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भौतिकी Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: भौतिकी
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हम एक लकड़ी के बक्से पर 200 न्यूटन का बल लगाते हैं और इसे फर्श पर स्थिर वेग से धकेलते हैं। सीमांत घर्षण बल होगा:
Detailed Explanation:
स्थिर वेग का अर्थ है नेट बल = 0, इसलिए लगाया गया बल बराबर होता है घर्षण बल के।
लगाया गया बल = 200 N, इसलिए गतिज घर्षण = 200 N।
एक ट्रक स्थिर अवस्था से एक पहाड़ी से नीचे नियत त्वरण के साथ चलना शुरू करता है। यह 20 सेकंड में 400 मीटर की दूरी तय करता है। यदि ट्रक का भार 7 टन है तो इस पर लगने वाला बल क्या होगा?
Detailed Explanation:
दिया गया है: प्रारंभिक वेग u = 0 (स्थिर अवस्था से), विस्थापन s = 400 m, समय t = 20 s, द्रव्यमान m = 7 टन = 7000 kg।
चरण 1 – त्वरण ज्ञात करें: सूत्र s = ut + ½at² का उपयोग करते हुए
400 = 0 + ½ × a × (20)²
400 = 200a
a = 2 m/s²
चरण 2 – बल की गणना: सूत्र F = ma का उपयोग करते हुए
F = 7000 × 2
F = 14000 N
उत्तर: 14000 न्यूटन
एक घर में खपत की गई ऊर्जा 250 यूनिट है, तो जूल में कुल ऊर्जा होगी:
Detailed Explanation:
विद्युत ऊर्जा की 1 यूनिट = 1 kWh = 3.6 × 10⁶ जूल।
250 यूनिट = 250 × 3.6 × 10⁶ J = 900 × 10⁶ J = 9 × 10⁸ J।
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किस माध्यम में ध्वनि की गति अधिकतम होती है?
Detailed Explanation:
ध्वनि की गति माध्यम की प्रत्यास्थता और घनत्व पर निर्भर करती है — ठोस में सर्वाधिक, द्रव में मध्यम, गैस में न्यूनतम।
इस्पात (ठोस) ≈ 5000–6000 मी/से, जल (द्रव) ≈ 1500 मी/से, वायु (गैस) ≈ 343 मी/से, हाइड्रोजन (गैस) ≈ 1284 मी/से। दिए गए विकल्पों में इस्पात में गति अधिकतम है।
एक स्वतंत्र रूप से गिरते हुए पिंड की स्थितिज ऊर्जा लगातार घटती रहती है।
Detailed Explanation:
स्थितिज ऊर्जा (PE) मुक्त गिरावट के दौरान ऊंचाई घटने से कम होती है, जबकि बढ़ते वेग के कारण गतिज ऊर्जा (KE) बढ़ती है।
कुल यांत्रिक ऊर्जा (PE + KE) पूरी गिरावट के दौरान स्थिर रहती है, यह दर्शाता है कि ऊर्जा संरक्षण का नियम उल्लंघन नहीं होता—ऊर्जा एक रूप से दूसरे रूप में परिवर्तित होती है लेकिन न तो उत्पन्न होती है न नष्ट होती है।
बैलों की एक जोड़ी खेत में हल चलाते समय 140 न्यूटन का बल लगाती है। जोते गए खेत की लंबाई 15 मीटर है। खेत की इस लंबाई को जोतने में किया गया कार्य है:
Detailed Explanation:
कार्य की गणना सूत्र W = F × d से की जाती है, जहाँ F बल है और d दूरी है।
दिया गया बल = 140 N और दूरी = 15 m, मान रखने पर: W = 140 × 15 = 2100 जूल।
एक समतल दर्पण की फोकस दूरी होती है
Detailed Explanation:
दर्पण की फोकस दूरी f = R/2 होती है, जहाँ R वक्रता त्रिज्या है।
समतल दर्पण में शून्य वक्रता (समतल सतह) होती है, अतः R = ∞। इसलिए, f = ∞/2 = ∞। समतल दर्पण से परावर्तित समांतर किरणें समांतर ही रहती हैं और कभी भी फोकस बिंदु बनाने के लिए अभिसरित या अपसरित नहीं होतीं।
निम्नलिखित में से कौन सा पद विद्युत परिपथ में विद्युत शक्ति को नहीं दर्शाता है?
Detailed Explanation:
विद्युत शक्ति परिपथ में P = VI (वोल्टेज × धारा) द्वारा दी जाती है।
ओम के नियम (V = IR) का उपयोग करके, हम दो और वैध सूत्र प्राप्त कर सकते हैं:
• P = I²R (P = VI में V = IR प्रतिस्थापित करने पर)
• P = V²/R (P = VI में I = V/R प्रतिस्थापित करने पर)
✅ विकल्प 2 (I²R): वैध शक्ति सूत्र।
✅ विकल्प 3 (VI): शक्ति की मूल परिभाषा।
✅ विकल्प 4 (V²/R): वैध व्युत्पन्न सूत्र।
❌ विकल्प 1 (IR²): वैध शक्ति सूत्र नहीं है। इसका विमीय विश्लेषण (एम्पियर × ओम²) देता है, जो वाट (शक्ति इकाई) के बराबर नहीं है।
शॉर्ट सर्किट में, विद्युत परिपथ में विद्युत धारा का मान:
Detailed Explanation:
शॉर्ट सर्किट तब होता है जब परिपथ में लगभग शून्य प्रतिरोध का मार्ग बन जाता है, जो सामान्य लोड को बायपास कर देता है।
ओम के नियम (I = V/R) के अनुसार, जब प्रतिरोध R लगभग शून्य हो जाता है, तो धारा I बहुत अधिक मान तक बढ़ जाती है, जो केवल स्रोत के आंतरिक प्रतिरोध से सीमित होती है।
यह वृद्धि अत्यधिक गर्मी, आग और उपकरणों को नुकसान पहुंचा सकती है, इसलिए सुरक्षा के लिए फ्यूज और सर्किट ब्रेकर का उपयोग किया जाता है।
विद्युत आघात से उपकरणों की सुरक्षा के लिए कौन सा उपकरण है?
