67th BPSC Prelims Re-exam 2022
सामान्य विज्ञान Previous Year Questions (PYQs)
Explore 29 solved 67th BPSC Prelims Re-exam 2022 सामान्य विज्ञान questions with detailed step-by-step bilingual solutions, option analysis, and answer keys.
एक चालक में तापमान भिन्नता के कारण, उसके साथ विभव भिन्नता उत्पन्न होती है। इस घटना को किस नाम से जाना जाता है?
Detailed Explanation:
थॉमसन प्रभाव एक एकल चालक में तापमान प्रवणता के कारण विद्युत वाहक बल (EMF) उत्पन्न होने की घटना को दर्शाता है।
- मुख्य अंतर: सीबेक प्रभाव (दो भिन्न धातुओं की आवश्यकता) के विपरीत, थॉमसन प्रभाव एक एकल समांगी चालक में घटित होता है।
- क्रियाविधि: इलेक्ट्रॉन गर्म से ठंडे क्षेत्र की ओर विसरित होते हैं, जिससे तापमान प्रवणता के अनुपात में विभवांतर उत्पन्न होता है।
- अतः, एक चालक में तापमान भिन्नता के कारण विभव भिन्नता थॉमसन प्रभाव है, इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है।
'सापेक्षता का सिद्धांत' किस वैज्ञानिक द्वारा प्रस्तुत किया गया?
Detailed Explanation:
सापेक्षता का सिद्धांत अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा दो भागों में प्रस्तुत किया गया: विशिष्ट सापेक्षता (1905) और सामान्य सापेक्षता (1915)।
- विशिष्ट सापेक्षता: यह स्थापित करता है कि प्रकाश की गति नियत है और भौतिकी के नियम सभी गैर-त्वरित पर्यवेक्षकों के लिए समान हैं।
- सामान्य सापेक्षता: गुरुत्वाकर्षण को द्रव्यमान और ऊर्जा द्वारा उत्पन्न समय-अंतरिक्ष की वक्रता के रूप में वर्णित किया, जो न्यूटनियन गुरुत्वाकर्षण का स्थान लेता है।
- अतः, अल्बर्ट आइंस्टीन वह वैज्ञानिक हैं जिन्होंने सापेक्षता का सिद्धांत प्रस्तुत किया, विकल्प 4 सही उत्तर है।
वह नियम क्या है जिसमें तापमान और दबाव की समान परिस्थितियों में, सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की समान संख्या होती है?
Detailed Explanation:
एवोगाड्रो का नियम बताता है कि समान तापमान और दबाव में, सभी गैसों के समान आयतन में अणुओं की समान संख्या होती है।
- मूल सिद्धांत: अमेडियो एवोगाड्रो (1812) द्वारा खोजा गया यह मौलिक गैस नियम प्रश्न के विवरण से पूर्णतः मेल खाता है।
- अतः, एवोगाड्रो का नियम सही उत्तर है, जो विकल्प 3 को सही बनाता है।
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गति को परिभाषित करने वाला पहला व्यक्ति कौन है?
Detailed Explanation:
गैलीलियो गैलीली ने सबसे पहले गति को प्रति इकाई समय में तय की गई दूरी के रूप में परिभाषित किया।
- ऐतिहासिक संदर्भ: गैलीलियो ने 17वीं शताब्दी की शुरुआत में गति और शुद्धगतिकी पर अपने अध्ययन के दौरान यह अवधारणा प्रस्तुत की।
- महत्व: उन्होंने गति को एक मापनीय अदिश राशि के रूप में स्थापित किया, जिससे शास्त्रीय यांत्रिकी की नींव रखी।
- अतः, गैलीलियो को गति की पहली परिभाषा का श्रेय दिया जाता है, इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है।
यदि पृथ्वी की घूर्णन गति बढ़ जाती है, तो भूमध्य रेखा पर किसी पिंड का भार
Detailed Explanation:
पृथ्वी का घूर्णन एक अपकेन्द्रीय प्रभाव उत्पन्न करता है जो गुरुत्वाकर्षण का विरोध करता है, विशेषकर भूमध्य रेखा पर जहाँ घूर्णन त्रिज्या अधिकतम होती है, जिससे वस्तुओं का प्रभावी भार कम हो जाता है।
- प्रभावी गुरुत्वाकर्षण सूत्र: g' = g - ω²R, जहाँ ω कोणीय चाल है और R भूमध्य रेखा पर पृथ्वी की त्रिज्या है।
- बढ़ी हुई घूर्णन गति: उच्च ω से ω²R बढ़ता है, जिससे g' (प्रभावी गुरुत्वाकर्षण) घटता है।
- भार में कमी: चूंकि भार = mg', इसलिए छोटा g' सीधे भूमध्य रेखा पर पिंड के भार को कम करता है।
- अतः, तीव्र पृथ्वी घूर्णन से भूमध्यरेखीय भार घटता है, जिससे विकल्प 1 सही उत्तर है।
निम्नलिखित में से कौन सदिश राशि नहीं है?
