अंतिम होते हैं ताकि चुनावी प्रक्रिया में न्यायिक विलंब न हो।
✅ कथन 2 – सही: जब आदेश लोक सभा या राज्य विधान सभा के समक्ष रखे जाते हैं, तो ये निकाय उनमें संशोधन नहीं कर सकते। आदेश केवल सूचना के लिए रखे जाते हैं, जो परिसीमन प्रक्रिया की स्वतंत्रता और अंतिमता सुनिश्चित करते हैं, राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त।
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