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भौतिकी Previous Year Questions (PYQs)
Showing solved Previous Year Questions for Chapter: भौतिकी
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चुंबकीय क्षेत्र की माप की इकाई क्या है?
Detailed Explanation:
चुंबकीय क्षेत्र (चुंबकीय फ्लक्स घनत्व) की SI इकाई टेस्ला (T) है, जिसका नाम भौतिक विज्ञानी निकोला टेस्ला के नाम पर रखा गया है।
कोबाल्ट एक लौहचुंबकीय धातु है, एम्पियर विद्युत धारा को मापता है, और ओम विद्युत प्रतिरोध को मापता है—इनमें से कोई भी चुंबकीय क्षेत्र की शक्ति नहीं मापता।
X-किरणों से जुड़े गुणों में से एक यह है कि उन्हें विक्षेपित किया जा सकता है
Detailed Explanation:
X-किरणें विद्युत चुम्बकीय तरंगें हैं जिनमें कोई विद्युत आवेश नहीं होता, इसलिए वे विद्युत या चुंबकीय क्षेत्रों से अप्रभावित रहती हैं।
केवल आवेशित कण (जैसे इलेक्ट्रॉन, प्रोटॉन, अल्फा कण) विद्युत या चुंबकीय क्षेत्रों में विक्षेपित होते हैं; उदासीन विद्युत चुम्बकीय विकिरण (X-किरणें, गामा किरणें, प्रकाश) सीधे गुजरता है।
निम्नलिखित में से कौन छाया के निर्माण के लिए उत्तरदायी है?
Detailed Explanation:
छाया इसलिए बनती है क्योंकि प्रकाश सीधी रेखा में चलता है, इस गुण को ऋजुरेखीय संचरण कहते हैं।
जब कोई अपारदर्शी वस्तु प्रकाश के मार्ग को रोकती है, तो वह बाधा के चारों ओर मुड़ नहीं सकता, जिससे उसके पीछे एक अंधेरा क्षेत्र (छाया) बनता है। ध्रुवण तरंग अभिविन्यास से, विवर्तन किनारों पर मुड़ने से, और व्यतिकरण तरंग अतिव्यापन से संबंधित है—कोई भी सीधे छाया नहीं बनाता।
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M kg द्रव्यमान और e कूलाम आवेश का एक इलेक्ट्रॉन विरामावस्था से V वोल्ट के विभवांतर से होकर गुजरता है। अंतिम ऊर्जा जूल में होगी
Detailed Explanation:
जब कोई आवेशित कण विभवांतर V से त्वरित होता है, तो विद्युत क्षेत्र द्वारा किया गया कार्य बराबर होता है W = आवेश × वोल्टेज = eV जूल।
चूंकि इलेक्ट्रॉन विरामावस्था से शुरू होता है, यह सारा कार्य गतिज ऊर्जा में बदल जाता है, इसलिए अंतिम ऊर्जा = eV जूल। द्रव्यमान M अंतिम वेग निर्धारित करता है लेकिन ऊर्जा समीकरण में प्रकट नहीं होता।
निम्नलिखित में से सौर स्थिरांक का मान क्या है?
Detailed Explanation:
सौर स्थिरांक वह सौर ऊर्जा की मात्रा है जो पृथ्वी के वायुमंडल के शीर्ष पर प्रति इकाई क्षेत्र में सूर्य की किरणों के लंबवत प्राप्त होती है।
इसका सटीक मान लगभग 1.366 kW/m² (या 1366 W/m²) है, लेकिन गणना में सरलता और मानक परीक्षाओं के लिए इसे आमतौर पर 1.4 kW/m² (1400 W/m²) तक राउंड कर दिया जाता है।
निम्नलिखित में से कौन टेस्ला के समतुल्य है?
Detailed Explanation:
टेस्ला (T), चुंबकीय फ्लक्स घनत्व की SI इकाई है। धारावाही चालक के लिए लॉरेंज बल समीकरण से: F = I ℓ B, पुनर्व्यवस्थित करने पर B = F / (I ℓ) मिलता है।
इसलिए, 1 टेस्ला = 1 न्यूटन / (एम्पियर × मीटर), जो विकल्प 4: न्यूटन प्रति एम्पियर मीटर से मेल खाता है।
वाहन द्वारा तय की गई दूरी को मापने के लिए प्रयुक्त मीटर को क्या कहा जाता है:
Detailed Explanation:
ओडोमीटर वह उपकरण है जो वाहन द्वारा तय की गई कुल दूरी को मापता है, जो डैशबोर्ड पर किलोमीटर या मील में प्रदर्शित होती है।
अमीटर विद्युत धारा मापता है, स्पीडोमीटर तात्कालिक गति मापता है, और क्रोनोमीटर सटीक समय मापता है।
ऊष्मा स्थानांतरण जिसमें माध्यम की आवश्यकता नहीं होती है, कहलाता है:
Detailed Explanation:
विकिरण ऊष्मा स्थानांतरण की वह विधि है जिसमें किसी भौतिक माध्यम (ठोस, द्रव या गैस) की आवश्यकता नहीं होती है।
यह विद्युत चुम्बकीय तरंगों (अवरक्त किरणों) के माध्यम से चलता है और निर्वात में भी हो सकता है, जैसे सूर्य की ऊष्मा खाली स्थान से होकर पृथ्वी तक पहुँचती है।
शरीर के दर्द से राहत पाने के लिए निम्नलिखित में से किस विकिरण का उपयोग किया जाता है?