Detailed Explanation:
सदिश राशि में परिमाण और दिशा दोनों होते हैं, जबकि अदिश राशि में केवल परिमाण होता है।
- चाल एक अदिश है: यह केवल यह बताती है कि वस्तु कितनी तेज़ चल रही है, दिशा की कोई जानकारी नहीं देती (जैसे 50 किमी/घंटा)।
- वेग, विस्थापन और बलाघूर्ण सदिश हैं: वेग दिशा सहित चाल है; विस्थापन दिशा सहित स्थिति परिवर्तन है; बलाघूर्ण दिशा सहित घूर्णी बल है।
- अतः, विकल्पों में केवल चाल अदिश है, इसलिए विकल्प 4 सही उत्तर है।
प्रकाश की गति निम्नलिखित में से किसमें से गुजरते समय न्यूनतम होगी?
Detailed Explanation:
प्रकाश की गति किसी माध्यम में उसके अपवर्तनांक के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
- अपवर्तनांक मान: निर्वात = 1.0, वायु ≈ 1.0003, जल ≈ 1.33, कांच ≈ 1.5–1.65।
- कांच का अपवर्तनांक सबसे अधिक है दिए गए विकल्पों में, जिससे प्रकाश की गति सबसे कम होती है।
- अतः, प्रकाश कांच में सबसे धीमी गति से चलता है, इसलिए विकल्प 3 सही उत्तर है।
वाशिंग मशीन का कार्य सिद्धांत है
Detailed Explanation:
वाशिंग मशीन स्पिन चक्र के दौरान घनत्व के अंतर के आधार पर कपड़ों से पानी अलग करने के लिए अपकेंद्रीय बल का उपयोग करती है।
- अपकेंद्रीकरण सिद्धांत: उच्च गति से ड्रम घूर्णन बाहरी बल उत्पन्न करता है, जो पानी को छिद्रों से बाहर धकेलता है जबकि भारी कपड़े अंदर रहते हैं।
- अतः, वाशिंग मशीन अपकेंद्रीकरण पर कार्य करती है, इसलिए विकल्प 2 सही उत्तर है।
पहला वैज्ञानिक/चिकित्सक कौन था, जिसने टीकाकरण का प्रयास किया?
Detailed Explanation:
एडवर्ड जेनर ने 1796 में चेचक के विरुद्ध गोचेचक सामग्री का उपयोग करके पहला सफल टीकाकरण किया, जिससे उन्हें प्रतिरक्षा विज्ञान का जनक कहा जाता है। रॉबर्ट कोच ने टीबी और हैजा जीवाणु खोजे; एली मेचनिकॉफ ने प्रतिरक्षा अनुसंधान किया; जोसेफ लिस्टर ने एंटीसेप्टिक सर्जरी शुरू की—किसी ने भी पहला टीकाकरण प्रयास नहीं किया। अतः, विकल्प 3 सही उत्तर है।
अधिकांश एंजाइम होते हैं
Detailed Explanation:
एंजाइम जैविक उत्प्रेरक हैं जो जीवित जीवों में रासायनिक अभिक्रियाओं को तेज करते हैं, और इनमें से अधिकांश प्रोटीन होते हैं। इनकी एमीनो अम्ल श्रृंखलाओं द्वारा निर्मित विशिष्ट त्रि-आयामी संरचना होती है, जो इन्हें सब्सट्रेट से जुड़ने और अभिक्रियाओं को सुगम बनाने में सक्षम बनाती है।
हालांकि कुछ एंजाइम राइबोजाइम (RNA-आधारित) होते हैं, लेकिन सभी ज्ञात एंजाइमों में से 99% से अधिक प्रोटीन आधारित होते हैं। लिपिड, अम्ल और क्षार अन्य जैविक कार्य करते हैं लेकिन एंजाइम संरचना नहीं बनाते।
अतः, प्रोटीन अधिकांश एंजाइमों का संरचनात्मक आधार बनाते हैं, जिससे विकल्प 4 सही उत्तर है।
वह अंतिम पदार्थ जिसमें कार्बोहाइड्रेट का क्षरण होता है, वह है
Detailed Explanation:
कार्बोहाइड्रेट का पाचन के दौरान उनके सरलतम अवशोषित रूप ग्लूकोज में विघटन होता है, जो एक मोनोसैकेराइड है। सभी जटिल कार्बोहाइड्रेट (स्टार्च जैसे पॉलीसैकेराइड) और डाइसैकेराइड (माल्टोज, सुक्रोज जैसे) अंततः कोशिकीय अवशोषण और ऊर्जा उत्पादन के लिए ग्लूकोज में विघटित होते हैं।
ग्लिसरॉल वसा के उपापचय से प्राप्त होता है, माल्टोज एक डाइसैकेराइड है जो आगे दो ग्लूकोज अणुओं में विभाजित होता है, और अमीनो अम्ल प्रोटीन पाचन के अंतिम उत्पाद हैं।
