निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- मोरिंगा (सहजन का पेड़) एक फलीदार सदाबहार वृक्ष है।
- इमली का वृक्ष दक्षिण एशिया के लिए स्थानिक है।
- भारत में अधिकांश इमली लघु वन उपज के रूप में एकत्रित की जाती है।
- भारत इमली और मोरिंगा के बीजों का निर्यात करता है।
- मोरिंगा और इमली के बीजों का उपयोग जैव ईंधन के उत्पादन में किया जा सकता है।
उपर्युक्त में से कौन से कथन सही हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — 3, 4 और 5
यह प्रश्न मोरिंगा (सहजन) और इमली के वृक्षों, उनकी विशेषताओं, आर्थिक उपयोगों और संभावित अनुप्रयोगों के बारे में ज्ञान का परीक्षण करता है। पाँच कथनों में से केवल कथन 3, 4 और 5 सही हैं जो लघु वन उपज के रूप में इमली संग्रह, भारत के निर्यात और दोनों पौधों के बीजों की जैव ईंधन क्षमता से संबंधित हैं।
❌ कथन 1 – गलत: मोरिंगा ओलिफेरा एक पर्णपाती वृक्ष है (सदाबहार नहीं) और यह मोरिंगेसी कुल से संबंधित है (फलीदार नहीं; इसमें नाइट्रोजन स्थिरीकरण करने वाली जड़ ग्रंथियाँ नहीं होतीं)।
❌ कथन 2 – गलत: इमली (टैमरिंडस इंडिका) उष्णकटिबंधीय अफ्रीका की मूल निवासी है, दक्षिण एशिया के लिए स्थानिक नहीं है, हालाँकि यह भारत में व्यापक रूप से प्राकृतिक रूप से पाई जाती है।
✅ कथन 3 – सही: भारत में इमली को लघु वन उपज (MFP) के रूप में एकत्रित किया जाता है और यह आदिवासी और वन-निवासी समुदायों को आजीविका प्रदान करती है।
✅ कथन 4 – सही: भारत इमली और मोरिंगा के बीजों (तेल सामग्री और औषधीय गुणों के लिए मूल्यवान) दोनों का प्रमुख निर्यातक है।
✅ कथन 5 – सही: मोरिंगा के बीजों में 30-40% तेल होता है जो बायोडीजल उत्पादन के लिए उपयुक्त है, और इमली के बीज के तेल पर भी जैव ईंधन अनुप्रयोगों के लिए शोध किया जा रहा है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: मोरिंगा और इमली
| पहलू | मोरिंगा (सहजन का वृक्ष) | इमली |
|---|---|---|
| वैज्ञानिक नाम | मोरिंगा ओलिफेरा | टैमरिंडस इंडिका |
| कुल | मोरिंगेसी | फैबेसी (लेग्यूमिनोसी) |
| प्रकृति | पर्णपाती, तेजी से बढ़ने वाला | सदाबहार से अर्ध-सदाबहार |
| उत्पत्ति | भारतीय उपमहाद्वीप का मूल निवासी | उष्णकटिबंधीय अफ्रीका का मूल निवासी |
| आर्थिक उपयोग | पत्तियाँ (पोषण), बीज (तेल, जल शुद्धिकरण), औषधीय गुण | फल का गूदा (भोजन, परिरक्षक), इमारती लकड़ी, लघु वन उपज संग्रह |
| जैव ईंधन क्षमता | बीज बायोडीजल के लिए 30-40% तेल देते हैं | बीज के तेल पर जैव ईंधन अनुप्रयोगों के लिए शोध |
| भारत की भूमिका | बीजों का प्रमुख उत्पादक और निर्यातक | प्रमुख उत्पादक और निर्यातक; लघु वन उपज के रूप में एकत्रित |
Question 2 of 3 वन संसाधन
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