भारतीय संसद के संदर्भ में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
- लोक सभा में लंबित विधेयक उसके विघटन पर व्यपगत हो जाता है।
- लोक सभा द्वारा पारित और राज्य सभा में लंबित विधेयक लोक सभा के विघटन पर व्यपगत हो जाता है।
- एक विधेयक जिसके संबंध में भारत के राष्ट्रपति ने सदनों की संयुक्त बैठक बुलाने के अपने इरादे की सूचना दी है, लोक सभा के विघटन पर व्यपगत हो जाता है।
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं?
Detailed Explanation:
उत्तर: विकल्प 2 — 1 और 2
जब लोक सभा का विघटन होता है, तो लोक सभा में लंबित विधेयक और लोक सभा द्वारा पारित लेकिन राज्य सभा में लंबित विधेयक स्वतः व्यपगत हो जाते हैं। हालांकि, जिस विधेयक के संबंध में राष्ट्रपति ने संयुक्त बैठक बुलाने के अपने इरादे की सूचना दी है, वह लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होता है, क्योंकि संयुक्त बैठक की प्रक्रिया मान्य रहती है।
✅ कथन 1 (लोक सभा में लंबित विधेयक) – सही: लोक सभा में लंबित विधेयक उसके विघटन पर स्वतः व्यपगत हो जाता है क्योंकि विघटन उस सदन में सभी लंबित विधायी कार्यों को समाप्त कर देता है।
✅ कथन 2 (लोक सभा द्वारा पारित, राज्य सभा में लंबित विधेयक) – सही: लोक सभा द्वारा पारित लेकिन राज्य सभा में लंबित विधेयक भी लोक सभा के विघटन पर व्यपगत हो जाता है, क्योंकि इसे लोक सभा से उत्पन्न विधेयक माना जाता है।
❌ कथन 3 (संयुक्त बैठक के लिए सूचित विधेयक) – गलत: जिस विधेयक के संबंध में राष्ट्रपति ने सदनों की संयुक्त बैठक बुलाने के अपने इरादे की सूचना दी है, वह लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होता है और नई लोक सभा के गठन के बाद संयुक्त बैठक में लिया जा सकता है।
📝 संक्षिप्त नोट्स: संसद में विधेयकों का व्यपगत होना
- लोक सभा में लंबित विधेयक: लोक सभा में लंबित सभी विधेयक उसके विघटन पर व्यपगत हो जाते हैं, सिवाय उन विधेयकों के जो पहले से पारित होकर राज्य सभा को भेजे गए हों या राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए लंबित हों।
- लोक सभा द्वारा पारित विधेयक: लोक सभा द्वारा पारित लेकिन राज्य सभा में लंबित विधेयक लोक सभा के विघटन पर व्यपगत हो जाते हैं।
- केवल राज्य सभा में लंबित विधेयक: केवल राज्य सभा में उत्पन्न और लंबित विधेयक लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होते हैं, क्योंकि राज्य सभा एक स्थायी सदन है।
- संयुक्त बैठक के लिए सूचित विधेयक: जिन विधेयकों के संबंध में राष्ट्रपति ने संयुक्त बैठक बुलाने के अपने इरादे की सूचना दी है, वे व्यपगत नहीं होते हैं और लोक सभा के पुनर्गठन के बाद संयुक्त बैठक में लिए जा सकते हैं।
- राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए लंबित विधेयक: दोनों सदनों द्वारा पारित और राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए लंबित विधेयक लोक सभा के विघटन पर व्यपगत नहीं होते हैं।
- संवैधानिक विधेयक: किसी भी चरण में लंबित विधेयक, जिसमें संविधान संशोधन विधेयक भी शामिल हैं, सामान्य विधेयकों के समान व्यपगत होने के नियमों का पालन करते हैं।
- राज्य सभा स्थायी सदन के रूप में: राज्य सभा एक स्थायी निकाय है और कभी विघटित नहीं होती है, अतः केवल इसमें उत्पन्न और रहने वाले विधेयक लोक सभा के विघटन के कारण व्यपगत नहीं होते हैं।
| विधेयक का प्रकार | चरण | लोक सभा के विघटन का प्रभाव |
|---|---|---|
| लोक सभा में लंबित विधेयक | लोक सभा में कोई भी चरण | व्यपगत हो जाता है |
| लोक सभा द्वारा पारित विधेयक | राज्य सभा में लंबित | व्यपगत हो जाता है |
| राज्य सभा में उत्पन्न विधेयक | केवल राज्य सभा में लंबित | व्यपगत नहीं होता है |
| दोनों सदनों द्वारा पारित विधेयक | राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए लंबित | व्यपगत नहीं होता है |
| संयुक्त बैठक के लिए सूचित विधेयक | राष्ट्रपति की सूचना के बाद | व्यपगत नहीं होता है |
| राष्ट्रपति द्वारा लौटाया गया विधेयक | लोक सभा में पुनर्विचार के लिए लंबित | व्यपगत हो जाता है |
Question 2 of 6 संसदीय प्रक्रियाएँ
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