अतः, ग्लूकोज कार्बोहाइड्रेट का अंतिम विघटन उत्पाद है, जो विकल्प 2 को सही उत्तर बनाता है।
बिना लाल रक्त कोशिकाओं वाला जानवर है
Detailed Explanation:
केंचुए में लाल रक्त कोशिकाएं (RBCs) नहीं होती हैं; उनका श्वसन वर्णक हीमोग्लोबिन सीधे प्लाज्मा में घुला रहता है, कोशिकाओं के अंदर नहीं।
सांप और मोर कशेरुकी जीव हैं जिनमें ऑक्सीजन परिवहन के लिए हीमोग्लोबिन युक्त RBCs होती हैं।
अतः, केवल केंचुआ ही बिना लाल रक्त कोशिकाओं वाला है, जिससे विकल्प 1 सही उत्तर है।
निम्नलिखित युग्मों में से वह युग्म बताइए जो सही सुमेलित है।
Detailed Explanation:
क्लोरोक्वीन एक एंटीमलेरियल दवा है जिसका उपयोग मलेरिया के उपचार और रोकथाम के लिए किया जाता है, जो इस युग्म को सही सुमेलित बनाता है।
तपेदिक की रोकथाम BCG टीके से होती है (ATS से नहीं); टिटनेस की रोकथाम टिटनेस टॉक्सॉइड से होती है (BCG से नहीं); स्कर्वी विटामिन C की कमी से होती है (थायमिन/विटामिन B1 से नहीं)।
अतः, केवल मलेरिया-क्लोरोक्वीन सही सुमेलित है, जिससे विकल्प 3 सही उत्तर है।
पौधे अपने पोषक तत्व मुख्यतः कहाँ से प्राप्त करते हैं
Detailed Explanation:
मिट्टी पौधों के लिए आवश्यक खनिज पोषक तत्वों का प्राथमिक स्रोत है, जिसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम और जिंक और आयरन जैसे सूक्ष्म पोषक तत्व शामिल हैं। ये पोषक तत्व मिट्टी के पानी में घुलित आयनिक रूपों में जड़ों द्वारा अवशोषित होते हैं।
वायुमंडल प्रकाश संश्लेषण के लिए कार्बन डाइऑक्साइड प्रदान करता है, और प्रकाश प्रकाश संश्लेषण को चलाता है, लेकिन दोनों खनिज पोषक तत्व प्रदान नहीं करते। क्लोरोफिल एक वर्णक है जो प्रकाश ऊर्जा को पकड़ता है, पोषक स्रोत नहीं।
अतः, मिट्टी पौधों के लिए मुख्य पोषक भंडार है, जिससे विकल्प 3 सही उत्तर है।
परागण को सबसे अच्छा परिभाषित किया जाता है
Detailed Explanation:
परागण को सटीक रूप से पराग कणों का परागकोश (नर भाग) से वर्तिकाग्र (मादा भाग) तक स्थानांतरण के रूप में परिभाषित किया जाता है। यह परागण की वास्तविक क्रिया है, जो बाद की प्रजनन प्रक्रियाओं से अलग है।
पराग कणों का अंकुरण और पराग नलिका की वृद्धि परागण पूर्ण होने के बाद होती है। कीटों का भ्रमण केवल परागण का एक माध्यम (वाहक) है, स्वयं प्रक्रिया नहीं।
अतः, पराग कण का परागकोश से वर्तिकाग्र तक स्थानांतरण सही परिभाषा है, जो विकल्प 4 को सही उत्तर बनाता है।
कवक वे पौधे हैं जिनमें निम्नलिखित की कमी होती है
Detailed Explanation:
कवक विषमपोषी जीव हैं जिनमें क्लोरोफिल की कमी होती है, जो प्रकाश संश्लेषण के लिए आवश्यक वर्णक है। क्लोरोफिल के बिना, वे सूर्य के प्रकाश से अपना भोजन संश्लेषित नहीं कर सकते और अपने पर्यावरण में कार्बनिक पदार्थों से पोषक तत्वों को अवशोषित करते हैं।
उन्हें ऑक्सीजन की आवश्यकता होती है (अधिकांश वायुजीवी हैं), श्वसन में कार्बन डाइऑक्साइड का उपयोग करते हैं, और विभिन्न प्रकाश स्थितियों में विकसित होते हैं—इसलिए इन घटकों की कमी नहीं है। उनकी कोशिका भित्ति में काइटिन होता है, जो उन्हें वास्तविक पौधों से अलग करता है।
अतः, क्लोरोफिल वह प्रमुख घटक है जिसकी कवक में कमी होती है, जो विकल्प 2 को सही उत्तर बनाता है।
नमक-प्रेमी पौधों को क्या कहा जाता है?
