BPSC CCE Prelims
प्रकाश एवं प्रकाशिकी Previous Year Questions (PYQs)
Practice solved questions for प्रकाश एवं प्रकाशिकी with detailed step-by-step solutions, key insights, and trend analysis for BPSC CCE PRELIMS.
Solved Previous Year Questions
Filter & practice questions topic-wise
एक समतल दर्पण की फोकस दूरी होती है
Detailed Explanation:
दर्पण की फोकस दूरी f = R/2 होती है, जहाँ R वक्रता त्रिज्या है।
समतल दर्पण में शून्य वक्रता (समतल सतह) होती है, अतः R = ∞। इसलिए, f = ∞/2 = ∞। समतल दर्पण से परावर्तित समांतर किरणें समांतर ही रहती हैं और कभी भी फोकस बिंदु बनाने के लिए अभिसरित या अपसरित नहीं होतीं।
निम्नलिखित प्रश्न में, नीचे दिए गए चार शब्दों में से तीन किसी न किसी तरीके से एक जैसे हैं और चौथा शब्द अलग है। भिन्न शब्द को चुनिए।
Detailed Explanation:
टेलीस्कोप, माइक्रोस्कोप और पेरिस्कोप ऐसे प्रकाशीय उपकरण हैं जो वस्तुओं को देखने के लिए लेंस और दर्पण का उपयोग करते हैं (दूर की, सूक्ष्म या बाधाओं के आसपास की वस्तुएं)।
स्टेथोस्कोप एक ध्वनिक चिकित्सा उपकरण है जो शरीर की आंतरिक ध्वनियों को सुनने के लिए उपयोग होता है (दिल की धड़कन, फेफड़ों की आवाज़), देखने के लिए नहीं।
जैसे-जैसे दूरदर्शी (टेलीस्कोप) के अभिदृश्यक लेंस (objective lens) का व्यास बढ़ता है, दूरदर्शी का विभेदन (resolution)
Detailed Explanation:
दूरदर्शी का विभेदन दो निकट स्थित वस्तुओं को अलग-अलग देखने की क्षमता है और यह कोणीय विभेदन θ के व्युत्क्रमानुपाती होता है।
रेले के मापदंड के अनुसार, θ = 1.22λ/D, जहाँ λ प्रकाश की तरंगदैर्ध्य है और D अभिदृश्यक लेंस का व्यास है। जैसे-जैसे D बढ़ता है, θ घटता है, अर्थात दूरदर्शी सूक्ष्म विवरण देख सकता है — इसलिए विभेदन बढ़ता है।
बड़ा द्वारक अधिक प्रकाश भी एकत्र करता है, जिससे छवि की स्पष्टता और निकट वस्तुओं को अलग करने की क्षमता में सुधार होता है।
🧐 Not Sure What to Study Next?
Get a personalised study plan based on your goals, time and revision needs.
निम्नलिखित में से कौन छाया के निर्माण के लिए उत्तरदायी है?
Detailed Explanation:
छाया इसलिए बनती है क्योंकि प्रकाश सीधी रेखा में चलता है, इस गुण को ऋजुरेखीय संचरण कहते हैं।
जब कोई अपारदर्शी वस्तु प्रकाश के मार्ग को रोकती है, तो वह बाधा के चारों ओर मुड़ नहीं सकता, जिससे उसके पीछे एक अंधेरा क्षेत्र (छाया) बनता है। ध्रुवण तरंग अभिविन्यास से, विवर्तन किनारों पर मुड़ने से, और व्यतिकरण तरंग अतिव्यापन से संबंधित है—कोई भी सीधे छाया नहीं बनाता।
20 सेमी फोकस दूरी वाले उत्तल लेंस की सतह पर काले रंग की पतली पट्टियाँ बनाई जाती हैं ताकि एक सफेद घोड़े का प्रतिबिम्ब प्राप्त किया जा सके। प्रतिबिम्ब होगा
Detailed Explanation:
काले रंग की पट्टियाँ लेंस के कुछ हिस्सों को अवरुद्ध करती हैं, जिससे लेंस से गुजरने वाली प्रकाश की मात्रा कम हो जाती है।
घोड़े के प्रत्येक बिंदु से प्रकाश लेंस के विभिन्न भागों से होकर गुजरता है, इसलिए कुछ पट्टियों को अवरुद्ध करने से कुल चमक कम होती है लेकिन प्रतिबिम्ब में धारियाँ नहीं बनतीं—प्रतिबिम्ब कम तीव्रता के साथ पूर्ण घोड़ा रहता है।
आवर्धक कांच (मैग्नीफाइंग ग्लास) में किस प्रकार के लेंस का उपयोग किया जाता है?
Detailed Explanation:
उत्तल लेंस बीच में मोटा होता है और प्रकाश किरणों को अभिसारित करता है। जब कोई वस्तु लेंस और उसके फोकस बिंदु के बीच रखी जाती है, तो यह आवर्धित, सीधा, आभासी प्रतिबिम्ब बनाता है—यही आवर्धक कांच का सिद्धांत है।
अवतल लेंस और समतल-अवतल लेंस प्रकाश को अपसारित करते हैं और प्रतिबिम्ब का आकार घटाते हैं, जबकि उत्तल दर्पण भी छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है, इसलिए ये आवर्धन के लिए उपयुक्त नहीं हैं।
अतः, आवर्धक कांच में उत्तल लेंस का उपयोग होता है, विकल्प 2 सही उत्तर है।
प्रकाश की गति निम्नलिखित में से किसमें से गुजरते समय न्यूनतम होगी?