Detailed Explanation:
फ्यूज एक सुरक्षा उपकरण है जिसमें कम गलनांक वाला पतला तार होता है जो अधिक विद्युत प्रवाह होने पर पिघलकर परिपथ तोड़ देता है, जिससे उपकरणों को विद्युत आघात, ओवरलोड और शॉर्ट सर्किट से सुरक्षा मिलती है।
जनरेटर बिजली उत्पन्न करता है, मोटर विद्युत ऊर्जा को यांत्रिक ऊर्जा में बदलता है, और करंट कंट्रोलर विद्युत प्रवाह नियंत्रित करता है लेकिन खराबी के दौरान स्वचालित रूप से डिस्कनेक्ट नहीं करता—केवल फ्यूज स्वचालित सुरक्षा प्रदान करता है।
एक संधारित्र की प्रतिघात (Reactance) है
Detailed Explanation:
धारिता प्रतिघात (Xc) का सूत्र Xc = 1/(2πfC) है, जहाँ f आवृत्ति है और C धारिता है।
चूँकि f हर में है, आवृत्ति बढ़ने पर प्रतिघात घटता है — अर्थात् Xc ∝ 1/f (आवृत्ति के व्युत्क्रमानुपाती)।
चंद्रमा की सतह पर कोई वायुमंडल नहीं है क्योंकि
Detailed Explanation:
चंद्रमा पर वायुमंडल का अभाव इसलिए है क्योंकि इसका पलायन वेग (2.38 किमी/सेकंड), हाइड्रोजन और हीलियम जैसे गैस अणुओं के औसत वर्ग मूल (rms) वेग (1–1.5 किमी/सेकंड) से कम है।
जब rms वेग पलायन वेग से अधिक होता है, तो गैस अणुओं के पास चंद्रमा के कमजोर गुरुत्वाकर्षण को पार करने के लिए पर्याप्त गतिज ऊर्जा होती है और वे अंतरिक्ष में चले जाते हैं। इसके विपरीत, पृथ्वी का पलायन वेग (11.2 किमी/सेकंड) वायुमंडलीय गैसों को बनाए रखने के लिए पर्याप्त है।
निम्नलिखित प्रश्न में, नीचे दिए गए चार शब्दों में से तीन किसी न किसी तरीके से एक जैसे हैं और चौथा शब्द अलग है। भिन्न शब्द को चुनिए।
Detailed Explanation:
टेलीस्कोप, माइक्रोस्कोप और पेरिस्कोप ऐसे प्रकाशीय उपकरण हैं जो वस्तुओं को देखने के लिए लेंस और दर्पण का उपयोग करते हैं (दूर की, सूक्ष्म या बाधाओं के आसपास की वस्तुएं)।
स्टेथोस्कोप एक ध्वनिक चिकित्सा उपकरण है जो शरीर की आंतरिक ध्वनियों को सुनने के लिए उपयोग होता है (दिल की धड़कन, फेफड़ों की आवाज़), देखने के लिए नहीं।
जैसे-जैसे दूरदर्शी (टेलीस्कोप) के अभिदृश्यक लेंस (objective lens) का व्यास बढ़ता है, दूरदर्शी का विभेदन (resolution)
Detailed Explanation:
दूरदर्शी का विभेदन दो निकट स्थित वस्तुओं को अलग-अलग देखने की क्षमता है और यह कोणीय विभेदन θ के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
रेले के मापदंड के अनुसार, θ = 1.22λ/D, जहाँ λ प्रकाश की तरंगदैर्ध्य है और D अभिदृश्यक लेंस का व्यास है। जैसे-जैसे D बढ़ता है, θ घटता है, अर्थात दूरदर्शी सूक्ष्म विवरण देख सकता है — इसलिए विभेदन बढ़ता है।
बड़ा द्वारक अधिक प्रकाश भी एकत्र करता है, जिससे छवि की स्पष्टता और निकट वस्तुओं को अलग करने की क्षमता में सुधार होता है।
100°C वायु के कारण जलने की तुलना में, 100°C भाप के कारण जलना
Detailed Explanation:
100°C पर भाप में तापीय ऊर्जा के अतिरिक्त वाष्पीकरण की गुप्त ऊष्मा (540 cal/g) होती है, जबकि 100°C पर वायु में केवल तापीय ऊर्जा होती है।
जब भाप त्वचा पर संघनित होती है, तो यह अतिरिक्त गुप्त ऊष्मा मुक्त करती है, जो गर्म वायु की तुलना में काफी अधिक कुल ऊर्जा स्थानांतरित करती है, जिससे गहरी और अधिक गंभीर जलन होती है।