Detailed Explanation:
हैलोफाइट्स वे पौधे हैं जो उच्च-लवणता वाले वातावरण में जीवित रहने के लिए विशेष रूप से अनुकूलित होते हैं, और 1M NaCl तक की सांद्रता सहन कर सकते हैं। सामान्य उदाहरणों में मैंग्रोव और नमक दलदली वनस्पति शामिल हैं।
जीरोफाइट्स शुष्क/रेगिस्तानी परिस्थितियों में पनपते हैं, मीजोफाइट्स मध्यम वातावरण में, और ग्लाइकोफाइट्स नमक-संवेदनशील पौधे हैं जो लवणीय परिस्थितियों को सहन नहीं कर सकते।
अतः, नमक-प्रेमी पौधे हैलोफाइट्स होते हैं, जो विकल्प 3 को सही उत्तर बनाता है।
निम्नलिखित में से कौन पटाखों के फटने से चमकीला लाल रंग उत्पन्न करेगा?
Detailed Explanation:
स्ट्रॉन्शियम यौगिक (जैसे स्ट्रॉन्शियम कार्बोनेट) आतिशबाजी में गर्म होने पर चमकीला लाल रंग उत्सर्जित करते हैं। गर्मी स्ट्रॉन्शियम परमाणुओं में इलेक्ट्रॉनों को उत्तेजित करती है, जो मूल अवस्था में वापस आते समय लाल प्रकाश के रूप में ऊर्जा छोड़ते हैं।
सोडियम पीला रंग उत्पन्न करता है, सल्फर जलता है लेकिन धातु ज्वाला रंग नहीं देता, और मैग्नीशियम सफेद प्रकाश देता है।
अतः, स्ट्रॉन्शियम पटाखों में चमकीले लाल रंग के लिए जिम्मेदार है, जिससे विकल्प 4 सही उत्तर है।
निम्नलिखित में से कौन बायोगैस का मुख्य घटक है?
Detailed Explanation:
बायोगैस कार्बनिक पदार्थों के अवायवीय पाचन से उत्पन्न होती है और इसमें 50–70% मीथेन (CH₄) होता है, जो इसका प्राथमिक दहनशील घटक है।
प्रोपेन, ब्यूटेन और इथेन पेट्रोलियम गैस और प्राकृतिक गैस के घटक हैं, बायोगैस के नहीं।
अतः, मीथेन बायोगैस का मुख्य घटक है, जिससे विकल्प 4 सही उत्तर है।
निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए :
- शुद्ध जल में नमक मिलाने से जल का क्वथनांक बढ़ता है और हिमांक घटता है।
- जब मेथिल अल्कोहल को जल में मिलाया जाता है तो जल का क्वथनांक घट जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
नमक (NaCl) एक अवाष्पशील विलेय है जो क्वथनांक उन्नयन और हिमांक अवनमन का कारण बनता है—नमक का पानी शुद्ध जल की तुलना में उच्च तापमान पर उबलता है और निम्न तापमान पर जमता है।
मेथिल अल्कोहल (मेथनॉल) एक वाष्पशील विलेय है जिसका वाष्प दाब जल से अधिक होता है। जल में मिलाने पर यह मिश्रण का कुल वाष्प दाब बढ़ा देता है, जिससे क्वथनांक कम हो जाता है।
अतः, दोनों कथन विभिन्न प्रकार के विलेयों के कारण विपरीत प्रभावों का सही वर्णन करते हैं, जिससे विकल्प 3 सही उत्तर है।
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67th BPSC Prelims Re-exam 2022 - सामान्य विज्ञान Chapter-wise Distribution
रसायन विज्ञान
10 Qs (34.5%)भौतिकी
9 Qs (31%)जीव विज्ञान
9 Qs (31%)विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समकालीन विकास
1 Qs (3.4%)67th BPSC Prelims Re-exam 2022 - सामान्य विज्ञान Questions FAQs
Q1 How many सामान्य विज्ञान questions were asked in 67th BPSC Prelims Re-exam 2022?
Q2 What is the chapter-wise question distribution for सामान्य विज्ञान in 67th BPSC Prelims Re-exam 2022?
- रसायन विज्ञान: 10 questions (34.5%)
- भौतिकी: 9 questions (31%)
- जीव विज्ञान: 9 questions (31%)
- विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के समकालीन विकास: 1 questions (3.4%)