परिसीमन आयोग के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- परिसीमन आयोग के आदेशों को किसी विधि न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती।
- जब परिसीमन आयोग के आदेश लोक सभा या राज्य विधान सभा के समक्ष रखे जाते हैं, तो वे आदेशों में कोई संशोधन प्रभावित नहीं कर सकते।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: संविधान के अनुच्छेद 329(a) और परिसीमन आयोग अधिनियम के तहत, परिसीमन आयोग के आदेशों को किसी भी न्यायालय में चुनौती नहीं दी जा सकती। इनमें विधि का बल होता है और ये अंतिम होते हैं ताकि चुनावी प्रक्रिया में न्यायिक विलंब न हो।
✅ कथन 2 – सही: जब आदेश लोक सभा या राज्य विधान सभा के समक्ष रखे जाते हैं, तो ये निकाय उनमें संशोधन नहीं कर सकते। आदेश केवल सूचना के लिए रखे जाते हैं, जो परिसीमन प्रक्रिया की स्वतंत्रता और अंतिमता सुनिश्चित करते हैं, राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त।
Question 2 of 2 परिसीमन आयोग
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दिसंबर 2023 तक भारत सरकार ने कितने परिसीमन आयोग का गठन किया है?
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