Detailed Explanation:
अवरक्त विकिरण शरीर के ऊतकों द्वारा अवशोषित होने पर ऊष्मा उत्पन्न करता है, जो रक्त संचार बढ़ाता है, मांसपेशियों को आराम देता है, और दर्द तथा अकड़न कम करता है।
पराबैंगनी विकिरण त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता है और उपचारात्मक ऊष्मा प्रदान नहीं करता; दृश्य विकिरण में दर्द निवारण के लिए आवश्यक गहन गर्मी की कमी होती है।
निम्नलिखित में से कौन सा एक असम्पर्क बल है?
Detailed Explanation:
असम्पर्क बल वे बल होते हैं जो वस्तुओं के बीच बिना भौतिक स्पर्श के कार्य करते हैं, जैसे चुम्बकीय बल, गुरुत्वाकर्षण बल और स्थिर-विद्युत बल।
चुम्बकीय बल एक चुम्बकीय क्षेत्र के माध्यम से कार्य करता है और बिना सीधे संपर्क के दूरी से वस्तुओं को आकर्षित या प्रतिकर्षित कर सकता है।
घर्षण बल और प्रहार बल दोनों को सतहों या वस्तुओं के बीच भौतिक संपर्क की आवश्यकता होती है, जो उन्हें सम्पर्क बल बनाता है।
तार का प्रतिरोध निम्नलिखित में से कौन सा है?
Detailed Explanation:
ओम का नियम वोल्टेज (V), धारा (I), और प्रतिरोध (R) के बीच संबंध को V = IR के रूप में परिभाषित करता है।
इस सूत्र को पुनर्व्यवस्थित करने पर R = V/I प्राप्त होता है, जो ओम (Ω) में प्रतिरोध की मानक परिभाषा है।
20 सेमी फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस की सतह पर काले रंग की पतली पट्टियाँ बनाई जाती हैं ताकि एक सफेद घोड़े का प्रतिबिम्ब प्राप्त किया जा सके। प्रतिबिम्ब होगा
Detailed Explanation:
काले रंग की पट्टियाँ लेंस के कुछ हिस्सों को अवरुद्ध करती हैं, जिससे लेंस से गुजरने वाली प्रकाश की मात्रा कम हो जाती है।
घोड़े के प्रत्येक बिंदु से प्रकाश लेंस के विभिन्न भागों से होकर गुजरता है, इसलिए कुछ पट्टियों को अवरुद्ध करने से कुल चमक कम होती है लेकिन प्रतिबिम्ब में धारियाँ नहीं बनतीं—प्रतिबिम्ब कम तीव्रता के साथ पूर्ण घोड़ा रहता है।
ध्वनि की तीक्ष्णता किसके द्वारा निर्धारित होती है
Detailed Explanation:
ध्वनि की तीक्ष्णता (या पिच) ध्वनि तरंग की आवृत्ति द्वारा निर्धारित होती है।
चूंकि आवृत्ति तरंगदैर्ध्य के व्युत्क्रमानुपाती होती है (f = v/λ, जहां v किसी माध्यम में स्थिर है), इसलिए तरंगदैर्ध्य पिच को निर्धारित करती है—छोटी तरंगदैर्ध्य का अर्थ है उच्च आवृत्ति और अधिक तीक्ष्ण ध्वनि।
आयाम प्रबलता निर्धारित करता है, न कि तीक्ष्णता, जबकि वेग माध्यम पर निर्भर करता है और पिच निर्धारित नहीं करता।
इसलिए, विकल्प 3 (तरंगदैर्ध्य) सही है क्योंकि यह आवृत्ति/पिच से सीधे संबंधित है।
निम्नलिखित में से कौन सा फोटोइलेक्ट्रिक उपकरण डिजिटल अनुप्रयोगों के लिए सबसे उपयुक्त है?
Detailed Explanation:
❌ दिया गया उत्तर गलत है।
फोटोडायोड डिजिटल अनुप्रयोगों के लिए सबसे उपयुक्त है क्योंकि यह रिवर्स बायस मोड में काम करता है और तेज स्विचिंग प्रतिक्रियाएं (ON/OFF अवस्थाएं) उत्पन्न करता है जो डिजिटल सर्किट के लिए आवश्यक हैं, जिससे यह ऑप्टिकल संचार, सेंसर और लॉजिक सर्किट के लिए आदर्श बन जाता है।
फोटोवोल्टिक सेल (सोलर सेल) प्रकाश से निरंतर विद्युत शक्ति उत्पन्न करता है और यह बिजली उत्पादन अनुप्रयोगों के लिए डिज़ाइन किया गया है, न कि डिजिटल स्विचिंग या सिग्नल प्रोसेसिंग के लिए।
फोटोएमिटर प्रकाश के संपर्क में आने पर इलेक्ट्रॉन उत्सर्जित करते हैं लेकिन इनका उपयोग विशेष उपकरणों जैसे फोटोमल्टीप्लायर ट्यूब में होता है, मानक डिजिटल अनुप्रयोगों में नहीं।
सही उत्तर: विकल्प 1 (फोटोडायोड)
बॉल बेयरिंग का उपयोग स्थैतिक घर्षण को किसमें बदलने के लिए किया जाता है?
Detailed Explanation:
बॉल बेयरिंग में छोटी गोलाकार गेंदें होती हैं जो स्थैतिक घर्षण (स्थिर सतहों के बीच घर्षण) को लोटनी घर्षण में बदल देती हैं।
लोटनी घर्षण, सर्पी घर्षण से काफी कम होता है, जिससे पहिये, गियर और मशीनरी सुचारू और कुशलता से कम ऊर्जा हानि के साथ चल पाती हैं।