Detailed Explanation:
प्रकाश की गति किसी माध्यम में उसके अपवर्तनांक के व्युत्क्रमानुपाती होती है।
- अपवर्तनांक मान: निर्वात = 1.0, वायु ≈ 1.0003, जल ≈ 1.33, कांच ≈ 1.5–1.65।
- कांच का अपवर्तनांक सबसे अधिक है दिए गए विकल्पों में, जिससे प्रकाश की गति सबसे कम होती है।
- अतः, प्रकाश कांच में सबसे धीमी गति से चलता है, इसलिए विकल्प 3 सही उत्तर है।
'सापेक्षता का सिद्धांत' किस वैज्ञानिक द्वारा प्रस्तुत किया गया?
Detailed Explanation:
सापेक्षता का सिद्धांत अल्बर्ट आइंस्टीन द्वारा दो भागों में प्रस्तुत किया गया: विशिष्ट सापेक्षता (1905) और सामान्य सापेक्षता (1915)।
- विशिष्ट सापेक्षता: यह स्थापित करता है कि प्रकाश की गति नियत है और भौतिकी के नियम सभी गैर-त्वरित पर्यवेक्षकों के लिए समान हैं।
- सामान्य सापेक्षता: गुरुत्वाकर्षण को द्रव्यमान और ऊर्जा द्वारा उत्पन्न समय-अंतरिक्ष की वक्रता के रूप में वर्णित किया, जो न्यूटनियन गुरुत्वाकर्षण का स्थान लेता है।
- अतः, अल्बर्ट आइंस्टीन वह वैज्ञानिक हैं जिन्होंने सापेक्षता का सिद्धांत प्रस्तुत किया, विकल्प 4 सही उत्तर है।
एक दर्पण के सामने खड़ा व्यक्ति अपना प्रतिबिम्ब स्वयं से बड़ा पाता है। इसका तात्पर्य है कि दर्पण है
Detailed Explanation:
अवतल दर्पण एक आवर्धित (बड़ा) आभासी प्रतिबिम्ब बनाता है जब वस्तु ध्रुव और फोकस के बीच रखी जाती है—यह आमतौर पर मेकअप/शेविंग दर्पणों में देखा जाता है।
समतल दर्पण हमेशा समान आकार का प्रतिबिम्ब बनाता है, उत्तल दर्पण हमेशा छोटा प्रतिबिम्ब बनाता है, और बाहर की ओर उभरी बेलनाकार सतह वाला दर्पण समान रूप से आवर्धन के बजाय विकृत करता है।
अतः, केवल अवतल दर्पण ही बड़ा प्रतिबिम्ब बनाता है जब व्यक्ति पर्याप्त पास खड़ा हो, इसलिए विकल्प 1 सही उत्तर है।
रात्रि में स्वच्छ आकाश में तारों के टिमटिमाने की व्याख्या निम्न से की जा सकती है
Detailed Explanation:
तारों का टिमटिमाना (या scintillation) इसलिए होता है क्योंकि तारों का प्रकाश पृथ्वी के वायुमंडल से गुजरता है जिसका अपवर्तनांक विभिन्न तापमान और घनत्व की अशांत वायु परतों के कारण लगातार बदलता रहता है। इससे प्रकाश पथ अप्रत्याशित रूप से मुड़ता है, जिससे तारे टिमटिमाते दिखाई देते हैं।
परावर्तन में प्रकाश का वापस लौटना होता है, ध्रुवण प्रकाश तरंग की दिशा से संबंधित है, और व्यतिकरण में तरंगों का अध्यारोपण होता है—इनमें से कोई भी वायुमंडलीय टिमटिमाहट की व्याख्या नहीं करता।
अतः, प्रकाश का अपवर्तन सही भौतिक घटना है, इसलिए विकल्प 1 सही उत्तर है।
जब दिन के समय पानी पर साबुन की फिल्म देखी जाती है, तो वह सुंदर रंग दिखाती है। यह घटना किसके कारण होती है
- प्रकाश का विवर्तन
- प्रकाश का अपवर्तन
- प्रकाश का ध्रुवण
- प्रकाश का व्यतिकरण
उपरोक्त में से कोई नहीं/एक से अधिक
Detailed Explanation:
साबुन की फिल्म में दो सतहें (ऊपरी और निचली) होती हैं जो प्रकाश को परावर्तित करती हैं। जब सफेद प्रकाश इन सतहों पर पड़ता है, तो ऊपरी और निचली सतहों से परावर्तित तरंगें एक-दूसरे के साथ व्यतिकरण करती हैं, जिससे कुछ तरंगदैर्ध्य नष्ट हो जाती हैं और अन्य प्रबल हो जाती हैं, जिससे चमकीले रंग दिखाई देते हैं।
विवर्तन तब होता है जब प्रकाश किनारों के चारों ओर मुड़ता है, अपवर्तन माध्यम परिवर्तन के कारण मुड़ना है, और ध्रुवण प्रकाश कंपन को एक तल तक सीमित करता है—कोई भी साबुन की फिल्म में रंग पैटर्न की व्याख्या नहीं करता।
अतः, प्रकाश का व्यतिकरण साबुन की फिल्म के रंगों के लिए जिम्मेदार है, जिससे विकल्प 4 सही उत्तर है।
Related Topics in सामान्य विज्ञान
Frequently Asked Questions
Common questions about प्रकाश एवं प्रकाशिकी in BPSC CCE PRELIMS