निम्नलिखित कथनों पर विचार करें:
I. यदि कोई प्रश्न उठता है कि क्या लोक सभा का कोई सदस्य दसवीं अनुसूची के तहत अयोग्यता का विषय बन गया है, तो केंद्रीय मंत्रिपरिषद की राय के अनुसार राष्ट्रपति का निर्णय अंतिम होगा।
II. भारत के संविधान में 'राजनीतिक दल' शब्द का कोई उल्लेख नहीं है।
ऊपर दिए गए कथनों में से कौन सा सही है?
Detailed Explanation:
दोनों कथन सही नहीं हैं। दसवीं अनुसूची (Anti-Defection Law) के तहत सांसद की अयोग्यता का निर्णय लोकसभा अध्यक्ष (Speaker) या राज्यसभा सभापति (Chairman) करते हैं, राष्ट्रपति नहीं।
इसके अलावा, "Political Party" शब्द संविधान की दसवीं अनुसूची में स्पष्ट रूप से उल्लेखित है।
कथन गलत क्यों हैं:
| कथन | स्थिति | कारण |
|---|---|---|
| I | ❌ गलत | अयोग्यता का निर्णय स्पीकर/चेयरमैन लेते हैं, राष्ट्रपति नहीं। |
| II | ❌ गलत | "Political Party" शब्द दसवीं अनुसूची में मौजूद है। |
📝 संक्षिप्त नोट्स: दल-बदल विरोधी कानून
| बिंदु | विवरण |
|---|---|
| जोड़ा गया | 52वाँ संविधान संशोधन, 1985 |
| संबंधित प्रावधान | दसवीं अनुसूची |
| निर्णय लेने वाला | लोकसभा अध्यक्ष / राज्यसभा सभापति |
| उद्देश्य | राजनीतिक दल-बदल को रोकना |
| अयोग्यता का आधार | पार्टी छोड़ना या व्हिप का उल्लंघन |
त्वरित तथ्य:
दल-बदल विरोधी कानून का उद्देश्य निर्वाचित प्रतिनिधियों द्वारा बार-बार पार्टी बदलने से उत्पन्न राजनीतिक अस्थिरता को रोकना है।
Question 1 of 4 दल-बदल विरोधी कानून
Practice PYQ questions from this topic across all years
First question in this topic
भारत में दल-बदल विरोधी कानून के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए: यह का...