भारत में सार्वजनिक वित्त पर संसदीय नियंत्रण के निम्नलिखित में से कौन से तरीके हैं?
- संसद के समक्ष वार्षिक वित्तीय विवरण रखना
- विनियोग विधेयक पारित होने के बाद ही भारत की संचित निधि से धन की निकासी
- अनुपूरक अनुदान और लेखानुदान के प्रावधान
- संसदीय बजट कार्यालय द्वारा समष्टि आर्थिक पूर्वानुमानों और व्यय के विरुद्ध सरकार के कार्यक्रम की आवधिक या कम से कम मध्य-वर्षीय समीक्षा
- संसद में वित्त विधेयक पेश करना
नीचे दिए गए कूट का उपयोग करके सही उत्तर चुनें:
Detailed Explanation:
✅ कथन 1 – सही: अनुच्छेद 112 संसद के समक्ष वार्षिक वित्तीय विवरण (बजट) रखना अनिवार्य करता है, जो वित्तीय जांच और नियंत्रण सुनिश्चित करता है।
✅ कथन 2 – सही: अनुच्छेद 114 के तहत भारत की संचित निधि से किसी भी निकासी से पहले विनियोग विधेयक पारित करना आवश्यक है, जो संसदीय प्राधिकरण सुनिश्चित करता है।
✅ कथन 3 – सही: अनुपूरक अनुदान (अनुच्छेद 115) और लेखानुदान (अनुच्छेद 116) अतिरिक्त या अंतरिम व्यय पर संसदीय नियंत्रण के तंत्र प्रदान करते हैं।
❌ कथन 4 – गलत: भारत में मध्य-वर्षीय समष्टि आर्थिक समीक्षा के लिए संसदीय बजट कार्यालय नहीं है; ऐसे संस्थागत तंत्र अनुपस्थित हैं।
✅ कथन 5 – सही: कराधान प्रस्तावों के लिए संसद में वित्त विधेयक (अनुच्छेद 110) पेश करना अनिवार्य है, जो राजस्व उपायों पर नियंत्रण सक्षम करता है।
Question 7 of 7 बजट एवं वित्तीय प्रक्रिया
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